छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया 7 हजार करोड़, बड़े बकायादारों से वसूली चुनौती

छत्तीसगढ़ में बिजली बिल की बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है और अब यह लगभग 7 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे पावर कंपनी प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। सरकारी और घरेलू उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बड़े बकायादारों से वसूली करना चुनौती बना हुआ है। सरकारी विभागों पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये का बिल बकाया है, जिसमें विधानसभा पर 22 लाख 75 हजार रुपये और आईएएस एसोसिएशन पर 64 लाख 35 हजार रुपये शामिल हैं। बकायादारों की सूची में बृजमोहन अग्रवाल के नाम पर 13 लाख 32 हजार रुपये, प्रयास बालक विद्यालय, सड्दू पर 38 लाख 64 हजार रुपये, ग्राम पंचायत टेमरी पर 14 लाख 63 हजार 860 रुपये और ग्राम पंचायत नकटा पर 16 लाख 25 हजार 350 रुपये बकाया है। इसके अलावा 729 गैर-घरेलू उपभोक्ताओं से 15 करोड़ 90 लाख रुपये वसूली की जानी है। पावर कंपनी ने बताया कि प्रदेशभर में बकाया वसूली का अभियान लगातार जारी है। बकायादारों को नोटिस और मैसेज भेजे जा रहे हैं और भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। सरकारी विभागों से बकाया वसूली के लिए शासन स्तर पर चर्चा भी चल रही है।







