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18-09-2020
भूपेश बघेल के निर्देश पर गिरदावरी की जानकारी लेने खुद कर्मचारी किसानों के खेतों तक जा रहे हैं, सीएम हो तो ऐसा

रायपुर। भूपेश बघेल के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी गिरदावरी के लिए किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों की जानकारी लेकर भूमि के खसरों व अभिलेखों में प्रविष्टियां कर रहे हैं। राजस्व विभाग के हल्कों में तैनात पटवारी फसल के रकबे का पंजीयन भी कर रहे हैं। पटवारियों को अपने हल्के के अंतर्गत सभी किसानों के खेतों में पहुंचकर गिरदावरी कर ऑनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए गए हैं। गिरदावरी के कार्य का मौके पर निरीक्षण विभाग के उच्च अधिकारी कर रहे हैं। बिलासपुर के कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने तखतपुर विकासखण्ड में राजस्व विभाग के अमले द्वारा किये जा रहे गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया। वे खेतों में उतरे और स्थल पर गिरदावरी के कार्य को बारीकी से देखा और निर्देशित किया कि शत् प्रतिशत शुद्धता के साथ गिरदावरी का कार्य किया जाये।    

राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल गिरदावरी का कार्य जिले में संचालित हो रहा है। इस क्रम में बिलासपुर कलेक्टर ने ग्राम-सकरी पटवारी हल्का नंबर 45 के अंतर्गत चल रहे गिरदावरी कार्य को स्वयं खेत में उतरकर देखा कि गिरदावरी कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है या नहीं। कलेक्टर ने गिरदावरी के कार्य को बारीकी से करने के निर्देश देते हुए निर्धारित समय पर इसकी ऑनलाइन एंट्री करने कहा ताकि बाद में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

12-08-2020
खाद विक्रय से 80 लाख रूपए का मिला राजस्व

भिलाई। लिक्विड एंड सॉलिड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम सेंटर) नगर पालिक निगम प्रशासन के लिए आय का बड़ा स्रोत साबित हो रही है। इससे निगम प्रशासन ने एक, दो, तीन नहीं, पूरे 80 लाख रूपए का राजस्व जुटाया है। घरों से एसएलआरएम सेंटर में पहुंचने वाले गीला कचरे से बनी सोनहा खाद की क्वाॅलिटी इतनी अच्छी है कि रायपुर और जगदलपुर की एजेंसी उसे हाथों-हाथ खरीदने के लिए तैयार है। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर दो एसएलआरएम सेंटर भिलाई क्षेत्र के खमरिया और बटालियन के सामने शराब भट्टी के पास तैयार हो रही है! निगम प्रशासन ने शहर की साफ-सफाई का ठेका लेने वाले एजेंसी मेसर्स पीवी रमन के माध्यम से खाद बेचकर सालभर में 80 लाख रूपए का राजस्व जुटाया है।
गीला कचरे से तैयार करते हैं सोनहा खाद
नगर पालिक निगम के लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के अध्यक्ष लक्ष्मीपति राजू का कहना है कि साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट अधिनियम और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गीला कचरे को स्थानीय स्तर पर ही निपटान करना है। इसी के तहत स्वच्छता मित्र घरों से सूखा और गीला कचरा एकत्र करते हैं। गीला कचरे को एसएलआरएम सेंटर तक पहुंचाते हैं। इस तरह के शहर में 8 एसएलआरएम सेंटर थे। जहां महिलाएं कचरे की छंटाई कर गीला कचरे को अलग कर टंकियों में डालने के पश्चात कचरे के उपर बायो डी कंपोज लिक्विड का छिड़काव करके कुछ दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है। जब कचरा पूरी तरह से सड़ जाती है तब उसे तार जाली से छानकर खाद को अलग कर लिया जाता है। 1, 5, 10 और 20 से 25 किलो का पैकेट तैयार कर रखा जाता है। निगम के स्वच्छता अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा ने बताया कि निगम प्रशासन द्वारा शहर की सफाई एवं एसएलआरएम सेंटर का संचालन का ठेका दिया गया था। शर्त के मुताबिक एसएलआरएम सेंटर में माहभर में जितनी मात्रा में खाद तैयार होती है। उसकी प्रति टन की कीमत के बराबर एजेंसी के बिल में से कटौती किया जाता है। उसके बाद ही भुगतान किया जाता है।
सोनहा खाद की नर्सरी में अच्छी डिमांड

एसएलआर सेंटर का संचालन करने वाले मेसर्स पीवी रमन का कहना है कि सोनहा खाद की क्वाॅलिटी अच्छी है। इस वजह से जगदलपुर फारेस्ट विभाग और रायपुर एयरपोर्ट की नर्सरी में अच्छी डिमांड है। डिमांड के अनुसार खाद की सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा जैविक खाद बनाने वाले कुछ एजेंसी को खाद सप्लाई किया जाता है। पहले निगम क्षेत्र में 8 एसएलआरएम सेंटर थे। अविभाजित भिलाई निगम में 8 एसएलआरएम सेंटर था। इनमें से तीन एसएलआर सेंटर रिसाली निगम के गठन के बाद अलग हो गया है। इन्ही एसएलआर सेंटर से 1 मार्च 2019 से अप्रेल 2020 तक 4 हजार टन सोनहा खाद तैयार हुआ।

 

 

29-07-2020
बिना मास्क के घूम रहे हैं लोगों से वसूला गया जुर्माना

अंबिकापुर।  लखनपुर नगर में एक सप्ताह के संपूर्ण लॉकडाउन में नगर में बिना मास्क के घूम रहे 55 लोगों के ऊपर कार्यवाही करते हुए 5500 सौ रुपये जुर्माना वसूला किया गया। लखनपुर तहसीलदार शिवानी जायसवाल के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस अमला की संयुक्त टीम नगर के चौक चौराहों में मुस्तैद रहते हुए बिना मास्क लगाये नगर में घूम रहे 55 लोगों से 5500 सौ  रुपए की जुर्माना वसूला। राजस्व एवं पुलिस अमला की संयुक्त टीम मेडिकल दुकानों, गैस एजेंसी, पैथोलॉजी लैब तथा बैंकों में जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा मास्क का उपयोग करने की भी सलाह दी। लखनपुर नगर की सीमाओं में भरतपुर मार्ग,बेलदगी मार्ग, रझाकार मार्ग, जुनाडीह मार्ग में बैरिकेट्स लगाकर संपूर्ण लॉक डाउन का बैनर लगाया गया है। इस दौरान नायब तहसीलदार श्रुति धुर्वे, नायब तहसीलदार कमलावती सिंह, लखनपुर थाना प्रभारी मनोज प्रजापति, उपनिरीक्षक बृजनाथ पैकरा, राजस्व एवं पुलिस अमला की टीम मौजूद रही।

 

22-07-2020
ईमारती और जलाऊ लकड़ी की नीलामी से मिला दो करोड़ 55 लाख से अधिका का राजस्व

कवर्धा। मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त दुर्ग शालिनी रैना, भारतीय वन सेवा  के मार्गदर्शन में 21 जुलाई को वन विभाग कवर्धा, वन मंडल द्वारा कवर्धा डिपो में इमारती लकड़ी के 206 लॉट तथा जलाऊ लकड़ी के 9 लॉट का टिंबर व्यापारियों को नीलामी कर एक करोड़ 19 लाख 83 हजार 950 रुपया का राजस्व शासन को दिया गया। इसी प्रकार 22 जुलाई को चिल्फी डिपो में ईमारती लकड़ी के 174 लॉट की नीलामी टिंबर व्यापारियों को नीलामी करके वन विभाग द्वारा एक करोड़ 33 लाख 60 हजार एक सौ रुपए का राजस्व शासन के पक्ष में प्राप्त किया गया। इन दोनों डिपो में जुलाई माह में की गई नीलामी से छत्तीसगढ़ शासन को 2 करोड़ 55 लाख 44 हजार 50 रुपए का राजस्व मिला है। दोनों डिपो में हुई ईमारती और जलाऊ लकड़ी की औसत नीलामी अपसेट प्राइस से लगभग 11 प्रतिशत ऊपर गई है।  कोरोना वायरस कोविड-19 की विश्वव्यापी महामारी के दौरान प्रचलित कार्य योजना के अनुसार वनों के विकास, संवर्धन एवं संरक्षण के दृष्टिकोण से विदोहन योजना बनाकर वृक्षों का विनाश विहीन विदोहन से ना सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है साथ ही विभाग के माध्यम से शासन को राजस्व में भी सहायता मिल रही है।

22 जुलाई को चिल्फी डिपो में नीलामी के उपरांत वन मंडल अधिकारी दिलराज प्रभारक ने विभिन्न विभागीय कार्यों का क्षेत्रीय दौरा कर निरीक्षण किया। उनके द्वारा वन धन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन हाट बाजार की कार्य प्रगति का निरीक्षण किया गया। वन मंडल अधिकारी द्वारा तरैया बहरा ग्राम जाकर शासन की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ परंपरागत उपचार पद्धति के संरक्षण, संवर्धन एवं सतत आजीविका का विकास कार्य के लिए चयनित स्थल का मौका स्थल पर जाकर निरीक्षण किया गया। नरवा योजना में मनरेगा मद से निर्मित ग्राम पगवाही के वन क्षेत्र में पगवाही नाला पर निर्मित स्टॉप डैम कार्यों का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा चिल्फी में आवर्ती चराई योजना क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया गया तथा मौका पर उपस्थित उप वनमंडल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी तथा स्थानीय परिसर रक्षक के साथ इस योजना से संबंधित विभिन्न कार्यों पर चर्चा की गई। वन मंडल अधिकारी के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान उनके साथ उप वन मंडल अधिकारी कवर्धा उप वन मंडल, अधीक्षक भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण, परिक्षेत्र अधिकारी तरेगांव, परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम पंडरिया, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा, डिपो अधिकारी तथा स्थानीय वन अमला उपस्थित थे।

24-06-2020
प्रदेश में जून माह में अब तक 247.3 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड,नारायणपुर में सर्वाधिक  

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो रही है। जून माह में अब तक 247.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आज 24 जून को सुबह 3.3 मिमी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। राज्य में 1 जून से अब तक कुल 247.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। आज सर्वाधिक 10.9 मिमी औसत वर्षा नारायणपुर जिले में दर्ज की गई। सबसे कम दंतेवाड़ा और कांकेर जिले में 0.0 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड हुई। इसके अलावा कोरिया में 8.7 मिमी, बीजापुर में 8.6 मिमी, रायपुर 6.9 मिमी, बिलासपुर में 6.1 मिली, मिमी, गरियाबंद में 6.0 मिमी और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 5.4 औसत वर्षा दर्ज हुई है। राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरगुजा में 1.5 मिमी, सूरजपुर में 4.0 मिमी, बलरामपुर में 0.3 मिमी, जशपुर में 1.3 मिमी, बलौदाबाजार में 0.5 मिमी, महासमुंद में 0.9 मिमी, धमतरी में 1.3 मिमी, मुंगेली में 3.7 मिमी, रायगढ़ में 1.0 मिमी, जांजगीर-चांपा में 2.4 मिमी और कोरबा में 2.3 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड हुई है।  इसी तरह दुर्ग में 3.5 मिमी, कबीरधाम में 1.4 मिमी, राजनांदगांव में 2.2 मिमी, बालोद में 1.4 मिमी, बस्तर में 4.2 मिमी, कोण्डागांव में 2.8 मिमी और सुकमा में 3.9 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड हुई है।

10-06-2020
1 अक्टूबर से ई-कोर्ट से ही निराकृत होंगे राजस्व के मामले, यहीं के ही मान्य होंगे दस्तावेज

रायपुर। प्रदेश में राजस्व के मामलों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण तक की स्थिति में तत्परता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आगामी एक अक्टूबर से राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में 1 अक्टूबर से ई कोर्ट के दस्तावेज ही मान्य होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हैृ कि 7500 वर्ग फीट तक की नजूल भूमि के आवंटन और 5000 वर्ग फीट तक के डायवर्सन के मामलों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत शहरी इलाकों में पट्टा वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों को पात्र हितग्राहियों को अभियान संचालित कर भू-स्वामी अधिकार दिए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत अब तक एक लाख 19 हजार आवेदन मिले हैं,जिसमें से 26 हजार आवेदन स्वीकृत किए है।

1984 में वितरित पट्टों का नवीनीकरण तथा भूमि स्वामी अधिकार प्रदान करने के संबंध में कलेक्टरों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रत्येक जिले में दस-दस छात्रावासों को मॉडल बनाने के संबंध में कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने कहा कि चिन्हांकित छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय और खेल-मैदान सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रुपए का आवंटन दिया गया है। उन्होंने कलेक्टरों को इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से भी छात्रावासों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक राशि का उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टरों को कहा गया कि सभी आश्रमों और छात्रावासों में लगने वाली  दैनिक उपयोग की सामग्री की पूर्ति स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम करें। बैठक में जिलों के विभिन्न विभागों के कंडम वाहनों और अन्य सामग्रियों की नीलामी, बोध घाट सिंचाई परियोजना के सर्वेक्षण, शासकीय भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना के संबंध में भी कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिए गए।
 

10-06-2020
दीपक बैज ने की जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात, बस्तर के राजस्व मामलों पर की चर्चा

 जगदलपुर। बस्तर सांसद दीपक बैज ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात की। बुधवार को सांसद दीपक बैज और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मलकीत सिंह ने राजधानी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर बस्तर के राजस्व मामलों को लेकर चर्चा की।

 

14-05-2020
वनोपज आधारित लघु और कुटीर उद्योंगों को मिले बढ़ावा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले रोजगार: जयसिंह अग्रवाल

 बीजापुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने  गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव नियंत्रण रोकथाम सहित जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में बस्तर सांसद दीपक बैज एवं विधायक विक्रम शाह मंडावी विशेष रूप से शामिल हुए। प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने कलेक्टर केडी कुंजाम से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर एवं सभी विभागीय अधिकारियों को कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए जिले में वनोपज आधारित लघु उद्योगो को बढ़ावा देने कहा जिससे लोगो को बेहतर रोजगार की संभावना निर्मित हो सकेए साथ ही भविष्य में जिले से रोजगार के लिए श्रमिकों का पलायन रोका जा सके।मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में बीजापुर जिले में कोरोना वायरस की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए जिला अस्पतालए कोविड-19 अस्पतालए आईसोलेशन वार्डए कोरोना टेस्टिंग के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है।

अभी तक जिले में कोई भी संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में कोविड अस्पताल बनाया गया हैए जहां पर आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।कोरोना टेस्टिंग जगदलपुर मेडिकल कॉलेज से की जा रही है। जिले में अब तक 500 लोगों की जांच की गयी,जिसमें 400 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आयी है। शेष टेस्टिंग प्रक्रिया जारी है।राजस्व मंत्री ने बीजापुर जिले में बाहर से आने वाले मजदूरों के बारे में भी पूछा। अग्रवाल ने इन सभी मजदूरों के साथ जिले के ग्रामीणों को मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की जानकारी भी ली। जिला पंचायत बीजापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभागीय जानकारी देते हुए कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से जिले में लगभग 22 हजार श्रमिक कार्य कर रहें हैं। सीईओ ने बताया कि 91 ग्रामों में कार्य चल रहा है जिसमें 600 डबरी एवं 500 तालाब का कार्य है। सीईओ ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण बीजापुर में बैंकों की सीमित शाखाओं में भीड़ नियंत्रित करने के लिए मनरेगा मजदूरी का भुगतान नगद किया जा रहा है। सीईओ ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत बीजापुर जिले में स्वसहायता समूहों के माध्यम से 50 हजार से अधिक मास्क बनवाकर कोरोना से बचाव के लिए लोगों को उपलब्ध कराये गये हैं।राजस्व मंत्री ने बीजापुर जिले में वनवासियों से लघु वनोपज संग्रहण और खरीदी की जानकारी भी अधिकारियों से ली।

उन्होंने ईमलीए महुआए टोराए तेंन्दूपत्ता आदि के संग्रहण के बारे में अधिकारियों से पूछा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले में ईमली,महुआ सहित अभी तक साढ़े चार हजार क्विंटल वनोपज का संग्रहण किया जा चुका है। इसके लिए वनवासियों,संग्राहकों को डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि वर्षो से बंद बांस उत्पादन को बीजापुर जिले में  फिर से शुरू किया गया है। इस वर्ष अभी तक लगभग 9 लाख बाँसों की कटाई किया गया है,जिसमें श्रमिकों को 3 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसके लिए मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों को बधाई दी।बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल से आग्रह करते हुए कहा की जिलें में वनोपज संग्राहकों का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा रहा है जो की वर्तमान समय में कोरोना के खतरे को देखते हुए बेहद चिंतनीय है। लोगों को नगद लेने के लिए बैंक का चक्कर लगाना पड़ रहा है अगर भुगतान राशि को नगद देने कि सुविधा किया जाए तो लोगों को समस्या का सामना करना नहीं पड़ेगा। इस पर मंत्री जयसिंह ने वनोपज संग्राहकों को वनोपज के उचित दाम नगद मिले इसके लिए अधिकारियों को समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

 

12-05-2020
छत्तीसगढ़ सरकार ने विभागों के बजट खर्च में की कटौती, अब 70 प्रतिशत ही कर सकेंगे खर्च

रायपुर। कोविड-19 और सामान्य आर्थिक मंदी से राज्य की राजस्व प्राप्तियों में कमी से छत्तीसगढ़ शासन ने विभागों की खर्च सीमा को 30 प्रतिशत कम किया है। वित्त विभाग से जारी आदेशानुसार अब राज्य शासन की ओर से विभागों को जारी बजट का अब वो पूरे साल में 100 प्रतिशत की जगह 70 प्रतिशत ही खर्च कर सकेंगे। विभागों को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आबंटित बजट को साल के चार तिमाहियों में खर्च करने की पूर्व निर्धारित सीमा में भी संशोधन किया गया है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने परिपत्र सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, अध्यक्ष राजस्व मंडल बिलासपुर और सभी विभागाध्यक्षों को जारी कर दिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत प्रथम तिमाही में व्यय की सीमा 25 प्रतिशत को संशोधित कर 10 प्रतिशत, द्वितीय तिमाही में व्यय की सीमा 15 प्रतिशत को संशोधित कर 10 प्रतिशत, तृतीय तिमाही में व्यय की सीमा 25 प्रतिशत को संशोधित कर 20 प्रतिशत, चतुर्थ तिमाही में व्यय की सीमा 35 प्रतिशत को संशोधित कर 30 प्रतिशत और शत-प्रतिशत व्यय की सीमा को संशोधित कर 70 प्रतिशत किया गया है।

ई-कोष में प्रविष्टि अब 30 मई तक :

सभी विभागाध्यक्ष और बजट नियंत्रण अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (जिला एवं अन्य कार्यालयों सहित) को बजट का पुन: आवंटन कर ई-कोष के सर्वर में प्रविष्टि के लिए 26 अप्रैल तक समय-सीमा निर्धारित की गई थी। तालाबंदी के कारण इस प्रक्रिया में कतिपय कार्यालयों को बजट आवंटन समय पर नहीं हो पाने को ध्यान में रखते हुए इस समय-सीमा में वृद्धि करते हुए अब 30 मई तक निर्धारित कर दिया गया है। सभी बजट नियंत्रण अधिकारियों को त्रैमासिक व्यय की पुनरीक्षित सीमा को ध्यान में रखते ही अपने अधीनस्थ आहरण संवितरण अधिकारियों को बजट पुर्नआवंटन करने को कहा गया है, अन्य सभी निर्देश यथास्वरूप प्रभावशील रहेंगे। वहीं मितव्ययता पर चर्चा के लिए विभागवार समय-सारणी जारी की गई है।

12-05-2020
तेलंगाना से 1188 श्रमिकों को बिलासपुर लेकर पहुंची दो ट्रेने

रायपुर/बिलासपुर। श्रमिकों को लेकर दो ट्रेनें आज बिलासपुर पहुंची। इसमें एक लिंगमपल्ली (तेलंगाना) से आने वाली ट्रेन सुबह 11 बजे पहुंची। इसमें बिलासपुर जिले के 92 और संभाग के 546 व रायपुर के करीब 550 श्रमिक है। रायपुर के श्रमिकों को रायपुर स्टेशन में ही उतारा जाएगा। इन सभी श्रमिकों का स्टेशन पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए स्टेशनों पर मेडिकल टीमे भी तैनात की गई है। प्रशासन ने ट्रेन से आने वाले याात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल स्टाॅफ की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन और पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा अन्य समन्वय, सैनिटाइजर और मास्क वितरण के लिए लोग तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और आरपीएफ के जवान भी तैनात रहेंगे।

यात्रियों की स्कार्टिग के लिए राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बसों के लिए चालक और इतने ही वाहन प्रभारी उपस्थित रहेंगे। स्टेशन और आस-पास के क्षेत्र को सैनिटाइजेशन करने के लिए निगम के कर्मचाारियों का अमला और इस पूरी व्यवस्था के समन्वय और मानिटरिंग के लिए एस.डी.एम., डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी काम पर लगे हुए हैं। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर एक बार में अल्टरनेट चार बोगियों से यात्रियों को उतारा जाएगा। उतरने के पहले सभी यात्रियों को हैंड सैनिटाइजर और मास्क दिया जाएगा। रेलवे स्टेशन के हर गेट में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है, जिनके द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग की जाएगी। मजदूरों को रेलवे स्टेशन से बसों के द्वारा उनके गांव एवं जिलों में भेजने की व्यवस्था की गई है जहां उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों और चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए कुल 15 स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं।

सोमवार को पहली ट्रेन यहां गुजरात से पहुंची थी। ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी लिंक में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 15 ट्रेनों को चरणबद्ध किया है, उनमें अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए दो ट्रेन, विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर एक ट्रेन, अमृतसर पंजाब से चांपा एक ट्रेन, विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, लखनऊ उत्तरप्रदेश से रायपुर के लिए तीन ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए दो ट्रेन, मुजफ्फरपुर बिहार से रायपुर एक ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर के लिए एक ट्रेन, मेहसाना गुजरात से बिलासपुर चांपा एक ट्रेन, हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग रायपुर होते हुए बिलासपुर 2 ट्रेन शामिल है।

10-05-2020
नजूल भूमि पर अवैध कब्जा,पालिका नेता प्रतिपक्ष ने कहा - राजस्व का हो रहा है नुकसान

कांकेर। नगर पालिका क्षेत्र में लॉकडाउन में भी नजूल की भूमि पर अतिक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी भूमि पर पालिका की बिना अनुमति खुलेआम भवन खड़ा किए जा रहे हैं। कहीं जनप्रतिनिधियों के नाम पर धौंस दिखाकर तो कहीं रसूखदारों के संरक्षण में भवन बन रहे हैं, ऐसे में पालिका को टैक्स की राशि नहीं मिल रही है। जवाहर वार्ड के पार्षद एवं पालिका के प्रतिपक्ष नेता जयंत अटभैया ने बताया कि मोहल्ले में एक महिला द्वारा नजूल भूमि पर लॉकडाउन में भवन खड़ा किया जा रहा है। भवन का निर्माण रोकने के लिए पालिका प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। जयंत अटभैया ने बताया कि उक्त महिला सरकारी भूमि पर भवन खड़ा करने के लिए पालिका प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। ऐसे में नगर पालिका को राजस्व का नुकसान हो रहा है। हालांकि महिला की ओर से सरकारी भूमि पर झोपड़ी के एवज में तीन सौ रुपए टैक्स पालिका में जमा किया जा रहा है। नियम के आधार पर सरकारी भूमि पर काफी दिनों से झोपड़ी बनाकर रहने वालों से पालिका भी सौ-दो सौ रुपए टैक्स लेती है, लेकिन उस भूमि पर पक्का भवन खड़ा करने की अनुमति नपा नहीं देती है।

जब तक उक्त भूमि का पट्टा नहीं बन जाता तब तक कोई भी व्यक्ति भवन खड़ा नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में हमेशा से कांग्रेस का कब्जा रहा है। अभी हाल में राजस्व विभाग की ओर से सरकारी भूमि पर पट्टा देने के लिए आवेदन जमा कराया गया तो चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजस्व विभाग के रिकार्ड में 6 सौ से अधिक ऐसे लोगों का नाम सामने आया,जो नगर  पालिका में झोपड़ी के नाम पर टैक्स जमा कर रहे और दो-दो मंजिला भवन खड़ा कर लिए हैं,जो यह प्रमाणित कर रहा कि नगर पालिका के निर्वाचित अध्यक्षों के सरंक्षण में इस तरह का अवैध निर्माण पैसे के आड़ में कराया गया है। उन्होंने बताया कि जवाहर वार्ड में मौजूदा समय में जहां सरकारी भूमि पर कब्जा कराया जा रहा वह डबरी भूमि है, जो राजस्व विभाग की ओर से नगर पालिका को दिया गया है। जयंत अटभैया ने कहा कि नगर पालिका में मेरे द्वारा शिकायत करने के बाद भी निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगना कहीं न कहीं जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से ही इनकार नहीं किया जा सकता है।

 

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