ख़राब मौसम के बाद भी चलता रहा नक्सल विरोधी अभियान, भारी मात्रा में हथियार बरामद

नारायणपुर। अबूझमाड़ में चल रहे संयुक्त नक्सल विरोधी “माड़ बचाव अभियान” के तहत सुरक्षा बलों हुई नक्सलियों की मुठभेड़ में सुरक्षा बालकों को बड़ी संख्या में LMG, AK-47, इंसास, SLR, स्टेन गन समेत अन्य हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है। इस अभियान में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ और आईटीबीपी की संयुक्त टीम शामिल थी। यह मुठभेड़ कोहकामेटा थाने क्षेत्र में हुई। मुठभेड़ के दौरान माओवादी जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग करते रहे, लेकिन सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद घने जंगल और नदी-नालों का सहारा लेकर भाग निकले। मुठभेड़ के बाद सर्चिंग अभियान में जवानों को 300 से अधिक सामग्री, जिनमें हथियार, डेटोनेटर, बीजीएल सेल, कार्डेक्स वायर और नक्सल साहित्य शामिल हैं, बरामद हुए।
अभियान में नारायणपुर डीआरजी,एसटीएफ और आईटीबीपी (38वीं, 41वीं व 45वीं वाहिनी) की संयुक्त टुकड़ी शामिल थी। यह कार्रवाई लगातार 5 दिनों तक खराब मौसम और नदी-नालों के उफान के बावजूद चलती रही।
इस सम्बन्ध में एसपी नारायणपुर, रोबिनसन गुड़िया ने कहा कि हमारा उद्देश्य अबूझमाड़ के मूल निवासियों को नक्सल विचारधारा से बचाकर विकास और शांति की मुख्यधारा में जोड़ना है। नक्सली हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण नीति अपनाएं।
आईजी बस्तर रेंज, सुन्दरराज पी. ने कहा कि वर्ष 2025 में माओवादी संगठन को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण ही उनके लिए एकमात्र विकल्प है।
