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16-09-2020
सरगुजा जिले के ग्रामीणों से मोबाइल वैन के जरिए हालचाल पूछा संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने

रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने बुधवार को मोबाइल वैन के माध्यम से सरगुजा जिले के विभिन्न गांवो के लोगों से बातचीत की और उनके समस्याओं का निराकरण भी किया। भगत ने सरगुजा जिले के बतौली, घोघरा, सलियाडीह, तिरंग, बांसाझाल आदि गांवो के लोगों से बातचीत की। मंत्री भगत ने सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के बतौली ग्राम पंचायत की जनता से बात की। गांववासियों ने बताया कि बतौली ग्राम पंचायत के मुख्य मार्ग बन जाने से जनता बहुत खुश हैं। उन्होंने मंत्री अमरजीत भगत को धन्यवाद दिया। भगत ने स्थानीय निवासियों की ओर से कोविड चिकित्सा केंद्र में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग पर तत्काल जिला कलेक्टर सरगुजा से फोन पर बात की और उन्हें बिस्तरों की संख्या को 4 से बढ़ाकर 10 करने के निर्देश दिए। यहाँ की जनता ने भगत को बताया कि हैंडपम्प लग जाने से काफी हद तक पानी की समस्या दूर हो गई है। इसके लिये ग्रामीणों ने मंत्री भगत के प्रति आभार प्रकट किया। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि अमृत जलयोजना के तहत घर-घर पानी की पाइप लाइन लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। बतौली के ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन के नवीनीकरण की मांग की।

इस पर भी त्वरित निर्णय लेते हुए मंत्री भगत ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से बात की और वहां के कार्य के लिए अनुमोदित राशि जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री भगत ने सीतापुर विधानसभा के ग्राम पंचायत घोघरा में पीडीएस भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही गौठानों, मिडिल स्कूल पहुंच मार्ग पर सीसी रोड निर्माण व गहगहि झरिया में पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने उचित मूल्य की दुकानों में मिलने वाली राशन की गुणवत्ता के बारे में ग्रामवासियों व हितग्राहियों से जानकारी ली। हितग्राहियों ने इस संबंध में संतुष्टि जताई। इसी तरह ग्राम पंचायत सलियाडीह में मोबाइल जनसभा के दौरान मंत्री अमरजीत भगत ने गौठान बनवाने की घोषणा की और सीईओ को काम जल्दी पूरा करवाने का निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने यहाँ पंचायत भवन के नवीनीकरण, साकेन नदी पर पुलिया निर्माण, वनाधिकार पट्टे का वितरण संबंधी जानकारी ली और लंबित पट्टों को जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सलियाडीह से कछारडीह मार्ग पर सीसी सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। लोगों से बातचीत के दौरान मंत्री भगत ने बिजली-पानी के बारे में जानकारी ली। जहां पानी की समस्या है, वहां उन्होंने हैंडपम्प लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर हो चुके पंचायत भवन के नवीनीकरण के लिए ग्राम पंचायत सीईओ को आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह की मोबाइल जनसभा ग्राम पंचायत बांसाझाल और ग्राम पंचायत तिरंग में भी हुई।

 

 

10-08-2020
गांव के तालाब में निकला मगरमच्छ, वन अमले ने पकड़कर पार्क में छोड़ा

जांजगीर चाम्पा। कोटमीसोनार गांव के तालाब में मगरमच्छ मिलने का मामला सामने आया है। नहाने के लिए तालाब में उतरे ग्रामीणों ने मगरमच्छ देखा तो उनके होश उड़ गए। जान बचाकर बाहर निकले ग्रामीणों ने वन अमले को इसकी सूचना दी। अमले ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ा। उसे क्रोकोडायल पार्क के कर्मचारियों को सौंपा गया जिसे उन्होंने पार्क में सुरक्षित छोड़ दिया।

26-07-2020
रामसुंदर दास ने गायों की मौत को बताया दुर्भाग्यजनक, कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई

रायपुर। ग्राम मेड़पार में 50 गायों की मौत को राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने दुर्भाग्यजनक कहा है। उन्होंने कहा कि गांव में गौठान और कांजी हाउस नहीं होने से गांव वालों ने पंचायत भवन में गायों को रख दिया था। यहां दम घुटने से उनकी मौत हो गई। महंत रामसुंदर दास ने गायों की मौत के कारण का निरीक्षण करने गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि तखतपुर के विकासखंड अंतर्गत स्थित ग्राम मेड़पार में गांव के जनप्रतिनिधियों के द्वारा जर्जर पंचायत भवन मे काफी अधिक संख्या में गायों को एक साथ रखा गया था। यहां उचित प्रकाश, चारा- पानी और आक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से एक साथ 50 की संख्या में गायों की मृत्यु की घटना सामने आई। निरीक्षण के दौरान विधायक रश्मि सिंह और प्रशासनिक अमला भी मौजूद था। लोगों ने बताया कि गांव में कांजी हाउस और गौठान नहीं होने के कारण गांव के सरपंच, पंचों और जनपद सदस्य ने मिलकर गायों को बड़ी संख्या में जर्जर पंचायत भवन में रख दिया था। इस घटना संज्ञान में लेते हुए महंत रामसुंदर दास ने संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम लाखासार और बिलासपुर के मोपका में स्थित शहरी गौठान का भी निरीक्षण किया। बिलासपुर में निरीक्षण के समय महापौर रामचरण यादव और कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।   

02-07-2020
लघु वनोपज संग्रहण में छत्तीसगढ़ पूरे देश में लगातार अव्वल बना हुआ है, बताया वनमंत्री मो. अकबर ने

रायपुर। राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण का आंकड़ा दिनों-दिन बढ़ रहा है। यही वजह है कि देश में सीजन के दौरान वनोपजों के संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ लगातार पहले नम्बर पर बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में पिछले छह माह में 104 करोड़ रुपए की राशि के लगभग डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण हो चुका है, जो चालू सीजन के दौरान देश में अब तक संग्रहित कुल लघु वनोपजों का 73.71 प्रतिशत है। इस तरह छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ रुपए से अधिक राशि के लघु वनोपजों के वार्षिक संग्रहण लक्ष्य को छह माह पहले अर्थात् छह माह में ही हासिल कर लिया गया है, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वन मंत्री अकबर ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से वनवासी ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या बढ़ाकर अब 31 तक कर दी गई है। इसके पहले प्रदेश में वर्ष 2015 से 2018 तक मात्र सात वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही थी।

इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य में चालू वर्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत संग्रहित लघु वनोपजों में इमली (बीज सहित), पुवाड़ (चरोटा), महुआ फूल (सूखा), बहेड़ा, हर्रा, कालमेघ, धवई फूल (सूखा), नागरमोथा, इमली फूल, करंज बीज तथा शहद शामिल हैं। इसके अलावा बेल गुदा, आंवला (बीज रहित), रंगीनी लाख, कुसुमी लाख, फुल झाडु, चिरौंजी गुठली, कुल्लू गोंद, महुआ बीज, कौंच बीज, जामुन बीज (सूखा), बायबडिंग, साल बीज, गिलोय तथा भेलवा लघु वनोपजें भी इसमें शामिल हैं। साथ ही हाल ही में वन तुलसी बीज, वन जीरा बीज, ईमली बीज, बहेड़ा कचरिया, हर्रा कचरिया तथा नीम बीज को भी शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक संजय शुक्ला ने बताया कि राज्य में 3 हजार 500 ग्रामों और 866 हाट बाजारों में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर क्रय करने की व्यवस्था की गई है।

इसी तरह राज्य में लघु वनोपजों के प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य के लिए 139 वन धन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। राज्य में चालू सीजन के दौरान अब तक लघु वनोपजों में 61 करोड़ रुपए की राशि के 3 लाख 4 हजार 242 क्विंटल साल बीज तथा 20 करोड़ रुपए की राशि के 63 हजार 676 क्विंटल ईमली (बीज सहित) का संग्रहण हो चुका है। इसी तरह 8 करोड़ रुपए की राशि के 28 हजार 158 क्विंटल महुआ फूल (सूखा), 87 लाख रुपए की राशि के 5 हजार 107 क्विंटल बहेड़ा, 70 लाख रुपए की राशि के 5 हजार क्विंटल पुवाड (चरोटा) का संग्रहण किया गया है।

29-06-2020
ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर की जांच की मांग,जनपद अध्यक्ष ने दिया आश्वासन

कांकेर। जनपद पंचायत कांकेर अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा लाल में ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व मेट पर वर्ष 2019-2020 में निर्माण कार्य एवं निजी डबरी के तहत विभिन्न कार्यो में फर्जी हाजिरी भरकर राशि आहरण करने का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के नाम ज्ञापन सौंपने जनपद पंचायत पहुँचे थे। जनपद सीईओ के नहीं होने पर जनपद अध्यक्ष से उसकी जांच करवाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत में ग्रामसभा में मस्टर रोल एवं हाजिरी रजिस्टर को दिखाने की मांग की जाती है तो कभी भी ग्रामीणों को नहीं दिखाया जाता है। ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज पटेल, चुनेश्वर मंडावी, नमेश्वर साहू, हेमंत नेताम, लोकनाथ नेताम, रुपसिंह सोनकर, योगेश्वर साहू, रोशन सोनकर, रवि विश्वकर्मा, चंदन साहू, नरेश कवाची, संतु मंडावी, दुर्जन दुग्गा, नागेश कोर्राम, शिवदास नेताम, नेमसिंह ठाकुर, राजेन्द्र मंडावी, संदीप कुमार साहू, खुम्मन कोड़ोपी मौजूद थे। इस मामले में जनपद अध्यक्ष रामचरण कोर्राम ने कहा है कि इसकी जांच करवाई जायेगी व दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

23-06-2020
डॉ.शिव कुमार डहरिया की पहल पर आरंग ब्लॉक में 76 लाख के काम मंज़ूर,ग्रामीणों ने जताया आभार

रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया की पहल पर आरंग विकासखण्ड के पांच गांवों में महात्मा गांधी ग्रामीण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 76 लाख 21 हजार रूपए की मंजूरी मिली है। इन कार्याें की स्वीकृति पर किसानों और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। आरंग विकासखण्ड के ग्राम खोरसी में गौठान निर्माण के लिए 14 लाख 43 हजार रूपए, सेजा के धान खरीदी केन्द्र में चबूतरा निर्माण के लिए 8 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह सेमरिया के धान खरीदी केन्द्र में चबूतरा निर्माण के लिए 19 लाख 97 हजार रूपए, अमोदी के धान खरीदी के लिए 7 लाख 13 हजार रूपए और कुटेला के धान खरीदी केन्द्र में चबूतरा निर्माण के लिए 14 लाख 69 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

19-06-2020
रविंद्र चौबे ने ग्रामीणों से कहा, एक रुपये में 75 पैसे किसानों के लिए दिए

दुर्ग। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने शुक्रवार को ग्राम टेकापार में रोका छेका के अवसर पर ग्रामीणों से गौठान को आगे बढ़ाने के संबंध में चर्चा की। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने सबसे ज्यादा ध्यान किसानों पर दिया है। यदि सरकार का बजट एक रुपये है तो हमने इस बजट में 75 पैसे किसानों के कल्याण पर खर्च किए हैं। लगभग 53000 करोड़ रुपए कर्ज माफी और धान खरीदी में खर्च किए। राजीव किसान योजना के माध्यम से कोरोना काल में किसानों को राहत पहुंचाई है। कृषि मंत्री ने कहा कि रोकाछेका के मौके पर सरकार ने किसानों को बढ़ावा देने के लिए घोषणाएं की हैं। मंत्री ने कहा कि धमधा क्षेत्र में हमारी सबसे ज्यादा कोशिश सिंचाई योजनाओं को आगे बढ़ाने की है। लगभग 150 करोड़ से अधिक की सिंचाई योजनाओं पर कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन सिंचाई योजनाओं से धमधा ब्लॉक की तस्वीर बदलेगी। जिन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं पर कार्य होगा उनमें से आमनेर मोती नाला में 19 गांव के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लिफ्ट इरिगेशन के अनेक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर रोकाछेका अभियान की महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों से कहा कि रोकाछेका इस मामले में अहम है कि हमने इसे अभी आरंभ किया है अगर यह कार्य कुछ दिन बाद होता तो खरीफ फसल का समय कुछ आगे बढ़ जाता। मान लीजिए आप धान की ऐसी वैरायटी ले रहे हैं जिसमें 145 दिन का समय लगता है कि जो कि अधिकतम समय होता है। उस वैरायटी के धान को लेने के बाद भी आपके पास इतना समय बचेगा कि आप सब्जी के लिए या दलहन फसलों के लिए पर्याप्त समय ले सकें इस मायने में अभी किया जाने वाला रोकछेका बहुत अहम है चरी चरागन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि गौठान में हरियाली संवर्धन भी बहुत ही महत्वपूर्ण है।

16-06-2020
ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने बदले दो स्कूलों के नाम

रायपुर/बलौदाबाजार। राज्य सरकार ने बलौदाबाजार विकासखण्ड के ग्राम कारी के निवासियों ने मांग की थी की वहां के दो स्कूल का नाम बदल दिया जाए। उनके विशेष मांग पर सरकार ने वहां स्थित दो स्कूल के नाम बदल दिया हैं। इसमें शासकीय प्राथमिक शाला कारी अब से शहीद वीर नारायण सिंह शासकीय प्राथमिक शाला कारी के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का नामकरण सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कारी के नाम से जाना जाएगा। स्कूल का नाम परिवर्तन होने पर ग्रामीणों ने ख़ुशी जाहिर करते हुए राज्य शासन के प्रति आभार जताया।

 

14-06-2020
पलौद में जल्द बनेगा अस्पताल, ग्रामीणों को मिलेगी इलाज की सुविधा

रायपुर। राजधानी से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पलौद में डॉक्टर तो थे, लेकिन अस्पताल भवन नहीं होने से व्यवस्थित रूप से ग्रामीणों का इलाज नहीं हो पा रहा था। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर का रूख करना पड़ता था। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया से ग्राम पलौद के ग्रामीणों ने इस संबंध में चर्चा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण के लिए साढ़े सात लाख की घोषणा की। अस्पताल भवन बन जाने से पलौद के ग्रामीणों को गांव में ही व्यवस्थित इलाज की सुविधा मिलेगी। डॉ. डहरिया ने इसके लिए अधिकारियों को शीघ्र अस्पताल भवन निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।

 

14-06-2020
Video:  भूपेश बघेल ने किसानों से गांव की पुरानी व्यवस्था करने की अपील, सुनिए मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ी में संबोधन

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार शाम किसानों को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रोका-छेका की व्यवस्था करने की अपील की। मुख्यमंत्री बघेल ने किसानों,ग्रामीणों,पंच-सरपंचों से आग्रह किया है कि गांवों में 19 जून तक रोका छेका की व्यवस्था कर ली जाए, जिससे फसलों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह हमारे गांवों की पुरानी व्यवस्था है। इसमें खुले में चरने वाले पशुओं पर रोक लगाने का काम किया जाता है। इससे फसलों की सुरक्षा होती है। यह परंपरा आज भी बहुत उपयोगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान जब नया फसल लगाते हैं, तो बहुत से सपने लेकर खेत में जाते हैं। कुछ व्यवस्था किसान खुद करते हैं,कुछ व्यवस्था गांव वाले मिलकर करते हैं। किसान व्यक्तिगत तैयारी चाहे वो धान के लिए हो, दलहन, तिलहन या मक्का के लिए हो, वे कर चुके हैं। गांव-घर की जो तैयारी करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की फसल को बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी, जब अनाज के बीज अंकुरित होता है, तब उसकी देखभाल करने की बहुत आवश्यकता होती है। ऐसे समय में जब मवेशी खुला चरते हैं, तो भारी नुकसान होता है। रखवारी की समस्या होती है। हमारे छत्तीसगढ़ में मवेशियों के रोका-छेका की व्यवस्था है। पहाटिया लोग मवेशियों की चराई अपनी देख रेख में करते हैं। यह कार्य अलग-अलग गांवों में अलग-अलग समय में होता है।

मुख्यमंत्री ने निवेदन किया है कि इस साल गौठान का सदुपयोग करना है। उन्होंने कहा कि गरूवा के रोका-छेका की व्यवस्था हम जितनी जल्दी करेंगे, फसल उतनी ही सुरक्षित रहेंगी। इसी कारण से 19 जून तक गांव में बैठक कर रोका-छेका की व्यवस्था करें। सरकार की ओर से 10 हजार रूपए प्रति माह गौठान को देना तय किया गया है। गौठान में बहुत सी गतिविधि संचालित होना है। इससे रोजगार के अवसर निर्मित होंगे, खाद भी बनेगी। आजीविका की अनेक प्रकार की व्यवस्था की जाएगी। इन गतिविधियों में आप सबको बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना है। सबसे पहली जरूरत फसल को बचाने की है, इसके लिए रोका-छेका जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक करके यदि रोका-छेका का निर्णय करेंगे,तो छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा मिलेगी। यदि हमारे यहां चरागन नहीं होगी, तो हम दूसरी फसल की तैयारी भी जल्दी कर लेंगे। बहुत से किसान इस कारण विलंब से खेती करते हैं कि पहाटिया लोग पशुओं को अपनी देख रेख में चराई के काम की शुरूआत नहीं करते हैं, गरूवा की व्यवस्था नहीं होती है। इसके कारण रोपाई विलंब से होती है। यदि हम पहले रोपाई कर लेंगे, तो पहले फसल कट जाएगी और दूसरी फसल की तैयारी भी कर लेंगे। दूसरी फसल जल्दी ले सके, उसके लिए भी जरूरी है कि हमारे गरूवा का प्रबंधन हो और ये हमारे छत्तीसगढ़ के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल कोरोना के संकट के बावजूद भी किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हो, इसके लिए कृषि विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर प्रत्येक सोसायटी में खाद-बीज की व्यवस्था की है। करीब 60 प्रतिशत किसान खाद-बीज उठा चुके हैं। जो किसान नहीं उठाए हैं, उनसे आग्रह है कि वे खाद-बीज का उठाव कर लें। ताकि जो हमारे भंडार गृह हैं, उनमें और खाद-बीज लाकर रख सकें। हमारी जो बाड़ी योजना है, उसमें भी बीज वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा भी और जो वनांचल हैं, वहां वन विभाग द्वारा भी, हम चाहते हैं कि आपकी बाड़ी में हर प्रकार की सब्जियों का उत्पादन हो, फल भी उत्पादन हो, इसके लिए पर्याप्त बीज की व्यवस्था की गई है। इसका लाभ किसान भाई-बहन उठाएं, ताकि आज कुपोषण की लड़ाई छत्तीसगढ़ सरकार लड़ रही है। उसमें हमें सफलता मिले। हमारे बच्चे तंदरूस्त हो, इसके लिए जरूरी है कि उनके भोजन में, उनकी थाली में हरी सब्जी हो, फल जरूरी है। इसलिए अपनी बाड़ी में हर प्रकार की सब्जी लगाएं, ताकि किसी प्रकार के कुपोषण से हम सब बच सकें।

14-06-2020
आरंग क्षेत्र के 6 कोरोना मरीजों में से 4 की रिपोर्ट आई निगेटिव

आरंग। पिछले दिनों आरंग में 4 साल के बच्चे सहित क्षेत्र के ग्राम कोड़ापार और फरफौद 6 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन्हें प्रशासन और स्वास्थ्य अमले ने रायपुर एम्स और कोरोना अस्पताल रिफर किया था। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार 4 साल के बच्चे के अलावा कोड़ापार के 3 ग्रामीणों का इलाज के बाद रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा स्वास्थ्य अमले ने बच्चे के 17 परिजनों के भी सेम्पल टेस्ट के लिए भेजा था। इसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। इनके अलावा ग्राम फरफौद के दो मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार एतिहाद के लिए बच्चे के डिस्चार्ज होने के बाद कंटेन्मेंट ज़ोन की मियाद 14 दिन और बढ़ा दी जाएगी। बच्चे के परिजन अभी होम क्वारेंटाइन में हैं।

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