कांग्रेस शासन काल में स्वीकृत 19 में से 5 फूडपार्क निरस्त

रायपुर। कांग्रेस शासन काल में स्वीकृत 19 में से 9 फूडपार्क स्थापित हो चुके हैं और 5 निरस्त किए गए हैं। यह जानकारी उद्योग मंत्री लखन देवांगन ने लिखित उत्तर में दिए। भाजपा के अजय चंद्राकर के प्रश्न के उत्तर में देवांगन ने बताया कि इस अवधि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक प्रदेश में 55 विकासखण्डों में फूडपार्क की स्थापना के लिए राजस्व विभाग से उद्योग विभाग को शासकीय भूमि हस्तांतरित की गयी। जिसमें से कुल 13 जिलों के 19 विकासखण्डों में 19 फूडपार्क की स्थापना हेतु शासन द्वारा प्रशासकीय/वित्तीय स्वीकृति दी गयी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक 19 फूडपार्कों में से 09 की स्थापना हो चुकी है। स्थापनाधीन 05 फूडपार्क की स्थापना के लिए स्वीकृत परियोजना प्रस्ताव को विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिया गया है। 04 फूडपार्कों में अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर है, 1 फूडपार्क भूमि की वैकल्पिक व्यवस्था हेतु लंबित है।
विभाग को हस्तान्तरित शासकीय भूमि में फूडपार्कों की स्थापना होने के पश्चात उद्योग स्थापना के लिए इकाईयों को भूमि आबंटन की कार्यवाही की जाएगी। इन इकाईयों द्वारा उद्योग स्थापना के पश्चात वर्तमान में लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में वर्णित नियम प्रावधानों तथा इकाई द्वारा प्रस्तुत परियोजना के आधार पर रोजगार का सृजन होगा।
फूडपार्क के माध्यम से रोजगार सृजन का पृथक से लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, किन्तु फूडपार्कों की स्थापना से बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन हो सकेगा। अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ण होने वाले 09 फूडपार्कों में भूमि आबंटन प्रारंभ नहीं हुआ है, अत: रोजगार संबंधी जानकारी निरंक है। ग्राम-सुकमा, तहसील व जिला-सुकमा में फूडपार्क की स्थापना का कार्य जिला निर्माण समिति, सुकमा द्वारा सम्पादित किया गया। शासन ने राशि रू. 417.70 लाख जिला निर्माण समिति, सुकमा को उपलब्ध कराया था। जिला निर्माण समिति, सुकमा द्वारा फूडपार्क में अधोसंरचना विकास, सडक, नाली, बिजली एवं पानी आदि कार्य पर 393.76 लाख व्यय हुआ है। फूडपार्क सुकमा में अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
भूमि आबंटन की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। अत: फूड प्रोसेसिंग इकाई के चालू/बंद होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिला निर्माण समिति, सुकमा द्वारा फूडपार्क के निर्माण कार्य हेतु नियुक्त निर्माण एजेन्सी के ठेकेदार योगेश नाहटा ‘अ’ वर्ग ठेकेदार, सुकमा, छत्तीसगढ़ है।
चंद्राकर ने जानना चाहा था कि कौन-कौन से फूड पार्क को स्थापित किया जा चुका है तथा इसके लिये उचित बाजार हेतु क्या व्यवस्था बनायी गयी है? शेष फुडपार्क की भौतिक एवं वित्तीय स्थिति क्या है? इन्हे तक कब तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है? इन फुडपार्क के माध्यम से कितने रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया था एवं कितने को रोजगार दिया गया? सुकमा में स्थापित मेगा फूडपार्क की वित्तीय एवं भौतिक स्थिति क्या है? कौन-कौन से कार्य, कितनी-कितनी लागत से किए गय हैं तथा कितने प्रकार की फुड प्रोसेसिंग यूनिट लगायी गयी है? क्या वर्तमान में इसकी स्थिति चालू/बंद है? इसके निर्माण एजेंसी कौन-कौन है? कंपनी व मालिक का नाम तथा पता सहित बतायें?
