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28-07-2020
बंद नहीं होगा अजीत जोगी का मोबाइल नंबर,जेसीसीजे ने ह़ेल्प लाइन बनाने का लिया निर्णय

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की कोर कमेटी का बैठक सोमवार को पार्टी अध्यक्ष अमित अजीत जोगी अध्यक्षता में ऑनलाइन हुई। बैठक में प्रदेशभर से पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। पार्टी की कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से अनेक प्रस्ताव पारित किए। तय किया गया है कि पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के मोबाइल नंबर 094252-03333 को हेल्प लाईन नंबर बनाया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ियों के समस्याओं का समाधान शीघ्रातिशीघ्र किया जाएगा। इसके साथ ही कोर कमेटी ने मरवाही उपचुनाव को ऐतिहासिक मतों से जीतने को संकल्प पारित किया है। मरवाही चुनाव में बड़ी मात्रा में सरकारी तंत्र के दुरूपयोग की आशंका जताते हुए प्रदेश पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का भी निर्णय लिया हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने बीरगांव, भिलाई, रिसाली और जामुल में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए अभी से कमर कसने और पार्टी चुनाव चिन्ह हल चलाता किसान में दमदारी के साथ चुनाव लड़ने का घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने महिला जनता कांग्रेस की ओर से प्रदेश में मार्च माह से शराबबंदी के लिए चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान की सराहना की। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में और भी तेजी लाने का निर्देश दिया हैं। साथ ही माह अगस्त में बरोजगारों का रोजगार दिलाने के लिए सत्याग्रह करने का निर्णय लिया हैं। सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए युवा नेता गोविन्द शेट्ठी, दानिश रफीक, अशोक सोनवानी, जहीर खान, आनंद सिंह, टिकेश प्रताप सिंह, प्रदीप साहू, संजीव खरे, नवल सिंह राठिया, संदीप यदु और नरेन्द्र भवानी को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई।

 

03-07-2020
अजीत जोगी के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी,युवक को गिरफ्तार करने की मांग

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने दिवंगत अजीत जोगी के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करने वाले युवक को गिरफ्तार करने की मांग की है। झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष व आदिवासी युवा नेता विक्रम नेताम ने नितेश नेताम नामक युवक के खिलाफ सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा है। आरोप है कि खुद को युवा कांग्रेसी बताने वाले नितेश नेताम ने अशोभनीय टिप्पणी की है। विक्रम नेताम ने कहा है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने 5 जुलाई को पेंड्रा में होने वाली शांति पूजा की जानकारी फेसबुक में प्रसारित की थी। इस दौरान स्वयं को युवा कांग्रेसी बताने वाले नितेश नेताम ने फेसबुक के उक्त पोस्ट में अजीत जोगी के खिलाफ अशोभनीय, अभद्र टिप्पणी की। इससे न सिर्फ जनता कांग्रेसी बल्कि जोगी समर्थक आहत हुए हैं। युवक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। शुक्रवार को जेसीसीजे ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर युवक को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान विक्रम नेताम साथ भगत हरबंश,प्रशांत सोनी,दशमू तांडी,मन्सू निहाल, विवेक बंजारे,दीनानाथ मेश्राम आदि उपस्थित थे।

 

02-06-2020
अमित जोगी ने पूरी की पिता की अंतिम इच्छा,नर्मदा संगम में किया पिंडदान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की कब्र की मिट्टी को उनके पुत्र अमित जोगी ने नर्मदा संगम में विसर्जित कर अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी की। मंगलवार दोपहर 12 बजे पावर हाउस तिराहा, मुक्तिधाम पेंड्रारोड से लेकर अमरकंटक के रामघाट, नर्मदा, अरंडी संगम, सोन नदी व अचानकमार के माटिनाला व पीढ़ा में विसर्जित किया गया। इसके साथ ही अमरकंटक में पुत्र अमित जोगी ने अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया। अजीत जोगी ने मृत्यु के पश्चात अपने कब्र की मिट्टी को अमरकंटक के रामघाट, नर्मदा अरंडी संगम, सोनमुड़ा के सोनभद्र नदी,अचानकमार के माटीनाला और पीढ़ा में विसर्जित किए जाने की इच्छा जताई थी। उनके इच्छा के अनुरूप उनके पुत्र अमित जोगी व पत्नी डॉ.रेणु जोगी सहित उनके पैतृक गांव जोगीसार के पारिवारिक सदस्यों और कवंर समाज के लोगों ने मिट्टी कलश यात्रा निकली। यह कलश यात्रा,गौरेला के पावर हाउस तिराहा के पास कब्रिस्तान से सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ निकलकर जलेश्वर मार्ग होते हुए अमरकंटक पहुंची। इस बीच गौरेला, पुराना गौरेला, अंजनी, चुकतीपानी आदि जगह मे रोकर कर लोगों ने कलश के दर्शन भी किए।
अमरकंटक में कलश की कुछ मिट्टी नर्मदा संगम में प्रवाहित की गई। इसी संगम में अमित जोगी ने धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार स्व.अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया। इसके बाद इस कलश की मिट्टी को नर्मदा अरंडी संगम, अचानकमार के माटीनाला, केवंची व पीढ़ा के जंगलों में भी छिड़का गया। इस दौरान अजीत जोगी की पत्नी डॉ.रेणु जोगी, पुत्र अमित जोगी के अलावा लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा और जोगी परिवार के अन्य सदस्य और सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

30-05-2020
अजीत जोगी के अंतिम संस्कार में धरमलाल कौशिक सहित अन्य भाजपा नेता हुए शामिल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। शनिवार को गौरेला में उनके अंतिम संस्कार में प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी शामिल हुए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पांडे, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, सांसद रामविचार नेताम, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

30-05-2020
राष्ट्रपति ने अजीत जोगी के निधन पर दी श्रद्धांजलि, रेणु जोगी को लिखा पत्र...

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपति ने डॉ. रेणु जोगी को पत्र लिखकर दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने पत्र में लिखा कि आपके पति अजीत जोगी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। अजीत जोगी एक प्रतिष्ठित राजनीतिक नेता, सांसद और प्रशासक थे। विभिन्न क्षमताओं में राष्ट्र की सेवा की। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य और उसके लोगों के विकास के लिए काम किया। सार्वजनिक जीवन में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए उन्हें याद किया जाएगा।

29-05-2020
राज्यपाल ने सागौन बंगला पहुंच अजीत जोगी को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर। प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निवास सागौन बंगला पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्व.जोगी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। राज्यपाल ने अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी और पुत्र अमित जोगी से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की।

29-05-2020
डॉ.शिवकुमार डहरिया ने अजीत जोगी के निधन पर किया गहरा दुःख व्यक्त

आरंग। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मृतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना  की। डॉ. डहरिया ने कहा कि अजीत जोगी का जाना छत्तीसगढ़ के लिए अपूर्णीय क्षति है। वे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लोगों के दिलों में प्रेरणास्रोत के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे। डॉ.डहरिया ने उनके शोक संतप्त परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने परमेश्वर से कामना की। श्रद्धांजली सभा में प्रमुख रूप से कोमल सिंह साहू ब्लाक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी आरंग, चंदशेखर चंद्राकर, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद आरंग, अब्दुल कादिर गोरी अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी एवं पार्षद व एल्डरमेन, कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

29-05-2020
नरेंद्र मोदी ने जताया अजीत जोगी के निधन पर शोक, कहा-उनके निधन से दुखी हूं,परिवार के प्रति संवेदनाएं

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'अजीत जोगी को जनसेवा का शौक था। इस जुनून ने उन्हें एक मेहनती नौकरशाह और एक राजनीतिक नेता बनाया। वह गरीबों, विशेषकर आदिवासी समुदायों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति संवेदना।'  
भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अजीत जोगी वर्तमान में मारवाही विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा क्षेत्र से विधायक हैं। जोगी वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद यहां के पहले मुख्यमंत्री बने तथा वर्ष 2003 तक इस पद पर रहे। 

 

29-05-2020
अजीत जोगी को छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने दी श्रद्धांजलि, शीर्ष नेतृत्व ने व्यक्त किया शोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दुख व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाओं का स्मरण करते हुए मरकाम ने दुख व्यक्त किया है। इसी तरह वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा ने संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि यह अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं जोगी परिवार के साथ है।एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि अजीत जोगी अत्यंत संघर्षशील और लोकप्रिय नेता थे। उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिव डॉ.चंदन यादव ने भी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जागी के निधन पर दुख व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है।अजीत जोगी के निधन पर प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, महामंत्री प्रशासन रवि घोष, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला ने शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, संचार विभाग के सदस्य राजेंद्र तिवारी,रमेश वल्यार्नी,आरपी सिंह, सुरेंद्र शर्मा,सुशील आनंद शुक्ला, किरणमयी नायक, विभोर सिंह, रउफ कुरैशी, विकास दुबे, संदीप साहू,नितिन भंसाली, अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव, इंजीनियर अमित यदु, क्रांति बंजारे, नीना रावतिया, अधिवक्ता मोहन निषाद ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, धनंजय ठाकुर, विकास तिवारी, मो.असलम, एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा, एमए इकबाल, वंदना राजपूत, आलोक दुबे जगदलपुर, अभय नारायण राय बिलासपुर, जनार्दन त्रिपाठी सरगुजा, कमलजीत पिंटू राजनांदगांव, कृष्णकुमार मरकाम धमतरी, स्वपनिल मिश्रा, प्रकाशमणि वैष्णव, अशुंल मिश्रा ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

29-05-2020
पिता के निधन पर बेटे का भावुक ट्वीट, केवल मैंने नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया अपना पिता


रायपुर। अजीत जोगी के निधन की सूचना देते हुए उनके बेटे अमित जोगी ने ट्वीट किया है। अमित ने लिखा है कि 20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया। केवल मैंने ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं,अपना पिता खोया है। अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़ कर,ईश्वर के पास चले गए। गांव-गरीब का सहारा,छत्तीसगढ़ का दुलारा,हमसे बहुत दूर चला गया। वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परमपिता परमेश्वर अजीत जोगी की आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में 29 मई को होगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया कि शनिवार को अजीत जोगी का पार्थिव शरीर सुबह 9 बजे सागौन बंगला रायपुर से बिलासपुर मरवाही सदन 11 बजे पहुंचेगा। यहां से कोटा रतनपुर केंदा मार्ग होते हुए उनके गृह ग्राम जोगिसार से गौरेला के पैतृक जोगी निवास पहुंचने के बाद सेनेटोरियम(मरवाही विधानसभा) में अंतिम संस्कार किया जाएगा। लॉक डॉउन के नियमों भी ध्यान रखा जाएगा।

 

29-05-2020
जुझारू जीवट जोशीले जबर्दस्त जनहितैषी जननायक जोगी नहीं रहे,अफसरशाह से नेता बने जोगी का सफर समाप्त

रायपुर। संघर्ष की प्रतिमूर्ति छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री आखिर अपनी अंतिम लड़ाई जीत नहीं  पाए। मौत से आखिर वे हार ही गए। 9 मई से लगातार मौत से जूझ रहे थे अजीत जोगी और उनका यह संघर्ष आज पूरा हो गया। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री थे अजीत जोगी और उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास की आधारशिला रखी। एक दूरदर्शी नेता थे अजीत जोगी और छत्तीसगढ़ को भविष्य में किस दिशा में ले जाना है यह उन्होंने ही तय किया था। ढाई साल के कार्यकाल के बाद जब वे सत्ता से अलग हुए तो भी सत्ता में आने वाली भाजपा चाह कर उनके द्वारा चुने गए नए रायपुर को पूरी तरह बदल नहीं पाई। मामूली हेरफेर के बाद नई राजधानी वही बनी जहां जोगी चाहते थे। जोगी के कार्यकाल में आम आदमी की तूती बोलती थी। अफसरशाही पूरी तरह नियंत्रित थी और अफसरशाही की नकेल उनके हाथ में थी। बिगड़ैल से बिगड़ैल खिलाड़ियों को भी उन्होंने साध रखा था और उनकी प्रशासनिक क्षमता का लोहा ना केवल प्रदेश बल्कि सारे देश ने माना था। वे अजीत जोगी ही थे,जिन्होंने सबसे पहले अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती उतारी थी और सायरन बजाना बंद करवा दिया था। उनके दौर में सड़क पर चलने वाले हर वाहन बराबर ही नजर आते थे। वीवीआईपी कल्चर को उन्होंने ठिकाने लगा दिया था। बाद में इस मामले में कोर्ट का फैसला जरूर आया लेकिन कोर्ट के फैसले के आने से बहुत पहले जोगी जी ने जनता की मंशा के अनुरूप वो फैसला ले लिया था। जोगी जनता की नब्ज़ पहचानते थे। वे रायपुर के कलेक्टर भी रहे और मुख्यमंत्री भी। दोनों ही कार्यकाल भुलाते नहीं भूलने वाले हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता उनके कार्यकाल में चरम पर थी और बड़े-बड़े दिग्गज शुक्ल बंधुओं के साथ-साथ दिग्विजय सिंह की पूरी लॉबी के अलावा बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा एडं कंपनी को भी उन्होंने कड़ी टक्कर दी। एक समय ऐसा आया कि संगठन से लेकर सत्ता में सिर्फ और सिर्फ अजीत जोगी की ही तूती बोलने लगी। विद्याचरण शुक्ल को तो कांग्रेस छोड़ना पड़ गया था और बाकी विरोधी भी लगभग शांत हो गए। दुर्भाग्य से जोगी छत्तीसगढ़ के पहले आम चुनाव में कांग्रेस को विजय नहीं दिला पाए और कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई। सत्ता से बाहर होने का खामियाजा बाद में जोगी को भुगतना पड़ा। उनके राजनीतिक विरोधी धीरे धीरे संगठित हुए और एक समय ताकतवर होकर उन्हें कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर करने में भी सफल रहे। उसके बाद भी जोगी ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पार्टी बनाई। जोगी ने संघर्ष नहीं छोड़ा। वे जनता जनार्दन को सर्वोपरि रखते थे। वे कुशल वक्ता थे और हर विषय पर उनका ज्ञान विलक्षण था। अब जोगी नहीं हैं। छत्तीसगढ़ कि राजनीति में उनका स्थान हमेशा खाली रहेगा। उनका स्थान भरने लायक कोई जननायक फिलहाल नजर नहीं आता है।

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