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23-06-2020
34 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों का एसपी ने किया तबादला...

धमतरी। पुलिस अधीक्षक बीपी राजभानू ने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 5 थाना प्रभारी सहित 4 सहायक उपनिरीक्षक और 25 प्रधान आरक्षकों को इधर से उधर किया गया है। देखें लिस्ट...

20-06-2020
कलेक्टर ने कहा सबके परफार्मेंस की हो रही मानिटरिंग, शतप्रतिशत क्षमता से कार्य करें अधिकारी

दुर्ग। जिला मुख्यालय के अधिकारियों के साथ कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने अपनी नजर ब्लाॅक लेवल के ऑफिसर्स के कार्यों की मानिटरिंग पर भी रखी है। उन्होंने आज अपनी तीसरी ब्लाॅक स्तरीय बैठक दुर्ग ब्लाक में ली। इससे पहले वे धमधा और पाटन ब्लाॅक के अधिकारियों के साथ बैठक ले चुके हैं। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि वे जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यों के साथ ही ब्लाॅक लेवल ऑफिसर के कार्यों की भी नियमित मानिटरिंग करेंगे। परिणाममूलक कार्य नहीं हुए तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाएं सबसे अहम हैं। इसके क्रियान्वयन पर पूरी बारीकी से कार्य करें। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी मौजूद थे।इस दौरान उन्होंने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। चिन्हांकित किये गए 61 गौठानों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने गौठान की बुनियादी बातों को सबसे पहले बताया।कलेक्टर ने कहा कि गौठान को रोजगार मूलक बनाया जाना है ताकि आर्थिक दृष्टिकोण से ग्रामीणों को मजबूत बनाया जा सके। गौठान में महिला स्वसहायता समूहों को अनेक गतिविधियों से जोड़कर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाने का कार्य करें। 

19-06-2020
अधिकारी पर विभाग की महिला ने लगाएं आरोप, थाने में की शिकायत

कांकेर। वन परिक्षेत्र अधिकारी पर वन विभाग की एक महिलाकर्मी ने आरोप लगाए है। महिला ने अजाक थाना में इसकी लिखित शिकायत की है। इसके बाद पुलिस जांच में जुटी है।शिकायत के अनुसार पीड़ित महिला ने अधिकारी पर कार्य के दौरान बुरी नज़र रखना के आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारी ने लिखित में शिकायत अजाक थाने में की है। महिला ने शिकायत में लिखा है कि भद्दे एवं जाती सूचक अपशब्दों का प्रयोग कर धमकाया जाता था। पीड़िता ने वन कर्मचारी संघ जिला में भी इसकी लिखित शिकायत की थी। पीड़िता ने यह बताया कि द्वेषपूर्ण भावना से उच्च अधिकारियों से शिकायत कर राजपत्रित अवकाश के दिन बिना कोई नोटिस जारी किए निलम्बित करवा दिया। पीड़ित महिला ने महिला आयोग रायपुर, हेल्पिंग ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन तथा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। इस सबंध में अजाक थाना प्रभारी रविन्द्र मंडावी ने बताया कि अभी सभी पहलुओं के देखते हुए गवाहों से पूछताछ की जा रही है,जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

 

 

18-06-2020
उच्च न्यायालय के आदेशों की अवेलहना कर रहे अधिकारी, हाथियों की मौत करंट से होने के बावजूद मौन : नितिन सिंघवी

रायपुर। धरमजयगढ़ में गुरुवार को हुई हाथी की मौत के मामले में रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने विद्युत वितरण कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि विद्युत वितरण कंपनी न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रही है। वन क्षेत्रों में मापदंडों से नीचे जा रही बिजली लाइनों और लटकते तारों और बेयर कंडक्टर को कवर्ड तारों में बदलने से बचने के लिए रुपए 1674 करोड़ खर्च करने से बच रही है। इसके कारण से हाथी समेत अन्य वन्य प्राणियों की मौतें करंट से हो रही है। छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद कुल 157 हाथियों की मृत्यु हुई है। इसमें से 30 प्रतिशत हाथियों की मृत्यु विद्युत करंट के कारण हुई है।सिंघवी ने आरोप लगाया कि विद्युत वितरण कंपनी ना तो सुधार कार्य करा रही है, ना ही अपने वित्तीय प्रबंध से 1674 करोड़ की व्यवस्था कर रही है। हद तो तब हो गई जब वन विभाग लगातार ऊर्जा विभाग को पत्र लिख रहा था, तो 9 माह बाद मार्च 2020 में ऊर्जा विभाग ने वन विभाग को पत्र लिखकर फिर कहा कि विद्युत वितरण कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार रुपए 1674 करोड़ उपलब्ध कराएं। इससे स्पष्ट है कि विद्युत वितरण कंपनी न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रही है। न्यायालयों के आदेशानुसार सुधार कार्य भी नहीं करा रही है,इससे हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों  की मौतें हो रही है।याचिका के निर्णय 12 मार्च 2019 में विद्युत करंट से हाथियों की मृत्यु धरमजयगढ़ क्षेत्र में अधिक होने के कारण धर्मजयगढ़ क्षेत्र में प्रगति पर ठोस कदम उठाने के निर्देश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिए थे। परंतु उसके बाद भी आज हाथी की मौत धर्मजयगढ़ के क्षेत्र में होने से ही स्पष्ट होता है

कि विद्युत वितरण कंपनी किसी भी रुप से न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। करंट से  7 हाथियों की  मौत के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से 4 करोड रुपए की पेनल्टी ओड़िशा विद्युत वितरण कंपनी पर लगाए जाने के निर्णय का हवाला देते हुए जून 2019 में छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी ने अपने सभी अधीनस्थों को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया कि विद्युत करंट से हाथियों व अन्य वन्य प्राणियों की हो रही मौतों के प्रकरणों में राज्य विद्युत वितरण कंपनी के जिला अधिकारियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972, इंडियन पेनल कोड 1860 एवं इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के अंतर्गत कोर्ट में चालान की कार्यवाही की जाए। विद्युत लाइन में हुकिंग करने से जिस भूस्वामी की जमीन पर वन्य प्राणी का मृत शरीर पाया जाता है, उसको अपराधी मानते हुए कोर्ट चालान की कार्यवाही की जाए।प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने फील्ड के अपने समस्त अधिकारियों से यह जानना चाहा कि वर्ष 2019 में उन्होंने ऐसे प्रकरणों में विद्युत वितरण कंपनी और भू स्वामियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की है? परंतु पिछले एक वर्ष में 8 रिमाइंडर भेजे जाने के बाद में भी अधीनस्थों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को यह नहीं बताया कि विधुत करंट से वन्य प्राणियों की मौत के मामले में उन्होंने क्या कार्रवाई की। इससे स्पष्ट है कि वन विभाग के फील्ड के अधिकारी विद्युत करंट से वन्यजीवों की मौत के मामले में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।सिंघवी ने कहा कि धरमजयगढ़ में हो रही विद्युत करंट से हाथियों की मौत के मामले में उच्च न्यायालय की ओर से भी चिंता जताने के बावजूद आज विद्युत करंट से हाथी की मौत चिंतनीय है। मामले में विद्युत वितरण कंपनी के इंजीनियर और वन विभाग के लापरवाह अधिकारी जिम्मेदार हैं, इनके विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए।

क्या है रुपए 1674 करोड़ का मामला?
छत्तीसगढ़ में लगातार विद्युत करंट से हाथियों की हो रही मौतों के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका क्रमांक 5/2018  नितिन सिंघवी विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य नामक याचिका लंबित रहने के दौरान विद्युत वितरण कंपनी ने अपना पक्ष रखा था। कहा था कि वन क्षेत्रों से नीचे जा रही विद्युत लाइनों और लटकते हुए तारों और बेयर कंडक्टर (नंगे तारों) को कवर्ड कंडक्टर में बदलने के लिए वन विभाग, विद्युत वितरण कंपनी को रुपए 1674 करोड़ रुपए दे तो वह  एक वर्ष के अंदर में सभी सुधार कार्य कर देगी। छत्तीसगढ़ शासन ने इस राशि की मांग भारत सरकार व पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से की। जवाब में भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्णयों का हवाला देते हुए पत्र लिखकर आदेशित किया था। कहा था कि करंट से हाथियों और अन्य वन्य प्राणियों की मृत्यु के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी जवाबदेह है। वर्णित सुधार कार्य विद्युत वितरण कंपनी अपने वित्तीय प्रबंध से करेगी। एक वर्ष पूर्व 19 जून को प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी ने प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को भारत सरकार के निर्णय से अवगत कराया था। 15 दिन के अंदर कार्य योजना तैयार कर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी को भेजने को कहा था। वन विभाग के प्रमुख सचिव ने भी प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र लिखकर 1674 करोड़ रुपए स्वयं के वित्तीय प्रबंध से करके आवश्यक सुधार कार्य करने के लिए कहा था। अन्यथा की स्थिति में न्यायालय के आदेश के अनुसार वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 और उसके अंतर्गत निर्मित नियम, इंडियन पेनल कोड 1860, इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 तथा अन्य सुसंगत विधियों के अंतर्गत डिस्कॉम के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

16-06-2020
Breaking : प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से की चर्चा, भूपेश बघेल के साथ मंत्री और अधिकारी हुए शामिल 

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम पर चर्चा करने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों की बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री बघेल के साथ प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्य सचिव आरपी मंडल, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी और उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

16-06-2020
एलएसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प, एक अधिकारी और दो जवान शहीद

नई दिल्ली। भारत और चीन सीमा पर पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर करीब एक महीने से तनाव की स्थिति है। इस बीच सोमवार देर रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच पेगांग झील क्षेत्र में फिर आमने सामने हो गए। यहां दोनों के बीच हिंसक झड़प की बात सामने आ रही है। इसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। सेना ने आज जारी एक वक्तव्य में कहा है कि दोनों सेनाओं के जवानों के अपनी-अपनी जगहों से पीछे हटने की प्रक्रिया के तहत यह झड़प सोमवार रात पेगांग झील क्षेत्र में हुई जिसमें सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।

13-06-2020
बीएसपी के रेल मिल में लापरवाही से हुआ हादसा, ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल  

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल मील में कल हादसा हो गया। हादसे में ठेका श्रमिक गणेशराम गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए सेक्टर 9 अस्पताल ले जाया गया। मिली जानकारी के अनुसार रेल मिल में शुक्रवार की सुबह 10 बजे 800 का सेकंड स्टैंडर्ड चेंज किया जा रहा था। उसी दौरान इसी को मैच कराने के लिए 2 दु मोटर का चालू रहना जरूरी होता है। इसलिए कर्मियों ने मोटर शुरू होने के बाद बॉक्स लगाने में अधिकारी ने कंप्लेंट बॉक्स लगाने के लिए जोर देने लगे। लोहे की बारी लगाकर चार चार कर्मी जोर लगाने से लोहे की बारी टूटी और ठेका कर्मी गणेश टकरा गया जिससे घटना घटित होना बताया जा रहा है।

12-06-2020
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ने किया मास्क वितरण

कोरिया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं भूतपूर्व सैनिकों द्वारा शुक्रवार को घडी चौक बैकुण्ठपुर में कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क वितरण एवं बचाव, अप्रसार तथा रक्षात्मक उपायों की जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के विरूध्द सतत जागरूकता अभियान के तहत यह वितरण एवं जागरूकता कार्य किया गया है।

 

 

10-06-2020
महापौर के आदेश पर इमलीभाठा में बिजली,पानी की समस्या दूर करने मौके पर डटे अधिकारी

रायपुर/बिलासपुर। चांटापारा तिलक नगर से मकान खाली करने के बाद बेदखल हुए लोगों को इमलीभाठा सरकंडा में मकान दिया गया। लेकिन यहां शिफ्टीग के दौरान लोगो को पता चला कि जो घर-मकान इन्हें दिए गये हैं वो तो रहने योग्य ही नहीं है। इसके बाद लोगो ने महापौर रामशरण यादव से इस बात कि शिकायत की। जिसके बाद महापौर यादव ने निगम के अधिकारियों से बात कर अलाट किए गए मकानों को रहने योग्य बनाने की बात कर लोगो को हो रही समस्याएं दूर करने कहा गया। अरपा नदी के तट पर नए रिवर व्यू रोड बनाने के लिए चाटापारा में रहने वाले 241 लोगो को वहां से सरकंडा इमलीभाठा में शिफ्ट किया गया। जहां जाने के बाद लोगो ने मकान को देखा। तो पता चला की जो घर इन्हें मिला है। उसमे न तो पानी आ रहा है और न ही बिजली की व्यवस्था हैं। जिसके बाद लोगो ने महापौर रामशरण यादव से शिकायत की और बताया कि यहां कई साल पुराने घर बने हुए है। जिन्हें निगम ने इन्हें अलाट किया है। लेकिन यहां मकान के पानी की पाइप लाईन उखडी हुई है। पानी की टंकी भी फूट चुकी है। कई मकानों में दरवाजा ही नहीं था। कई में दरवाजे तो थे, लेकिन कुण्डी और नलो की टोंटी चोरी हो गई है। ऐसे में यहां निवास करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद महापौर रामशरण यादव ने निगम के अधिकारियों को मौके पर जाकर लोगों की समस्याएं दूर करने कहा। जिसके बाद कार्यपालन यंत्री पी.के पंचायती, जल विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी इमलीभाठा पहूंचे और मकानों को दुरुस्त कराया।

 

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