कांग्रेस में वेलफेयर संग फेयरवेल का खेल चल रहा है : चौहान

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के.एस. चौहान ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जारी घमासान को लेकर कटाक्ष किया है कि संगठन सृजन अभियान अब विसर्जन की शक्ल ले रहा है और कांग्रेस में वेलफेयर नहीं, अपितु फेयरवेल और वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज जब से नई दिल्ली से लौटे हैं, तबसे कांग्रेस में अंदरूनी घमासान एक बार फिर पीसीसी वर्सेज बीसीसी की तर्ज पर तेज हो गया है।
चौहान ने कहा कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में न केवल अपनों-अपनों को रेवड़ी बाँटने के आरोपों ने विवादों को जन्म दिया, अपितु बस्तर सम्भाग के दन्तेवाड़ा में तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर ही वोट चोरी – चुनाव चोरी की तोहमत तक मढ़ दी थी। बाद में भाजपा की नकल करके कांग्रेस में मण्डल अध्यक्ष बनाए गए तो आरोपों ने इसमें भी विवादों का तड़का लगाया। श्री चौहान ने कहा कि अब कांग्रेस का एक खेमा बैज को हटाने के लिए हरचंद दाँव आजमा रहा है, वहीं दूसरा खेमा बैज को पद पर बनाए रखने की जुगत में लगा है। इन सबके चलते कांग्रेस के बड़े नेता अपने-अपने खेमों को लेकर वेलफेयर संग फेयरवेल का खेल चला रहे हैं। इससे यह बात आईने की तरह साफ हो जाती है कि कांग्रेस में गुटबाजी अपने चरम पर है और नेतृत्व के संकट के दौर से गुजरती कांग्रेस में अब कोई किसी की कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। कांग्रेस में पद, प्रतिष्ठा और वर्चस्व की लड़ाई पूरे प्रदेश में चल रही है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस में किसी भी स्तर पर कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है और बजाय अपने आंगन के गड्ढों की परवाह करने के कांग्रेसी भाजपा में गुटबाजी ढूँढ़ रहे हैं।







