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जगदलपुर और अंबिकापुर जिला न्यायालयों को अज्ञात ई-मेल से उड़ाने की मिली धमकी, हड़कंप

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जगदलपुर-अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थित जगदलपुर और अंबिकापुर जिला न्यायालयों को आज सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए एक मेल के जरिए दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। एहतियातन दोनों न्यायालय परिसरों को तुरंत खाली कराया गया। वकीलों, न्यायालय कर्मचारियों और आम नागरिकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार बम की धमकी न्यायालय के अधिकारिक वेवसाईड को मिले एक संदिग्ध ईमेल के ज़रिए दी गई थी। ईमेल के सोर्स का पता लगाने और धमकी की सच्चाई की जांच करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, और न्यायालय परिसर के अंदर और आस-पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस अलर्ट के कारण न्यायालय की कार्यवाही भी बाधित हुई है।
बस्तर जिला अधिवक्ता संघ के सचिव संतोष चौधरी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायालय, जगदलपुर में बम होने की सूचना के बाद न्यायालय परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उन्होने समस्त सम्माननीय अधिवक्ता गणों को सूचित करते हुए कहा कि कि आज जो अधिवक्ता न्यायालय परिसर में आ चुके हैं, वे सभी न्यायालय परिसर से बाहर न जाएं और जो अधिवक्ता न्यायालय में नहीं आए हैं, वे सभी न्यायालय से बाहर ही रहे, न्यायालय में भीतर प्रवेश करने की जबरदस्ती ना करें, और पुलिस द्वारा किए जा रहे जांच में पूर्ण सहयोग करें। उन्होने कहा कि मिली जानकारी के अनुसार एक ईमेल सरकारी वेबसाइट पर आया है, उसी की जांच चल रही है। सभी से निवेदन है जांच में सहयोग करें।
वहीं, अंबिकापुर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। मेल के जरिए मिली धमकी के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

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