GLIBS
मार्केट में जल्द आएंगे 10 रुपए के नए नोट!  

नई दिल्ली। 2000, 500, 200 और 50 रुपए के नए नोट के बाद आरबीआई 10 रुपए के नए नोट मार्केट में उतारने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार 10 रुपए के ये नए नोट महात्मा गांधी सीरीज में चॉकलेटी ब्राउन कलर के होंगे। इसमें सिक्योरिटी फीचर्स को भी पहले से बेहतर बनाया गया है। खबरों के मुताबिक, हाल ही में केंद्र सरकार ने 10 रुपए के नए नोटों के डिजाइन पर सहमति दी है, जिसके बाद रिजर्व बैंक नए 10 रुपए के लगभग 100 करोड़ नोट छाप भी चुका है जिन्हें नोट मार्केट में जल्द उतारा जा सकता है। बता दें, कि महात्मा गांधी सीरीज में 10 रुपए के जो मौजूदा नोट मार्केट में चल रहे हैं उन्हें साल 2005 में उतारा गया था।

 

बैंक अब सिक्कों के लेन-देन में नहीं कर सकेंगे आना-कानी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में सिक्कों को लेकर खड़ी हुई समस्या को खत्म करने रिजर्व बैंक हरकत में आ गया है। खबरों के मुताबिक आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे कारोबारियों और ग्राहकों से सिक्के में भी भुगतान एवं जमा लें। आरबीआई ने सिक्कों की समस्या सुलझाने के लिए बैंक शाखाओं पर सिक्का मेला लगाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। बैंक शाखा स्तर पर लगने वाले इस मेले में न केवल खाताधारकों के पास इकट्ठा हुए सिक्का जमा किए जाएंगे, बल्कि उन्हें बाजार में सिक्कों की जरूरत और अहमियत भी बताई जाएगी। इसके साथ ही करेंसी चेस्ट को भी बैंकों से सिक्के लेने के लिए निर्देशित किया गया है। बैंकों द्वारा सिक्के वापस न लेने की समस्या कई राज्यों से आ रही है। पिछले साल हुई नोटबंदी के दौरान नकदी संकट से निपटने के लिए बैंकों ने अपनी शाखाओं के जरिये खाताधारकों को सिक्कों में भी भुगतान किया था, लेकिन बाद में जब बैंकों ने इन सिक्कों को जमा करने से मना कर दिया, तब असली दिक्कत शुरू हुईं। इसका असर यह हुआ है कि कारोबारियों ने बाजार से सिक्के लेने से मना कर दिया और छोटे दुकानदारों, एजेंसियों के पास सिक्के जमा होने लगे।


आरबीआई ने नहीं किया दरों में बदलाव, जीएसटी से भी नाखुश

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बुधवार को आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। इसमें महंगाई और अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया गया। इसे 6 फीसदी ही रखा गया है। इसके अलावा समिति ने जीएसटी के क्रियान्वयन पर भी नाखुशी जताई है। आरबीआई ने विकास दर के अपने पिछले अनुमान को भी घटा दिया है। आरबीआई ने विकास दर के अनुमान को 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।
 

देश में पहली बार जारी होगा 200 का नोट, कल से बाजार में

नई दिल्ली। देश में पहली बार 200 रुपये का नोट शुक्रवार को जारी होने जा रहा है। रिजर्व बैंक ने इसकी जानकारी देते हुए नए नोट का सैंपल भी जारी कर दिया है। अभी हमारे पास 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 के नोट हैं। इस तरह 10वें नोट के रूप में 200 रुपये के नोट शुक्रवार से हमारे हाथ में होगा। इससे पहले बुधवार को सरकार ने 200 रुपये का नोट जारी करने की खबरों की पहली बार पुष्टि कर दी थी। हालांकि, माना यह जा रहा था कि नया नोट सितंबर के पहले सप्ताह तक जारी होगा। लेकिन, शुक्रवार को पहली बार देश में 100 और 500 रुपये के बीच का कोई नोट जारी होने जा रहा है।

 

200 के नोट की खासियत

1. गौर से देखने पर एक इमेज नजर आएगी जिसमें 200 लिखा होगा।

3. देवनागरी में 200 अंकित होगा

4. बीच में महात्मा गांधी का फोटो

5. 'RBI', 'भारत', 'India' and '200' छोटे अक्षरों में अंकित।

6. सिक्यॉरिटी थ्रेड में 'भारत' and RBI लिखा हुआ है। नोट को हिलाने पर इसका रंग हरा से नीला नजर आएगा।

7. महात्मा गांधी के फोटो का दाएं किनारे में गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज के साथ गवर्नर का हस्ताक्षर और आरबीआई का प्रतीक चिह्न होगा

8. नोट के निचले हिस्से में दांई ओर रुपए के प्रतीक के साथ 200 कलर बदलने वाले इंक में लिखा होगा जिसका कलर बदलकर हरा से नीला हो जाएगा।

9. बाईं ओर ऊपरी हिस्से में और दायीं ओर के निचले हिस्से में आकार में छोटे से बड़ा होता नंबर पैनल।

10. दायीं ओर निचले हिस्से में 200 लिखा हुआ है जिसका रंग नोट को हिलाने-डुलाने पर हरे से ब्लू और ब्लू से हरा हो जाता है।

11. दायीं ओर अशोक स्तंभ का प्रतीक चिह्न है।

12. नोट के दायीं तरफ अशोक स्तंभ का प्रतीक बना हुआ ।

13. इसमें महात्मा गांधी का चित्र भी है।

14. साथ ही इसमें इलेक्ट्रोटाइप वॉटरमार्क भी दिया गया है।

 

दृष्टिहीनों के लिए...

नोट में अशोक स्तंभ, महात्मा गांधी और H का निशान बाहर की तरफ उभरा हुआ है जिससे कि दृष्टिहीन लोगों को नोट की पहचान करने में आसानी हो सके। नोट के अगले हिस्से में दोनों किनारों पर विशिष्ट निशान भी हैं।

पीछे का रंग-रूप

1.नोट की बाईं ओर छपाई का वर्ष

2. स्वच्छ भारत अभियान का लोगो

2. विभिन्न भाषाओं वाला पैनल

3. सांची स्तूप की आकृति

4. देवनागिरी लिपि दो सौ रुपये (२००) की लिखावट

आकार

200 रुपये के नए नोट 66 mm चौड़े और 146 mm लंबे हैं।

200 का नया नोट आएगा बाजार में, सरकार ने जारी की अधिसूचना 

रायपुर। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया जल्द ही 200 रुपए का नोट जारी कर सकता है, इस महीने के आखिर में या फिर सितंबर की शुरूआत में ये नोट ला सकता है। ऐसा पहली बार होगा कि 200 रुपए का नोट आएगा, भारत सरकार की ओर से इसके बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है। चर्चा है कि देश भर के बैंकों और एटीएम में इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा. अभी तक 200 रुपए के 50 करोड़ नोट छापे जा चुके हैं।

50 का नोट लाने की भी तैयारी 

कहा जा रहा है कि 50 रुपए के नए नोटों को  भी जारी किया जाएगा, जिन पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. 50 रुपये के नए नोटों के पिछले साइड में दक्षिण भारतीय मंदिर के साथ रथ की तस्वीर है।

आरबीआई की रुपये की संदर्भ दर

मुंबई| रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज डॉलर के मुकाबले रुपये की संदर्भ दर 64.0253 रुपये प्रति डॉलर निर्धारित की। पिछले कारोबारी दिवस यह 64.1693 रुपये प्रति डॉलर थी। आरबीआई की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रुपये की संदर्भ दर यूरो की तुलना में 75.7035 रुपये प्रति यूरो तय की गई जो पिछले कारोबारी दिवस पर 75.4567 रुपये प्रति यूरो रही थी। पाउंड के भाव 83.2777 रुपये प्रति पाउंड निर्धारित किये गये जो गत दिवस 83.2661 रुपये प्रति पाउंड थे। येन के भाव 58.43 रुपये प्रति सैकड़ा येन निर्धारित किये गये, जो बीते दिवस 58.76 रुपये प्रति सैकड़ा येन थे।
 

Exclusive: CM के क्षेत्र से हटाए भ्रष्ट अफसर की मंत्री के क्षेत्र में पोस्टिंग 

रायपुर। हाल ही में जिला सहकारी बैंक दुर्ग के सीईओ को 27 हज़ार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। उसके बाद उम्मीद जगी थी की किसी साफ़ सुथरी छवि के अफसर को इस बैंक का सीईओ बनाया जाएगा। यह उम्मीद इसलिए भी थी क्योंकि यह सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल का गृह जिला है। इस दुर्ग सहकारी बैंक के अंतर्गत दुर्ग,बालोद और बेमेतरा जिले आते है। परंतु अपैक्स बैंक के जिस अफसर एसके जोशी को इस बैंक में सीईओ बनाये जाने के आदेश सहकारिता मंत्री के निर्देश पर हुए है उसके दामन पर अनगिनत दाग है। इतने हिम्मती है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले राजनांदगांव के जिला सहकारी बैंक में सीईओ रहते हुए आरबीआई के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए 8 आपत्र लोगों को नौकरी देने के गंभीर आरोप लगे। कांग्रेस ने इसके खिलाफ अभियान चलाया जिसके बाद आनन्-फानन में उन्हें वहा से हटा दिया गया था।

इस मामले में जोशी को दोषी पाते हुए उनका दो इंक्रीमेंट रोका गया। यह कार्रवाई भी खानापूर्ति प्रतीत होती है। जब अफसर पर भ्र्ष्टाचार के इतने गंभीर आरोप है तो उन्हें बर्खास्त क्यों नही किया गया? यह बात भी सवालों के घेरे में है। इतना ही नही जोशी जब दुर्ग बैंक में सीईओ थे तब भी संचालक मंडल से विवादों के चलते वे चर्चा में बने रहे। यहा भी उन पर गोपनीयता भंग करते हुए कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगे है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच अभी भी लटकी हुई है। सवाल यह है कि आखिर सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने दागी अधिकारी को अपने जिले में पदस्थ करके क्या संदेश देना चाहते है। सीएम डॉ रमन सिंह के क्षेत्र से हटाए गए भ्रष्ट अफसर को सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल द्वारा गले लगाना आश्चर्य की बात हैं। राज्य की सहकारी संस्थाओं की बदहाली में सबसे अहम भूमिका अफसरों की रही है। मोदी सरकार जहा दागी अफसरों को रवाना कर रही है वहां उन्ही की भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में दागी अफसरों को महत्वपूर्व जगहों पर बैठाने से सरकार की मंशा पर ऊँगली उठना लाजिमी है।     

मंत्री और सचिव ने नहीं उठाया फोन

इस मामले में सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल (9755986272) और सहकारिता सचिव डीडी सिंह (9977473000) से फोन पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई लेकिन दोनों से संपर्क नहीं हो पाया।

अक्टूबर से एटीएम मशीन से नहीं निकलेंगे 500-2000 के नोट

इस बार दिवाली पर शॉपिंग करने के लिए एटीएम आपका साथ नहीं देगा। अब दिवाली से बैंकों के एटीएम में 500 और दो हजार के नोट नहीं निकलेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को पत्र लिखकर इस तरह की व्यवस्था करने को कहा है। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि अक्टूबर से कुल एटीएम के 10 फीसदी एटीएम मशीन में केवल 100 रुपये का नोट डाला जाए।

वहीं, एसबीआई के दिल्ली जोन के एजीएम सुनील अवस्थी ने कहा कि कई बैंक एटीएम में 100 का नोट नहीं डालते हैं। वो केवल बड़े नोट ही सप्लाई करते हैं, जिससे कई बार लोगों को दिक्कत हो जाती है। इसलिए, आरबीआई का यह नियम बैंकों को 100 रुपये के नोट का सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए किया गया है। 

15 दिन के अंदर एटीएम में आ सकता है 200 रु का नोट

नईदिल्ली। अगले 15 दिन में 200 रुपए के नए नोट एटीएम में डाले जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक अगस्त में 200 रुपए के नोटों की सप्‍लाई बैंकों और एटीएम में शुरू हो सकती है। बता दें कि आरबीआई इन नोटों की प्रिंटिंग पहले से शुरू कर चुका है।

नोटबंदी के बाद जारी हुए थे, 500-2000 रुपए के नए नोट…

नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने 500 रुपए और 2000 रुपए के नोट जारी किए थे। अब रिजर्व बैंक इसी कड़ी में पहली बार 200 रुपए के नोट जारी करेगा। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार बड़े नोट का सर्कुलेशन कम करना चाहती है। इसी वजह से देश में 2000 रुपए के नोट की प्रिटिंग बंद कर दी गई है। सरकार बाजार में 100, 200 और 500 रुपए के नोट सर्कुलेशन में बढ़ाना चाहती है। बड़े नोट के जरिए काला धन एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसानी होती है।

अब छोटे नोटों पर जानिए क्या बंद होगा 2000 का नोट

नईदिल्ली। आरबीआई अब मार्केट में छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाएगा। मार्केट में अब 50, 100 और 500 रुपये के नोटों की सप्लाइ बढ़ेगी। अगस्त अंत तक 200 रुपये के नए नोट भी मार्केट में आ सकते हैं। बैंकिग सूत्रों का कहना है कि छोटे नोटों की संख्या बढ़ाने का मतलब 2000 रुपये के नोट को बाहर का रास्ता दिखाने की शुरुआत हो सकती है। एसबीआई अपने एटीएम रीकैलिब्रेट कर रहा है, ताकि 500 रुपये के नोटों को ज्यादा जगह मिले।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 11 अप्रैल को नोटों की छपाई के लिए प्रॉडक्शन प्लानिंग की बैठक हुई थी। बैठक में रिजर्व बैंक ने 2000 के सौ करोड़ नोट छापने का प्रस्ताव रखा था, मगर वित्त मंत्रालय ने 2000 के नोट छापने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया था। हालांकि, बाकी छोटे नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके 2 फायदे हैं। एक, जाली मुद्रा की साजिश पर लगाम लगेगी। दूसरा, सरकार चाहती है कि लोग कैश की जगह कार्ड से पेमेंट ज्यादा करें। बड़े नोट की कमी होने से लोगों को बड़ी राशि का कैश से पेमेंट करने में दिक्कत आएगी। ऐसे में वे ऑनलाइन या कार्ड से पेमेंट करेंगे। इससे कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा।

लाॅकर में नुकसान हुआ तो बैंक जिम्मेदार नहीं होगा-आरबीआई

नई दिल्ली| यदि किसी सरकारी बैंक के लॉकर में जमा की गईं आपकी कीमती चीजें चोरी हो जाती हैं या फिर कोई हादसा हो जाता है, तो इसके बदले में बैंक से किसी कॉम्पेन्सेशन की उम्मीद न करें। भारतीय रिजर्व बैंक और सरकारी क्षेत्र के 19 बैंकों ने आरबीआई के जवाब में यह जानकारी दी है। इस खुलासे से हैरान आरबीआई आवेदक अधिवक्ता कुश कालरा ने बैंकों के इस रवैये की शिकायत पारदर्शिता के नियम के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि बैंकों का यह कहना उनकी 'गुटबंदी' और 'गैर-प्रतिस्पर्धिता' को दर्शाता है। 

महाराष्ट्र सरकार ने किया किसानों का कर्ज माफ

नई दिल्‍ली। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की है।  महाराष्ट्र सरकार ने जो रुपए अपनी कई महत्वकांक्षी योजनाओं के लिए रखा था अब उसे बैंक को कर्ज के रुप में चुकाना होगा। किसानों के कर्ज माफी को लेकर आरबीआई गवर्नर भी कई बार चिंतित होते हुए दिखाई दिए हैं। वह भी इस बात को साफ कर चुके हैं कर्ज माफी का फैसला देश हित में न होकर बेहद घातक साबित होता है। देश में विकास की रफ्तार रोकने का एक बड़ा कारण कर्ज माफी ही होता है।

रोकने पड़ेंगे विकास और जनहित के काम

जी हां यदि 35 हजार करोड़ रुपये के बैंक कर्ज माफ कर दिए जाते हैं तो ऐसे में सरकार को अपने कई जनहित वाले काम रोकने पड़ रहे हैं। इसका जिक्र खुद महाराष्‍ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया है। उन्‍होंने साफ तौर पर कहा कि यदि इस समस्‍या से निजाद पाना है तो सरकार के पास खर्च कम करने के  अलावा कोई और चारा नहीं है। इतना ही नहीं राज्‍य और देश के विकास की रफ्तार के पहिए थाम देने वाले इस फैसले का सीधा असर रोजगार पर भी दिखाई देगा। खुद सीएम फडणवीस के मुताबिक राज्‍य सरकार करीब 30 प्रतिशत रिक्‍त पदों को अब नहीं भर पाएगी और नए पदों की नियुक्ति पर भी रोक लगानी होगी। ऐसे में राज्‍य के सामने बेरोजगारी की समस्‍या और बढ़ जाएगी। अपने नए प्‍लान में उन्‍होंने यह भी कहा है कि अच्‍छे मानसून की संभावना को देखते हुए इस वर्ष सरकार के दस हजार करोड़ रुपए बच सकते हैं, जो सूखा ग्रस्‍त इलाकों में रिलीफ ऑपरेशन के दौरान खर्च हो जाते हैं।

ये है देश का हाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2013-2015 के दौरान करीब 1,14,182 करोड़ का कर्ज माफ किया गया था। यदि आपको याद हो तो सरकार ने इसी वर्ष जनवरी में फसल ऋण पर दिए जाने वाले करीब 661 करोड़ के ब्‍याज को भी माफ करने का एलान किया था। इसके अलावा आंकड़े बताते कि सबसे अधिक कर्जदार वाले पंद्रह राज्‍यों में आंध्र पेदश समेत छत्‍तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्‍थान और तमिलनाडु का नाम शामिल है। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2007-15 तक के बीच कृषि से जुड़े विभिन्‍न क्षेत्रों में काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।

Visitor No.