प्रदेश में 18198 शिक्षक एसआईआर में कर रहे है कार्य, 91 शिक्षकों की विभिन्न शासकीय कार्यों में लगाई गई ड्यूटी

रायपुर। पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री व विधायक श्रीमती अनिला भेंडिया ने एसआईआर कार्य में शिक्षकों के संलग्न के कारण अध्ययन बाधित होने का मामला उठाया। जिस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश में 18198 शिक्षक एसआईआर में कर कार्य कर रहे है और 91 शिक्षकों की विभिन्न शासकीय कार्यों में ड्यूटी लगाई गई है।
अनिला भेंडिया ने मंत्री से जानना चाहा कि एसआईआर के अलावा कितने कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी गैर शिक्षकीय कार्यों में लगाई गई है और क्यों? कृपया स्पष्ट करेंगे? स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि एसआईआर के अलावा 91 शिक्षकों की विभिन्न शासकीय कार्यों में स्थानीय एवं प्रशासकीय आवश्यकता के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। भेडिया ने फिर पूछा कि एसआईआर में संलग्न शिक्षकों के एवज में अध्यापन कार्य हेतु विभाग द्वारा क्या व्यवस्था की गई है? क्या यह सत्य है कि एसआईआर कार्य में शिक्षकों के संलग्न होने के कारण अध्यापन कार्य प्रभावित हुआ ? प्रदेश में कितने शिक्षक एसआईआर में संलग्न हैं? मंत्री यादव ने बताया कि एसआईआर कार्य में संलग्न सभी शिक्षक अपने पदस्थ संस्था में रहकर ही कार्य कर रहे हैं तथा इन विद्यालयों में उपलब्ध अन्य शिक्षक संकुल स्तर के शिक्षकों से संबंधित कक्षाओं का अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। जी नहीं। प्रदेश में 18198 शिक्षक एसआईआर में कार्य कर रहे हैं।
विधायक भेडिया ने मंत्री से सवाल किया कि विभाग में शैक्षिक गुणवत्ता के लिए क्या मापदंड तय किए गए हैं? गैर शिक्षकीय कार्यों से क्या गुणवत्ता प्रभावित नहीं हो रही है? अगर हो रही है तो गुणवत्ता सुधार के लिए विभाग द्वारा क्या जिम्मेदारी तय की गई है? स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग में शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान (2025-26) के तहत नए मापदंड और रणनीतियाँ तय की गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक और परिणाम-आधारित बनाना है।







