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बस्तर के वनांचल में 3 नई बस सेवाएं शुरू,आसान हुई दुर्गम राहें

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जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में दशकों से आवागमन की चुनौतियों से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए शनिवार का दिन उम्मीदों की एक नई किरण लेकर आया। रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत प्रदेश भर में 12 नए रूटों पर बस सेवा का शुभारंभ किया, जिनमें तीन बस सेवा बस्तर जिले में संचालित हो रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके साथ ही प्रदेश के दुर्गम और वनांचल इलाके अब परिवहन सुविधाओं और विकास की मुख्यधारा से सीधे जुड़ गए हैं। इस दाैरान जहां एक ओर रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित परिवहन मंत्री केदार कश्यप एवं अन्य जनप्रतिनिधी और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, वहीं दूसरी ओर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जगदलपुर से जुड़े छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, महापौर संजय पांडे, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन एवं क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित अपर कलेक्टर सीपी बघेल और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने भी हरी झंडी दिखाकर बसों को गंतव्य की ओर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वाहन चालन के दौरान हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने सहित यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने इस बारे में अपने परिवार-मित्रों एवं समाज के लोगों को जागरूक कर सड़क दुर्घटना में कमी लाने सहित हजारों लोगों की अकाल मौत को रोकने के लिए सहभागिता निभाने कहा । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के परिपालन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस जवानों, नेशनल कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्काउट गाइड के कैडेटों, चिकित्सकों, वाहन चालकों, पुलिस मितान इत्यादि को सम्मानित करते हुए अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के अनुपालन के लिए अहम भूमिका निभाने का आग्रह किया।
परिवहन विभाग की यह महत्वाकांक्षी पहल बस्तर के शिक्षा-स्वास्थ्य, पर्यटन और व्यापार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। इस योजना में स्थानीय जरूरतों और पर्यटन के बीच बेहतरीन सामंजस्य स्थापित किया गया है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण लोहण्डीगुड़ा से बारसूर के बीच शुरू हुई 60 किलोमीटर लंबी बस सेवा है, जो ऐतिहासिक नगरी बारसूर और जिला मुख्यालय जगदलपुर के बीच एक सेतु का काम करेगी। यह बस सुबह 7:50 बजे बारसूर से निकलकर सातधार और बिंता होते हुए 11 बजे प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात और दोपहर तक जगदलपुर पहुंचेगी, जिससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय नागरिकों को समान रूप से लाभ होगा। वहीं वनांचल के ग्रामीणों की पीड़ा को समझते हुए लोहण्डीगुड़ा-एरमुर मार्ग पर शुरू की गई बस सेवा को ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा माना जा रहा है। एरमुर से सुबह साढ़े 7 बजे अपनी यात्रा शुरू करने वाली यह बस हर्राकोडेर, कुधूर और रतेंगा जैसे अंदरूनी गांवों को पार करते हुए सुबह 11 बजे जगदलपुर पहुंचेगी, जिससे घंटों का सफर अब सुरक्षित और समयबद्ध हो जाएगा। इसके अतिरिक्त रायकोट से जगदलपुर के बीच 39 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बस सेवा को मंजूरी मिलने से कुरूसपाल और पोटानार जैसे गांवों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुल गए हैं। यह सेवा सुबह के समय संचालित होगी जिससे स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोग ठीक समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे । यह पहल न केवल लोहण्डीगुड़ा और आस-पास के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी, बल्कि समूचे बस्तर संभाग की कनेक्टिविटी को एक नई पहचान देगी।

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