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22-04-2021
Video: भूपेश सरकार कर रही है एम्स में रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था, भाजपा भी करें मदद: विकास तिवारी 
02:05pm

रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार एम्स में रेमडेसिविर की व्यवस्था करा रही है। लेकिन केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रायपुर सांसद एम्स के मनोनीत सदस्य सुनील सोनी मोदी सरकार से कहकर तत्काल अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान रायपुर के लिए 25000 रेमडेसिविर इंजेक्शन का व्यवस्था तत्काल करवाएं।

08-03-2021
सदन में गूंजेगा बुनियादी सुविधाविहीन स्कूलों का मुद्दा 
रा
10:52am

रायपुर। विधानसभा में सोमवार को कई मुद्दों पर बहस होगी। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण में बिलासपुर और बेमेतरा में अवैध प्लॉटिंग का मामला उठेगा। बता दें कि सदन में स्कूल और राजस्व विभाग से जुड़े ज्यादातर सवाल होंगे। साथ ही रायपुर में बुनियादी सुविधाविहीन स्कूलों का मुद्दा गूंजेगा।

04-03-2021
विधानसभा अध्यक्ष ने बृजमोहन अग्रवाल को नहीं दी प्रश्न पूछने की अनुमति, जानिए वजह
रा
01:32pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र चल रहा है। बुधवार का सत्र काफी हंगामेदार रहा। शराब के साथ रेत माफियाओं के मुद्दों से सदन गर्माया रहा। थियक वैसे ही सदन की शुरुआत आज भी हुई। गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल को प्रश्न पूछने की अनुमति ही नहीं दी। मामला था सदन में देरी से आने का। दरअसल हुआ यूं कि ठीक 11 बजे प्रश्नकाल शुरु हुआ, पहला सवाल वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल का था, आसंदी से उनका नाम पुकारा गया लेकिन उस वक्त बृजमोहन अग्रवाल सदन में नहीं थे। आसंदी ने अगले प्रश्न के लिए डॉ कृष्णमूर्ति बांधी का नाम लिया। जैसे ही डॉ कृष्णमूर्ति बांधी प्रश्न पूछने के लिए खड़े हुए, बृजमोहन अग्रवाल सदन में पहुँचे। वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने आते ही प्रश्न पूछने की कवायद की तो नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया ने आसंदी से व्यवस्था का आग्रह किया और कहा “आपने दूसरे सदस्य को पुकार लिया है। अब ये कैसे पूछ सकते हैं। व्यवस्था दीजिए।” इस के बाद अध्यक्ष चरणदास महंत ने वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल को प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं दी। वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल का यह प्रश्न नगरीय निकाय विभाग से जूड़ा हुआ था। इसमें रायपुर नगर निगम क्षेत्र में मोर ज़मीन मोर मकान प्रधानमंत्री आवास योजना और बीएसयूपी के तहत बने मकान की जानकारी और आबंटन सुची की जानकारी के साथ यह जानकारी भी माँगी गई थी कि कितने लोगों को सुची से क्रम तोड़कर आबंटन किया गया है।

04-03-2021
बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में उठाया महाविद्यालयों में रिक्त पदों का मामला 
रा
01:23pm

रायपुर। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को विधानसभा में प्रदेश के महाविद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की स्थिति ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था का मामला सदन में उठाया। शासन से मिले जवाब में प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 246 पद के विरुद्ध 173 पद रिक्त हैं। प्राध्यापक 595 पद के विरुद्ध पूरे पद रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 3972 पद के विरुद्ध 1787 पद रिक्त हैं। बृजमोहन अग्रवाल के प्रश्न किया था कि प्रदेश के महाविद्यालय में प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक अध्यापक के कितने पद रिक्त हैं? सत्र 2020-2021 में कितने छात्रों ने शासकीय महाविद्यालय में प्रवेश लिया है? उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने अपने उत्तर में बताया कि प्रदेश में प्राचार्य के 246 पर स्वीकृत हैं। इसमें 73 पद भरे हुए हैं व 173 पर खाली हैं। अध्यापक स्वीकृत 595 पद में से पूरे 595 पद रिक्त हैं। सहायक प्राध्यापक के 3972 स्वीकृत पद के विरुद्ध 2185 पद भरे हुए हैं व 1787 पद रिक्त हैं। वर्ष 2020-21 में कुल 273342 छात्रों ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में प्रवेश लिया है।

03-03-2021
शराब पर घिरी राज्य सरकार, विपक्ष ने किया वाकआउट
रा
01:14pm

रायपुर। शराब के मसले पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ है। देसी और विदेशी शराब पर टैक्स के मामले में राज्य सरकार पूरी तरीके से घिर गई। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। दरअसल विपक्ष की ओर से विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि “कोरोना शुल्क लगाने का उद्देश्य क्या था और कितना खर्च हुआ”? इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने राशि संग्रहण का आँकड़ा बताया और उसके बाद प्रश्न फिर से पूछा गया तो आसंदी ने मंत्री मो. अकबर को निर्देशित किया कि वे इस प्रश्न का जवाब दें। इस पर मंत्री अकबर ने कहा कि “शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, अधोसंरचना पर खर्च करना है और राशि अभी व्यय नहीं हुई।” इस पर अजय चंद्राकर ने पूछा “जब यह राशि स्वास्थ्य पोषण शिक्षा में होना था। लिखित जवाब में यह राशि सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत गठित मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन और विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कर व्यय करना है, ऐसा लिखा है, तो यह राशि वहाँ कैसे दी जा रही है।” अजय चंद्राकर ने फिर से प्रश्न किया कि “कोरोना का पीक दौर गुजर चुका है और अब दूसरा स्ट्रेन आ रहा है। राशि स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई है। क्यों ऐसा हुआ”? इस के बाद मंत्री अकबर ने कहा कि राशि “निर्धारित उद्देश्य के लिए खर्च होगा।” इस के बाद विपक्ष ने फिर सवाल उठाया कि आख़िर यह कोरोना शुल्क का उपयोग सामान्य प्रशासन विभाग कैसे तय करेगा और राशि क्यों नहीं स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। इस सवाल को उठाने के साथ ही विपक्ष ने कोरोना शुल्क में डकैती का आरोप लगाते हुए वाकआउट कर दिया।

02-03-2021
शिक्षा क्षेत्र की अपेक्षा से विपरीत बजट : अभाविप
06:53pm

धमतरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने सोमवार को विधानसभा में आगामी सत्र 2021-22 के लिए प्रस्तुत बजट को एक ऐसा दिवास्वप्न करार दिया है, जो कागजों के अतिरिक्त केवल कल्पना में ही साकार होता है और वास्तविकता से जिसका कोई सरोकार नहीं है। अभाविप के प्रदेश मंत्री शुभम जायसवाल ने कहा कि इसमें कोई संशय नहीं कि इस बजट में भी गत वर्षों की तरह केवल हवा-हवाई बातें की गई हैं, क्योंकि पिछले वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं पर अभी तक अमल नहीं किए जाने से इस वर्ष के बजट में किये गये नवीन प्रावधानों पर क्रियान्वयन भी सन्देहास्पद ही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश का युवावर्ग सरकार से यह आस लगाए बैठा था कि प्रदेश सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए भी बजट प्रावधान करेगी लेकिन युवाओं को निराशा ही मिली है।

शुभम जायसवाल ने कहा कि यदि हम वास्तवकिता के धरातल पर इस बजट के प्रावधानों की परीक्षा करते हैं तो यह पाते हैं कि इस बजट में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को छोडक़र शेष सभी शिक्षा-क्षेत्रों के लिए राशि आवंटन में कमी की गई है। आज जब प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं तब बजट में यह कटौती स्वीकार्य नहीं हो सकती। सरकार को चाहिये था कि वह कोविड-19 के चलते उत्पन्न हुई विकट स्थितियों से उबरने के लिए शिक्षा क्षेत्र में अतिरिक्त राशि का प्रावधान करती लेकिन यहाँ तो गत वर्ष से भी कम राशि आवंटित कर सरकार ने शिक्षा के प्रति अपने सौतेले व्यवहार का प्रदर्शन किया है। सरकार द्वारा प्रादेशिक विश्वविद्यालयों को स्थापना के लिए जो बजट आवंटित किया गया है वह भी अपने स्वयं के भवनों को तरस रहे इन विश्वविद्यालयों के लिए ऊँट के मुख में जीरे के समान ही है। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्गों के विद्यार्थियों के लिए राज्य छात्रवृत्तियों में जहाँ महज एक करोड़ रूपयों की वृद्धि हुई है, वहीं उनके छात्रावासों के लिए तो गत वर्ष की तुलना में सात करोड़ रूपयों की कटौती की गई है।

और बात केवल यहीं पर समाप्त नहीं हो जाती क्योंकि युवाओं को रोजगार देने का वादा कर सत्ता की सीढ़ी चढऩे वाली मौजूदा प्रदेश सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने अथवा उन्हें स्वरोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध कराने के लिये कोई सराहनीय प्रावधान नहीं किये हैं। प्रदेश मन्त्री शुभम जायसवाल ने कहा कि विगत दो वर्षों के बजटों में की गयी विभिन्न घोषणाएँ तो अब तक अमली-जामा पहनाये जाने की प्रतीक्षा कर रहीं हैं। उस पर से इस वर्ष पुन: आकर्षक घोषणाएँ कर दी गई हैं । इस वर्ष भी नवीन महाविद्यालयों की स्थापना की घोषणा की गई है, जबकि दो वर्ष पूर्व खोले गये महाविद्यालय अब तक अपने भवन व आवश्यक संसाधनों के लिये जूझ रहें हैं । इससे इन नवीन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर शंका होना स्वाभाविक सी ही बात है। परिषद् के मन्तव्य से यदि इस बजट में पहले से घोषित कार्यों को प्राथमिकता से पूरे किये जाने की तथा नवीन शिक्षा नीति पर क्रियान्वयन की इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया जाता तो यह बजट निश्चित ही स्वागत योग्य होता पर दुर्भाग्य से यह बजट प्रदेश के युवावर्ग को महज दिन में सपने दिखाने का प्रयास ही प्रतीत हो रहा है।

 

02-03-2021
पुलिस अभिरक्षा में मौत के मामले से गरमाया सदन, हंगामे के बीच कार्यवाही करनी पड़ी स्थगित 
02:02pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को हंगामे के बीच 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। भाजपा विधायकों ने दंतेवाड़ा की आदिवासी महिला की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। सभापति ने कहा कि स्थगन की सूचना देर से मिली है,उन्होंने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने कहा। इस पर भाजपा विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने जमकर हंगामा किया। दरअसल भाजपा सदस्यों ने दंतेवाड़ा के ग्राम गुडसा की आदिवासी महिला पांडे कवासी की पुलिस अभिरक्षा में मौत का मामला उठाया। इस पर स्थगन प्रस्ताव लाकर काम रोककर चर्चा की मांग की। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर ने कहा कि आदिवासी महिला को नक्सली बताकर जबरिया सरेंडर कराया गया, पुलिस अभिरक्षा में उसकी संदिग्ध मौत को आत्महत्या का मामला बता कर रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।

01-03-2021
दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचीं प्रियंका गांधी, विकास उपाध्याय के प्रयासों को सराहा 
रा
03:42pm

रायपुर/असम। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी दो दिनों के असम दौरे पर पहुंचीं हैं। वे असम में चुनाव प्रचार करेंगी। उनके साथ असम प्रभारी महासचिव जितेन्द्र सिंह भी आए हैं। प्रियंका गांधी ने विकास उपाध्याय के कुछ ही समय में असम में किए गए प्रयासों की सराहना की। विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रियंका गांधी के असम दौरे से पूरा प्रदेश कांग्रेसमय हो गया है।

 कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार से दो दिनों के लिए असम में चुनाव प्रचार करेंगी। पहले दिन, वे गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में प्रार्थना करेंगी और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगी। उसके बाद वह पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करने के लिए उत्तरी लखीमपुर जिले के सोनारी गांव पंचायत का दौरा करेंगी। लखीमपुर में वह बेरोजगार युवाओं के लिए एक राज्यव्यापी विरोध अभियान भी शुरू करेंगी।इस दौरान वह माधवदेव जनमस्थान और रंगजान भी जाएंगी और गोहपुर में कनकलता बरुआ की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। दूसरे दिन प्रियंका गांधी सधारु चाय बगान में महिला मजदूरों के साथ बातचीत करेंगी। वह तेजपुर में महाभैरव मंदिर में भी प्रार्थना करेंगी और बाद में एक रैली को संबोधित करेंगी।

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