12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती और युवा शक्ति को जागरूक करने का दिन

12 जनवरी को भारत में स्वामी विवेकानंद की जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि युवाओं में चेतना, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा जगाने का अवसर है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को राष्ट्र की शक्ति, आत्मबल, सेवा, निर्भीकता और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। रामचरितमानस की चौपाइयाँ—“स्वधर्म निरत श्रुति पथ गामी। हरि हर कोटि प्रनत अभिलाषी”—यही शिक्षा देती हैं कि जो अपने धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलता है, वही महान होता है।
स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल सत्ता या शहरों के विकास में नहीं, बल्कि हर वर्ग, हर श्रम और हर प्रतिभा के सम्मान में है। उनका संदेश युवाओं को साहस, आत्मविश्वास, सेवा, चरित्र निर्माण और राष्ट्रधर्म का पालन करने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समाज और राष्ट्र के लिए युवा ही वास्तविक परिवर्तन की शक्ति हैं। इस अवसर पर हम संकल्प लें कि हम अपने जीवन में उनके विचारों को अपनाएँगे, निर्भीक बनेंगे, जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और देश को श्रेष्ठ बनाने में योगदान देंगे।







