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07-11-2020
पोषण अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाली महिलाओं सम्मानित किया बलरामपुर कलेक्टर श्याम धावड़े ने

रायपुर/बलरामपुर। महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर कलेक्टर श्याम धावड़े ने विभाग की महिलाओं को सम्मानित किया। बैठक में पोषण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, पूरक पोषण आहार, गर्भवती तथा शिशुवती माताओं के लिए सूखा राशन वितरण की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुपोषण की दर में कमी आई है तथा जिसे आगे भी अनवरत जारी रखना है। उन्होंने रेडी टू इट और अन्य अतिरिक्त पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच कर इसका नियमित वितरण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर श्याम धावड़े ने पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती, शिशुवती माताओं तथा कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल तथा उन्हें जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित कर उनकी हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसकी निरंतर समीक्षा कर क्रियान्वयन का आकलन किया जा रहा है। सुपोषण अभियान केवल आपका शासकीय ही नहीं अपितु सामाजिक एवं नैतिक दायित्व भी है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए समर्पित होकर कार्य करें ताकि हम अपने नौनिहालों का सुपोषित एवं स्वस्थ जीवन दे पाएं। उन्होंने अधिकारियों को रेडी टू ईट निर्माण स्थल का निरीक्षण कर उसमें शामिल किए जाने वाले सभी अनाजों की उचित मात्रा सही अनुपात में सुनिश्चित करने को कहा ताकि उसमें सभी पोषक तत्वों का समावेश हो। कलेक्टर धावड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी तथा नियम अनुसार करने को कहा। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण रूप से स्पष्ट है अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन हो। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जेआर प्रधान ने कलेक्टर को बताया कि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए चैपाल का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पंचायतों को कुपोषण मुक्त करने का जो संकल्प लिया गया था उस दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। ग्राम पंचायत चेरवाडीह तथा उलिया कुपोषण मुक्त हो चुके हैं तथा आगे अन्य पंचायतों को भी कुपोषण मुक्त बनाने को संकल्पित हैं ताकि हमारा जिला शत्-प्रतिशत कुपोषण मुक्त के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत घरों में पोषण वाटिका का बन चुका है तथा शेष परिवारों में भी पोषण वाटिका बनाने का कार्य जारी है। इसके साथ ही जिन कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है उनके लिए पोषण पुर्नवास केन्द्र स्थापित किए गए हैं। पोषण पुर्नवास केन्द्र एक ऐसी आवासीय व्यवस्था है, जिसमें बच्चे तथा उसकी मां के लिए पोषण आहार एवं विशेष देखभाल के साथ ही स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाती है

 

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06-11-2020
गुरू घासीदास राष्ट्रीय सम्मान से डॉ.जितेन्द्र मनु को किया जाएगा सम्मानित

रायपुर। स्व. राकेश सोनी स्मृति गुरू घासीदास सम्मान से भारतीय दलित साहित्य अकादमी शाखा तेलांगाना के अध्यक्ष डॉ.जितेन्द्र मनु को सम्मानित किया जाएगा। भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.सोहनपाल सुमनाक्षर ने बताया कि पंचशील आश्रम झडौदा दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अकादमी का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 24 और 25 दिसम्बर को पंचशील आश्रम में होगा। इसमें विश्वभर के साहित्यकारों, पत्रकारों, समाजसेवियों को डॉ.बीआर अम्बेडकर सम्मान, ज्योतिराव फुले सम्मान, सावित्रीबाई फुले सम्मान, बाबू जगजीवन राम सम्मान, बाबू परमानंद सम्मान और एक अंतरराष्ट्रीय साहित्य अकादमी सम्मान प्रदान किए जाएंगे। 

02-11-2020
हनीफ नजमी के योगदान को सम्मानित करने पहुंचीं विधायक रंजना साहू

धमतरी। शहर के प्रसिद्ध शायर हनीफ नजमी को राज्य सरकार की ओर से उर्दू के प्रतिष्ठित पुरस्कार हाजी हसन अली से पुरस्कृत किए जाने पर विधायक रंजना साहू ने उनके निवास पहुंच कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उर्दू तहजीब की भाषा है। अंचल में शायरी को एक नया आयाम देने वाले हनीफ नजमी ने उर्दू भाषा की जो खिदमत कि है वह वास्तव में आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल साबित होगी। नगर निगम के पूर्व सभापति ने कहा कि आपसी प्रेम ,भाईचारे की फिजा में हनीफ नजमी के योगदान को किसी दायरे में नहीं बांधा जा सकता है,यह कयामत तक कायम रहेगा। इस अवसर पर चेतन हिन्दुजा,सरिता यादव,तनवीर उस्मान,डिपेन्द्र साहू,कुलेश सोनी,सरिता ईसाइ,शरीफ भाई, अनस उस्मान, मो.अर्शलान,इलमुदिन तिगाला,फारुख खिलची आदि उपस्थित थे।

 

21-10-2020
शहीदी स्मृति दिवस:  शहीदों के परिजनों को श्रीफल-शॉल भेंट कर किया सम्मानित, चौकी प्रभारी ने जरूरतमंदों को बांटे कंबल

कोंडागांव। शहीदी स्मृति दिवस के अवसर पर कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर बांसकोट पुलिस ने शहीदों के घर जाकर उनके परिवार वालों से भेंट की। उनका हालचाल जाना और उनकी समस्या से अवगत हुए। उन्हें श्रीफल के साथ शाल भेंट कर सम्मानित किया। बाँसकोट चौकी प्रभारी प्रमोद कतलम ने बताया की शहादत दिवस पर चौकी क्षेत्र में आने वाले 16 ग्राम पंचायतों में गरीब तबके के लोग,जिनके पास ठंड में ओढ़ने के लिए चादर नहीं है। ऐसे लोगों को खोज कर ग्राम प्रमुखो के साथ कंबल बांटे गए। उन्होंने कहा कि अब से वे अपनी गाड़ी में 10 कंबल हमेशा रखेंगे ताकि जरूरतमंदों को ठंड की ठिठुरने से बचाने के लिए कंबल दे सके।

 

16-10-2020
पंजाब: शौर्य चक्र से सम्मानित बलविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या

चंडीगढ़। पंजाब में आतंकवादियों लोहा लेने वाले और बहादुरी के लिए शौर्य पुरस्कार से सम्मानित बलविंदर सिंह भिखीविंड की अज्ञात हमलावारों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना राज्य के तरण तारण जिले की है। बलविंदर को उनके होमटॉउन भिखीविंड में गोली मारी गई। यह स्थान तरण तारण शहर से 35 किलोमीटर दूर है। घटना के बाद उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक जगजीत वालिया ने कहा कि हमलावर एक चार-पहिया वाहन में आए थे। वहीं मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस हत्या की सभी कोणों से जांच के लिए डीआइजी फिरोजपुर की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन करने का आदेश दिया है। एसआईटी ने केस को सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार स्पेशल टीम गठित कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक दीनकर गुप्ता को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बलविंदर सिंह को 1993 में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। बलविंदर रिवोल्यूशनरी मार्किस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(आरएमपीआई) के जिला समिति सदस्य थे। वह अपनी बहादुरी के लिए पूरी दुनिया में विख्यात थे और एक बार उन्हें नेशनल जियोग्राफिक डॉक्यूमेंट्री में भी दिखाया गया था।

 

 

28-09-2020
सूरजपुर एसपी ने 3 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को चुना काॅप आफ द मंथ

सूरजपुर। जिले में अपराधों की रोकथाम, बरामदगी एवं अनसुलझे मामलों का खुलासा करने में लगन एवं निष्ठा से कार्य करते हुए कर्तव्य निर्वहन पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा ने प्रति माह पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को काॅप आफ द मंथ से सम्मानित कर रहे हैं। इसी तारतम्य में एसपी कुकरेजा ने इस माह के काॅप आफ द मंथ के लिए 1 थाना प्रभारी, 1 एसआई व 1 आरक्षक को इसके लिए चुना है।पुलिस अधीक्षक ने जिन 3 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को चुना है। उनमें थाना प्रभारी प्रतापपुर विकेश तिवारी का नाम शामिल है,जिनके द्वारा प्रतापपुर के खोरमा में हुए अंधे कत्ल के खुलासे को लेकर कोविड-19 संक्रमण के बीच लगातार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दीगर जिला व राज्य में जाकर लगातार डटे रहकर आरोपियों को पकड़ा और मामले का खुलासा किया।

इसी प्रकार थाना भटगांव में पदस्थ एसआई सीपी तिवारी के द्वारा कुछ दिनों पूर्व लगातार हो रहे उठाईगिरी की वारदात को अंजाम देने वाले नट गिरोह को पकड़ा। थाना जयनगर में पदस्थ आरक्षक बंधुराम सारथी की,जिन्होंने विगत दिनों सरगुजा रेंज में घूम-घूम कर मोटर सायकल चोरी करने वाले चोर गिरोह को अपने चुस्ती-फुर्ती व सूझबूझ के बदौलत धर दबोचा और एक बड़े बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने इन तीनों पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को काॅप आफ द मंथ के लिए चुना है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन पुलिस अधिकारी-कर्मचारी से प्रेरणा लेकर अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य का प्रदर्शन करेंगे।

 

06-09-2020
राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित, दुर्ग की सपना सोनी भी हुई शामिल

दुर्ग। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित पुरस्कार समारोह में देश भर के 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अपने भाषण में पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और स्कूली शिक्षा में गुणात्मक रूप से सुधार लाने के लिए शिक्षकों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं है। उन्होंने शिक्षक के रूप में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की जिसमें छत्तीसगढ़ से दुर्ग जिले में एकमात्र शिक्षिका जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा, में फिजिक्स की व्याख्याता सपना सोनी इस वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्‍कार से सम्मानित होने वाली राज्य से एकमात्र शिक्षक है तथा पूरे देश से केवल 47 शिक्षक की सूची में शामिल हुई हैं।

01-09-2020
पोषण माह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा पुरस्कार और प्रोत्साहन 

रायपुर। प्रत्येक वर्ष 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जनसामान्य को पोषण के महत्व से परिचित करवाना एवं उनमें खानपान से संबंधित स्वास्थ्य व्यवहार को विकसित करना है। इस बार पोषण माह कोविड 19 अनुरूप व्यवहारों का पालन करते हुए डिजिटली जनआन्दोलन के रूप में मनाया जाएगा। 

इस बार पोषण माह में इन गतिविधियों पर रहेगा फोकस 
1.    गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, उनका सन्दर्भन एवं प्रबंधन 
2.    डिजिटल पोषण पंचायत      
3.    गृह भ्रमण एवं ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के माध्यम से समुदाय का संवेदीकरण 
4.    एनेमिया, डायरिया एवं फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों का एकीकरण  
5.    पोषण पर आधारित डिजिटली प्रतियोगिताओं का आयोजन 
6.    दूरदर्शन और आल इंडिया रेडियो पर पोषण संबंधी कार्यक्रमों का प्रसारण 

बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को मिलेगा पुरस्कार और प्रोत्साहन : महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार ने बताया, इस वर्ष पोषण माह में ऐसे जिलों को सरकार द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाएगा जहाँ पर बच्चों में गंभीर कुपोषण का एक भी मामला ना हो। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इस बार ऐसे ए.ए.ए.(आंगनबाड़ी, आशा, ए.एन.एम.) को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा जिन्होंने अपने लक्ष्यों के अनुसार कार्य किया होगा। इसके लिए अलग से दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना के दौरान भी महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बच्चों एवं महिलाओं के पोषण का पूरा खयाल रखने की कोशिश की जा रही है जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष आयु के सामान्य व गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म पके हुए भोजन के स्थान पर आंगनबाड़ी द्वारा घर भ्रमण कर राशन का वितरण किया जा रहा है, ताकि कोरोना संक्रमण की संभावना ना रहे साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ कोई समझौता भी न हो । बच्चे के जीवन में पोषण की शुरुआत तभी से हो जाती है जब वह गर्भ में होता है, इस सन्दर्भ में यदि छत्तीसगढ़ के एन.एफ.एच.एस- 4 के आंकड़ों को देखें तो यह पता चलता है कि 15 से 49 आयु वर्ग की 47% महिलायें एनेमिक (खून की कमी) हैं यानि कि लगभग आधी महिलाओं में खून की कमी है एवं सही खान-पान के आभाव में प्रदेश के लगभग 38% बच्चे कम वजन के रह जाते हैं| ऐसे में जो बच्चा पैदा होगा उसके कुपोषित होने की सम्भावना ज्यादा होती है। उपरोक्त परिस्थितियों में सुधार के लिए सरकार द्वारा हर वर्ष पोषण माह मनाया जाता है। इसके साथ ही अन्य पोषण संबंधी कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मुख्य रूप से माँ एवं बच्चों की सेहत में सुधार लाना है। इन कार्यक्रमों में “समेकित बाल विकास कार्यक्रम”(ICDS), महतारी जतन योजना, मिड-डे-मील, पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, प्रधान मंत्री मातृ वंदन योजना, प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान इत्यादि प्रमुख हैं।

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