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16-02-2020
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी बिना अनुमति आज करेंगे पैदल मार्च, गृह मंत्री से कर सकते है मुलाक़ात
रा
10:53am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में करीब दो महीने से धरने पर बैठी शाहीन बाग की दादियां रविवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इसे वापस लेने की अपील करेंगी। यह दावा शनिवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने किया है। हालांकि, गृह मंत्रालय की ओर अभी मिलने का कोई समय नहीं मिला है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के घर तक पैदल मार्च निकाल सकते हैं, इसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को एक पत्र लिखा है, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी है। वहीं, एक महिला का कहना है कि प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के आवास की ओर मार्च करेंगे। हम उनसे सीएए-एनआरसी-एनपीआर को वापस लेने की अपील करेंगे। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह की बातचीत की अपील के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर दबाव है। वैसे प्रदर्शनकारियों का एक धड़ा गृह मंत्री से मिलने का विरोध कर रहा है।

शाहीन बाग : प्रदर्शनकारियों में वार्ता पर उभरे मतभेद

कुछ प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, रविवार दोपहर वे गृह मंत्री से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंचेंगे। सीएए के मुद्दे पर गृह मंत्री ने पूरे देश को मिलकर चर्चा करने का आमंत्रण दिया है। इसलिए वे उनसे मिलने जा रहे हैं। इस मुलाकात में कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा, बल्कि हर वो व्यक्ति होगा, जिसे सीएए पर आपत्ति है। उधर, प्रदर्शनकारियों की नजर सोमवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी टिकी है। बातचीत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के धड़े का कहना है कि आंदोलन सीएए को वापस लेने के लिए शुरू किया गया था। अब सरकार से बातचीत के लिए जाने पर भी इसे वापस लिया जाएगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है।

चुनाव से पहले सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि सरकार इसे वापस लेने के मूड में नहीं है। चुनाव के बाद गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की है। सिर्फ इसलिए वहां जाना ठीक नहीं है। इस संभावित मुलाकात के मुद्दे पर दोनों धड़ों में तनाव है। दूसरी ओर, शाहीन बाग का दो महीने से ज्यादा समय से बंद रास्ता खाली कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई है। कुछ लोगों का कहना है कि पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का रुख देखने के बाद पूरी आशंका है कि रास्ता खाली करने का आदेश दिया जा सकता है। इस सुनवाई के पहले ही प्रदर्शनकारी बीच का रास्ता तलाश रहे हैं। रास्ता खाली करने के पक्ष में फैसला आने की स्थिति में वे आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। उधर, पुलिस भी कोर्ट के रुख पर नजर लगाए है।

 

10-02-2020
सीएए और एनआरसी पर बोले ओवैसी, कहा - कागज नहीं दिखाएंगे कहेंगे मार गोली
रा
10:17am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध और समर्थन में प्रदर्शन का दौर जारी है। वहीं इसे लेकर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी हो रही है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि जो मोदी-शाह के खिलाफ आवाज उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कहलाएगा... मैं वतन में रहूंगा, कागज नहीं दिखाऊंगा। कागज अगर दिखाने की बात होगी तो सीना दिखाएंगे की मार गोली। मार दिल पे गोली मार क्योंकि दिल में भारत की मोहब्बत है। ओवैसी पहले भी सीएए और एनआरसी को लेकर मोदी सरकार पर हमला करते रहे हैं। कुछ दिन पहले ओवैसी ने सीएए को भेदभाव पूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि इस कानून से मुसलमानों को परेशान किया जाएगा। कुछ दिन पहले ही ओवैसी ट्वीट किया था, 'प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि सीएए किसी भी भारतीय की नागरिकता लेने का कानून नहीं है। लेकिन जैसा मैं कहता हूं इसका उपयोग गैर मुस्लिमों को हिरासत से निकालने के लिए किया जाएगा उनके मामले समाप्त कर दिये जाएंगे। मुस्लिम हिरासत में रहेंगे।'

असदुद्दीन ओवैसी ने छह फरवरी को आशंका जताई थी कि मतदान के बाद दिल्ली के शाहीन बाग को भाजपा जलियांवाला बाग बना देगी। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ करीब दो महीने से लोग धरने पर बैठे हैं। बुधवार को संसद की कार्यवाही में भाग लेने के बाद बाहर निकले असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया के पूछने पर कहा था कि दिल्ली में आठ फरवरी को मतदान के बाद भाजपा शाहीन बाग में गोलियां चलवा देगी। वह शाहीन बाग को जलियावालां बाग में बदल देंगे। भाजपा के एक मंत्री ने ही गोली मारने के नारे लगवाए हैं। इसलिए सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। ओवैसी का इशारा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर था।

 

10-02-2020
शाहीन बाग़ प्रदर्शन और नवजात की मौत के मामले में सुनवाई आज, दायर हुई है कई याचिकाएं
09:51am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में करीब दो महीने से शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई दिल्ली चुनाव की वजह से टाल दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में शनिवार को मतदान को प्रभावित नहीं करना चाहता। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि हम इस बात को समझते हैं कि वहां समस्या है और हमें देखना होगा कि इसे कैसे सुलझाया जाए। हम सोमवार को इस पर सुनवाई करेंगे। तब हम बेहतर स्थिति में होंगे। पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा था कि वह सोमवार को इस बात पर बहस करने के लिए तैयार होकर आएं कि इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट को वापस क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए।

नवजात की मौत मामले में भी होगी सुनवाई

शाहीन बाग में चल रहे धरने के दौरान चार माह के नवजात बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद मुंबई की वीरता पुरस्कार विजेता बच्ची द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ प्रदर्शनों में बच्चों और नवजातों की भागीदारी रोकने के मसले पर आज सुनवाई करेगी। वीरता पुरस्कार विजेता 12 वर्षीया जेन गुनरतन सदावरते ने मुंबई से चीफ जस्टिस बोबडे को पत्र लिखकर भेजा था।

बता दें कि भाजपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट से शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील की थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने संबंधी भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग की याचिका पर सुनवाई की तारीख जानने के लिए संबद्ध अधिकारी के पास जाने को कहा था। भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग ने अदालत से दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले अहम मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन से लोगों को आ रही समस्या पर गौर करते हुए अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि आप याचिका का उल्लेख करने वाले अधिकारी के पास जाएं। इसके साथ ही 35 छात्रों ने हाईकोर्ट में शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शन के चलते बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में काफी परेशानी आ रही है। बच्चों की इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि कालिंदी कुंज-शाहीन बाग का जो रास्ता बंद है, पुलिस उस पर ध्यान देकर एक्शन ले ताकि छात्रों को परेशानी न हो। जस्टिस नवीन चावला ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि सरिता विहार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बातों पर गौर करे और उसका समाधान करें।

30-01-2020
सीएए पर यूराेपीय संसद में वोटिंग टली, मोदी सरकार को मिली कूटनीतिक जीत
11:58am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की कूटनीतिक जीत मिली है। यूरोपीय संसद में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर वोटिंग टाल दी गई है। पहले जो वोटिंग गुरुवार को होने वाली थी वो अब 31 मार्च को होगी। दरअसल, बिजनेस एजेंडा के क्रम में दो वोट थे। पहला प्रस्ताव को वापस लेने को लेकर था, इसके पक्ष में 356 वोट पड़े और विरोध में 111 वोट पड़े। वहीं दूसरा प्रस्ताव वोटिंग बढ़ाने को लेकर था। इसके पक्ष में 271 और विरोध में 199 वोट पड़े। यूरोपीय संसद के एक बयान बताया गया है कि ब्रसेल्स में आज के सत्र में एमईपीएस के एक निर्णय के बाद, नागरिकता संशोधन कानून के प्रस्ताव पर वोट मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। मतदान के टालने के जवाब में सरकारी सूत्रों ने बताया कि 'भारत के दोस्त' यूरोपीय संसद में 'पाकिस्तान के दोस्त' पर हावी रहे।

 

30-01-2020
गोरखपुर के डॉ. कफील मुंबई से गिरफ्तार, सीएए के विरोध प्रदर्शन में दिया था भड़काऊ भाषण
10:59am

नई दिल्ली। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पिछले साल 12 दिसंबर को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने पर गोरखपुर के डॉ.कफील को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ 13 दिसंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए (धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों में दुश्मनी को बढ़ाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। खान गुरुवार को मुंबई बाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने वाले थे। दिल्ली के शाहीन बाग की तरह महिला प्रदर्शनकारियों ने मुंबई बाग में भी अनिश्चतकालीन धरना शुरू किया है। डॉ. कफील अगस्त 2017 में गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 60 बच्चों की मौत के बाद सुर्खियों में आए था। उन पर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी को उसका बकाया नहीं चुकाने का आरोप था। 

 

29-01-2020
सीएए के विरोध में भारत बंद, प्रदर्शनकारियों ने किया रेलवे ट्रैक ब्लॉक
12:12pm

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन का दौर थम नहीं रहा है। सीएए के खिलाफ बुधवार को कुछ संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया। हालांकि इसे लेकर सभी राज्यों में प्रशासन अलर्ट है। यूपी के फिरोजाबाद में भारत बंद के पोस्टर लगाए जाने से पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसफोर्स तैनात है। बहुजन क्रांति मोर्चा और दूसरे संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद का झारखंड में मामूली असर देखने को मिल रहा है। चतरा में वामसेफ के सदस्यों ने बंद के समर्थन में स्थानीय केसरी चौक को जाम कर दिया।

बहुजन क्रांति मोर्चा के सदस्यों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कांजुरमार्ग स्टेशन पर एक रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कुछ लोकल ट्रेनों को भी रोका है। आज जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन जारी है। एक महीने से ज्यादा दिनों से दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही महिलाएं बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मार्च करेंगे। इस दौरान शाहीन बाग की बुजुर्ग महिलाएं यहां प्रदर्शन को संबोधित करेंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम भारत बंद को देखते हुए सभी राज्यों ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। राज्यों ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

27-01-2020
सीएए के खिलाफ विधानसभा में आज प्रस्ताव पेश करेंगी ममता बनर्जी
रा
11:36am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है। इन सबके बीच राजस्थान और पंजाब की राह पर चलते हुए ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगी। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि आगामी 27 जनवरी को दोपहर दो बजे विधानसभा के विशेष सत्र में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। माना जा रहा है कि तृणमूल विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण यह प्रस्ताव पास भी हो जाएगा। ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव को वामपंथी पार्टियों के अलावा कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस कानून के खिलाफ अपील भी दायर करने की तैयारी में है। इससे पहले केरल और कांग्रेस नेतृत्व वाले पंजाब और राजस्थान के विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसके अलावा कांग्रेस की ही सत्ता वाले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही यह कदम उठाए जाने की संभावना सूत्रों ने जताई है।  महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी व कांग्रेस के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी सरकार भी जल्द ही विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि हमारे गठबंधन के वरिष्ठ नेता जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक आयोजित कर निर्णय लेंगे।

 

27-01-2020
पाकिस्तान में हिन्दू दुल्हन का अपहरण करके धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया, इस पर क्यों खामोश है असहिष्णु गैंग
10:02am

रायपुर। पाकिस्तान से फिर एक बार दुर्भाग्यजनक खबर सामने आई है। पाकिस्तान में शादी के मंडप से दुल्हन को उठाकर उसका धर्म परिवर्तन करा लिया गया और उसके बाद अपहरणकर्ता के साथ उसका निकाह भी कराया गया और बेशर्मी से उसके निकाह के दस्तावेज सोशल मीडिया में वायरल कर दिए गए। सबसे शर्मनाक भारतीय दुल्हन विवाह मंडप से अपहरण करते समय वहां की पुलिस भी अपहरणकर्ताओं के साथ रहना है। यह हाल है पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बंटवारे के समय वहां रह गए हिंदुओं का जो आज अल्पसंख्यक हैं और यही हाल रहा तो कल शायद खत्म हो जाएंगे। इस पर कहीं कोई हंगामा हमारे देश में नहीं हो रहा है।

लेकिन नागरिकता संशोधन कानून पर हंगामा जारी है इस देश में। अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों को भगाने का विरोध जारी है और सबसे शर्मनाक है बात-बात पर भारत रहने लायक नहीं रहा कहने वाले असहिष्णु लोगों की चुप्पी। जरा सी अपराधिक वारदात पर इनाम लौटाने वाले इनाम लौटाऊ गैंग का खामोश रहना भी हैरान करने वाला है। कैंडल गैंग भी पता नहीं कहां गुम हो गई है। शायद पाकिस्तान की लड़की का अपहरण उसका धर्म परिवर्तन और उसकी जिंदगी को तबाह होना उनकी एक मोमबत्ती से सस्ता है। बेशर्मी की हद पार करता पाकिस्तान लगातार वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहा है। उनके मानवाधिकारों का हनन कर रहा है। और यहां मानवाधिकार के पैरोकार पता नहीं किस बात का विचार कर रहे हैं। बेहद शर्मनाक है पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार और इसका भारत में विरोध ना होना और ज्यादा शर्मनाक है।

22-01-2020
सीएए की वैधता को चुनौती देने वाली 144 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
10:13am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एक अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ सीएए से संबंधित 144 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

पुलिस ने कोर्ट के बाहर धरने पर बैठी महिलाओं और बच्चों को खदेड़ा

शीर्ष अदालत में विवादास्पद कानून पर सुनवाई से पहले नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के विरोध में मंगलवार रात लगभग 20 महिलाएं और उनके साथ आए बच्चे एकत्र हो विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने गेट पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें इलाके से खदेड़ दिया।

सीएए के समर्थन और विरोध में याचिकाएं

इनमें अधिकतर याचिकाएं सीएए के खिलाफ है जबकि कुछ याचिकाएं सीएए के समर्थन में भी डाली गई है। सीएए की संवैधानिक वैधता को इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग, पीस पार्टी, असम गण परिषद, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, जमायत उलेमा ए हिन्द, जयराम रमेश, महुआ मोइत्रा, देव मुखर्जी, असददुद्दीन ओवेसी, तहसीन पूनावाला व केरल सरकार सहित अन्य ने चुनौती दी है।

सीजेआई ने जताई थी चिंता

गत नौ जनवरी को चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा था कि वह इस मामले में तभी सुनवाई करेंगे जब हिंसा रुकेगी। साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है।

सरकार को जारी किया था नोटिस

मालूम हो कि गत 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उस दिन अधिनियम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

शाहीन बाग में स्कूल बसों को रास्ता देने के लिए प्रदर्शनकारी तैयार

शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोग स्कूल बसों को रास्ता देने के लिए तैयार हो गए हैं। मंगलवार को राजनिवास पहुंचे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल नेे उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल के समक्ष सीएए को समाप्त कराने की मांग रखी। उन्होंनेे प्रदर्शनकारियों को उनकी बात उपयुक्त मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिया। उपराज्यपाल ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाने में सहयोग दें। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि पिछले 39 दिन से सड़क बंद है। इस कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, दैनिक यात्रियों व स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है। लोगों की परेशानी को समझते हुए वे आंदोलन समाप्त कर दें।

प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल को भरोसा दिलाया कि वे शाहीन बाग जाकर क्षेत्र के दूसरे प्रदर्शनकारियों को सकारात्मक संदेश देंगे। उपराज्यपाल ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शाहीन बाग और दिल्ली में जहां भी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं, वहां शांति और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए कानून के अनुसार सभी कदम उठाने के निर्देश दिए।

कोलकाता: सीएए व एनआरसी के खिलाफ वकीलों ने निकाली रैली

कलकत्ता हाईकोर्ट के वकीलों ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में मंगलवार को कोलकाता में एक रैली निकाली। इस रैली में विभिन्न राजनीतिक दलों से संबद्ध वकीलों ने हिस्सा लिया। वकीलों की रैली ने एनआरसी और सीएए के खिलाफ बैनर व पोस्टर लेकर हाईकोर्ट परिसर का चक्कर लगाते हुए नारेबाजी की। रैली में माकपा नेता व कोलकाता के पूर्व मेयर विकास रंजन भट्टाचार्य के अलावा कांग्रेस नेता अरुणाभ घोष और तृणमूल कांग्रेस लायर्स सेल से जुड़े वकीलों ने भी हिस्सा लिया। भट्टाचार्य ने कहा कि सीएए संविधान की भावना के विपरीत है और देश में धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। घोष ने कहा कि संविधान के मुताबिक भारत धर्मनिरपेक्ष देश है और इसके कामकाज में धर्म की कोई भूमिका नहीं है।

18-01-2020
अभाविप ने फूंका वामपंथियों का पुतला, किया सीएए का समर्थन
रा
01:05pm

जांजगीर-चांपा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा सीएए के समर्थन में कचहरी चौक पर वामपंथियों का पुतला फूंककर उसका विरोध किया। वामपंथी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और पूरे भारत देश में सीएए और एनआरसी लागू कराने की अपील की गई। दरअसल लगतार हो रहे प्रदर्शन के बीच अब प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ सरकार से भी सीएए प्रदेश में लागू करने अपील की है।

16-01-2020
सीएए को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी, अधीर रंजन ने कहा हां मैं हूं पाकिस्तानी
रा
02:00pm

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग चल रही है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बीते दिनों जो बयान दिया था उसपर जारी बवाल खत्म भी नहीं हुआ था कि उन्होंने दूसरा बयान दे दिया है। पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में कांग्रेस की एक जनसभा में चौधरी ने कहा कि हां मैं पाकिस्तानी हूं। तुम लोगों (मोदी-शाह) को जो करना है कर लो। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, मुझे पाकिस्तानी कहकर बुलाया जाता है। मैं आज कहना चाहता हूं कि हां मैं पाकिस्तानी हूं। आपको जो करना है वो कर लो। यहां पर हां को हां बोलना खतरे से खाली नहीं है। दिल्ली में बैठे लोग जो कहेंगे हमें मान लेना होगा वरना हम देशद्रोही बन जाएंगे। उन्होने कहा कि आज हम कहां रह रहे हैं? हमें वही करने को कहा जाता है जो नरेंद्र मोदी और अमित शाह कहते हैं। ये हमें स्वीकार्य नहीं है। यह देश नरेंद्र मोदी, अमित शाह के पिताजी की खेती नहीं है। हिंदुस्तान किसी के बाप की संपत्ति नहीं है। यह बात उन दोनों को समझनी चाहिए। वो आज हैं कल नहीं रहेंगे। 

14-01-2020
सीएए पर यूपी ने तैयार की लिस्ट, 32 हजार शरणार्थी हुए चिह्नित
10:56am

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून पर उत्तर प्रदेश सरकार देश के अन्य राज्यों से ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। प्रदेश सरकार ने गैर मुस्लिम शरणार्थियों को चिन्हित कर एक पहली सूची गृहमंत्रालय को भेज दी है। बताया गया कि इस लिस्ट में प्रदेश के 19 जिलों को शामिल किया गया। सीएए पर सबसे पहले सूची भेजने वाले राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में सबसे ज्यादा शरणार्थी हैं। नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले अवैध शरणार्थियों को भारत सरकार नागरिकता प्रदान करेगी। उत्तर प्रदेश में बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आए 32 हजार से ज्यादा शरणार्थियों को चिह्नित किया गया है। 

यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया, तीन देशों से आए हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी प्रदेश में रह रहे हैं। सीएए की अधिसूचना जारी हो चुकी है और सीएए के दायरे में आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता दी जानी है। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण में 21 जिलों में 32 हजार से ज्यादा शरणार्थी चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह संख्या और भी बढ़ेगी। सभी जिलाधिकारियों को शरणार्थी का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। फिलहाल गोरखपुर, अलीगढ़, आगरा, रायबरेली, सहारनपुर, रामपुर, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, वाराणसी, हापुड़, मथुरा, कानपुर नगर, अमेठी, झांसी, बहराइच, लखीमपुर- खीरी, लखनऊ, मेरठ व पीलीभीत के आंकड़े जारी किए गए हैं।

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