अर्पण दिव्यांग स्कूल के बच्चों ने विवेकानंद बनकर साइन लैंग्वेज में सुनाई उनकी आत्मकथा

रायपुर। अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल में विवेकानंद जयंती धूमधाम से मनाई गई मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनिल द्विवेदी ने विवेकानंद जी के बाल्यकाल के नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक के सफर के बारे में बच्चों को उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति के बारे में अनेक शिक्षाप्रद बातें बताई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित यंग इंडियन ग्रुप के गौरव अग्रवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज के युवाओं के लिए एक अच्छा गुरु ,एक विशिस्ट आइकॉन है चाहे वह किसी भी क्षेत्र में कार्य करते हो उनको पढ़े ताकि किसी भी कार्य को करने के पहले कई अनिष्चिन्तिता के भाव मन से समाप्त हो जाते हैं। नगर निगम के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद दृढ़ता के प्रतीक है बच्चों से उन्होंने कहा कि कम से कम 2 घंटे खेलने कूदने में लगाना चाहिए ताकि आप स्वस्थ रहेंगे तब आपकी सोंच भी सकारात्मक रहेगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पलाश कुमार प्राना इंस्टीट्यूट, एवं दशमेश सेवा समिति से जसबीर कौर तथा लायंस क्लब के राहुल ने विवेकानंद जी को सबसे काबिल वैज्ञानिक बताया।
संस्था के डायरेक्टर डॉ. राकेश पांडेय ने बताया कि इस स्कूल में 5 वर्षों में सभी दिव्यांग बच्चों के उच्च स्तरीय स्किल डेवेलपमेंट पर विवेकानंद जी के सोंच के अनुरूप विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकी बच्चे किसी पर आश्रित न रहे। इस अवसर पर बच्चों को विवेकानंद बना कर उनके कृतियों को बताया गया। उक्त आयोजन में प्राचार्य कमलेश कुमार शुक्ला,संस्था के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा तथा शाला की कोआर्डिनेटर सीमा छाबड़ा उपस्थित थी।







