जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर बच्चे, बारिश में बढ़ा हादसे का खतरा

खैरागढ़ जिला में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कई शासकीय स्कूलों के जर्जर भवन बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। कहीं स्कूलों की दीवारों में गहरी दरारें हैं तो कहीं छतें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि उनके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। बारिश शुरू होते ही हालात और गंभीर हो गए हैं, क्योंकि कई भवनों में पानी टपकने, प्लास्टर झड़ने और दीवारों के कमजोर होने की समस्या सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से मरम्मत और नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। हालांकि शिक्षा विभाग का दावा है कि जिन स्कूल भवनों को अत्यधिक जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया है, वहां कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं और उन्हें पंचायत भवन, सामुदायिक भवन या अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव के अनुसार जिले में जर्जर भवनों का सर्वे कराया गया है और 37 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राशि जारी कर दी गई है। इसके बावजूद सवाल बना हुआ है कि मरम्मत कार्य समय पर पूरा होगा या बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा यूं ही बना रहेगा।






