हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अनियमित नियुक्तियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में शिक्षकों की कथित नियमविरुद्ध नियुक्तियों के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम आदेश जारी किया है। डॉ. शिवकृपा मिश्रा द्वारा दायर याचिका में पंकजनयन पाण्डेय और राजेंद्र मोहंती की नियुक्तियों को नियमों के खिलाफ बताया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके लंबित अभ्यावेदन महीनों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनदेखा किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने कुलपति और प्रशासन को निर्देशित किया कि वे डॉ. मिश्रा के सभी लंबित अभ्यावेदन पर दो माह के भीतर कानून के अनुरूप निर्णय लें। आदेश से डॉ. मिश्रा को कानूनी और नैतिक राहत मिली है। याचिका में आरोप लगाया गया कि पंकजनयन पाण्डेय यूजीसी द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यताओं को पूरा नहीं करते, जबकि राजेंद्र मोहंती को मेरिट सूची में शामिल न होने के बावजूद नियुक्त किया गया। डॉ. मिश्रा का कहना है कि इन नियुक्तियों के कारण पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उच्च शिक्षा विभाग की जांच समिति की अनुशंसा के बाद कुछ सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति और अयोग्य शिक्षकों को हटाना शामिल है।







