धारा 107 में संशोधन कर अपील दाखिल करने का समय बढ़ाया जाए : सीए तारवानी

रायपुर। धारा 107 में संशोधन कर अपील दाखिल करने का समय बढ़ाया जाना चाहिए। धारा 107 वर्तमान में अपील दाखिल करने के लिए केवल 3 माह का समय मिलता है, जिसे 1 माह तक बढ़ाया जा सकता है। व्यवहार में, प्रथम अपीलीय अधिकारी अक्सर देर से दाखिल अपीलों को केवल समय सीमा के आधार पर खारिज कर देते हैं, जिससे वास्तविक और उचित मामलों में न्याय का हनन होता है (जैसे, एक्स-पार्टी आदेश, बीमारी या पेशेवर चूक)।
न्यायालयों ने बार-बार कहा है कि प्रक्रिया संबंधी सीमाएं न्याय को बाधित नहीं कर सकतीं। सुझाव है कि धारा 107 में संशोधन कर अपीलों में विलंब होने पर भी उन्हें तथ्यात्मक आधार पर विचार करने की अनुमति दी जाए, केवल समय सीमा के आधार पर खारिज अपीलों की पुन: समीक्षा हो सके, और विशेष रूप से एमएसएमई के लिए न्यायोन्मुख दृष्टिकोण अपनाया जाए। यदि लागू किया गया तो इसका प्रभाव यह होगा कि यह न्याय और समानता के संवैधानिक सिद्धांतों की सुरक्षा करेगा, उच्च न्यायालयों में अनावश्यक मुकदमों की संख्या में कमी लाएगा, एमएसएमई करदाताओं में विश्वास और भरोसा बढ़ाएगा, और जीएसटी प्रणाली में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। जीएसटी और इनकम टैक्स कोऑर्डिनेटर एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष, सीए चेतन तारवानी ने कहीं।







