परीक्षाओं में गंभीर धोखाधड़ी का नामजद आरोपी और कांग्रेस नेता शुचिता का ढोंग रच रहे : भाजपा

रायपुर। कांग्रेस पार्टी तथा छत्तीसगढ़ दौरे पर आए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि जो खुद परीक्षा घोटालों और डमी कैंडिडेट बैठाने के आपराधिक मामलों में नामजद रहा है, वह आज छत्तीसगढ़ आकर पेपर लीक मामले में शुचिता का ढोंग रच रहा है। राजनीति में इससे बड़ा दोहरा मापदण्ड और पाखण्ड कुछ और नहीं हो सकता।
प्रामाणिक तथ्यों को उजागर करते हुए डा. मिश्रा ने एनएसयूआई अध्यक्ष के 11 साल पुराने आपराधिक कृत्य का काला चिठ्ठा सामने रखते हुए बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले राजस्थान कॉलेज में पीजी प्रवेश परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। उस समय राजस्थान कॉलेज छात्र संघ के तत्कालीन अध्यक्ष जाखड़ की जगह परीक्षा कक्ष में एक फर्जी (डमी) उम्मीदवार को परीक्षा देने के लिए बैठाया गया था। यह सीधे तौर पर एग्जाम इंपर्सनेशन (परीक्षा में दूसरे व्यक्ति को बिठाने) का गंभीर धोखाधड़ी का मामला था। डॉ. मिश्रा ने बताया कि परीक्षा के दौरान सतर्क फ्लाइंग स्क्वॉड और इनविजिलेटर्स (वीक्षकों) ने एडमिट कार्ड पर लगी फोटो और परीक्षा दे रहे व्यक्ति के चेहरे में भारी अंतर (मिसमैच) पाया। मुस्तैदी दिखाते हुए टीम ने मौके पर ही उस फर्जी परीक्षार्थी को रंगे हाथों दबोच लिया। इस जालसाजी के पकड़े जाने के बाद फर्जी परीक्षार्थी को गांधीनगर थाने ले जाया गया। इस पूरे मामले में तत्कालीन छात्र नेता विनोद के खिलाफ बाकायदा नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस लंबे समय तक उसकी तलाश कर रही थी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जागरूक है। छत्तीसगढ़ के नागरिकों को मालूम है कि 2018 से लेकर 2023 तक कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में परीक्षा के नाम पर बहुत सारे भ्रष्टाचार किए हैं और भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के नेता तथा भ्रष्ट अधिकारी अभी जेल में हैं, इसलिए एनएसयूआई का ढोंग अब यहाँ नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद शिक्षा जगत में जालसाजी, धोखाधड़ी और कानून को ठेंगा दिखाने का आरोपी रहा हो, जिसके खिलाफ डमी कैंडिडेट बैठाने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हो, वह आज छत्तीसगढ़ आकर छात्रों के हितैषी बनने का नाटक कर रहा है। एनटीए विषय पर छाती पीटने वाले इन नेताओं को पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। कांग्रेस और उसके अनुषांगिक संगठनों का चरित्र हमेशा से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का रहा है, जिसका जवाब छत्तीसगढ़ की जनता समय-समय पर देती आई है।







