GLIBS
31-10-2020
स्पंज सिर्फ बर्तन साफ करने के ही काम का नहीं ये और भी कई काम आ सकता है, जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

रायपुर। घर में बर्तनों की सफाई के लिए काम में आने वाला स्पंज, केवल बर्तन साफ करने के काम नहीं आएगा अगर आप चाहे तो इसे और भी कामो में इस्तेमाल कर सकती है। क्या आपको पता है कि यह इतना भी मामूली नहीं है। बर्तनों की सफाई के अलावा भी इसका अपने घर में कई बेहतरीन तरीकों से इस्तेमाल कर सकती है। आप भी यही जानना चाहती होंगी कि बर्तनों को साफ करने के अलावा किचन स्पंज और कौन कौन से तरीकों से काम आ सकता है, तो चलिए आपको बताते हैं।

अपने पालतू जानवरों के बाल साफ कर सकते हैं :
अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो ये समस्या वहां पर जरूर होती है। असल में कपड़ों से लेकर फर्नीचर व कालीन हर जगह पर पालतू के बाल हो ही जाते हैं और आपको हर बार इन्हें साफ करने के लिए आपको वैक्यूम क्लीनर की मदद लेनी पड़ती है। लेकिन आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आपको बस किचन स्पॉन्ज को लेकर उससे रब करना है। स्पंज पर सारे बाल आसानी से आ जाएंगे।

फर्श को फर्नीचर स्क्रैच से बचाए :
घर में अक्सर ऐसा होता है कि घर में फर्नीचर को एक जगह से दूसरी जगह करते हुए उसके स्क्रैच निशान जमीन पर पड़ जाते हैं। खासतौर से जब अगर आपने फ्लोरिंग करा रखी है या फिर आपने जमीन पर फ्लोरिंग शीट का इस्तेमाल किया है तो काफी फर्नीचर स्क्रैच से काफी नुकसान होता है। इसके लिए आप अपने फर्नीचर के निचले हिस्से पर स्पंज को काटकर चिपका लें। इससे फ्लोरिंग को नुकसान होने का खतरा खत्म हो जाता है। इसका एक और फायदा है कि एक जगह से दूसरी ओर फर्नीचर को खिसकाना भी काफी आसान हो जाता है।

27-10-2020
प्लास्टिक का कंटेनर लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं तो एलर्ट हो जाइए प्लास्टिक के रंग बदलने का मतलब बदलिए उसे

रायपुर। घरों में अक्सर प्लास्टिक के डिब्बे ,टिफिन का उपयोग होता ही है। प्लास्टिक के कंटेनर का इस्तेमाल बहुत लंबे समय तक नहीं करना चाहिए साथ ही इनकी सफाई का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए, वरना ये नुकसानदेह हो सकते हैं। प्लास्ट‍िक के कंटेनर्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन जब प्लास्ट‍िक का रंग बदलना शुरू हो जाए उसे बदल देना चाहिए। ये वो पहला संकेत है, जिसे देखकर आपको ये समझ लेना चाहिए कि कंटेनर बदलने का समय हो गया है। इसके साथ ही अगर कंटेनर में रखा खाना कुछ ही देर में बदबू देने लगे या फिर कंटेनर से ही बदबू आने लगे तो उसे फेंक देना ही बेहतर होगा। इन तरीकों को अपनाकर आप अपने प्लास्ट‍िक कंटेनर्स को लंबे समय तक खराब होने से बचा सकते हैं। 

बदबू दूर करने के लिए -
अगर आपके प्लास्टिक के बॉक्स से बदबू आ रही है तो यह घरेलू उपाय आपके लिए उपयोगी रहेगा। एक बाल्टी गर्म पानी ले लें और उसमें तीन चम्मच बेकिंग सोडा डाल दें। प्लास्टिक के इन बॉक्स को बाल्टी में डाल दें। कुछ देर बाद इन्हें निकालकर साफ करें। आप चाहें तो बाल्टी के इस पानी में नींबू का रस और सिरका भी मिला सकते हैं।

दाग दूर करने के लिए -
अगर आपके प्लास्टिक के डिब्बों पर जिद्दी दाग हैं तो उन्हें साफ करने के लिए क्लोरीन ब्लीच का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा। दाग लगे डिब्बों को ब्लीच के इस मिश्रण में डालें। कुछ देर बाद इन्हें निकालकर साबुन से धो लें। दाग दूर हो जाएंगे।

23-10-2020
शिक्षकों के लिए वेबिनार 24 अक्टूबर को,तकनीक को क्लास में इस्तेमाल करने दी जाएगी सीख  

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से शिक्षकों के लिए 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से ऑग्मेंटेड रीऐलिटी  टेक्नॉलजी के उपयोग के लिए जागरुकता प्रदान करने वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। वेबिनार के दौरान लाइव डेमो भी दिया जाएगा, ताकि किताबी ज्ञान के साथ-साथ शिक्षक समझ पाए कि इस तकनीक को कक्षा में कैसे इस्तेमाल करना है। ऑग्मेंटेड रीऐलिटी टेक्नोलॉजी बिल्कुल नि:शुल्क हैं और किसी भी ऐंड्रॉड फोन से शिक्षक अपने ओर से पढ़ाए जा रहें विषय को रुचिकर तरीके से बच्चों तक रख सकते हैं। वेबिनार को यूटूब चैनल PTD CG  पर देखा जा सकता है। प्रश्न भी चैट के माध्यम से पूछ सकते हैं। वेबिनार में ऑग्मेंटेड रीऐलिटी के मदद से जंगली शेर, चमगादड़, गाय, हाथी  एवं अलग अलग प्रकार के जानवरों को दिखाया जाएगा,साथ में पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर स्थित ((International Space Station)) यान की भी वर्चुअल सैर करायी जाएगी। वेबिनार में विभाग के शिक्षा सलाहकार सत्यराज अय्यर की ओर से ऑग्मेंटेड रीऐलिटी टेक्नोलॉजी के उपयोग के संबंध में जानकारी दी जाएगी। 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना काल में स्कूल बंद होने के कारण राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षक स्वेच्छा से मोहल्ला और ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इन शिक्षकों के योगदान से ही शिक्षा की ज्योत विषम परिस्थिति में प्रज्ज्वलित हो रही है। यह वेबिनार इन शिक्षकों को नवीन तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने में काफी मददगार होगा।

16-10-2020
पूजा पाठ और भोजन का स्वाद बढ़ाने के अलावा सेहत के लिए भी फायदेमंद है लौंग

रायपुर। लौंग केवल खाना का स्वाद बढ़ाने के अलावा या पूजा पाठ में काम आने के अलावा सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। दवाओं के रूप में इसका इस्तेमाल करने से कई हेल्थ प्रॉब्लम में भी फायदा होता है। लौंग में सबसे बेहतर एंटीऑक्सीडेंट, फेनोलिक कंपाउंड सबसे अधि‍क मात्रा में पाया जाता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद है। लौंग की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका इस्तेमाल अधिकतर सर्दी-खांसी की समस्या दूर करने के लिए किया जाता है। लेकिन इसके अलावा भी इसके कई अनगिनत फायदे हैं। 

लौंग के फायदे :
लौंग के फायदे दिलाएँ दांतों के दर्द से राहत। 
लौंग चबाने के फायदे करें मुँह की दुर्गन्ध को दूर। 
लौंग खाने के लाभ हैं उबकन और उलटी का सफल उपचार। 
लौंग के औषधीय गुण बढ़ाएँ पाचन शक्ति। 
लौंग के लाभ दिलाएँ जोड़ों के दर्द से छुटकारा। 
लौंग उपयोग है श्वसन तंत्र में प्रभावी। 
लौंग का उपयोग करें सिर दर्द के लिए। 
लौंग के गुण हैं कान दर्द में लाभकारी। 
लौंग का इस्तेमाल करे मुंहासों के लिए। 
लौंग की चाय के फायदे करें तनाव को दूर।

27-05-2020
एमएचएआई का सर्वे, लॉक डाउन से सेनेटरी पैड्स न मिलने के कारण महिलाएं कर रही कपडे का इस्तेमाल

रायपुर। लॉक डाउन के कारण कई जगह सेनेटरी पैड की अनुपलब्धता ने महिलाओं एवं लड़कियों को डिस्पोजेबल पैड की जगह कपड़े के पैड इस्तेमाल करने पर बाध्य किया है। कोरोना काल में कपड़े का सेनेटरी पैड बेहतर विकल्प रेगुलर सेनेटरी पैड के विकल्प के रूप में कपड़े से बने पैड को भी सामान रूप से प्रचारित किया जा सकता है। जैसे कपड़ों से बने पैड को 4-6 घंटे तक इस्तेमाल की जाए, पैड बदलने से पूर्व एवं बाद में हाथों की सफाई की जाए, साफ़ सूती कपड़े से बने ही पैड इस्तेमाल में ली जाए और पैड को अच्छी तरह धोने के बाद धूप एन सुखाया जाए ताकि किसी भी तरह के संक्रमण प्रसार का खतरा कम हो सके। लंबे समय से लॉक डाउन ने सेनेटरी पैड की उपलब्धता को प्रभावित किया है। कई राज्यों एवं जिलों में सरकार द्वारा स्कूलों में सेनेटरी पैड का वितरण किया जाता है लेकिन लॉक डाउन के कारण स्कूलों के बंद होने से कई लड़कियों एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों को सेनेटरी पैड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। लॉक डाउन के कारण सेनेटरी पैड का निर्माण भी बाधित हुआ है,जिससे ग्रामीण स्तर के रिटेल पॉइंट्स पर पैड की उपलब्धता भी बेहद प्रभावित हुई है।

गाँव के जो लोग प्रखंड या जिला स्तर से सेनेटरी पैड की खरीदारी कर सकते थे, वह भी लॉक डाउन के कारण यातायात साधन उपलब्ध नहीं होने से प्रखंड या जिला स्तर पर आसानी से पहुँच नहीं पा रहे हैं। सेनेटरी पैड की आसन उपलब्धता में होलसेलर्स को भी दिक्कत का सामना करन पड़ रहा है। निरंतर दो महीने तक देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सेनेटरी पैड की होलसेल वितरण काफी प्रभावित हुई है। यद्यपि धीरे-धीरे इसे पुनः नियमित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अधिक यातायात कॉस्ट( रोड एवं हवाई भाड़ा) अभी भी चुनौती रहने वाली है। अभी सेनेटरी पैड के सीमित उत्पादन की संभावना बनी रहेगी, क्योंकि फैक्ट्री के अंदर मजदूरों को सामाजिक दूरी का ख्याल रखना होगा। साथ ही जिन फैक्ट्रियों में प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक थी, वहाँ मजदूरों की कमी की समस्या बढ़ सकती है।

एमएचआई ने किया खुलासा :

यह खुलासा वाटर ऐड इंडिया एंड डेवलपमेंट सौलूशन द्वारा समर्थित में सट्रूअल हेल्थ अलायन्स इंडिया(एमएचएआई) द्वारा महावारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद से जुड़े संस्थानों से इस वर्ष के अप्रैल माह में सर्वेक्षण किया गया। एमएचआई भारत में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों, शोधकर्ताओं, निर्माताओं और चिकित्सकों का एक नेटवर्क है। सर्वेक्षण में महामारी के दौरान सेनेटरी पैड का निर्माण, पैड का समुदाय में वितरण, सप्लाई चेन में चुनौतियाँ, सेनेटरी पैड की समुदाय में पहुँच एवं जागरूकता संदेश जैसे विषयों पर राय ली गई। महावारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद को लेकर एमएचएआई द्वारा कराये गए सर्वे में देश एवं विदेश के 67 संस्थानों ने हिस्सा लिया।

महामारी के बाद 67 प्रतिशत संस्थानों को रोकनी पड़ी सामान्य कार्रवाई :

कोविड-19 के पहले महावारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद से जुड़े 89 प्रतिशत संस्थान सामुदायिक आधारित नेटवर्क एवं संस्थान के माध्यम से समुदाय तक पहुँच रहे थे, 61 प्रतिशत संस्थान स्कूलों के माध्यम से सेनेटरी पैड वितरित कर रहे थे, 28 प्रतिशत संस्थान घर-घर जाकर पैड का वितरण कर रहे थे, 26 प्रतिशत संस्थान ऑनलाइन एवं 22 प्रतिशत संस्थान दवा दुकानों एवं अन्य रिटेल शॉप के माध्यम से सेनेटरी पैड वितरण कार्य में लगे थे। लेकिन महामारी के बाद 67 प्रतिशत संस्थानों ने अपनी सामान्य कार्रवाई को रोक दी है। कई छोटे एवं मध्य स्तरीय निर्माता सेनेटरी पैड निर्माण करने में असमर्थ हुए हैं, जिसमें 25 प्रतिशत संस्थान ही निर्माण कार्य पूरी तरह जारी किए हुए हैं तथा 50 प्रतिशत संस्थान आंशिक रूप से ही निर्माण कार्य कर पा रहे हैं।
पैड निर्माण के रॉ मटेरियल आयात में भी चुनौतियाँ
दूसरे देशों से आयात रोके जाने से कई सामग्रियों के लिए इससे चुनौती बढ़ी है। विशेषकर महावारी कप्स के आयात में काफी मुश्किलें आयी है। भारत और अफ्रीका के कई मार्केटर्स यूरोप में बने कप्स को ही खरीदते हैं ताकि आइएसओ की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। अब इनके आयात में समस्या आ रही है। डिस्पोजेबल सेनेटरी पैड के लिए जरूरी रॉ मटेरियल वुड पल्प होता है, जिसकी उपलब्धता भी लॉकडाउन के कारण बेहद प्रभावित हुई हैं।
लॉक डाउन के कारण ऑनलाइन बिक्री और कोरियर सेवाएं चालू नहीं थीं। इससे नियमित मांग और राहत प्रयासों दोनों को विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच उत्पाद मांग की सेवा के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

महिलाओं एवं लड़कियों की फीडबैक भी जरुरी :

इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन वीमेन (ICRW) एशिया की टेक्निकल एक्सपर्ट सपना केडिया कहती हैं, महावारी स्वच्छता कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए इस संबंध में महिलाओं एवं लडकियों से भी फीडबैक लेनी चाहिए। इस फीडबैक में मासिक धर्म स्वास्थ्य उत्पादों एवं सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच, लागत, स्वीकार्यता (गुणवत्ता और अन्य स्थानीय कारक) को शामिल करना चाहिए।

 

05-05-2020
हर ग्राहक के लिए अलग कैंची,कंघा, उस्तरा, ब्लेड इस्तेमाल करना जरूरी होगा ब्यूटी पार्लर व सैलून के लिए

रायपुर/दंतेवाड़ा। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने सभी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किया, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। सभी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालन कर्ताओं को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है और ब्यूटी पार्लर में लगी कुर्सियों के बीच 2 मीटर की दूरी होनी चाहिए। एक बार में उतने ही व्यक्तियों को सैलून और ब्यूटी पार्लर में प्रवेश दिया जाएगा जितनी कुर्सी उपलब्ध है। सभी ग्राहकों को प्रवेश करते समय हाथ साफ करने के लिए सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा और साबुन से हाथ धुलाया जाएगा। प्रत्येक ग्राहक के लिए अलग-अलग कपड़े का उपयोग किया जाएगा और एक बार उपयोग करने के बाद अनिवार्यतः गर्म पानी में सर्फ व डेटॉल के साथ साफ करना होगा। प्रत्येक ग्राहक के लिए अलग कैंची,कंघी,उस्तरा और ब्लेड का उपयोग करना होगा। यदि उक्त कार्य संभव ना हो तो एक कुर्सी के पीछे न्यूनतम 10 सेट कैंची और उस्तरा रखना होगा। एक बार उपयोग करने के बाद अनिवार्यतः सैनिटाइजर से साफ करने के पश्चात गर्म पानी में उबालकर सर्फ और डेटॉल से साफ करना होगा। प्रत्येक ग्राहक के कुर्सी से उठने के पश्चात कुर्सी को सैनिटाइजर से साफ करना अनिवार्य है। सैलून,ब्यूटी पार्लर के संचालन का समय प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। संबंधित सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालक की ओर से उक्त शर्त का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित के विरूद्ध अर्थदंड आरोपित किया जाएगा। प्रथम उल्लंघन पर अर्थदंड 5 सौ रूपए, द्वितीय उल्लंघन पर 2 हजार रूपये अधिरोपित होगा। इसके पश्चात भी उल्लंघन पाया जाता है तो दुकान बंद करने के लिए कार्यवाही की जाएगी। अतः सुनिश्चित करें कि शर्तों के अधीन ही सैलून एवं ब्यूटी पार्लर का संचालन किया जाये। संबंधित संचालक की ओर से किसी भी निर्देश का उल्लंघन किया जाता है तो वह भारतीय दंड संहिता 1860 (1860 का 45) की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता है। अतः किसी भी सैलून और ब्यूटी पार्लर के संचालक की ओर से शासन के निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और ब्यूटी पार्लर में जाने वाले आम नागरिकों से अपील किया जाता है कि एहतियात की दृष्टि से अपने साथ टॉवेल और नेपकिन लेकर आए ,भीड़ न लगाये सोशल और डिस्टनसिंग का पालन करें।

04-05-2020
Video: युवक ने लोगों को जागरुक करने बनाई कोरोना मॉडल कार,एसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 रायगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है,देश भर में दो बार लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाया जा चुका है। आज से रायगढ़ जिले में लगभग सभी दुकाने खुलनी शुरू हो गई है। जरा सी लापरवाही जिले के लिए घातक सिद्ध हो सकती है,ऐसे में जरूरत हैं लोगों को जागरूक होने की क्योंकि जागरूकता से ही हम कोरोना के संक्रमण से बच सकेंगे। लोगों में यही जागरूकता लाने के उद्देश्य से रायगढ़ के एक युवा अंकित अग्रवाल ने अपनी कार को ही कोरोना मॉडल में परिवर्तित कर दिया है। लाल और काले रंग की इस कार में  खाली प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल कर इसे कोरोना वायरस का रूप देने वाले अंकित ने बताया कि इस काम मे उनके केवल 120 रुपए ही खर्च हुए है।

उन्होंने प्लास्टिक की खाली बोतल को लाल रंग से खुद ही पेंट किया है। इस तरह अंकित ने कार को कोरोना मॉडल में बदला है। यह कार शहर के मार्गो से जब भी गुजरेगी लोगों को कोरोना वायरस से बच कर रहने के लिए जागरूक करेगी। कोरोना मॉडल कार को आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रायगढ़ एसपी सन्तोष कुमार सिंह से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक ने अंकित अग्रवाल की इस कार्य के लिए काफी सराहना की। उन्होंने आम जनता से इस बात की अपील की कि वह स्वयं भी जागरूक रहे और अपने आसपास के लोगो को भी जागरूक करने का प्रयास करें तब ही इस भयंकर महामारी से हम अपने जिले को सुरक्षित रख सकते हैं।

10-04-2020
आईआईटी भिलाई में कोरोना संक्रमण के बचाव में उपयोग होने वाला कीट मात्र 350 में किया तैयार

भिलाई। कोरोना वायरस को लेकर नित नए रिसर्च जारी है। इसी कड़ी में बचाव के लिए आईआईटी भिलाई ने महज 350 रुपये में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) किट तैयार कर दी है। वहीं इस कीट की खासियत यह भी है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मी इसका दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे खुद को सिर से सीने तक कवर किया जा सकता है। आईआईटी भिलाई की मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने जो किट तैयार की है,उसमें कोरोना वायरस को रोकने का भी दावा किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक रजत मूणा का कहना है कि हमने जो किट बनाई है,उसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद दूसरी बार भी इस्तेमाल (रि-यूल्ड) कर सकते हैं। आईआईटी भिलाई ने इस किट की जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्राद्योगिकी मंत्रालय को भी दी है।

आईआईटी भिलाई ने मंत्रालय को जानकारी दी है कि इस किट का इस्तेमाल डॉक्टर, नर्सिग स्टॉफ और खासकर ऐसे स्वास्थ्यकर्मी जो कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रहे हैं,उनके लिए फायदेमंद है। इसमें एन-95 मॉस्क में इस्तेमाल होने वाला फिल्टर लगा हुआ है। यह सिर से सीने तक व्यक्ति को कवर कर सकती है। यह शुद्ध हवा भीतर जाने देती है और वायरस को रोकती है। इसको पहनने पर सांस लेने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती है। गुणवत्ता में बेहतर किट होने के साथ-साथ यह महंगी भी नहीं है। यहां जो किट बनाई गई है, वह दो टाइप की है। पहली हेलमेट टाइप पीपीई किट है, जिसकी कीमत 200 रुपये है और यह चेहरे को ढक लेती है। इसी तरह दूसरी फेस सील टाइप पीपीई किट है, जिसकी कीमत 350 रुपये है और इसमें सिर से लेकर कमर के थोड़ा ऊपर तक पूरा कवर करता है। आर्य के पूरी तरह से सुरक्षित है।

 

25-11-2019
रेलवे स्टेशन में तैयार की जा रही है खाद , इन उद्यानों में किया जाएगा इस्तेमाल

रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी छोर पर रनिंग रूम, रायपुर के पीछे  की तरफ अपशिष्ट से कम्पोस्ट मशीन की कमीशनिंग की गई है। मशीन की क्षमता 250 किलोग्राम प्रतिदिन है। मशीन का संचालन पूरी तरह से स्वचालित है और बायो कचरे को खाद में बदलने के लिए प्रक्रिया का समय 24 घंटे है। रनिंग रूम रायपुर में उत्पन्न जैव अपशिष्ट, स्टेशन पर स्टालों से उत्पन्न खाद्य अपशिष्ट और फलों के अपशिष्ट को संसाधित किया जा रहा है और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद बनाई जा रही है। इस खाद को रायपुर मंडल के विभिन्न स्थानों पर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बनाए गए उद्यानों में उपयोग करने की योजना है। यह प्रक्रिया एनजीटी के दिशा निर्देशों का हिस्सा है। 
 

21-10-2019
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: दोपहर 3 बजे तक हुआ 31.49 फीसदी मतदान, इन्होंने किया मताधिकार का इस्तेमाल..

मुंबई। महाराष्ट्र में कड़ी सुरक्षा के बीच सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को मतदान हो रहा है। मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश के बीच सुबह मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
राज्य भर के मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही पहुंचते देखा गया। शुरूआती मतदाताओं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत शामिल रहे जिन्होंने नागपुर में एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने भी अपने मत का इस्तेमाल किया। गडकरी ने अपने पूरे परिवार के साथ नागपुर में वोटिंग की। दोपहर 3 बजे तक महाराष्ट्र में 31.49 फीसदी मतदान हुआ। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने परिवार के साथ बांद्रा में वोट डाला। फिल्म अभिनेता गोविंदा ने अपनी पत्नी सुनीता के साथ अंधेरी वेस्ट में वोट डाला। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट में अपने मतदान का प्रयोग किया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बांद्रा ईस्ट में अपने पूरे परिवार के साथ मतदान किया। इस मौके पर उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि, बेटे आदित्य और तेजस ठाकरे मौजूद रहे। पहली बार ठाकरे परिवार से आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ रहे हैं और वो वर्ली सीट से मैदान में हैं। ठाकरे परिवार की तरफ से पहली बार कोई चुनाव लड़ रहा है। महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस अपनी पत्नी अमृता और मां सरिता के साथ वोट डालने नागपुर पोलिंग बूथ पहुंचे।
पुणे के शिवाजीनगर में वोटिंग के दौरान ही लाइट चली जाने से अंधेरा हो गया। इस अव्यवस्था के बाद बूथ के पोलिंग अधिकारियों को काम जारी रखने के लिए मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ा।  फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने वोट डालने के बाद कहा, ‘मुझे लोगों को सबसे पहले वोट करना चाहिए। मैंने दोनों भाइयों के लिए प्रचार किया है और उन दोनों को उनके काम पर वोट मिलेंगे। मुझे उम्मीद है कि मेरे दोनों भाई विजयी होंगे।’ बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के दो बेटे अमित और धीरज कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों भाइयों की विधानसभा सीटें एक-दूसरे से लगी हुई हैं। लातूर शहर विधानसभा से जहां अमित मैदान में हैं। वहीं, उनके भाई धीरज लातूर ग्रामीण सीट से पहली बार चुनावी दंगल में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों नेता बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख के भाई हैं।

09-07-2019
मालेगांव ब्लास्ट : धमाके में इस्तेमाल साध्वी प्रज्ञा सिंह की बाइक की हुई पहचान, बढ़ सकती है मुश्किलें

मुंबई। 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एक गवाह ने धमाके में इस्तेमाल साध्वी प्रज्ञा सिंह की बाइक की पहचान कर ली। माना जा रहा है कि इससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत मामले की रोज सुनवाई कर रही है। सरकारी पक्ष विस्फोट में बरामद प्रमाण, टूटी-फूटी बाइक और साइकिलें लेकर आया। पहले गवाहों से दो बाइक और पांच साइकिलों की पहचान कराई गई। ह्यफ्रीडम बाइकह्ण लोगो वाली बाइक को पहचानते हुए गवाह ने कहा कि यह विस्फोट के दिन दिखी थी। विस्फोट में इसका अगला हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया पर ढांचा सलामत है। गवाहों के बाद न्यायाधीश विनोद पाडालकर ने भी प्रमाणों को देखा।
महाराष्ट्र एटीएस ने जांच में दावा किया था कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई बाइक साध्वी प्रज्ञा की है। गवाह की पहचान के बाद मामले में मुख्य अभियुक्त साध्वी के लिए बचाव कठिन हो सकता है।

12-05-2019
दो पूर्व मुख्यमत्रियों ने किया अपने मताधिकार का इस्तेमाल 

भोपाल। मतदान के महाकुंभ में रविवार को देश के सात राज्यों में वोटिंग जारी है। मध्यप्रदेश में सात सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। रविवार को भोपाल में दो पूर्व मुख्यमत्रियों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसमें  भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने वोटिंग बूथ में जाकर मतदान किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मतदान किया। मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने परिवार सहित मतदान किया। उन्होंने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान की अपील की। 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804