बच्ची से दुराचार मामले में बाल आयोग अलर्ट, 17 को हुई पीडि़ता से मुलाकात, 22 को आयोग में पेश होगी रिपोर्ट

00 लगातार संपर्क में आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा
रायपुर। 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार की निंदनीय घटना सामने आई थी। जिस पर बाल आयोग में घटना की सूचना मिलते ही तुरंत 14 जनवरी को प्रकरण दर्ज कर और 4 बिंदुओं पर जांच का आदेश जारी किया गया था जिसमें बच्ची के स्वास्थ, मानसिक परामर्श, आर्थिक सहायता करवाने के निर्देश दिए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उम्मेद सिंह से विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है। इस पूरे मामले का प्रतिवेदन 22 जनवरी को बाल आयोग कार्यालय में सीडब्ल्यूसी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
इस गंभीर प्रकरण की अद्यतन जानकारी लेने 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने आईसीपीएस की टीम , बाल कल्याण समिति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पीडि़ता के निवास पहुंचकर बच्ची एवं उसके परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पीडि़ता से अत्यंत संवेदनशीलता के साथ बातचीत कर उसे पूर्ण सहयोग एवं न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था।
बच्ची की स्थिति को देखते हुए बाल आयोग अध्यक्षा ने विलंब को दृष्टिगत करते हुए नाराज़गी जाहिर करते हुए बाल कल्याण समिति से अब तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं होने को लेकर सवाल किया, जिस पर जानकारी मिली कि संबंधित प्रकरण अभी तक थाना स्तर से सीडब्ल्यूसी को प्राप्त नहीं हुआ है। आयोग अध्यक्षा ने मौके पर ही टीम साथ आए बाल मनोवैज्ञानिक से बच्ची को परामर्श भी करवाया गया था और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि पीडि़त परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीडब्ल्यूसी) को बच्ची का उपचार स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से कराए जाने तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में बच्ची पूर्ण देख रेख में अस्पताल में भर्ती है।
अध्यक्षा डॉ वर्णिका शर्मा ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस निंदनीय और गंभीर प्रकरण में बाल आयोग हर स्तर पर सहयोग करेगा तथा बच्ची के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुलाकात के बाद भी अध्यक्ष लगातार पीडि़त परिवार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बनी हुई हैं और पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रही हैं।डॉ वर्णिका शर्मा ने मीडिया ,जनप्रतिनिधियों आदि से इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से निवेदन किया है कि पॉक्सो एक्ट के तहत पीडि़ता की पहचान उजागर न होने देवें अन्यथा इस प्रकरण में गोपनीयता भंग होने पर पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन की स्थिति निर्मित हो सकती है ।







