कृषि, मनरेगा और धार्मिक विवाद को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

कांग्रेस पार्टी ने सरकार से धान खरीदी की तिथि एक माह बढ़ाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है, लेकिन बचे 9 दिनों में से 4 दिन अवकाश हैं, जिससे केवल 5 दिन ही खरीदी संभव हो पाएगी, जबकि 165 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है और करीब 5.5 लाख किसान अभी भी धान नहीं बेच पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऑनलाइन टोकन बंद कर दिए हैं और ऑफलाइन टोकन भी नहीं काटे जा रहे, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा ने 2023 में 3100 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य में हुई बढ़ोतरी जोड़कर भी किसानों को पूरा भुगतान नहीं दिया जा रहा, जिससे लगभग 6500 करोड़ रुपये किसानों के हक का सरकार भुगतान नहीं कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा में बदलाव को मजदूरों के अधिकारों पर हमला बताया और फरवरी माह भर आंदोलन चलाने की घोषणा की। जमीनों की गाइडलाइन दरों को लेकर उन्होंने सरकार पर अनिर्णय का आरोप लगाते हुए पिछले साल की गाइडलाइन तत्काल लागू करने की मांग की, वहीं प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की।







