GLIBS
05-05-2020
हर ग्राहक के लिए अलग कैंची,कंघा, उस्तरा, ब्लेड इस्तेमाल करना जरूरी होगा ब्यूटी पार्लर व सैलून के लिए
07:01pm

रायपुर/दंतेवाड़ा। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने सभी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किया, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। सभी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालन कर्ताओं को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है और ब्यूटी पार्लर में लगी कुर्सियों के बीच 2 मीटर की दूरी होनी चाहिए। एक बार में उतने ही व्यक्तियों को सैलून और ब्यूटी पार्लर में प्रवेश दिया जाएगा जितनी कुर्सी उपलब्ध है। सभी ग्राहकों को प्रवेश करते समय हाथ साफ करने के लिए सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा और साबुन से हाथ धुलाया जाएगा। प्रत्येक ग्राहक के लिए अलग-अलग कपड़े का उपयोग किया जाएगा और एक बार उपयोग करने के बाद अनिवार्यतः गर्म पानी में सर्फ व डेटॉल के साथ साफ करना होगा। प्रत्येक ग्राहक के लिए अलग कैंची,कंघी,उस्तरा और ब्लेड का उपयोग करना होगा। यदि उक्त कार्य संभव ना हो तो एक कुर्सी के पीछे न्यूनतम 10 सेट कैंची और उस्तरा रखना होगा। एक बार उपयोग करने के बाद अनिवार्यतः सैनिटाइजर से साफ करने के पश्चात गर्म पानी में उबालकर सर्फ और डेटॉल से साफ करना होगा। प्रत्येक ग्राहक के कुर्सी से उठने के पश्चात कुर्सी को सैनिटाइजर से साफ करना अनिवार्य है। सैलून,ब्यूटी पार्लर के संचालन का समय प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। संबंधित सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालक की ओर से उक्त शर्त का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित के विरूद्ध अर्थदंड आरोपित किया जाएगा। प्रथम उल्लंघन पर अर्थदंड 5 सौ रूपए, द्वितीय उल्लंघन पर 2 हजार रूपये अधिरोपित होगा। इसके पश्चात भी उल्लंघन पाया जाता है तो दुकान बंद करने के लिए कार्यवाही की जाएगी। अतः सुनिश्चित करें कि शर्तों के अधीन ही सैलून एवं ब्यूटी पार्लर का संचालन किया जाये। संबंधित संचालक की ओर से किसी भी निर्देश का उल्लंघन किया जाता है तो वह भारतीय दंड संहिता 1860 (1860 का 45) की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता है। अतः किसी भी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालक की ओर से शासन के निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और ब्यूटी पार्लर में जाने वाले आम नागरिकों से अपील किया जाता है कि एहतियात की दृष्टि से अपने साथ टॉवेल और नेपकिन लेकर आए ,भीड़ न लगाये सोशल और डिस्टनसिंग का पालन करें।

23-03-2020
शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने पर  भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह : कौशिक
रा
10:29pm

रायपुऱ। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भाजपा नेता शिवराज चौहान के चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुशल संगठक हैं। उनके चौथी बार मुख्यमंत्री बनने पर देश और प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। उनके नेतृत्व में फिर एक बार  मध्यप्रदेश विकास की नई राह पर अग्रसर होगा। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि नवनिर्वाचित मुख्ममंत्री चौहान का छत्तीसगढ़ से आत्मीय लगाव रहा है। वो हमेशा पार्टी के हर वर्ग से सीधा जुड़े रहे हैं। इसका लाभ संगठन और समाज के हर वर्ग को होगा।

20-03-2020
कमलनाथ का इस्तीफा : भूपेश बघेल का ट्वीट- 15 माह का सुशासन जनता याद रखेगी
रा
04:29pm

रायपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि 15 माह का सुशासन जनता याद रखेगी। भूपेश बघेल ने ट्वीट किया है कि 15 साल भाजपा के कुशासन के सामने आपका 15 महीने का सुशासन मध्यप्रदेश की जनता कभी नहीं भूलेगी  @OfficeOfKNath जी। आपके द्वारा भ्रष्टाचारियों और माफियाराज के खिलाफ चलाया गया अभियान सराहनीय रहा। कांग्रेस फिर लौटेगी। जनता का विश्वास जीतेगी।

20-03-2020
मुख्यमंत्री पद से कमलनाथ का इस्तीफा, कहा-बीजेपी याद रखे की कल भी आएगा
रा
01:02pm

भोपाल। प्रदेश में सियासी संग्राम के बीच सीएम कमलनाथ ने शाम को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया है। आज यानि शुक्रवार को सीएम कमलनाथ राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। प्रेस कॉन्फ्रेस में उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाया और ये पूरा देश बोल रहा है। करोड़ों रुपए खर्च कर खेल खेला जा रहा है। एक महाराज और उनके 22 साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी याद रखे कि कल भी आएगा। उन्होंने कहा कि हमने तीन बार विधानसभा में अपनी बहुमत साबित की। बीजेपी की ओर से जनता के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है, जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बता दें कि प्रदेश में फ्लोर टेस्ट से पहले बीजेपी के विधायक शरद कौल ने इस्तीफा दे दिया है। अब तक विधानसभा में कुल 23 विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो गए हैं। मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से विधानसभा में बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए और बीजेपी के पास अभी 106 है। 

 

20-03-2020
काम नहीं आई तिकड़में, कानूनी दांव पेंच और दुष्प्रचार, सब पर भारी पड़ा साथियों का असन्तोष, ले डुबा सरकार
रा
09:37am

भोपाल/रायपुर। तमाम राजनीतिक और कानूनी दांवपेच के बावजूद कमलनाथ अपनी सरकार बचाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। उनके संकट मोचन व खास सिपहसलार दिग्विजय सिंह ने तो फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। और यह भी मान लिया है कि वे अपने बागी विधायकों से संपर्क करने में नाकाम रहे। यानी कल तक जो उनकी पार्टी के सदस्य थे उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से बात तक करना जरूरी नहीं समझा। आखिर ऐसी क्या वजह थी जो इतनी कड़वाहट उनके बीच आ गई। उनका असंतोष ना केवल पार्टी बल्कि सरकार को भी ले डूबा है मध्यप्रदेश में। अब सभी राजनीतिक दलों को इस बात पर भी गौर करना पड़ेगा कि पार्टी के भीतर के असंतोष को हल्के में ना लिया जाए। अगर साथियों की अनदेखी की कीमत सरकार गवा कर चुकानी पड़े तो यह किसी भी सूरत में फायदेमंद सौदा नजर नहीं आता। बहरहाल कमलनाथ की सारी तिकड़में कानूनी दांवपेच सब बेकार जाते नजर आ रहे हैं। उनके दुष्प्रचार का हथियार भी बेअसर ही साबित हुआ है। और धन के दुरुपयोग का आरोप तो अब राजनीतिक पार्टियों को एक दूसरे पर लगाना ही नहीं चाहिए क्योंकि कोई दूध का धुला नहीं है।

20-03-2020
फ्लोर टेस्ट से पहले ही हार मान ली दिग्विजय सिंह ने,यानी कमलनाथ सरकार का जाना तय
रा
09:32am

भोपाल/रायपुर। कमलनाथ सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। दिग्विजय सिंह ने फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। उन्होंने भाजपा पर धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। और यह भी माना है कि उनके पास पर्याप्त आंकडा नहीं है। उनका यह कहना है कि बागी विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनकी सरकार का बचना मुश्किल लग रहा है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो कमलनाथ सरकार का जाना तय हो गया है। उनकी हार तय है। संभवत वे फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दें। कुल मिलाकर देखा जाए तो फायदे में शिवराज सिंह है। उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया  क्या संतोष की नैया पर सवार होकर सिंहासन तक पहुंचने का मौका मिल गया है।

19-03-2020
सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, मध्यप्रदेश में 20 मार्च को होगा फ्लोर टेस्ट
06:48pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 मार्च को बहुमत परीक्षण का आदेश दिया है। अपने फैसले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि बागी 16 विधायकों को सुरक्षा प्रदान की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर लें। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बहुमत का फैसला विधायकों के हाथ उठवाकर कराया जाए। फ्लोर टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाए। अगर बागी विधायक विधानसभा आना चाहें तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी उन्हें सुरक्षा दें।

दूसरे दिन सु्प्रीम कोर्ट ने भाजपा की याचिका पर सुनवाई की करते हुए स्पीकर एनपी प्रजापति से पूछा,‘क्या वे वीडियो लिंक के जरिए बागी विधायकों से बात कर सकते हैं और फिर उनके बारे में फैसला कर सकते हैं?’ इस पर स्पीकर की तरफ से पेश वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया नहीं ऐसा संभव नहीं है। स्पीकर को मिले विशेषाधिकार को सुप्रीम कोर्ट भी नहीं हटा सकता। स्पीकर ने 16 बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लेने के लिए 2 हफ्ते का वक्त मांगा। कोर्ट ने कहा कि इससे हॉर्स ट्रेडिंग बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है।

 

 

18-03-2020
मध्यप्रदेश: फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 19 मार्च को भी होगी सुनवाई
रा
05:19pm

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार तक मामला टल गया है। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार साढे दस बजे फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर से सवाल किया कि आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक निर्णय क्यों नहीं लिया? क्या ये विधायक अपने आप अयोग्य नहीं हो जाएंगे? अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं। आपने 16 मार्च को बजट सत्र को टाल दिया। अगर आप बजट को पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा?

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही मुकुल रोहतगी की ओर से कहा गया कि वो एजीआर के मामले में सुनवाई के लिए जाना चाहते हैं,जिसके बाद अदालत ने उनकी बात मान ली है। कांग्रेस के वकील दुष्यंत दवे की ओर से सुनवाई के दौरान 10th शेड्यूल लागू करने की मांग की गई। इस पर जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि हम इसके अंतर्गत नहीं आते हैं। इसके बाद दुष्यंत दवे ने कहा कि विधायक इस तरह इस्तीफा नहीं दे सकते हैं, उन्हें जनता के बीच में जाना चाहिए। अदालत में मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना जवाब देने के लिए समय मांगा है। इसपर मुकुल रोहतगी ने आपत्ति जाहिर कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सिंह की तरफ से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने इसे कांग्रेस की चाल बताई। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट कहे तो वह सभी 16 विधायकों को पेश कर सकते हैं, इसपर अदालत ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि सरकार ने केवल छह विधायकों के इस्तीफे क्यों स्वीकार किए हैं। इसका जवाब देते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि वे मंत्री हैं। इसलिए इस्तीफा स्वीकार किया गया है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़,जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच कर रही है।

 

18-03-2020
सियासी घमासान के बीच कमलनाथ कैबिनेट का बड़ा फैसला, 3 नए जिलों को दी मंजूरी
रा
03:26pm

भोपाल। प्रदेश में सियासी घमासान के बीच बुधवार को सीएम कमलनाथ ने कैबिनेट बैठक की। कमलनाथ की अध्यक्षता में बैठक में मैहर, चाचौड़ा और नागदा को नया जिला बनाए जाने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद प्रदेश में अब 55 जिले हो जाएंगे। बता दें कि प्राज्यसभा सीटों पर 26 मार्च को वोटिंग होगी। प्रदेश में सरकार पर संकट के बीच राज्यसभा सीटों के चुनाव पर भी बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने है। 

 

18-03-2020
कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा- भाजपा अपना रही हिटलर रवैया, लोकतांत्रिक मूल्यों की कर रही हत्या
रा
01:53pm

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बेंगलुरु की परिस्थियों पर बुधवार को ट्वीट कर इसकी  निंदा की। उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को बंगलूर में बंधक बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधायकों से मिलने से रोकने के लिए तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा 'बैंगलोर में भाजपा द्वारा बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों से मिलने गए कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह एवं कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों को मिलने से रोकना, उनसे अभद्र व्यवहार करना , उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लेना पूरी तरह से तानाशाही और हिटलर शाही है। पूरा देश आज देख रहा है कि एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए किस प्रकार से भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ना अभी भाजपा के पास बहुमत है, ना शिवराज सिंह को भाजपा विधायक दल ने अपना नेता चुना है, ना भाजपा की सरकार बनी है, ना कभी बनेगी लेकिन शिवराज सिंह चौहान की मुख्यमंत्री बनने के लिए हड़बड़ाहट, बैचेनी पूरा प्रदेश देख रहा है। किस प्रकार सत्ता के लिए वे बैचेन हो रहे है। उन्हें नींद नहीं आ रही है, दिन में भी मुख्यमंत्री पद के सपने देख रहे है। उन्होंने कहा 'क्यों विधायकों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, आख़रि किस बात का डर भाजपा को है। भाजपा द्वारा एक गंदा खेल प्रदेश में खेला जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मूल्यों और अधिकारों का दमन किया जा रहा है। हमारे हिरासत में लिए गए नेताओ को शीघ्र रिहा किया जावे और बंधक विधायकों से मिलने की इजाज़त दी जाए।

 

18-03-2020
अब सत्याग्रह करे का होत है जब विधायक पार्टी गए छोड़, इतनी मेहनत पहले करते तो आज सरकार खतरे में नहीं होती दिग्गी राजा
रा
11:15am

बेंगलुरु/रायपुर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को बेंगलुरु में हिरासत में ले लिया गया। वे वहां रुके कांग्रेसी विधायकों से मिलने गए थे। पुलिस ने उन्हें रोका और हिरासत में लिया तो वे हिरासत में ही धरने में बैठ गए अब सवाल यह उठता है इन विधायकों ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर साफ कर दिया कि वह अपनी मर्जी से यहां आए हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह कैसे बंधक करार दे रहे हैं? फिर उन विधायकों की इतनी फिक्र यदि उनके पार्टी को छोड़ने से पहले करते तो शायद आज कमलनाथ सरकार संकट में नहीं होती। जब समय था अपने विधायकों के असंतोष को शांत करने का उनकी समस्याओं के निराकरण का तब उनको अनदेखा किया गया। और जब असंतोष का ज्वालामुखी फूटा तो अब उन्हें मनाने की कोशिश हो रही है।

उधर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर कांग्रेस के बागी विधायकों को बंधक बताने की कोशिश कर रही है। सभी नेता बार-बार चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाया गया है। जबकि इन आरोपों का सभी बागी विधायकों ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर साफ कर दिया कि वे सब सरकार की उपेक्षा से नाराज होकर अपनी मर्जी से पार्टी छोड़कर यहां आए है। अब सवाल यह उठता है, जब विधायक खुद कह रहे हैं कि वह अपनी मर्जी से आए हैं तो दिग्विजय सिंह कैसे करार दे सकते हैं कि वे बंधक है? बहरहाल सरकार बचाने और गिराने की इस लड़ाई में और भी कई दिलचस्प मोड़ आएंगे जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं हो जाता। कांग्रेस सारी कवायद इसलिए कर रही है कि फ्लोर टेस्ट ना हो और भाजपा फ्लोर टेस्ट कराने पर अड़ी हुई है।

Please Wait... News Loading