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18-11-2019
केंद्रीय मंत्री के बयान पर पलटवार-कागजी घोड़े नहीं दौड़ाती कमलनाथ सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में बाढ़ और बारिश से आई आपदा के बाद अब राहत राशि के लिए मारामारी मची हुई है। कांग्रेस धरना-प्रदर्शन सब कर चुकी है। वह कह रही है केंद्र सरकार मदद नहीं कर रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कांग्रेस सरकार पर बिना सर्वे रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगा दिया है। बता दें कि मध्यप्रदेश के एक बड़े हिस्से में इस बार बारिश और बाढ़ ने त्रासदी के हालात खड़े कर दिए हैं। मालवा के कई इलाकों में करोड़ों का नुकसान हुआ। राहत के नाम पर दो महीने से केंद्र और राज्य सरकार में ठनी हुई है। सीएम कमलनाथ ने एक बार पीएम मोदी और एक बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर सोलह हजार करोड़ रुपए देने की मांग की। सीएम कमलनाथ ने केंद्र को बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान और बर्बादी की रिपोर्ट सौंपी लेकिन एक महीने बाद भी केंद्र ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। कांग्रेस ने केंद्र के रवैये के खिलाफ दो बार धरना देकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

राज्य की मांग पर केंद्र के मंत्री का बयान आया है। केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना सर्वे और आंकलन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही आपदा के लिए केंद्र से मिलने वाली एडवांस राशि के इस्तेमाल का ब्यौरा भी नहीं दिया है। ऐसे में केंद्र से मांग रखना नियम प्रक्रिया के बाहर है। राहत राशि के लिए लगातार केंद्र पर दबाव बना रही कांग्रेस सरकार अब केंद्रीय मंत्री के बयान पर भड़क उठी है। प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कमलनाथ सरकार कागजी घोड़े नहीं दौड़ाती है। केंद्र भेदभाव की सियासत कर रही है। प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद सीएम कमलनाथ ने केन्द्र सरकार से 21 अक्टूबर को दूसरी बार मेमोरंडम सौपकर तत्काल 6621.28 करोड़ की राहत देने की मांग की थी। उस मेमोरंडम में बाढ़ के कारण 55 लाख लोगों के प्रभावित होने और बड़े स्तर पर नुकसान की जानकारी दी गई थी।

19-07-2019
सरकार अपने वचनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध : बाला बच्चन

भोपाल। मध्यप्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार अपने वचनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कदम भी उठाए गए हैं। बच्चन ने वित्त वर्ष 2091 20 के लिए अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर हुयी चर्चा का उत्तर दिया। उनके उत्तर के बाद लगभग आठ हजार करोड़ रुपयों की अनुदान मांगों को सदन ने ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके पहले कल लगभग 20 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया था। बच्चन ने कहा कि सरकार ने पुलिस विभाग में वचन के अनुरूप कर्मचारियों के सात्पाहिक अवकाश की सुविधा शुरू की है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली की वजह से अपराधों में भी कमी आयी है। सरकार पुलिस विभाग के संसाधन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

बच्चन ने इसके पहले आकड़ों के जरिए सरकार की उपलब्धियां गिनाने का प्रयास किया। विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मंत्री लिखा हुआ वक्तव्य दे रहे हैं, जो 'सत्यनारायण की कथा' की तरह प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मंत्री को यह बताना चाहिए कि उनके विभाग की भविष्य की क्या योजनाएं हैं। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गृह मंत्री से कहा कि मंदसौर और नीमच तथा कुछ अन्य स्थानों पर चरस आदि संबंधी मामले सामने आते हैं। सामान्यत: देखा गया है कि कुछ ही ग्राम नशीले पदार्थ जब्त होने के प्रकरण बनाए जाते हैं, जिससे अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिल पाती है। इस दिशा में सरकार को कदम उठाने चाहिए, जिससे अपराधियों को कठारे सजा मिल सके।

30-06-2019
कांग्रेस ने गृहमंत्री बाला बच्चन से की छावनी थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस सचिव विवेक खंडेलवाल, ब्लॉक अध्यक्ष शैलू सेन व  गिरीश जोशी ने छावनी थाना प्रभारी पर भाजपा कार्यकर्ता की तरह कार्य करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस के तीनों नेताओं ने बताया कि निगम अफसर पर हमले के आरोप में जेल में बंद इंदौर के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय जमानत पर रिहा होकर आज सुबह भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। वहां पर छावनी थाना प्रभारी अपने साथ थाने के जवानों के साथ इस जश्न में शामिल होकर भाजपा कार्यालय पर वितरित की जा रही मिठाई का न केवल सेवन किया बल्कि भाजपा नेताओं के साथ हंस-हंस कर बातें करते भी नजर आए। इससे साफ  प्रतीत होता है कि थाना प्रभारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं करते हुए भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम करते नजर आ रहे हंै। इन नेताओं ने इसकी शिकायत प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन से की और थाना प्रभारी को तत्काल हटाने के लिए कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की।

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