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02-12-2019
बलात्कारियों को सरेराह फांसी देने की मांग को लेकर कैंडल मार्च आज

रायपुर। स्व. डा प्रियंका रेड्डी को श्रद्धांजलि देने तथा दोषियों को तत्काल सरेराह फांसी देने की मांग को लेकर अजीत जोगी, रेणु जोगी, अमित जोगी, ऋचा जोगी के नेतृत्व में सोमवार को शाम 5.30 बजे कैंडल मार्च निकालकर रायपुर के जयस्तंभ चौक पर कैंडल जलाकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदीप साहू ने दी।

 

02-12-2019
विधानसभा उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया आज, निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने जाएंगे मनोज मंडावी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया आज होनी है। इस दौरान भानुप्रतापपुर विधायक मनोज मंडावी निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने जाएंगे। विधायक मांडवी ने शनिवार को उपाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध नामांकन दाखिल किया था और सभी दलों ने उन्हें अपना समर्थन दिया था। बता दें कि मनोज मंडावी कांकेर जिले के आदिवासी क्षेत्र भानुप्रतापपुर से विधायक हैं। वे इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। मंडावी अजीत जोगी के शासनकाल में मंत्री भी रह चुके हैं।

2001 से अब तक ये रहे विधानसभा उपाध्यक्ष
प्रथम विधानसभा में बनवारी लाल अग्रवाल 28 मार्च 2001 से 9 मार्च 2003 तक विधानसभा उपाध्यक्ष रहे।
प्रथम विधानसभा में धरमजीत सिंह 13 मार्च 2003 से 5 दिसंबर 2003 तक रहे।
द्वितीय विधानसभा में बद्रीधर दीवान 12 जुलाई 2005 से 11 दिसंबर 2008 तक रहे।
तृतीय विधानसभा में नारायण चंदेल 2 अगस्त 2010 से 11 दिसंबर 2013 तक रहे।
चतुर्थ विधानसभा में बद्रीधर दीवान 23 जुलाई से 2015 से 2018 तक रहे।

29-11-2019
सदन में उठा नियमितीकरण और संविलियन का मुद्दा, रेणु जोगी ने कहा - क्या हुआ तेरा वादा

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन सदन में साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रेरकों का मामला जेसीसीजे विधायक रेणु जोगी ने उठाया। उन्होंने पूछा कि चुनाव के पूर्व कांग्रेस ने ये वादा किया था कि प्रेरकों का नियमितीकरण करेंगे या दूसरे विभागों में संविलियन किया जाएगा? लेकिन अब तक नहीं किया गया। रेणु जोगी ने गीत की चंद लाइनों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? इस प्रश्न का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि प्रेरकों की नियुक्ति मिशन मोड पर की गई थी। भारत सरकार ने पत्र लिखकर ये कहा था कि 31 मार्च के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी।

भारत सरकार के इस पत्र के बाद राज्य ने चार बार केंद्र को प्रेरकों की कार्य अवधि बढ़ाने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी पूछा कि क्या हुआ तेरा वादा? वादा निभाना पड़ेगा, नहीं तो विपक्ष में आना पड़ेगा। जोगी ने कहा कि हर सवाल पर मंत्री भारत सरकार का हवाला दे रहे हैं। प्रेरकों की नौकरी बनी रहेगी ये वादा तब के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने किया था। कांग्रेस ने किया था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हर बात पर राज्य सरकार कहती है भारत सरकार जिम्मेदार है।

28-11-2019
स्थगन के दौरान जोगी से बात करते नजर आए भाजपा सदस्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में जोगी-रमन के संबंध ओपन सिक्रेट की तरह हैं। कांग्रेस सत्ता में आने के पहले जोगी के दल को भाजपा की बी टीम कहती रही है, और सरकार में आने के बाद कार्यवाही के निशाने पर रमन और जोगी रहे भी हैं। अब ऐसे में यदि डॉ रमन सिंह और अजीत जोगी मिलें तो खबर की नज़र से यह मुलाकात कैसे नहीं देखी जाएगी। शून्यकाल में जब कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित हुई, तो सत्ता पक्ष बाहर चला गया। तब डॉ रमन सिंह अपनी सबसे आगे की सीट से उठे और सबसे पीछे मौजूद अजीत जोगी के पास पहुँचे गए। अजीत जोगी और डॉ रमन सिंह देर तक साथ रहे और संवाद करते रहे। डॉ रमन सिंह और जोगी को खिलखिलाते और गर्मजोशी से हाथ मिलाते देखा गया। कुछ ही देर में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह भी वहाँ पहुँच गए और चुपचाप दोनों का संवाद सुनते रहे। कुछ देर बाद डॉ रमन सिंह सदन से बाहर चले गए। कुछ देर बाद वहाँ ननकी राम कंवर भी पहुँचे, लेकिन जोगी की भाव भंगिमा से लगा कि, वे ज़्यादा उत्साह नहीं दिखा रहे हैं।

28-11-2019
सदन में गरमाया शराब बिक्री का मामला, जानिए क्या कहा अजीत जोगी ने

रायपुर। जेसीसी (जे) विधायक धरमजीत सिंह ने विधानसभा में शीतकालीन सत्र के शून्यकाल में शराब बिक्री का मामला उठाया। उन्होंने कहा शराब की बिक्री को लेकर सदन में हुई कार्यवाही और आकंड़ों का आबकारी का अधिकारी बाहर खंडन कर रहा है। उन्होंने कहा मैंने मंत्री और अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दिया है। सदन की विशेषाधिकार कमेटी द्वारा इस मामले की जांच की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री और जेसीसी विधायक अजीत जोगी ने भी कहा कि हमारी इज्जत को बचाइए। यह सदन की अवमानना है। इस पर व्यवस्था आनी चाहिए। वहीं अजय चन्द्राकर ने कहा कि यह दुख की बात है। संसदीय कार्यमंत्री भी इसे संज्ञान नहीं ले रहे।

28-11-2019
राजभाषा दिवस पर सदन में छत्तीसगढ़ी में हुआ कामकाज, संसदीय कार्य मंत्री ने कही ये बात...  

रायपुर। विधानसभा शीतकालीन सत्र का चौथा दिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर छत्तीसगढ़ी भाषा को समर्पित रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आसंदी ने सबको आग्रह किया कि सभी छत्तीसगढ़ी में प्रश्न करें और जवाब दें और साथ ही उन्होंने सबको राजभाषा दिवस की बधाई भी दी। संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि प्रदेश गठन होने के बाद पहली बार प्रदेशवासियों को लग रहा है कि छत्तीसगढ़ छतीसगढ़ियों का है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा पूर्व सरकार ने छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया। लेकिन जिस तरह से छत्तीसगढ़ी की भाषा को अपनाना था, उस तरह से नहीं अपनाया गया। भाषा बनने के बाद छत्तीसगढ़ी को जिस तरह लागू होना था नहीं हो पाई। छत्तीसगढ़ी जब तक कामकाज की भाषा नहीं बनेगी सम्मान नहीं मिलेगा।

संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 19 साल हो चुके है, लेकिन इस प्रदेश की जनता को इस एक साल में लगा कि उनका यह अपना छत्तीसगढ़ राज्य है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब शपथ ली किसानों के घर में खुशहाली आई। करोड़ों रुपए का कर्जा माफ हुआ। 2500 रुपए में धान की खरीदी हुई। छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार मनाने की परंपरा शुरू हुई। छत्तीसगढ़वासियों को 19 साल बाद लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है।

उन्होंने अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बहुत दिनों से अरपा पैरी के धार छत्तीसगढ़ महतारी का बंदना गांव में कोई भी कार्यक्रम करो, शहर में कोई भी कार्यक्रम करो, इससे शुरुआत हुई। वह किसी को नहीं पता था कि उसका इतना महत्व है। यह गांव-गांव में कला संस्कृति को जानने वाला इससे बहुत प्रेम है, लेकिन सदन में सत्र शुरू होने से पहले वंदे मातरम के साथ अरपा पैरी का जब शुरू हुआ तब यह लगा अरपा पैरी का महत्व ओर बढ़ गया। छत्तीसगढ़ी में सब चर्चा करेंगे तो यह छत्तीसगढ़ी भाषा के सम्मान होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़िया गुरतुर बोली है। संसद में मैंने छत्तीसगढ़िया बोली में एक बार कुछ कह था तो अटल जी ने मुझसे पूछा था इसका मतलब बताओ।

 

27-11-2019
लोकनिर्माण मंत्री के जवाब पर अजीत जोगी की टिप्पणी, “पंद्रह साल के गढ़हा एक साल में नई भरे पाबे जी”

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को धमतरी की विधायक रंजना साहू ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत पर सवाल किया। उन्होंने लोकनिर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस विषय पर जानकारी चाही। मंत्री के जवाब से रंजना प्रति प्रश्न किया। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री से पूछा कि आपके विभाग ने अब तक कितनी सड़कों की मरम्मत की और कितने गड्ढे भरे है। जवाब में ताम्रध्वज साहू ने कहा, अब तक कितने गड्ढे भरे गए यह तो नहीं बता सकता लेकिन साल भर में भाजपा के सारे गड्ढे भर देंगे। इस बात को मंत्री ताम्रध्वज साहू पूरी कर पाते इस बीच वरिष्ठ विधायक अजित जोगी ने टिप्पणी की “पंद्रह साल के गढ़हा एक साल में नई भरे पाबे जी”।

27-11-2019
एनएच 49 के निर्माण में देरी, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सड़क निर्माण में देरी को लेकर सता और विपक्ष में नोकझोंक हुई। आज सदन में एनएच 49 के निर्माण में लेटलतीफी का मामला गूंजा। भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने मामला उठाया। उन्होंने से सवाल किया कि तय वक़्त बीतने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। काम में देरी करने पर ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की गई ? ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान किया गया। इस पर लोकनिर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि, भूमि अधिग्रहण में विलंब की वजह से देरी हुई है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार पर फिलहाल पेनल्टी नहीं लगाई गई है। विधायक ने सदन में गलत जवाब देने का मंत्री पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन में गलत जवाब दिया जा रहा है। भाजपा विधायक चंदेल ने कहा कि गलत जवाब बनाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जाना चाहिए। उन्होंने कहा, घटिया निर्माण किया जा रहा है। कोई टेक्नीकल हैंड नहीं है,जो निरीक्षण कर सके। क्या इसकी जांच कराई जाएगी? इसके जवाब में ताम्रध्वज साहू ने कहा कि जांच की कोई जरूरत नहीं है, काम चल रहा है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाएगी वहां निश्चित तौर पर जांच कराएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि भू अर्जन की कार्यवाही का अधिकार पीडब्ल्यूडी को दिया जाए। उन्होंने पूछा क्या देरी के लिए ठेकेदार पर जुर्माना लगाएंगे? इस पर लोकनिर्माण मंत्री ने कहा कि विभाग को भू अर्जन का अधिकार दिलाना मेरे हाथ में नहीं है। उन्होंने कहा कि नारायण चंदेल के साथ मैं उस सड़क का दौरा कर लूंगा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सौरभ सिंह, बसपा विधायक केशव चंद्रा और धर्मजीत सिंह को भी ले जाएं। जनता कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि भू अर्जन की प्रक्रिया जटिल है। इस वजह से ही निर्माण कार्य मे देरी होती है। यही वक्त होता है जहां ठेकेदार,प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार करता है। आसंदी एक निर्देश जारी करे कि संबंधित क्षेत्र के विधायकों के साथ बैठकर प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी चर्चा कर लें।

 

14-11-2019
नगरीय निकाय चुनाव में लहराएगा गुलाबी झंडा, जीतने वालों को देंगे टिकट : जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी पार्टी द्वारा जोर-शोर से की जा रही है। इसी कड़ी में आज पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक 'अनुग्रह' में पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लडऩे का निर्णय लिया गया। जल्द ही प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा एवं जीतने वाले प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए जोगी ने कहा कि हमारी पार्टी जमीन से जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। कोई भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न हो, यह हमारा प्रयास होगा। स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, इसकी व्यवस्था की जाएगी। हमारे प्रत्याशी के जीते वार्ड में शराब दुकान और बीयर बार खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में जोगी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि धान खरीदी के नाम पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। जोगी शासनकाल में भी केंद्र सरकार ने धान खरीदी पर सहयोग नहीं किया था तब जोगी सरकार ने अपने दम पर प्रदेश के किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा था और देश में पहली बार धान खरीदी शुरू की गई थी। भूपेश सरकार को केंद्र के भरोसे न रहते हुए और नौटंकी न करते हुए जल्द से जल्द किसानों की धान खरीदी शुरू करनी चाहिए, धान पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। आज की बैठक में महेश देवांगन, मीडिया चेयरमैन इकबाल अहमद रिजवी, ऋचा जोगी, रायपुर जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश देवांगन,  अनामिका पाल, राहिल राउफी, प्रदीप साहू, उदयचरण बाजारे, गजेंद्र देवांगन सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

12-11-2019
गायक दलेर मेहंदी पहुंचें रायपुर, अजीत जोगी से की भेंट

रायपुर। गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर मशहूर गायक दलेर मेहंदी राजधानी रायपुर पहुंचें। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी के सुप्रीमो अजीत जोगी से उनके बंगले में मुलाकात की। दलेर मेहंदी ने अजीत जोगी के साथ दोपहर का भोजन किया।

 

08-11-2019
भूपेश में दिखाई देता है कांग्रेस पार्टी का भविष्य : प्रकाशपुंज पांडेय

रायपुर। राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुंज पांडेय ताज़ा राजनीतिक हालातों पर बेबाकी़ से अपनी राय रखते आए हैं। पिछले कुछ सालों से वे राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति पर बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं और समय समय पर अपनी राय जाहिर करते रहते हैं। उन्होंने कहा है कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस आला-कमान को अपनी देख-रेख में भूपेश बघेल जैसे तेज़ तर्रार नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी की ओर से बड़ी ज़िम्मेदारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि उनके इस तर्क के पीछे कुछ कारण हैं जो कि निम्नलिखित प्रकार से हैं -

जोश और होश का अचूक कॉम्बिनेशन हैं भूपेश -

भूपेश बघेल की छवि एक किसान नेता की बन गई है जो कि हमेशा किसानों की मांगो और उनके अधिकारों की लड़ाई के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी द्वारा किए गए किसानों की ऋण माफी के वादे को भी उन्होंने सरकार बनते ही मुख्यमंत्री के तौर पर निभाया। तमाम विरोध और बाधाओं के बाद भी उन्होंने अपने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाई और कांग्रेस ने इसी के प्रति-फल में उन्हें मुख्यमंत्री पद से नवाजा। वे होश और जोश दोनों से संगठन चला रहे थे और जब से सरकार बनी है तब से मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होने के बाद से वह जोश तो दिखाते ही हैं लेकिन साथ ही होश में भी काम करते हैं ताकि विरोधियों को उन पर या कांग्रेस पार्टी पर टिप्पणी करने का कोई भी मौका ना मिले।

अजीत जोगी को बैकफुट पर लाना, भूपेश की उपलब्धि -

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री व राजनीति के माहिर खिलाड़ी अजीत जोगी को भी भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में कांग्रेस से हटकर नई पार्टी बनाने के लिए मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं, नई पार्टी बनने के बाद जब उस पार्टी की रफ्तार बढ़ रही थी तब धीरे-धीरे जोगी परिवार को छोड़कर उनके सभी निकटतम व्यक्तियों को भूपेश बघेल ने कांग्रेस ज्वाइन करवा दिया, जिससे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) पार्टी की कमर टूट गई। साथ ही छत्तीसगढ़ में जो एक तरफ़ा जोगी फैक्टर काम करता था, उसको भी निरस्त करने में भूपेश बघेल कामयाब रहे। इसलिए उनका कद राहुल गांधी के सामने और भी बढ़ गया। साथ ही कांग्रेस के संगठन में भी एक नई उर्जा का संचार हुआ और भूपेश बघेल बन गए कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता।

डॉ रमन सिंह से राजनीतिक रूप से लोहा लेना -

15 साल के भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को सत्ता से बेदखल करने और उनसे हर राजनीतिक मोर्चे पर लोहा लेने के लिए भी भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा। भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी कराई जो कि 15 साल से सत्ता विहीन थी और वापसी भी ऐसी कि 90 में से आज कांग्रेस के पास 69 सीटें हैं जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, इसलिए भी कांग्रेस पार्टी में भूपेश बघेल का ग्राफ़ बहुत बढ़ गया है। पिछले 10 महीनों में भी मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता, अपनी मर्यादा और अपने संयम व विवेक का परिचय देते हुए विरोधियों को हर मोर्चे पर पस्त किया है।

किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना भूपेश का मास्टर स्ट्रोक -

2500 समर्थन मूल्य देने के बाद किसानों की ऋण माफी और उनकी जमीनें वापस करने के साथ ही रुपए 2500 में धान की खरीदी के लिए भूपेश बघेल ने जिस प्रकार से केंद्र सरकार को घेरा है, वह बेहद ही रोचक है। अभी हाल ही में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में किसानों के मुद्दे पर चर्चा हुई जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं व सांसदों ने इस बैठक को बायकॉट किया। अब इसी को देखते हुए आगामी 13 नवंबर को तकरीबन 20 से 25 हजार किसान 600 से 700 गाड़ियों में सवार होकर चार प्रदेशों की यात्रा करते हुए दिल्ली कूच कर रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भूपेश बघेल शांत बैठने वाले नेताओं में से नहीं हैं। उन्होंने मोदी सरकार की नाक में दम कर के रखा है। साथ ही 4 प्रदेशों की यात्रा करते हुए जब वे दिल्ली कूच करेंगे तब इससे किसानों और आम लोगों में उनकी इज़्ज़त और बढ़ेगी और राष्ट्रीय स्तर पर भी एक बहुत बड़ा संदेश जाएगा जिससे कि भूपेश बघेल का ग्राफ़ बढ़ता है। भूपेश बघेल का ग्राफ़ बढ़ने का साफ-साफ मतलब है कांग्रेस पार्टी का ग्राफ़ बढ़ना।

यह कुछ कारण है जिनका जिक्र करते हुए राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुंज पांडेय ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के पास यह स्वर्णिम अवसर है जिससे वह भूपेश बघेल जैसे तेज़ तर्रार नेताओं को न सिर्फ राज्य बल्कि केंद्र में भी एक बड़ी ज़िम्मेदारी दे सकते हैं जिससे कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी का नाम, कद और काम बढ़े और कार्यकर्ताओं में भी एक नई ऊर्जा का संचार हो। ज्ञात हो कि हाल ही में भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र विधानसभा के दौरान जितनी भी सभाएँ की थीं वहां वहां कांग्रेस पार्टी विजयी हुई है। यह भी एक बहुत बड़ा फैक्टर है।

 

01-11-2019
15 नवंबर की बजाय 1 दिसम्बर से धान खरीदी किसानों के साथ वादाखिलाफी : जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो व राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि अपूर्ण कर्जमाफी के बाद राज्य सरकार का 15 नवंबर की बजाय 1 दिसंबर से धान खरीदी करने का निर्णय छत्तीसगढ़ के 70 लाख किसानों के साथ वादाखिलाफी और धोखा है। सरकार का यह निर्णय ऐसे दिन आता है जिस दिन छत्तीसगढ़ का जन्म हुआ है और छत्तीसगढ़ की नई सरकार धूमधाम से राज्योत्सव मना रही  है। एक तरफ बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है, किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है उस पर भी सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जोगी ने कहा कि अन्नदाताओं की धान खरीदी सर्वप्रथम देश में  जोगी सरकार ने की थी जब सरकार का वार्षिक बजट 10 हजार करोड़ से कम था तब किसान खुशहाल थे, किसानों की कोठी धान से भरी रहती थी तब प्रदेश के किसी भी अन्न दाता किसान ने आत्महत्या नहीं की। अब सरकार का वार्षिक बजट 80 हजार करोड़ से भी अधिक है फिर भी  सरकार धान खरीदी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी, बोनस और कर्जमाफी के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  धान खरीदी पर पीछे हटते हुए केन्द्र सरकार पर अड़ंगा डालने का आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

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