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20-01-2020
Breaking: निर्भया केस : सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की पवन गुप्ता की याचिका
03:26pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में मौत की सजा पाए एक दोषी पवन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 20 जनवरी को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी पवन की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने दावा किया था कि घटना के वक्त वह नाबालिग था। याचिका में दोषी मुकेश ने नाबालिग होने के दावे को हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब उसके फांसी का रास्ता भी साफ हो गया है।

 

20-01-2020
निर्भया केस : आरोपी पवन गुप्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
01:13pm

नई दिल्ली। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फांसी की सजा से बचने के लिए गुनहगार पवन गुप्ता ने नया हथकंडा अपनाते हुए याचिका दायर की है। दरअसल पवन गुप्ता का दावा है कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। सुप्रीम कोर्ट उसके दावे की सच्चाई की जांच करने के लिए उसकी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष पवन ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें वारदात के वक्त उसके नाबालिग होने की दलील को खारिज कर दिया गया था। दोषी ने अपनी याचिका में कहा है कि 16 दिसंबर, 2012 को अपराध के वक्त वह नाबालिग था। उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई। पवन ने दलील दी है कि उम्र का पता लगाने के लिए अधिकारियों ने उसकी हड्डियों की जांच नहीं की थी। उसने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि उसका मामला किशोर न्यायालय में चलाया जाए। साथ ही पवन ने याचिका में एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर भी रोक लगाने की मांग की है। मालूम हो कि पवन और अक्षय ने अब तक क्यूरेटिव पिटीशन नहीं दायर की है। जबकि विनय और मुकेश की क्यूरेटिव याचिकाएं खारिज हो चुकी है। मुकेश की तो दया याचिका भी खारिज हो चुकी है।

पवन को नाबालिग साबित करने के चक्कर में फंसे दोषी के वकील एपी सिंह

निर्भया के गुनहगार पवन को नाबालिग साबित करने की हर जुगत लगा रहे वकील एपी सिंह को दिल्ली बार काउंसिल ने नोटिस जारी किया है। पवन की 2012 में वारदात के वक्त नाबालिग होने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के जज सुरेश कुमार कैत ने खारिज कर दी थी। उस वक्त कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया था कि अदालत के बार-बार समन देने के बावजूद एपी सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल को एपी सिंह के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साथ ही उन पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। बार काउंसिल ने उनसे दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
 

विशेषज्ञों की राय : पीड़िता के परिवार वालों की माफी देने या न देने के नजरिए की कानूनी अहमियत नहीं

इंदिरा जयसिंह की माफी देने की सलाह पर बहस छिड़ गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि पीड़िता के परिवार वालों की माफी देने या न देने के उनके नजरिए की कोई कानूनी अहमियत नहीं है। वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और विकास सिंह ने बताया कि आपराधिक मुकदमे हमेशा सरकार के खिलाफ होते हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विकास सिंह के मुताबिक, पीड़िता के परिवारवालों की राय कोई कानूनी अहमियत नहीं रखती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोषी दया याचिका में इस तरह की राय रखते हैं।

18-01-2020
पवन गुप्ता की याचिका पर 20 को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
05:05pm

नई दिल्ली। निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 20 जनवरी को सुनवाई होगी। इस याचिका में दोषी पवन गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें अदालत ने उसे 2012 में नाबालिग मानने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट खारिज कर चुका है याचिका

निर्भया केस में एक बार फिर दोषी पवन गुप्ता ने अपराध के वक्त खुद को नाबालिग होने का दावा किया है। इसके लिए पवन ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन (एसएलपी) दाखिल की है। पवन का कहना है कि अपराध के वक्त वह नाबालिग था और दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस तथ्य की अनदेखी की है। मालूम हो कि 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने पवन गुप्ता की उस अपील को खारिज कर दिया था जिसमें उसने अपने आप को नाबालिग बताया था। वहीं राष्ट्रपति ने आज ही निर्भया के दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी है।

राष्ट्रपति ने 12 घंटे के भीतर खारिज की मुकेश की दया याचिका

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  ने निर्भया दुष्कर्म और हत्या के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी। राष्ट्रपति ने यह फैसला गृहमंत्रालय की ओर से भेजी गई सिफारिश के 12 घंटे केभीतर ही ले लिया। गृहमंत्रालय ने बृहस्पतिवार शाम को अपनी तरफ से भी यह दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की थी। मुकेश इस मामले के अन्य तीन दोषियों के साथ तिहाड़ जेल के विशेष वार्ड में बंद है। नीचली अदालत ने अब इन चारों को 1 फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाने का नया आदेश दिया है। पहले इन्हें 22 जनवरी को फांसी देनी थी। लेकिन मुकेश और विनय कुमार के क्यूरेटिव पेटीशन और मुकेश की दया याचिका के चलते फांसी की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। जानकारों के मुताबिक अब मुकेश के माफीनामें के सभी विकल्प खतम हो चुके हैं। लेकिन बाकी तीन दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका के लिए जा सकते हैं। इस स्थिति में फांसी की तारीक फिर बढाई जा सकती है।

17-01-2020
Breaking : राष्ट्रपति ने निर्भया केस के दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज की
12:31pm

नई दिल्ली। निर्भया केस मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया केस के एक दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी है। राष्ट्रपति की ओर से दया याचिका खारिज होने की जानकारी राष्ट्रपति भवन से गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। अब गुनाहगारों के फांसी का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी थी, साथ ही दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश भी की थी।

17-01-2020
Breaking : निर्भया केस के दोषी मुकेश की दया याचिका पहुंची राष्ट्रपति के पास
12:03pm

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति को भेज दी है। साथ ही ये बात भी सामने आ रही है कि गृह मंत्रालय ने दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश भी राष्ट्रपति से की है। अब निर्णय राष्ट्रपति को लेना है, राष्ट्रपति के निर्णय के बाद फैसले की जानकारी आरोपी तक पहुंचाने के लिए भी उसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा जैसे कि यह कैदी से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची है। आपको बता दें कि निर्भया केस के दोषियों को फांसी की सजा देने के लिए 22 जनवरी की सुबह 7.00 बजे का समय निर्धारित किया गया था। कोर्ट ने फैसले को चुनौती देने के लिए सात दिन का समय दिया था, इसके बाद आरोपियों ने इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया था। अब दोषियों में से एक मुकेश सिंह की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति भवन भेजा है।

16-01-2020
निर्भया मामला: दोषियों की फांसी टली, जेल नियमों का हवाला देकर लगा स्टे
05:31pm

नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों की फांसी फिलहाल के लिए टल गई है, अब 22 जनवरी के दिन दोषियों को फांसी नहीं होगी बल्कि फांसी के लिए कोई और दिन तय होगा। गुरुवार को कोर्ट ने जेल नियमों का हवाला देते हुए कहा कि निर्भया के दोषियों की 22 जनवरी की फांसी पर स्टे लगाते हुए कहा कि जब तक कैदी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होगी तब तक उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी और जिस दिन दया याचिका खारिज होगी उसके 14 दिन बाद ही फांसी हो सकती है। यानि हर हालात में अब 22 जनवरी के दिन निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं होगी।

जेल नियमों के मुताबिक कैदी की दया याचिका राष्ट्रपति से खारिज होने के बाद उसके पास 14 दिन होते हैं और उसके बाद भी अगर उसके पास कोई कानूनी विकल्प बचा हो तो वह उसका इस्तेमाल कर सकता है। निर्भया के 4 दोषियों में से एक मुकेश ने अपने खिलाफ जारी डेथ वारंट पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से स्टे लगाने की मांग रखी थी और गुरुवार को फांसी पर स्टे का फैसला भी पटियाला हाउस कोर्ट से ही आया है। निर्भया के 4 दोषियों में से सिर्फ एक दोषी ने ही दया याचिका दाखिल की है जिसे गृह मंत्रालय राष्ट्रपति के पास भेजेगा। बाकी 3 दोषियों ने अभी तक दया याचिका दाखिल नहीं की है।

 

15-01-2020
निर्भया मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने किया डेथ वारंट पर रोक लगाने से इंकार
06:28pm

नई दिल्ली। निर्भया केस में दोषी मुकेश को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी किए गए डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने दोषी मुकेश के वकील को निचली अदालत में जाने को कहा है। दोषी मुकेश सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी डेथ वारंट को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुकेश की डेथ वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्‍ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट में दिल्‍ली सरकार की ओर से पेश हुए वकील राहुल मेहरा ने इस याचिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है। उन्‍होंने कोर्ट में कहा कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिनों बाद फांसी होगी। पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से निर्भया के दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो चुका है। दिल्ली सरकार ने भी दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज कर उपराज्यपाल के पास भेज दिया है। डिप्टी सीएम ने इस मामले में कहा कि वे निर्भया के दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। 

 

 

15-01-2020
निर्भया के दोषियों की तय दिन को टल सकती है फांसी, दया याचिका विचाराधीन
02:35pm

नई दिल्ली। निर्भया केस में बड़ी खबर सामने आ रही है, मामले में चारों दोषियों की फांसी तय दिन 22 जनवरी को टल सकती है। दरअसल 22 जनवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी की सजा दी जानी थी, लेकिन दोषियों की दया याचिका विचाराधीन होने से फांसी टल सकती है। बता दें कि मामले में दोषी मुकेश सिंह के डेथ वारंट के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दया याचिका विचाराधीन है, ऐसे में 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती। तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से वकील राहुल मेहरा ने पक्ष रखते हुए कहा कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद दोषियों को फांसी दी जा सकती है। दया याचिका खारिज होने के बाद फांसी से 14 दिन पहले नोटिस दिया जाता है। वह भी तब जब राष्ट्रपतिदया याचिका खारिज कर दें। वहीं दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि डेथ वारंट के खिलाफ याचिका अपरिपक्व है।

15-01-2020
Breaking : निर्भया केस के दोषी मुकेश की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू
11:26am

नई दिल्ली। निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह की डेथ वारंट पर रोक की मांग को लेकर लगाई गई अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव याचिका खारिज होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार को दया याचिका भेजी थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में डेथ-वारंट के खिलाफ याचिका दायर की गई।

14-01-2020
निर्भया मामला: राष्ट्रपति के समक्ष आरोपी मुकेश सिंह ने दायर की दया याचिका
08:25pm

नई दिल्ली। निर्भया मामले के चार दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दायर की। यह जानकारी तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दी। मुकेश ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका तब दायर की जब उच्चतम न्यायालय ने उसकी सुधारात्मक याचिका को मंगलवार काे खारिज कर दिया। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को मुकेश के साथ एक अन्य दोषी विनय शर्मा की सुधारात्मक याचिका को खारिज किया था। विनय पहले ही राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर चुका है। हालांकि, बाद में उसने अपनी याचिका वापस लेने की मांग की थी। दो अन्य दोषियों अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता ने अभी तक सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है। दिल्ली की एक अदालत ने 7 जनवरी को चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में मौत होने तक फांसी पर लटकाने के लिए डेथ वारंट जारी किया था।

 

11-01-2020
निर्भया केसः दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन पर 14 जनवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
12:18pm

नई दिल्ली। निर्भया मामले के दोषी विनय शर्मा और मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की है। पांच जजों की बैंच इस मामले में 14 जनवरी को सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई एनवी रमन्ना, अरुण मिश्रा, आरएफ नरीमन, बी.बानुमति और अशोक भूषण की बैंच करेगी। निर्भया के गुनहगार विनय ने अपनी क्यूरेटिव पिटिशन में अपनी युवावस्था का हवाला देते हुए कहा है कि कोर्ट ने इस पहलू को त्रुटिवश अस्वीकार कर दिया है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितयों, उसके बीमार माता-पिता सहित परिवार के आश्रितों और जेल में उसके अच्छे आचरण और उसमें सुधार की गुंजाइश के बिन्दुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया है और जिसकी वजह से उसके साथ न्याय नहीं हुआ है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस मामले में शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले के बाद इसके 3 जजों की बेंच ने रेप और मर्डर से जुड़े कम से कम 17 मामलों में दोषियों की मौत की सजा उम्र कैद में तब्दील की है। याचिका में इस फैसले को कानून की नजर में गलत बताते हुए कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने बाद के फैसलों में निश्चित ही कानून में बदलाव करके उसके जैसी स्थिति के अनेक दोषियों की मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील किया है।
बता दें कि 7 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया था। 

 

 

09-01-2020
निर्भया केस : आरोपी विनय ने की फांसी रोकने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की क्यूरेटिव पिटिशन
03:05pm

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चार दोषियों में से एक विनय कुमार ने फांसी की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दायर की है। क्यूरेटिव पिटिशन में विनय ने मांग की है कि उसे 22 जनवरी को फांसी न दी जाए। इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के सभी गुनहगारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर फांसी की सजा की तारीख तय कर दी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कहा था कि अब किसी भी दोषी की कोई भी याचिका किसी भी कोर्ट या राष्ट्रपति के समक्ष लंबित नहीं है। सभी दोषियों की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। कोर्ट से डेथ वारंट जारी करने का आग्रह करते हुए अभियोजन ने कहा था, ''डेथ वारंट जारी करने और तामील करने के बीच दोषी सुधारात्मक याचिका दायर करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।''

क्या कहा निर्भया की मां ने

दो दोषियों-मुकेश और विनय के वकील ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर करने की प्रक्रिया में हैं। कोर्ट की ओर से डेथ वॉरंट जारी होने के बाद निर्भया की मां ने कहा था कि यह आदेश (मौत की सजा पर अमल के लिए) कानून में महिलाओं के विश्वास को बहाल करेगा।

क्या हुआ था दिसंबर 2012 में

आपको बता दें कि दिसंबर 2012 में निर्भया के साथ 6 लोगों ने बस में गैंगरेप किया था। इसके बाद इलाज के दौरान निर्भया ने दम तोड़ दिया था। 6 में एक आरोपी नाबालिग था। वहीं एक आरोपी राम सिंह ने जेल में खुद को फांसी लगा ली थी। इसके बाद बाकि चार आरोपियों का भी फांसी की सजा सुनाई गई थी। तमाम का प्रक्रियाओं के बाद 22 जनवरी को अब इस सभी को फांसी दी जाने वाली है।

 

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