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20-03-2020
निर्भया केस : दोषियों ने तिहाड़ जेल में कमाया एक लाख 37 हजार रुपए, जानिए किसको मिलेंगे ये पैसे
02:10pm

नई दिल्ली।  निर्भया दुष्कर्म और मर्डर मामले में चारों गुनहगारों अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश कुमार को दिल्ली के तिहाड़ जेल फांसी पर लटका दिया गया है। वहीं चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम होने के बाद शवों को परिवारवालों को अंतिम संस्कार करने के लिए सौंप दिया जाएगा।
वहीं फांसी के तख्ते पर लटकने से पहले चारों दोषी कई साल तक जेल में बंद रहे। इस दौरान दोषियों ने जेल में काम कर करके 1 लाख 37 हजार कमाए थे। तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि दोषियों की ओर से जेल में कमाए गए पैसे को उनके परिवारवालों को दिया जाएगा। इसमें मुकेश ने कोई काम नहीं किया था, जबकि अक्षय ने 69 हजार रुपए पवन ने 29 हजार रुपए और विनय ने 39 हजार रुपए कमाए थे। इन पैसों को उनके परिवारवालों को दिया जाएगा। इसके साथ ही चारों दोषियों के कपड़ों और सामान को भी परिवारवालों को सौंपा जाएगा। जेल अधिकारी ने बताया कि अगर दोषियों के परिवार वाले उनके शव की मांग करते हैं तो उन्हें सौंप दिया जाएगा, नहीं तो उनका अंतिम संस्कार करवाना हमारी जिम्मेदारी है।

 

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20-03-2020
आशा देवी ने कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिला, रविशंकर बोले- काश यह पहले हो जाता
01:37pm

रायपुर/नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों को फांसी होने के बाद मां आशा देवी ने कहा कि बेटी इस दुनिया में नहीं है और नहीं वापस लौटेगी। उसके जाने के बाद यह लड़ाई, यह संघर्ष उसके लिए था लेकिन हम अपनी और बेटियों के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे। मैंने अपनी बेटी की तस्वीर गले से लगाई और कहा- आखिरकार तुम्हें इंसाफ मिल गया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी दोषी जिन्होंने विभत्स अपराध किए उन्हें मौत की सजा मिली। काश ये पहले ही हो जाता। आज वो दिन भी है जो दिखाता है कि कैसे कुछ लोग जिन्हें फांसी की सजा मिली उन्होंने कैसे न्याय व्यवस्था को सात साल तक अपने हक में इस्तेमाल कर न्याय में सात साल की देरी कराई। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी की सभी खामियां इस केस में खुलकर सामने आ गई हैं। ऐसे मामलों में त्वरित सजा मिलनी चाहिए, इसलिए सरकार आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव लाना चाहती है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि न्याय में देरी हुई लेकिन अंत में इंसाफ हुआ। यह उन सभी लोगों के लिए संदेश है जो महिलाओं पर अत्याचार करते हैं और सजा से बच जाते हैं। बता दें कि निर्भया के गुनहगार आखिरकार सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद सजा पाए। चारों दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप केस में करीब सवा सात साल के बाद इंसाफ हुआ है। निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया। सात साल 3 महीने और तीन दिन पहले 16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद लोगों ने तिहाड़ के बाहर मिठाई भी बांटी। इधर निर्भया के चारों दोषियों की ओर से आखिरी वक्त तक फांसी को टालने की कोशिश की गई।  उनके वकील एपी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में डेथ वारंट को टालने के लिए याचिका लगाई, देर रात फिर सुनवाई हुई लेकिन कोई दलील काम नहीं आई और खारिज हुई और दोषियों के खिलाफ फैसला आया। आधी रात ढाई बजे दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन यहां भी एक दलील नहीं चली और सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों के खिलाफ फांसी देने का फैसला सुनाया। इस बीच तिहाड़ जेल में पूरी तैयारी कर ली गई और निर्भया के गुनहगार फांसी पर ठीक साढ़े 5 बजे लटका दिए गए। बौखलाए वकील एपी सिंह ने लगातार फांसी को गलत बताते हुए मीडिया-अदालत और राजनीति पर जमकर आरोप लगाया।

20-03-2020
निर्भया के दोषियों की फांसी पर पीएम मोदी ने कहा- आज हुई न्याय की जीत
01:23pm

नई दिल्ली। 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप मामले के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी गई। आखिरकार 7 साल 3 महीने और 3 दिन के बाद निर्भया को इंसाफ मिल गया। अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश कुमार को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। दोषियों को फांसी होने के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि न्याय हो गया है। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रण लें कि निर्भया जैसा दूसरा मामला ना हो।

दोषियों की फांसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर कहा न्याय हुआ है। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसका अत्यधिक महत्व है। हमारी नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमें मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जहां महिला सशक्तीकरण पर ध्यान दिया जाए, जहां समानता और अवसर पर जोर हो। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा सात साल बाद निर्भया के दोषियों को फांसी दी गई। आज एक ऐसा दिन है, जब प्रण लेने की जरूरत है कि अब कोई दूसरी निर्भया न बनें। पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्रीय सरकार-सभी यह मिलकर प्रण लें कि हम सिस्टम की खामियों को दूर करेंगे और किसी भी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे।
बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से छह दरिंदों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसके साथ ऐसी बर्बरता की जिसने उसकी जान ले ली। आज इसी केस में सात साल बाद इंसाफ मिल गया है। निर्भया के सभी दोषियों को फांसी की सजा हो चुकी है और सात साल का इंतजार भी खत्म हो गया है। जब 2012 में इस केस की जांच शुरू हुई थी तो छह दोषियों में राम सिंह को प्रमुख दोषी पाया गया था। हालांकि उसने अदालत के अंतिम फैसले से पहले साल 2013 में ही फांसी लगा ली थी। 

20-03-2020
Breaking : निर्भया के चारों गुनहगारों को तिहाड़ जेल में दी गई फांसी
10:59am

रायपुर। निर्भया के चारों गुनहगारों को आखिरकार तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई है। ठीक साढ़े 5 बजे तय समय पर चारों दोषियों को फांसी दी गई। निर्भया को सात साल, तीन महीने बाद इंसाफ मिला है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद  तय दिन और समय पर ही फांसी दी गई। तिहाड़ जेल के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया। इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा।

20-03-2020
7 सालों में निर्भया को अपने साथ ही महसूस किया, उसका दुख ही हमारा संघर्ष बना : आशा देवी
10:57am

रायपुर। सलाम है निर्भया की मां को जो अपनी बेटी के लिए लड़ी, देश की बेटियों के लिए लड़ी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि हम पिछले सात साल में निर्भया से अलग नहीं हुए हैं, हर पल हमने उसके दुख को महसूस किया। निर्भया का दुख ही हमारा संघर्ष बना और इंसाफ के लिए हमने लड़ाई लड़ी। आशा देवी ने कहा कि 20 मार्च को निर्भया दिवस और महिला सुरक्षा के रूप में मनाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का ये दिन देश की बेटियों के नाम है। एक- एक चुनोतियों का सामना कर आज यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कहते हैं देर आये दुरुस्त आये। 7 साल के बाद आखिर इंसाफ मिला है, देश के लोगों ने निर्भया के लिए लड़ाई लड़ी है। 

बता दें कि वर्ष 2012 में दिल्ली में दंरिदों की हैवानियत का शिकार हुई निर्भया को आज इंसाफ मिला है। तमाम कोशिशों और पैंतरों के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी टालने की कोशिशों में कामयाबी नहीं मिली। मामले में गुरुवार रात से शुक्रवार अलसुबह 4 बजे तक हुई सुनवाई में न्याय मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने पवन गुप्ता की याचिका को खारिज किया। गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सर्वोच्च अदालत में रात को ढाई बजे सुनवाई हुई और करीब 3.30 बजे याचिका को खारिज कर दिया गया। दोषियों को बचाने की सारी दलीलों को खारिज करते हुए फैसला सुनाया। इससे पहले निर्भया के दोषियों की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया। करीब 2 घण्टे चली सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। दोषियों ने फांसी से बचने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनोती देने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन बचाव पक्ष के कोई तर्क काम नहीं आए। 

20-03-2020
निर्भया को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका, फांसी तय समय पर
10:54am

रायपुर। सालों से इंसाफ की बाट जोह रहे निर्भया के माता-पिता का इंतजार आज खत्म हो गया है। जिस पल का पूरा देश इंतजार कर रहा था वो कुछ ही घण्टों में आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को बचाने की सारी दलीलों को खारिज करते हुए फैसला सुना दिया है। हाई कोर्ट से याचिका खारिज होते ही निर्भया केस के दरिंदों की नींद तो उड़ ही गई थी, अब सुप्रीम कोर्ट से खारिज होते ही होश भी गुम हो गए हैं। तय समय ठीक साढ़े 5 बजे ही चारों दोषियों को फांसी दी जाएगी। बता दें कि दोषियों की फांसी की सजा रोकने के लिए लिए और राष्ट्रपति की ओर से दया याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर शीर्ष अदालत ने ढाई  बजे सुनवाई शुरू की, जो साढ़े 3 बजे तक चली। बाहर निर्भया के माता-पिता को फैसले का इंतजार था। 

इससे पहले निर्भया के दोषियों की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया। करीब 2 घण्टे चली सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। दोषियों ने फांसी से बचने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनोती देने एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन बचाव पक्ष के कोई तर्क काम नहीं आए। दोषियों के वकील एपी सिंह का कहना था कि आदेश मिलते ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इधर निर्भया के माता पिता का कहना था कि आज पूरी रात जागेंगे और दरिंदों को फांसी पर लटका कर ही घर जाएंगे। बहरहाल चारों दोषियों को फांसी 20 मार्च सुबह साढ़े 5 बजे देने का दिन और समय जो तय किया गया था, अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। कुछ ही घण्टे बाकी है। तिहाड़ जेल में फांसी की पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्लाद भी तैयार है।

20-03-2020
निर्भया केस : हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, फांसी का समय नजदीक
10:52am

रायपुर। निर्भया के दोषियों की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। करीब 2 घण्टे चली सुनवाई के बाद देर रात हाई कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने याचिका खारिज कर दी। दोषियों ने फांसी से बचने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनोती देने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन बचाव पक्ष के कोई तर्क काम नहीं आए। दोषियों के वकील एपी सिंह का कहना है कि वे लोग आदेश मिलते ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इधर निर्भया के माता पिता का कहना है कि आज पूरी रात जागेंगे और दरिंदों को फांसी पर लटका कर ही घर जाएंगे। बहरहल चारों दोषियों को फांसी 20 मार्च सुबह साढ़े 5 बजे देने का दिन और समय तय हुआ है, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। कुछ ही घण्टे बाकी है। तिहाड़ जेल में फांसी की पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्लाद भी तैयार है। इस बीच अब दोषियों के वकील एपी सिंह सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार से मिलने जा रहे हैं। फांसी रोकने आखरी प्रयास सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी की जा रही है। इधर निर्भया की माँ ने कहना है कि हम भी सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं लेकिन पूरा विश्वास है कि दरिंदों को सुबह साढ़े 5 बजे फांसी जरूर मिलेगी।

19-03-2020
निर्भया केस: दोषियों के डेथ वारंट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने लगाई मुहर, कल होगी फांसी
04:39pm

नई दिल्ली। निर्भया दुष्कर्म मामले में दोषियों का आखिरी समय आ गया है। गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों की डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इससे अब निर्भया के गुनहगारों का 20 मार्च को होने वाली फांसी का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी का रास्ता साफ हो गया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों की याचिका पर फैसला सुनाते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा है। दोषियों के वकील एपी सिंह ने कई मामलों का हवाला देते हुए 20 मार्च को होने वाली फांसी टालने का अनुरोध किया था। इससे पहले आज निर्भया के दोषियों की तीन याचिकाएं खारिज हुई हैं।

19-03-2020
निर्भया केस : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका की खारिज
12:28pm

नई दिल्ली। निर्भया दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर पवन की याचिका खारिज करने का फैसला लिया है। दरअसल दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। दोषी पवन ने नाबालिग होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी। बता दें कि डेथ वारंट के अनुसार सभी दोषियों को 20 मार्च सुबह पांच बजे फांसी दी जानी है। सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर लिया पवन की याचिका खारिज करने का फैसला किया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में मामले को खोलने के लिए कोई केस नहीं बनता। खुली अदालत में सुनवाई की मांग भी ठुकराई। जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने यह फैसला दिया है।

17-03-2020
निर्भया मामला : आरोपी अक्षय ठाकुर की पत्नी ने लगाई कोर्ट में पति से तलाक के लिए याचिका !
04:23pm

औरंगाबाद। निर्भया गैंगरेप केस में फांसी की सजा पाए दोषी अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनीता ने अब अपने पति को फांसी से बचाने के लिए कानूनी चाल चली है। पुनीता ने एक फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी है। पुनीता ने अपनी अर्जी में कहा है कि वह अक्षय की विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है। अक्षय की पत्नी ने एक परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी देते हुए कहा कि वह अक्षय की विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है। अक्षय की पत्नी ने औरंगाबाद परिवार न्यायालय के जज रामलाल शर्मा की कोर्ट में दाखिल अपनी अर्जी में कहा,'उसके पति को रेप के मामले में दोषी ठहराया गया है और उसे फांसी दी जानी है, हालांकि वह निर्दोष हैं। ऐसे में वह उसकी विधवा बनकर नहीं रहना चाहती है।'
अक्षय की पत्नी के वकील मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला को यह कानूनी अधिकार है कि वह हिंदू विवाह अधिनियम 13 (2) (II) के तहत कुछ खास मामलों में तलाक का अधिकार है, इसमें रेप भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अगर रेप के मामले में किसी महिला के पति को दोषी ठहरा दिया जाता है, तो वह तलाक के लिए अर्जी दाखिल कर सकती है। कानूनी जानकार इसे एक चाल की तरह देख रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस पर कोर्ट अक्षय को नोटिस जारी कर सकता है और उसे उपस्थित रहने को भी कह सकता है। कुछ कानूनी जानकार इसे दूर की कौड़ी भी बता रहे हैं। इस मामले के चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जानी है। अक्षय ने फांसी से बचने के लिए काफी तिकड़म भी भिड़ाया था लेकिन निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उसके दांव सफल नहीं हुए। राष्ट्रपति ने भी अक्षय की दया याचिका खारिज कर दी है। निर्भया के दोषी अक्षय, पवन, मुकेश और विनय के सभी कानूनी रास्ते बंद हो चुके हैं।

 

 

16-03-2020
निर्भया मामला : फांसी रुकवाने दरिंदे चल रहे चाल पर चाल, अब पहुंचे इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस
05:37pm

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी पवन गुप्ता,विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर अपनी फांसी की सजा के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) पहुंचे हैं। तीनों ने आईसीजे में अर्जी देकर मांग की है कि उनकी फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए। इन तीनों के अलावा मुकेश भी मामले में दोषी हैं। चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह 6 बजे करीब फांसी पर लटाकाया जाने का ऑर्डर है। दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि फांसी की सजा के खिलाफ दुनियाभर के विभिन्न संगठनों ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है। विदेशों में बसे लोगों को भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। इसलिए उन्होंने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया,जिसमें उसने अपने सभी कानूनी उपायों को यह कहते हुए बहाल करने का अनुरोध किया था कि उसके पुराने वकील ने उसके साथ साजिश की। निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी होनी है। मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को सुबह 6 बजे करीब फांसी पर लटाकाया जाने का ऑर्डर है। मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में चारों को फांसी की सजा बरकरार रही है। वहीं राष्ट्रपति भी दया याचिका खारिज कर चुके हैं। ऐसे में अब आईसीजे में दोषी पहुंचे हैं। हालांकि जानकार मान रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट इसमें दखल दे, ऐसा बहुत मुश्किल है। 

 

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