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30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है – बैज

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गयी,बेतहाशा बढ़ोतरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है। इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा। गरीबो, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीदकर मकान बनाने का सपना टूटा है। किसान खेती जमीन खरीद नही पायेगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पायेगा । इसके कारण उद्योग नहीं लगेगे, भवन निर्माण कार्य बंद होगा, जिसका असर सीमेंट, स्टील, रेती, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान,फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी, भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे। सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है ।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों की भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीनों की खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई की सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दिया, ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटा कर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाय। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे अपनी काली कमाई को सफेद करने का खेल हुआ है। सत्ता में बैठे किस नेता ने दामा खेड़ा के आगे बेमेतरा जिले 300 एकड़ जमीन लिया है, किसने नवा रायपुर के आगे गांव में 275 एकड़ जमीन खरीदा है, यह प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है। इस पूरी खरीदी की जांच हो जाय तो जमीनों के गाइड लाइन दर बढ़ने की हकीकत सामने आ जाएगी।
हसदेव अरण्य के 1,742 हेक्टेयर वनभूमि अडानी को सौंप रही है, 5 लाख से ज्यादा पेड़ों की होगी कटाई
दीपक बैज ने कहा कि सरकार के अडानी परस्त नीतियों से हसदेव अरण्य के घने जंगलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। मोदी के मित्र अडानी के मुनाफे के लिए सरगुजा रेंज के केते एक्सटेंशन के खुदाई का गौतम अडानी को देने के लिए इस सरकार ने अनुमति दी है। अब रामगढ़ की पहाड़ियां, प्राचीन नाट्य शाला, सीता गुफा, जानकी रसोई, प्रभु श्रीराम के वन गमन पथ की पुण्य स्मृतियों को अडानी के आर्थिक लाभ के लिए संकट में डाला जा रहा है । क्योंकि यह क्षेत्र जहां पर अनुमति दी जा रही उससे मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर है। छत्तीसगढ़ सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने की सिफारिश कर दी है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजा गया है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 5 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो जाएगा। यह वही इलाका है जिसे सेंट्रल इंडिया का “लंग्स ज़ोन“ कहा जाता है।
हसदेव अरण्य का यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची का भाग है, जहां नए खदान स्थापित करने का लगातार विरोध स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया जा रहा है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है। हरैया, फतेहपुर, साल्ही, हर्रई सहित कई गांवों के आदिवासी समुदाय लगातार आंदोलित हैं, अति महत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में खनन से जंगल, जल स्रोत और उनकी परंपरागत आजीविका पर गहरा असर होगा। हाथियों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, इस मुद्दे पर महीनों से आंदोलन चल रहा है, कई ग्राम सभाओं ने लेकिन इस सरकार में किसी की सुनवाई नहीं है।पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने हसदेव अर्न क्षेत्र में परसा कोल ब्लॉक सहित पांच कोल ब्लॉकों के आवंटन को निरस्त करने के लिए विधानसभा में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था, मोदी सरकार ने निरस्त नहीं किया, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की विष्णु देव सरकार की दुर्भावन से फिर इस जंगल को काटने का खेल हो रहा।
डीजी कांफ्रेंस मेजबान राज्य में स्थाई डीजी नहीं
प्रदेश सरकार की मेजबानी में डीजी कांफ्रेंस चल रहा है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री सभी इसमें शामिल होंगे। जो छत्तीसगढ़ इसकी मेजबानी कर रहा वहां की छत्तीसगढ़ सरकार 6 महीने स्थाई डीजी की नियुक्ति नहीं कर पाई है। छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था बदहाल हो गई है सरकार खुद मान रही राज्य में पाकिस्तान से ड्रग आ रहा, बंगलादेश पाकिस्तानी घुसपैठिए राज्य में आ गए है। छत्तीसगढ़ अपराध हत्या बलात्कार चाकूबाजी का गढ़ बन गया है राज्य में एसपी-कलेक्टर कार्यालय जला दिए जाते है, हमारी मांग है कि डिजी कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराधों के बारे में भी चर्चा करें।
एसआईआर के नाम पर आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा
चुनाव आयोग दावा कर रहा की राज्य में 97 प्रतिशत मतदाताओं तक फार्म पहुंच गया है, उनका एसआईआर पूरा भी हो गया जबकि हकीकत में 25 से 30 प्रतिशत लोगों तक ही फार्म पहुंचा है । इनमें से आधे का भी एसआईआर नहीं हुआ है। बीएलओ के ऊपर खुद बहुत प्रेशर है, एक महीने में एसआईआर पूरा करने का, वो एक जगह बैठ कर खाना पूर्ति कर रहे। महिलाओं से उनके मायके का माता पिता डेटा 2003 का मांगा जा रहा, जबकि उसमें पति के नाम से एसआईआर आसानी से हो सकता है।अंतिम तिथि 4 दिसंबर में 6 दिन ही बचा है, बीएलओ सभी घरों तक नहीं पहुंचे है। छत्तीसगढ़ में धान कटाई का सीजन चल रहा,किसान धान बेचने सोसायटी में लाइन लगा कर खड़े है, कैसे अपना एसआईआर करा पाएंगे?4 दिसंबर तक का समय अपर्याप्त है, इसकी सीमा तीन महीना और बढ़ाई जाय।
धान खरीदी पर सरकार की नीयत में खोट
प्रदेश में धान खरीदी चल रही है,छत्तीसगढ़ में किसानो की आय का सबसे बड़ा जरिया धान की खेती है।धान खरीदी को लेकर सरकार की नीयत में खोट दिख रहा है।सरकार घोषित नीति प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से खरीदी नहीं कर रही किसी भी सोसायटी में 16 से लेकर 19 क्विंटल से अधिक की खरीदी नहीं हो रही। धान बेचने के लिए किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा।बहुत से किसानों का आज भी धान बेचने के लिए एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पाया है वे भटक रहे। डबल इंजन की सरकार किसानो का पूरा धान 3100 रु. के भाव से नहीं ख़रीदना चाहती इसलिए जानबूझ कर परेशानी पैदा की जा रही।
प्रेसवार्ता के दाैरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, प्रेमशंकर शुक्ला ग्रामीण जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, बलराम यादव,कविता साहू, रोजविन दास, हनुमान द्विवेदी,रविशंकर तिवारी,रामशंकर राव,मोईन खान,अपर्णा बाजपेई, राजेंद्र पटवा, अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा आदि मौजूद रहे ।

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