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14-06-2020
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल, जाने कौन से शहर में कितना दाम

नई दिल्ली। रविवार को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत आज 62 पैसे बढ़कर 75.78 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गई जो इस साल 13 जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल की कीमत भी 64 पैसे बढ़कर 74.03 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गई जो 28 अक्टूबर 2018 के बाद का उच्चतम स्तर है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं। 8 दिन में दिल्ली में पेट्रोल 4.52 रुपये यानी 6.34 प्रतिशत और डीजल 4.64 रुपये यानी 6.69 प्रतिशत महँगा हो चुका है। पेट्रोल की कीमत कोलकाता में आज 59 पैसे बढ़कर 77.64 रुपये, मुंबई में 60 पैसे बढ़कर 82.70 रुपये और चेन्नई में यह 54 पैसे बढ़कर 79.53 रुपये प्रति लीटर रही। डीजल कोलकाता में 57 पैसे महँगा होकर 69.80 रुपये, मुंबई में 61 पैसे महँगा होकर 72.64 रुपये और चेन्नई में 54 पैसे की वृद्धि के साथ 72.18 रुपये प्रति 

21-04-2020
राहुल गांधी ने कहा, कच्चे तेल में गिरावट के बाद भी देश में पेट्रोल और डीज़ल महंगा क्यों बेचा जा रहा है?

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कच्चे तेल की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में भी पेट्रोल 69 रुपये और डीजल 62 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने की मांग पर सरकार क्यों ध्यान नहीं दे रही है? राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘दुनिया में कच्चे तेल की क़ीमतें अप्रत्याशित आँकड़ों पर आ गिरी हैं, फिर भी हमारे देश में पेट्रोल 69 रुपये, डीज़ल 62 रुपये प्रति लीटर क्यों है? इस विपदा में जो दाम घटे, सो अच्छा। कब सुनेगी ये सरकार?’इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार को आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करनी चाहिए। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा,‘तेल के दामों में अचानक अप्रत्याशित कमी का आना एक ऐतिहासिक मौका है। इतनी कमी कि वह शून्य से भी नीचे जा पहुंचा। एक बार तो ऐसा क्षण आया कि दाम शून्य से 37 डॉलर नीचे चला गया। इसका कारण है कि अमेरिका में इस कच्चे तेल का कोई खरीददार नहीं हैं।’उन्होंने कहा,‘सरकार ने पिछले छह वर्षों में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क लगाकर 20 लाख करोड़ रुपये अर्जित किये। सवाल यह है कि आप इस लाभ को उपभोक्ता के साथ क्यों बांट नहीं सकते? वह राहत आम उपभोक्ता को क्यों नहीं दे सकते?’ खेड़ा ने सरकार से आग्रह किया कि इस मुश्किल दौर में आम लोगों को राहत देनी चाहिए।

21-04-2020
कच्चे तेल के दाम गिरने से सेंसेक्स ने लगाया गोता,निफ्टी में भी दर्ज की गई गिरावट

मुंबई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मंगलवार को 1,011 अंक से अधिक का गोता लगाया। शेयर बाजार पर कच्चे तेल के दाम ऐतिहासिक रूप से नीचे जाने का असर हुआ है। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 30,378.26 अंक तक नीचे चला गया। पर अंत में यह पिछले दिन के बंद के मुकाबले 1,011.29 अंक यानी 3.20 प्रतिशत नीचे रहकर 30,636.71 अंक पर बंद हुआ।इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 280.40 अंक यानी 3.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,981.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबारियों के अनुसार कच्चे तेल के दाम के रसातल में चले जाने के साथ वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का भाव मई डिलिवरी के लिये कुछ सुधरकर 1.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।


तेल रखने की जगह कम होने के कारण मई डिलीवरी के लिये डब्ल्यूटीआई का भाव मंगलवार को वायदा अनुबंध बंद होने से पहले एक समय शून्य से नीचे 37.63 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया था। यानी माल उठाने के लिये पैसे देकर भी तेल खरीदार नहीं मिल रहा था। ब्रेंट क्रड का जून डिलीवरी भाव 20.30 प्रतिशत टूटकर 20.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी तेल के दाम रसातल में पहुंच जाने और कोई खरीदार नहीं होने से वाल स्ट्रीट में जोरदार गिरावट आई।
एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग, तोक्यो और सोल भारी नुकसान के साथ बंद हुए। शुरूआती कारोबार में यूरोप के प्रमुख बाजारों में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

 

28-02-2020
कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट, जाने कितना हुआ दाम

नई दिल्ली। डीजल की कीमत में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। ग्राहकों को शुक्रवार के दिन एक लीटर डीजल के लिए दूसरे दिन के मुकाबले कम पैसे चुकाने होंगे, वहीं पेट्रोल की कीमत में कोई बदलाव नहीं आया है। लगातार छठे दिन कच्चे तेल की कीमत में गिरावट दर्ज की जा रही है। यह एक साल से भी अधिक के न्यूनतम स्तर पर आ गया है। शुक्रवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत क्रमश: 71.96, 74.60, 77.62 और 74.77 रुपये है। दिल्ली में पेट्रोल का भाव पिछले पांच महीनों के न्यूनतम स्तर पर है, वहीं डीजल की बात करें तो दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में एक लीटर डीजल के लिए आज ग्राहकों को पांच पैसे कम चुकाने होंगे। वहीं मुंबई में इसमें छह पैसे की कमी आई है। इसके बाद इसका दाम क्रमश: 64.60, 66.92, 68.23 और 67.69 रुपये प्रति लीटर हो गया है। 

20-01-2020
लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स 416 अंक आया नीचे, निफ्टी 121.60 अंक टूटा

मुंबई। कच्चे तेल में तेजी के बीच बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार सोमवार को एक प्रतिशत लुढ़ककर डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए।
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 416.46 अंक यानी 0.99 प्रतिशत की गिरावट में 41,528.91 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 121.60 अंक यानी 0.98 फीसदी टूटकर कारोबार की समाप्ति पर 12,230.75 अंक पर रहा। यह दोनों सूचकांकों का 9 जनवरी के बाद का निचला स्तर है। चौतरफा बिकवाली के बीच मझौली और छोटी कंपनियों पर कम दबाव रहा। बीएसई का मिडकैप 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,618.86 अंक पर और स्मॉलकैप 0.39 प्रतिशत टूटकर 14,651.17 अंक पर आ गया। 

22-05-2019
सऊदी अरब के इस बयान के बाद गिरा क्रूड आयल, पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता?

नई दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के भाव में आई गिरावट से बुधवार को घरेलू वायदा बाजार में भी कच्चे तेल के वायदा सौदों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल के भाव में नरमी आने से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में राहत मिलने की उम्मीद जगती है। हालिया नरमी से उम्मीद इसलिए जगी है क्योंकि दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने कहा कि वह बाजार में संतुलन लाने की कोशिश करेगा।

ओपेक ने कोई साफ संकेत नहीं दिया

हालांकि तेल बाजार के जानकार बताते हैं कि बहरहाल तेल निर्यात देशों का समूह ओपेक ने इस संबंध में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है कि वह तेल के उत्पादन में कटौती के अपने फैसले को वापस लेने जा रहा है, लेकिन ओपेक के प्रमुख सदस्य सऊदी अरब का यह बड़ा बयान है कि वह खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में प्रयास करने के साथ-साथ तेल बाजार में मांग और पूर्ति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगा।

अमेरिका के तेल भंडार में 24 लाख बैरल का इजाफा

उधर, अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में बीते सप्ताह तेल के भंडार में 24 लाख बैरल का इजाफा हुआ है। अमेरिका में तेल का भंडार बढ़ने से तेल के दाम पर दबाव आया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर पूर्वाह्न् 10.17 बजे कच्चे तेल का जून अनुबंध 41 रुपये यानी 0.93 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,374 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर बेंट्र क्रूड का जुलाई सौदा पिछले सत्र से 0.64 फीसदी फिसलकर 71.72 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था जबकि अमेरिकी लाइट क्रूड डब्ल्यूटीआई का जुलाई अनुबंध नायमैक्स पर 0.87 फीसदी की कमजोरी के साथ 62.58 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

20-05-2019
चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, नहीं मिलेगी राहत 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। 10 मार्च को लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हुई थी, उस दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 72.40 पैसे प्रति लीटर और डीजल 67.54 रुपये प्रति लीटर था। 10 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 56 डॉलर प्रति लीटर था। तब से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। इसके बावजूद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, उस हिसाब से घरेलू बाजार में दोनों ईंधनों की कीमतें नहीं बढ़ीं। चुनाव के दौरान घरेलू बाजार में पेट्रोल अधिकतम 73 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ, जबकि डीजल की कीमतें कम हुईं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही तेल कंपनियां इस दौरान हुए घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी शुरू कर दी है। आने वाले समय में इनकी कीमतों में और इजाफा हो सकता है। 19 मई को लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान समाप्त होने के एक दिन बाद ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। इंडियन ऑयल से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल नौ पैसे महंगा होकर 71.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 15 पैसे महंगा होकर 66.11 प्रति लीटर हो गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते दिनों कच्चे तेल की कीमतों में जो तेजी आई थी, चुनाव के दौरान उसका असर घरेलू बाजार में नहीं दिखा। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

23-04-2019
कच्चे तेल की कीमत बढऩे से फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत के लिए ईरान से तेल आयात की छूट खत्म कर दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें फिर आसमान छूने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का अधिकतर तेल आयात करता है, जिससे क्रूड का ऊंचा दाम उसकी अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर डाल सकता है। एशियाई विकास बैंक के अनुसार क्रूड की कीमतों का सीधा असर भारत के इक्विटी बाजार पर पड़ेगा। इसमें गिरावट आने से विदेशी निवेश प्रभावित होगा और चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है। तेल कीमतों का असर घरेलू बाजार में माल ढुलाई पर होने से खुदरा महंगाई फिर बेकाबू हो सकती है। यह सरकार के राजस्व गणित को प्रभावित करेगी और आरबीआई अपनी नीतिगत दरों में एक और कटौती करने से ठिठक सकता है। बैंक के अनुसार क्रूड का ऊंचा दाम भारतीय अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर डाल सकता है।

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