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07-08-2019
शायद धारा 370 हटने का इंतजार था सुषमा को
11:48am

नई दिल्ली। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नही रही।उन्होंने एम्स में आखिरी सांस ली।रात 9 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया और उसके बाद एम्स में डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नही जा सका।आज ही उन्होंने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर बधाई दी थी और कहा था कि मैं अपने जीवन मे इसी दिन को देखने का इंतज़ार कर रही थी। ये सुषमा स्वराज के पार्टी के लिए समर्पण का जीता जागता प्रमाण है कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को 8 बजे ट्वीट कर बधाई दी।उनके निधन पर स्वयं पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया । सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थी।विदेश मंत्री के रूप में भी वे सफल रही।उन्होंने खाड़ी से बंधकों को छुड़ाने में सराहनीय  भूमिका अदा की।वे सोनिया गांधी के खिलाफ बेल्लारी से चुनाव लड़ चुकी थी।

06-08-2019
फारूक अब्दुल्ला बोले- हम ग्रेनेडबाज या पत्थरबाज नहीं, 370 को लेकर कोर्ट जाएंगे
रा
04:45pm

श्रीनगर। अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के फैसले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला मंगलवार को भड़क उठे। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे. हम पत्थरबाज या ग्रेनेड फेंकने वाले नहीं हैं। ये हमारी हत्या करना चाहते हैं. हम शांति में विश्वास रखते हैं और हम शांति से अपनी लड़ाई लड़ेंगे। फारूक अब्दुल्ला अपने आवास से पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि मैं अपनी मर्जी से घर में क्यों रहूंगा, जबकि मेरा राज्य जल रहा है. लोगों को जेल में डाला जा रहा है। यह वह भारत नहीं है, जिसमें मैं विश्वास करता हूं।

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि मेरा बेटा उमर अब्दुल्ला बहुत पीड़ा में है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला। अब्दुल्ला ने कहा, मुझे बहुत दुख होता है जब गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि फारूक अब्दुल्ला हिरासत में नहीं हैं और वह अपनी मर्जी से अपने घर में हैं। यह सच नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए भारत सरकार की ओर से गारंटी थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे अपने घर में कैद कर दिया गया है। 70 साल से हम लड़ाई लड़ रहे हैं और आज हमें दोषी ठहरा दिया गया।

06-08-2019
केन्द्र सरकार के फैसले का सही लाभ अब मिलेगा जम्मू कश्मीर के लोगों को: मायावती
रा
01:48pm

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष मायावती ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार के इस फैसले का सही लाभ अब जम्मू कश्मीर के लोगों को मिलेगा। सुश्री मायावती ने ट्वीटकर कहा संविधान की सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय की मंशा को देश भर में लागू करने हेतु जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा सम्बंधी धारा 370 व 35ए को हटाने की माँग काफी लम्बे समय से थी। अब बीएसपी उम्मीद करती है कि इस सम्बंध में केन्द्र सरकार के फैसले का सही लाभ वहाँ के लोगों को आगे मिलेगा।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख को अलग से केन्द्र शासित क्षेत्र घोषित करने से खासकर वहाँ के बौद्ध समुदाय के लोगों की बहुत पुरानी माँग अब पूरी हुई है। केंद्र सरकार के इस फैसले से पूरे देश में विशेषकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बौद्ध अनुयाई काफी खुश हैं।

मायावती ने ट्वीटकर कहा जम्मू-कश्मीर के लेह-लद्दाख को अलग से केन्द्र शासित क्षेत्र घोषित किए जाने से खासकर वहाँ के बौद्ध समुदाय के लोगों की बहुत पुरानी माँग अब पूरी हुई है, जिसका भी बीएसपी स्वागत करती है। इससे पूरे देश में विशेषकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बौद्ध अनुयाई काफी खुश हैं।

गौरतलब है कि राज्यसभा में बसपा सांसद सतीश मिश्रा अनुच्छेद 370 को बेअसर करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया था। मिश्रा ने कहा था कि अब अन्य राज्यों की तरह जम्मू कश्मीर में भी दलित और पिछड़े वर्ग के समुदायों को आरक्षण का लाभ मिलेगा इसलिए उनकी पार्टी इसका समर्थन करती है।

06-08-2019
अक्साई चिन, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, जम्मू कश्मीर का हिस्सा: शाह
रा
12:15pm

नई दिल्ली। लोकसभा में जम्मू कश्मीर को लेकर संवैधानिक प्रस्ताव एवं संबंधित विधेयकों को पेश किये जाने के वक्त सत्ता पक्ष और विपक्षी कांग्रेस एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्यों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गयी।

सदन में इस तीखी तकरार के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी और भारत सरकार के लिए जम्मू कश्मीर का संदर्भ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर और अक्साई चिन को शामिल करने के साथ आता है।

शाह ने यह टिप्पणी कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के उस बयानसवाल के जवाब में आयी कि क्या सरकार ऐसे संवैधानिक प्रस्ताव और विधेयकों को लाने के लिए सक्षम है जब सरकार समय समय पर कहती रही है कि जम्मू कश्मीर भारत एवं पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। चौधरी ने संयुक्त राष्ट्र में 1949 में कश्मीर पर एक उल्लेख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह सरकार से स्पष्टीकरण चाहती है। कांग्रेस पार्टी जानना चाहती है। भारत और पाकिस्तान के बीच दो समझौते हुए हैं। एक शिमला और एक अन्य लाहौर में हुआ था। इस मौके पर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी एवं सोनिया गांधी मौजूद थे।

गृहमंत्री ने कांग्रेस के नेता को चुनौती दी कि वह बतायें कि क्या उनकी पार्टी इस तर्क का समर्थन करती है कि कश्मीर विवाद को संयुक्त राष्ट्र के तहत सुलझाया जाना चाहिए।

द्रमुक के टी आर बालू ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अघोषित आपातकाल लगा है और राज्य के शीर्ष नेता गिरफ्तार किया गया है और कोई नहीं जानता है कि कौन कहां है। उन्होंने पूछा कि उनके मित्र डॉ. फारूक अब्दुल्ला कहां है जो इस सदन के सदस्य हैं।

06-08-2019
अजित डोभाल ने भेजा केन्द्र को रिपोर्ट, कहा-स्थिति नियंत्रण में
10:48am

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेषाधिकारों को अब हटा दिया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में सुरक्षा को बढ़ाया गया है ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी इस समय श्रीनगर में हैं और करीबी से हालात पर नजर बनाए हुए है। अजित डोभाल केंद्र के फैसले को सही तरह से लागू होने तक वहां ही रहेंगे। अजित डोभाल लगातार वहां पर लोकल लोगों से बैठक कर रहे हैं।

 

05-08-2019
अनुच्छेद 370: हिरासत में लिए गए महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला
रा
09:32pm

जम्मू। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया है। उन्हें श्रीनगर के हरि निवास गेस्ट हाउस में रखा गया है। घाटी में धारा 144 लागू है। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला द्वारा लगातार बयानबाजी की जा रही थी। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने हिंसा न भड़के इसलिए सुरक्षा के कारणों से हिरासत में लिया गया है।  इससे पहले रविवार रात को महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था। बता दें कि घाटी में अभी भी कई नेता नजरबंद हैं, जिनमें सज्जाद लोन समेत कई अलागवादी नेता और राजनीतिक पार्टियों के नेता शामिल हैं। घाटी में पूरी तरह से मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड समेत सभी इंटरनेट सेवा शनिवार रात से ही बंद कर रखी हैं। वहीं घाटी में सभी अधिकारियों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, ताकि आपस में बातचीत होती रहे। 

 

05-08-2019
जम्मू-कश्मीर की सीमा की सभी चौकियों पर हाई अलर्ट
08:44pm

चंबा। चंबा जिले की जम्मू-कश्मीर की सीमाओं के साथ लगती सुरक्षा चौकियों में अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा चौकियों में तैनात आईआरबीएन जवान और एसपीओ पेट्रोलिंग को अंजाम दे रहे हैं। तीसा सेक्टर के अधीन 250 किलोमीटर क्षेत्र, किहार सेक्टर का मीलों क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की सीमा के साथ सटा हुआ है। जिले में वर्ष 1998 के बाद किसी प्रकार की कोई भी संदिग्ध घटना या आतंकी घटना घटित न हो, इसके लिए यहां पर तैनात जवान मुस्तैद हैं। चुराह सेक्टर के मंगली, टपण, भनौड़ी, आयल, नोड़लधार, सतरूंडीधार में सुरक्षा चौकियों में आईआरबीएन के जवान सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं। किहार सेक्टर के खुंडी मराल, गढ़ माता, गुल्लू की मंडी, किहार, हुनाड़ और सेवा ब्रिज पर भी सुरक्षा चौकियां स्थापित हैं। जवान स्थानीय ग्रामीणों की भी मदद ले रहे हैं। पुलिस अधीक्षक चंबा डॉ. मोनिका ने बताया कि सीमा पर स्थित चौकियों में अलर्ट जारी किया गया है।

05-08-2019
जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा से पास, पक्ष में 125 विपक्ष में 61 वोट
रा
07:10pm

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक राज्यसभा से पास हो गया है। बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े हैं। ये बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के प्रावधान शामिल हैं। राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने धारा 370 को हटाने और जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का संकल्प पेश किया, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए हटा दिया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को अलग केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है जबकि लद्दाख भी केंद्रशासित प्रदेश बन गया है।

05-08-2019
माकपा ने लगाया आरोप :  लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या की मोदी सरकार ने
रा
06:58pm

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के मोदी सरकार के फैसले को वामदलों ने जनविरोधी बताता है। माकपा ने कहा कि सरकार के इस कदम से लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या हुई है। माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 खत्म कर लोकतंत्र और संविधान पर कुठाराघात किया है। पार्टी ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने इस विश्वास के साथ खुद को भारत के साथ हमेशा एकजुट रखा कि उनके राज्य को मिली स्वायत्तता और विशेष राज्य का दर्जा बरकरार रहेगा। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार ने इस विश्वास को तोड़कर जम्मू कश्मीर की जनता के साथ विश्वासघात किया है। पोलित ब्यूरो ने सरकार के इस फैसले को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह महज जम्मू कश्मीर को ही प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और स्वयं संविधान पर हमला है। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता शुरू से ही सभी प्रकार की विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत के साथ एकजुटता से खड़ी रही। जम्मू-कश्मीर का इस प्रकार से बंटवारा करना वहां की जनता पर जालिमाना हमला है। अनजान ने कहा कि जरूरत इस बात की थी कि इतना बड़ा फैसला करने से पहले उपयुक्त माहौल बनाया जाता। इससे यह संदेश गया है कि मोदी सरकार देश के अन्य राज्यों को भी कश्मीर की तर्ज पर कभी भी बांट सकती है। देश की एकता और अखंडता के लिये यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन है।  

 

05-08-2019
हाई अलर्ट पर जम्मू-कश्मीर, घाटी के लिए रवाना हुए  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल
05:28pm

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं। वह व्यक्तिगत तौर पर वहां पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। उनके वहां पहुंचने से पहले दस हजार सुरक्षा जवानों को और वहां भेजा गया है। जवानों की तत्काल तैनाती के लिए उन्हें हवाई रास्ते से जम्मू-कश्मीर ले जाया गया है।
बता दें कि आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में हलचल तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर में कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौजूदा समय में अर्धसैनिक बलों के करीब एक लाख जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। श्रीनगर और जम्मू में धारा 144 लागू हो चुकी है। दोनों शहरों में मोबाइल, इंटरनेट सेवा भी बंद है। यह पहला मौका है जब घाटी में मोबाइल, इंटरनेट सेवाओं के साथ लैंडलाइन सर्विस को भी बंद कर दिया गया है। 

05-08-2019
जम्मू-कश्मीर में लागू हुआ भारत का संविधान, राष्ट्रपति ने जारी किया आदेश
05:03pm

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से संबंधित संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो राज्य में भारत का संविधान लागू करने का प्रावधान करता है। राष्ट्रपति ने संविधान (जम्मू-कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह जम्मू-कश्मीर में लागू आदेश 1954 का स्थान लेगा। इसमें कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर राज्य में लागू होंगे। सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 में उपबंध 4 जोड़ा है जिसमें चार बदलाव किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि संविधान या इसके उपबंधों के निर्देशों को, उक्त राज्य के संबंध में संविधान और उसके उपबंधों को लागू करने का निर्देश माना जाएगा।

जिस व्यक्ति को राज्य की विधानसभा की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के सदर ए रियासत, जो स्थानिक रूप से पदासीन राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे हैं, के रूप में स्थानिक रूप से मान्यता दी गई है, उनके लिए निदेर्शों को जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देश माना जाएगा। इसमें कहा गया है कि उक्त राज्य की सरकार के निदेर्शों को, उनकी मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के लिए निदेर्शों को शामिल करता हुआ माना जाएगा।

05-08-2019
पाक शेयर बाजार में आर्टिकल 370 ने मचाया कोहराम
बि
04:08pm

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल (अनुच्छेद) 370 को खत्म करने का संकल्प राज्यसभा में पेश किए जाने के बाद ही पाकिस्तानी शेयर बाजार में कोहराम मच गया। पाकिस्तानी शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स 100 600 अंकों से ज्यादा टूट गया। बता दें कि गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने की सिफारिश की है। साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का भी विधेयक पेश हुआ जिसमें लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है। सोमवार को पाकिस्तानी शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई थी।

केएसई100 31666.41 के स्तर पर खुला था. लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में आर्टिकल 370 के पहले दो उपबंधों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया और उस पर राष्ट्रपति ने तुरंत अपनी मुहर लगा दी। इस खबर से पाकिस्तानी शेयर बाजार में खलबली मच गई और कारोबार के दौरान केएसई100 687.45 अंक टूटकर 30,978.96 के स्तर पर स्तर पर आ गया, जो दिन का निचला स्तर है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का शेयर बाजार पिछले दो साल में दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा है। निवेशकों के करीब 6,88,000 करोड़ पाकिस्तानी रुपये डूब गए हैं।

 

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