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19-09-2019
नक्सलियों ने ग्रामीण की हत्या कर बताया पुलिस का मुखबिर

दंतेवाड़ा। आज एक तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का रोड शो चल रहा था वहीं दूसरी ओर नक्सलयों ने पेरपा चौक पर एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद नक्सलियों ने पर्चे फेंककर हत्या की वजह  पुलिस का मुखबिर होना बताया है। इधर किरंदुल में पूर्व सीएम सहित कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेता भी मौजूद है। भारी फोर्स की तैनाती के बाद भी नक्सलियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इससे पुलिस के तमाम खुफिया तंत्र की पोल खुल गई। मतदान में मात्र तीन दिन बाकी है और नक्सलियों ने फिर से उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। नक्सली एक बार फिर बड़ी वारदात करने की फिराक में है। इस दहशत के बीच किरंदुल में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह का रोड शो जारी था।

 

15-09-2019
नक्सलियों के मंसूबे नाकाम, सुरक्षा बलों ने बरामद किया प्रेशर कुकर बम

कांकेर। थाना ताड़ोकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम माहुरपाठ पहाड़ी जंगल में नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में बड़ी घटना को अंजाम देने व सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने छुपाकर रखे प्रेशर कुकर बम व बिजली वायर बंडल को सुरक्षा बल ने बरामद किया।
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बीएसएफ एवं जिला बल की संयुक्त टीम थाना ताड़ोकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम चिपोण्डी, बड़ेधौंसा, माहुरपाठ की ओर नक्सल गस्त सर्चिंग पर रवाना हुई थी। गस्त सर्चिंग के दौरान मुखबीर सूचना पर थाना ताड़ोकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम माहुरपाठ पहाड़ी जंगल पास नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने एवं क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने छुपाकर रखा गया लगभग 5 किलो का 1 नग, 3 किलो का 1 नग कुल 2 नग प्रेशर कुकर बम एवं बिजली वायर 4 बंडल बरामद किया गया। बरामद प्रेशर कुकर बम को मौके पर डिफ्युज किया गया। क्षेत्र में लगातार सुरक्षा बलों द्वारा गस्त सर्चिंग करते रहने के कारण नक्सली अपने मंसुबो में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। नक्सलियों के विरुद्ध थाना ताड़ोकी में विधिवत् वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

15-09-2019
breaking : नक्सलियों ने यात्री बस में की आगजनी, सभी यात्री सुरक्षित

बीजापुर। नक्सलियों ने कायराना हरकत को अंजाम दिया है। रविवार को माओवादियों ने यात्री बस में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। आवापल्ली-उसूर मार्ग पर कुशवाह ट्रेवल्स की बस में माओवादियों ने आगजनी की। सीतापुर सीआरपीएफ कैम्प के पास नक्सलियों ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया। सभी यात्री सीतापुर कैम्प सुरक्षित पंहुचे गए है। यह जानकारी उसूर थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज ने दी। 

07-09-2019
सर्चिंग के दौरान पकड़े गए दो नक्सली, न्यायालय में किया गया पेश

बीजापुर। जिला बल एवं केरिपु बल की सयुंक्त पार्टी ने सर्चिग के दौरान गलगम के जंगल में 2 नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ में अपना नाम लक्ष्मैया उर्फ लच्छू कट्टम व चिन्ममी कट्टम जनमिलिशिया सदस्य होना बताया। गिरफ्तार दोनों नक्सलियों ने 24 मई 2018 को माओवादियों द्वारा कट्टम मुत्तैया उर्फ मुत्ता साकिन गलगम तथा मुचाकी अंदा उर्फ नंदा साकिन बेनुपारा गलगम को घर से अगवा कर ले गए और बाद में हत्या कर दिए थे। इससे थाना उसूर में अपराध क्रमांक 06/2018 धारा 147, 148, 149, 363 भादवि कायम किया गया। पकड़े गए दोनों आरोपी उक्त अपराध के नामजद आरोपी है।दोनों अरोपी को थाना उसूर में गिरफ्तार कर शनिवार को सीजेएम न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया।

 

05-09-2019
नक्सलियों का नहीं है कोई सिद्धान्त : केन्द्रीय मंत्री रेणुका सिंह

कांकेर। दंतेवाड़ा उपचुनाव के लिए नामांकन रैली में शामिल होकर वापस लौटते समय केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह कांकेर विश्राम गृह में रुकीं जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की नामांकन रैली निकली थी। हमारे कार्यकर्ताओं में जोश है और जनता को भाजपा पर भरोसा है। दंतेवाड़ा की जनता शहीद भीमा मंडावी को श्रद्धांजलि के रूप में भाजपा को वोट देने वाली है। आरएसएस कार्यकर्ताओं को धमकी देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नक्सलियों का कोई सिद्धान्त नहीं है। वे सिर्फ भाजपा नेताओं को ही टारगेट नहीं करते। वे कभी पुलिस को तो कभी जनता या फिर किसी भी नेता को टॉरगेट करते हैं। बस्तर को नक्सलमुक्त करने के बारे के कहा कि पहले भी सभी को लगता था कि जम्मू कश्मीर से  धारा 370 नहीं हट सकती लेकिन जिस तरह से हमारी सरकार ने धारा 370 और 35 ए  हटाया है उसी तरह से हमारी सरकार आतंकवाद व नक्सलवाद को हटाने हमारे प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या है। उसके लिए भारत सरकार गंभीर है।

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

03-09-2019
भाजपा व आरएसएस कार्यकर्ताओं को नक्सलियों ने दी चेतावनी

कांकेर। पखांजूर बडग़ांव थाना अंतर्गत मटन मार्केट में नक्सलियों ने भारी मात्रा में नक्सली पर्चा फेंककर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। नक्सलियों ने पर्चे के माध्यम से आरएसएस के कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं को खबरदार होने की चेतावनी दी है। 27 अगस्त की रात कोंडे में हुई घटना को लेकर भी जिक्र किया है। कोंडे में आरएसएस कार्यकर्ता दादूसिंह की हत्या के संबंध में नक्सलियों ने पर्चे के माध्यम से बताया है कि दादूसिंह आरएसएस प्रचारक था जो इलाके में प्रचारक का काम करता था। उसे 27 अगस्त को जनअदालत लगाकर मौत के घाट उतार दिया। पर्चे की जानकारी होते ही बडग़ांव पुलिस मौके पर पहुंचकर पर्चे जब्त कर आगे कार्रवाई कर रही है। साथ ही इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी गई है।

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

01-09-2019
झीरम मामले में भाजपा ने कांग्रेस से कहा- लाशों पर राजनीति और नूराकुश्ती बंद करो

रायपुर। झीरम मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी छत्तीसगढ़ के फेसबुक पोस्ट में अखबार में प्रकाशित खबर को अटैच कर लिखा है कि आयोग की यह टिप्पणी भयावह है। सोचिए जरा जब कांग्रेस सरकार दिवंगत नेताओं के साथ ऐसा सलूक कर रही है तो अन्य मामले में क्या उम्मीद की जाय। कांग्रेस का ही वकील कह रहा कि शासन ने आयोग के आदेश का पालन नही किया है और उसे समय चाहिये। जाहिर है जानबूझकर इस मामले को लटकाया जा रहा है। सीएम भूपेश बघेल का दावा था कि झीरम के सबूत उनकी जेब में है। भूपेश या तो आयोग में सबूत दें या फिर उन पर साक्ष्य छिपाने का भी जुर्म दर्ज हो। लाशों पर राजनीति और नूराकुश्ती बंद करो सरकार।

बता दें कि बस्तर की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला किया था। इस दौरान पीसीसी के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, दंतेवाड़ा के तत्कालीन विधायक महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 31 जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों व सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। राज्य सरकार ने 28 मई 2013 को जांच आयोग अधिनियम के प्रावधानों के तहत हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। आयोग को तीन माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं होने पर विभिन्न तारीखों में आयोग के कार्यकाल में 10 बार वृद्धि की जा चुकी है। अब 11वीं बार 27 फरवरी 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक की वृद्धि की गई। राज्य सरकार ने जांच के लिए अतिरिक्त 8 बिंदुओं को शामिल किया। झीरम मामले की जांच के लिए शामिल किए गए नए बिंदुओं पर जस्टिस प्रशांत मिश्रा की एकल सदस्यीय आयोग में शनिवार से सुनवाई होनी थी। इसके लिए 8 बिंदुओं की अधिसूचना का प्रकाशन चार राष्ट्रीय और छह राज्य स्तर के अखबार में प्रकाशित करवाने के निर्देश दिए थे। आठ बिंदुओं पर की जा रही जांच की अधिसूचना दस की बजाए महज 2 अखबारों में प्रकाशित किए जाने पर आयोग ने नाराजगी जताई है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने झीरम घाटी हमले के आठ नए बिंदुओं को शामिल कर जांच कर रहे न्यायिक आयोग की प्रदेश सरकार की भूमिका पर की गई प्रतिकूल टिप्पणी को काफी गंभीर और भयावह बताया है। कौशिक ने कहा कि इससे यह साफ हो रहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शहीदों के सम्मान के प्रति  उदासीनता दिखा रहे हैं। 
 

ये हैं जांच के नए बिंदु :

- नवंबर 2012 में स्व. महेन्द्र कर्मा पर  हुए हमले के पश्चात क्या उनकी सुरक्षा की समीक्षा प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप के द्वारा की गई थी?

-स्व. महेन्द्र कर्मा को नवंबर 2012 में उन पर हुये हमले के पश्चात उनके द्वारा मांगी गई अतिरिक्त सुरक्षा की मांग पर किस स्तर पर विचार निर्णय किया गया था और उस पर क्या कार्यवाही की गई थी?

-गरियाबंद जिले में जुलाई 2011 में स्व. नंद कुमार पटेल के काफिले पर हुए हमले के पश्चात क्या स्व. पटेल एवं उनके काफिले की सुरक्षा हेतु अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी और क्या उन अतिरिक्त सुरक्षा मानकों का पालन झीरम घाटी घटना के दौरान किया गया ?

-क्या राज्य में नक्सलियों के द्वारा पूर्व में किये गये बड़े हमलों को ध्यान में रखते हुये नक्सली इलाकों में यात्रा आदि हेतु किसी निर्धारित संख्या में या उससे भी अधिक बल प्रदाय करने के कोई दिशा-निर्देश थे? यदि हां तो उनका पालन किया गया? यदि नही तो क्या पूर्व के बड़े हमलों की समीक्षा कर कोई कदम उठाये गये?

-नक्सल विरोधी आपरेशन में और विशेषकर टीसीओसी की अवधि के दौरान यूनिफाईड कमाण्ड किस तरह अपनी भूमिका निभाती थी? यूनिफाईड कमांड के अध्यक्ष के कर्तव्य क्या थे और यूनिफाईड कमाण्ड के तत्कालीन अध्यक्ष ने अपने उन कर्तव्यों का उपर्युक्त निर्वहन किया?

-25 मई 2013 को बस्तर जिले में कुल कितना पुलिस बल मौजूद था? परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम की अवधि में बस्तर जिले से पुलिस बल दूसरे जिलों में भेजा गया? यदि हां तो किस कारण से और किसके आदेश से? क्या इसके लिये सक्षम स्वीकृत प्राप्त की गई थी?

-क्या नक्सली किसी बड़े आदमी को बंधक बनाने के पश्चात उन्हें रिहा करने के बदले अपनी मांग मनवाने का प्रयास करते रहे है? स्व. नंद कुमार पटेल एवं उनके पुत्र के बंधक होने के समय ऐसा नहीं करने का कारण क्या था?

-सुकमा के तत्कालीन कलेक्टर, अलेक्स पाल मेनन के अपहरण एवं रिहाई में किस तरह के समझौते नक्सलियों के साथ किये गये थे? क्या उनका कोई संबंध स्व. महेन्द्र कर्मा की सुरक्षा से था ?

 

30-08-2019
नक्सलियों ने किया कश्मीर से धारा 370 हटाने का विरोध

राजनांदगांव। धारा 370 कश्मीर मामले की चिंगारी नक्सलियों में भी सुलगने लगी है। आज जिले के कोहका थाना क्षेत्र में सुबह नक्सलियों द्वारा हस्तलिखित पर्चे सड़क पर फेंके गए, जिसमें धारा 370 हटाने का विरोध किया गया है। परचे में लिखा गया है कि कश्मीर कश्मीरियों का है। कश्मीर न भारत का है और न ही पाकिस्तान का। इसी परिपे्रक्ष्य में नक्सलियों ने आज बंद का भी आह्वान किया है। इसकी पुष्टि करते हुए गोरखनाथ बघेल एएसपी नक्सल सेल ने कहा कि नक्सलियों के हस्तलिखित पर्चे बरामद किए गए हैं। पर्चे में नक्सलियों ने तीन  बिन्दू लिखे हैं। बंद के आव्हान पर उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने बंद का आव्हान किया है लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ हैं।

 

29-08-2019
नक्सलियों ने मोबाइल टावर में लगाई आग,30 अगस्त को बंद का आव्हान

कांकेर। जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में नक्सलियों ने एक बार फिर से उत्पात मचाया है। बदरंगी गांव में मोबाइल टावर में नक्सलियों ने आग लगा दी है। साथ ही भारी मात्रा में बैनर भी लगाए है। इसमेें धारा 370 हटाए जाने का एक बार फिर विरोध करते हुए 30 अगस्त को भारत बंद का आव्हान किया है। नक्सलियों का उत्पात पिछले 3 दिन से जारी है। इसके पहले नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। घटना के बाद इलाके में दहशत है। वही पुलिस पार्टी घटना की जानकारी के बाद मौके के लिए रवाना की गई है।

19-08-2019
नक्सलियों ने रिहा कर दिया अगवा 6 ग्रामीणों को

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया है कि गुमियापाल गांव के 6 ग्रामीणों को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है। नक्सलियों ने 6 ग्रामीणों को पुलिस मुखबिरी के शक में अगवा कर लिया था। 9 दिन बाद जन अदालत लगाकर इन ग्रामीणों को रिहा कर दिया।

 

11-08-2019
नक्सलियों ने कहा-15 अगस्त को न फहराएं तिरंगा, गांव में दहशत

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के लालबाग थाना अंतर्गत ग्राम बुद्धू भरदा के आश्रित ग्राम कबीराज टोला में नक्सली बैनर लगाए गए हैं। इन बैनरों पर साफ  लिखा है कि कोई भी 15 अगस्त को तिरंगा झंडा नहीं फहराएगा। इससे गांव में दहशत का माहौल है। बता दें कि ये पहली बार हुआ है जब नक्सलियों ने स्वतंत्रता दिवस  का विरोध किया हो या राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने का ऐलान किया हो। वैसे नक्सली बस्तर के इलाकों में तो अक्सर बैनर लगाते रहे हैं पर राजनांदगांव को शहरी इलाका माना जाता है, जहां अभी तक नक्सलियों की पहुंच नहीं थी। लेकिन अब अगर शहरों में भी इस तरह के नक्सली बैनर लगने लगे तो आने वाले समय में सरकार को बड़ी चुनौती मिलने वाली है। हालांकि  राजनांदगांव जिले में कुछ दिनों पहले ही सुरक्षा बल के जवान और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए थे। 

 

 

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