रेलवे बोर्ड ने रिटायर अधिकारियों के गोल्ड प्लेटेड मेडल देने की परंपरा को खत्म किया

भारतीय रेलवे में 20 साल से चली आ रही एक विशेष परंपरा अब समाप्त हो गई है। रेलवे बोर्ड ने रिटायर होने वाले अधिकारियों को विदाई उपहार के रूप में दिए जाने वाले गोल्ड प्लेटेड सिल्वर मेडल (चांदी के सिक्के) के चलन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। मार्च 2006 से रेलवे ने रिटायर अधिकारियों को लगभग 20 ग्राम वजन के स्वर्ण-मढ़ा चांदी के सिक्के देने की परंपरा शुरू की थी, लेकिन भोपाल मंडल में हाल ही में सामने आए ‘मेडल घोटाले’ के कारण यह फैसला लिया गया। जांच में पता चला कि रिटायरमेंट पर दिए गए कुछ सिक्कों में चांदी की मात्रा केवल 0.23 प्रतिशत थी। रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेनू शर्मा ने औपचारिक आदेश जारी करते हुए इसे बंद करने की घोषणा की और साथ ही संबंधित सप्लायर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब मौजूद मेडल स्टॉक का उपयोग अन्य कार्यों में किया जाएगा और यह नया नियम 31 जनवरी 2026 को रिटायर होने वाले अधिकारियों पर भी लागू होगा।







