भागीरथपुरा पानी कांड में प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे सवाल

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए। इस गंभीर घटना को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सुओ मोटो संज्ञान लिया और मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पूछा है कि दूषित पानी की आपूर्ति कैसे हुई, जिम्मेदार अधिकारी कौन थे और पीड़ितों को क्या राहत दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य पानी सप्लाई लाइन के पास सीवरेज लाइन में लीकेज होने के कारण गंदा पानी पीने के लिए आया, और कई दिनों तक बदबूदार पानी की शिकायतों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना ने नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यदि रिपोर्ट सही पाई जाती है तो यह लापरवाही और मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बन सकता है।







