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01-08-2018
Business : सेंसेक्स 85 अंक गिरकर 37,521 तो निफ्टी 11,346 पर बंद 

नई दिल्ली। आरबीआई के रेपो रेट 5 फीसदी बढाए गए हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने  को मिला। सुबह की रिकार्ड बढ़त के बाद इस खबर के आते ही सेंसेक्स करीब 150 अंक तक गिर गया था, लेकिन बाजार बंद होते समय रिकवरी के चलते सेंसेक्स 85 अंक गिरकर 37521 के स्तर पर और निफ्टी 10 अंक की गिरावट के साथ 11346 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट मारुति और वेदांता लिमिटेड के शेयर्स में देखी गई। मारुति 1.75 फीसद की गिरावट के साथ 9340 के स्तर पर और वेदांता लिमिटेड 1.84 फीसद की कमजोरी के साथ 218.15 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.15 फीसद और स्मॉलकैप 0.03 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।

आॅटो शेयर्स में बिकवाली  :

सेक्टोरल इंडेक्स में बैंक (0.60 फीसद), आॅटो (0.76 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.62 फीसद), मेटल (0.45 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.67 फीसद) की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली आॅटो शेयर्स में हुई है। वहीं एफएमसीजी, आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी शेयर्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं।  

हिंडाल्को टॉप लूजर

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स में 26 हरे निशान और 24 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी कोल इंडिया, ल्यूपिन, आइओसी, इंफ्राटेल और डॉ रेड्डी के शेयर्स में हुई है। वहीं, हिंडाल्को, आइसीआइसीआइ बैंक, मारुति, वेदांता लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयर्स में गिरावट हुई है।

आरबीआई ने बढाया रेपो रेट :

चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में बढ़ती महंगाई का असर साफ तौर पर देखा गया। आरबीआई ने लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में ईजाफा किया है। केंद्रीय बैंक ने अब रेपो रेट को 6.25 फीसद से बढ़ाकर 6.50 फीसद और रिवर्स रेपो को 6 फीसद से बढ़ाकर 6.25 फीसद कर दिया है। आरबीआई की अगली बैठक 3 से 5 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में नीतिगत दरों बढ़ाने का फैसला 5:1 के आधार पर लिया गया है। सिर्फ रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दरों में इजाफे के खिलाफ मतदान किया।   रेपो रेट के बढ़ने का मतलब बैंक से मिलने वाले लोन का महंगा होना माना जाता है। इसी के चलते शेयर बाजार ने 150 अंकों का गोता लगाया था। उसके बाद फिर तेजी से रिकवरी भी करने की कोशिश की और 85 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ।

05-07-2018
जल्दी ही बैंक आॅफ चाइना भारत में देगा बैंकिंग सेवाएं

नई दिल्ली। अमेरिका से बढ़ते बिजनेस वॉर और संबंधों में  पड़ती दरार के बीच, चीन एक बार फिर  भारतीय  बाजार में घुसने में कामयाब हो गया। खबर आई है कि चीन का 106 साल पुराना एक बैंक भारत में बैंकिंग सेवाएं देने जा रहा है।  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इसे भारत में सेवाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस दे दिया है।  बैंक आॅफ चाइना चीन के सरकारी बैंकों में से एक है।

कैसे मिली इस बैंक को सफलता:

बैंक आॅफ चाइना काफी समय से भारतीय बाजार में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था।  पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बैंक आॅफ चाइना को भारत में कारोबार की इजाजत देने का वादा किया था।

51 देशों में पहले से ही दे रहा सेवाएं:

एक सूत्र ने बताया, "आरबीआई ने भारत में शाखाएं खोलने के लिए बैंक आॅफ चाइना को लाइसेंस जारी कर दिया है।  इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपित से वादा किया था। " उम्मीद है कि बैंक आॅफ चाइना जल्द भारत में अपनी पहली शाखा खोलेगा।  बीजिंग मुख्यालय वाला यह बैंक 51 देशों में बैंकिंग सेवाएं दे रहा है।  चीन का इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक आॅफ चाइना (आईसीबीसी) पहले से भारत में मौजूद है।  सूत्रों के मुताबिक, बैंक आॅफ चाइना यह फैसला लेगा कि वह भारत में किस शहर में अपनी शाखा खोलना चाहता है।  विदेशी बैंक को भारत में हर शाखा को खोलने के लिए आरबीआई की इजाजत लेनी पड़ती है।  बैंक आॅफ चाइना चीन के बड़े बैंकों में से एक है।  भारत और चीन लगातार अपने आर्थिक रिश्ते को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं।  हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा सहित कई मसलों को लेकर मतभेद है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आतंकवाद पर धुर विरोधी:

ये वही चीन है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता रोकने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाता रहा है। तो वहीं आतंकवाद के मुद्दे पर भी भारत का विरोध सर्व विदित है। पाकिस्तान को अपना मुरीद बनाने के लिए चीन की ये सब पुरानी चालें हैं। इसके बावजूद भी भारत सरकार को इसे देश के बाजार में प्रवेश देना एक आहत करने वाला फैसला है।

21-04-2018
आरबीआई की नई गाइडलाइन, अब आधार के बिना नहीं खुलेगा बैंक खाता 

नई दिल्ली। अगर आप बैंक खाता खुलवाने जा रहे हैं और आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो अब खाता नहीं खुल पाएगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड जरूरी कर दिया है। आरबीआई का कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब इस गाइडलाइन का पालन करना होगा। रिजर्व बैंक ने साफ-साफ कह दिया कि आधार कार्ड के बिना बैंक खाता नहीं खुल सकेगा। 

जम्मू-कश्मीर, आसाम और मेघालय में लागू नहीं

रिजर्व बैंक केवाईसी के लिए आधार के अलावा पैन नंबर या फिर फार्म 60 भी देना होगा। रिजर्व बैंक ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने पिछले साल (जून 2017) में प्रिवेंशन फॉर मनी लॉड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कानून में संशोधन किया था, जिसमें सभी तरह के वित्तीय खातों के लिए आधार का होना जरूरी है। हालांकि जम्मू-कश्मीर, आसाम और मेघालय में यह नियम लागू नहीं होंगे। 

बढ़ी थी आधार लिंक करने की समय सीमा

बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विभिन्न सेवाओं के लिए 31 मार्च तक आधार को लिंक करने की अनिवार्यता थी, लेकिन संवैधानिक पीठ का आधार की मान्यता पर फैसला आ गया। इसमें सरकार ने वेलफेयर स्कीमों से आधार को लिंक कराने की समयसीमा बढ़ाते हुए 30 जून कर दी थी। साथ ही केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा भी बढ़ाकर 30 जून कर दी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बैंक और मोबाइल नंबरों को आधार से जोड़ने की समय सीमा अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी थी। पहले इसके लिए अंतिम तारीख 31 मार्च निर्धारित की गई थी।

19-04-2018
दूसरे बैंक का एटीएम यूज करने पर देना पड़ सकता है ज्यादा चार्ज

मुंबई। आरबीआई के सख्त दिशा-निर्देशों के बाद एटीएम आॅपरेटर्स ने एटीएम ट्रांजेक्शन के लिए हायर इंटरचेंज रेट की मांग उठाई है। अब तक सभी बैंक दूसरे बैंकों के कस्टमर से अपने बैंक का एटीएम प्रयोग करने पर हर बार कैश निकालने पर 15 रुपए और दूसरे नॉन कैश ट्रांजेक्शन पर 5 रुपए लेते हैं, जो 5 ट्रांजेक्शन के बाद हर बैंक ग्राहक को देना पड़ता है। अगर यह मांग मान ली गई तो बैंक के कस्टमर्स को दूसरे बैंक के एटीएम का प्रयोग करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है। 

3 रुपए से 5 रुपए बढ़ने की मांग 

सीएटीएमआई के निदेशक के श्रीनिवास ने कहा कि हाल ही में आरबीआई ने काफी सख्त गाइडलाइंस जारी की है, जिससे एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स की कुल लागत में बढ़ोतरी होगी। कन्फेडरेशन आॅफ एटीएम इंडस्ट्री (सीएटीएमआई) ने मांग की है कि एटीएम से ट्रांजेक्शन करने पर चार्ज कम से कम 3 रुपये से 5 रुपए बढ़ना चाहिए, जिससे एटीएम आॅपरेटर्स बढ़ती महंगाई में अपनी लागत निकाल सकें। 

12-03-2018
Exclusive: RBI नीलाम करेगा छत्तीसगढ़ सरकार की 500 करोड़ की प्रतिभूति

रायपुर। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि आरबीआई छत्तीसगढ़ सरकार की 500 करोड़ की प्रतिभूतियां नीलाम करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार को अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता है। इसलिए उसने रिजर्व बैंक की शरण ली है। अब आरबीआई 13 मार्च को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन ई-कुबेर के माशर्फत छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की प्रतिभूति (सिक्योरिटी) को नीलाम करेगा। 

छत्तीसगढ़ सरकार ने आरबीआई को कुल 500 करोड़ की राशि की प्रतिभूतियों की नीलामी के माध्यम से बिक्री का प्रस्ताव दिया था। आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो छत्तीसगढ़ सरकार अपना राजकोषीय घाटा कम करने के लिए प्रतिभूतियों की नीलामी करवा रही है। प्रतिभूतियों की नीलामी से राज्य सरकार को मिलने वाले लोन की ब्याज की दर भी तय की जाएगी। यह एक सतत् चलने वाली प्रक्रिया है। करीब 6 माह पूर्व भी राज्य सरकार ने एक हजार करोड़ के ऊपर की रकम ऋण के रूप मेें ली थी। अब फिर राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। 

एक अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार के ऊपर करीब 40 हजार करोड़ का कर्जा है। आरबीआई या अन्य संस्थानों से ऋण लेकर राज्य सरकार अपने खर्च को चला रही है। प्रथम दृष्टया तो ये लगता है कि विकासपरक कार्यों के लिए कर्ज लेना जरूरी है, ताकि विकास निर्बाध चलता रहे। लेकिन असल में ऋण के एवज में दिए जाने वाले ब्याज से विकास दर प्रभावित होती है। जो धन ऋण के ब्याज के रूप में चुकाया जाता है, वह राज्य के कोष से ही जाता है। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक अभी 9 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाया जा रहा है। अच्छी खासी मोटी रकम राज्य सरकार ब्याज के रुप में चुकाती है। 

हर वर्ष बढ़ते बजट से भी बढ़ रहा कर्जा 

छत्तीसगढ़ राज्य के हर साल बढ़ते बजट से प्रदेश पर कर्जा भी बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वर्ष 2003 में राज्य का बजट 7 हजार 328 करोड़ था। जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 83, 179 हजार करोड़ हो चुका है। वर्ष 2017-18 में 76032 करोड़ का बजट पेश किया गया था। बढ़ती योजनाओं के कारण बजट बढ़ रहा है, उसकी पूर्ति के लिए राज्य सरकार लोन लेने को मजबूर होती है। हालांकि केवल छत्तीसगढ़ सरकार नहीं, लगभग प्रत्येक राज्य की सरकारें आरबीआई या अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर अपने खर्चे की पूर्ति करती हैं। 

21-02-2018
मार्च से बंद हो सकता है आपका मोबाइल वॉलेट अकाउंट, RBI जल्द लेगा फैसला

नई दिल्ली। मार्च से देश भर में चल रहे कई मोबाइल वॉलेट बंद हो सकते हैं। इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द फैसला लेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि मोबाइल वॉलेट कंपनियों ने रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए एक अहम आदेश को पूरा नहीं किया है। 

केवाईसी नॉर्म्स को करना था पूरा

आरबीआई ने देश में लाइसेंस प्राप्त सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपने ग्राहकों का केवाईसी नॉर्म्स पूरा करने के लिए फरवरी 2018 तक का वक्त दिया था। ज्यादातर कंपनियां आरबीआई के इस आदेश को पूरा नहीं कर पाई हैं। अगर फरवरी तक यह पूरा नहीं हुआ तो देश भर में कई कंपनियों के मोबाइल वॉलेट बंद हो जाएंगे। 

ज्यादातर कस्टमर्स ने नहीं दिया है अपना केवाईसी

अभी पूरे देश में 9 फीसदी से कम मोबाइल वॉलेट उपभोक्ताओं ने अपने केवाईसी कंपनियों को दिया है। ऐसे में देश में 91 फीसदी से अधिक मोबाइल वॉलेट अकाउंट बिना केवाईसी के चल रहे हैं। अब इन 91 फीसदी उपभोक्ताओं के अकाउंट के बंद होने की आशंका है। 

07-02-2018
आरबीआई ने नहीं घटाई ब्याज दरें, सस्ते कर्ज के लिए अभी करना पड़ेगा इंतजार

नई दिल्ली। बजट के बाद बुधवार को शुरू हुई भारतीय रिजर्व बैंक की पहली मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक में आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। उसने रेपो रेट को 6 फीसदी पर ही बरकरार रखा है। वहीं, रिवर्स रेपोरे रेट को उसे 5.75 फीसदी पर रखा है। यह लगातार तीसरी बार है जब भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। विशेषज्ञ पहले इस चीज की संभावना जता चुके थे. दरअसल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बजट में इकोनॉमी को लेकर की गई कई घोषणाओं की वजह से यही तय माना जा रहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा। मौद्रिक नीति समिति ने हालांकि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर फोकस करने के कदम को सराहा है। उसने कहा है कि इससे ग्रामीण आय और निवेश को सहयोग मिलेगा।

महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान

आरबीआई ने महंगाई का अपना पिछले अनुमान को जरूर संशोधित किया है। आरबीआई ने चौथी तिमाही के लिए महंगाई 5.1 फीसदी के करीब रहने का अनुमान लगाया है। इसके लिए खाद्य उत्पादों की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

04-01-2018
मार्केट में जल्द आएंगे 10 रुपए के नए नोट!  

नई दिल्ली। 2000, 500, 200 और 50 रुपए के नए नोट के बाद आरबीआई 10 रुपए के नए नोट मार्केट में उतारने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार 10 रुपए के ये नए नोट महात्मा गांधी सीरीज में चॉकलेटी ब्राउन कलर के होंगे। इसमें सिक्योरिटी फीचर्स को भी पहले से बेहतर बनाया गया है। खबरों के मुताबिक, हाल ही में केंद्र सरकार ने 10 रुपए के नए नोटों के डिजाइन पर सहमति दी है, जिसके बाद रिजर्व बैंक नए 10 रुपए के लगभग 100 करोड़ नोट छाप भी चुका है जिन्हें नोट मार्केट में जल्द उतारा जा सकता है। बता दें, कि महात्मा गांधी सीरीज में 10 रुपए के जो मौजूदा नोट मार्केट में चल रहे हैं उन्हें साल 2005 में उतारा गया था।

 

25-12-2017
बैंक अब सिक्कों के लेन-देन में नहीं कर सकेंगे आना-कानी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में सिक्कों को लेकर खड़ी हुई समस्या को खत्म करने रिजर्व बैंक हरकत में आ गया है। खबरों के मुताबिक आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे कारोबारियों और ग्राहकों से सिक्के में भी भुगतान एवं जमा लें। आरबीआई ने सिक्कों की समस्या सुलझाने के लिए बैंक शाखाओं पर सिक्का मेला लगाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। बैंक शाखा स्तर पर लगने वाले इस मेले में न केवल खाताधारकों के पास इकट्ठा हुए सिक्का जमा किए जाएंगे, बल्कि उन्हें बाजार में सिक्कों की जरूरत और अहमियत भी बताई जाएगी। इसके साथ ही करेंसी चेस्ट को भी बैंकों से सिक्के लेने के लिए निर्देशित किया गया है। बैंकों द्वारा सिक्के वापस न लेने की समस्या कई राज्यों से आ रही है। पिछले साल हुई नोटबंदी के दौरान नकदी संकट से निपटने के लिए बैंकों ने अपनी शाखाओं के जरिये खाताधारकों को सिक्कों में भी भुगतान किया था, लेकिन बाद में जब बैंकों ने इन सिक्कों को जमा करने से मना कर दिया, तब असली दिक्कत शुरू हुईं। इसका असर यह हुआ है कि कारोबारियों ने बाजार से सिक्के लेने से मना कर दिया और छोटे दुकानदारों, एजेंसियों के पास सिक्के जमा होने लगे।

04-10-2017

आरबीआई ने नहीं किया दरों में बदलाव, जीएसटी से भी नाखुश

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बुधवार को आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। इसमें महंगाई और अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया गया। इसे 6 फीसदी ही रखा गया है। इसके अलावा समिति ने जीएसटी के क्रियान्वयन पर भी नाखुशी जताई है। आरबीआई ने विकास दर के अपने पिछले अनुमान को भी घटा दिया है। आरबीआई ने विकास दर के अनुमान को 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।
 

24-08-2017
देश में पहली बार जारी होगा 200 का नोट, कल से बाजार में

नई दिल्ली। देश में पहली बार 200 रुपये का नोट शुक्रवार को जारी होने जा रहा है। रिजर्व बैंक ने इसकी जानकारी देते हुए नए नोट का सैंपल भी जारी कर दिया है। अभी हमारे पास 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 के नोट हैं। इस तरह 10वें नोट के रूप में 200 रुपये के नोट शुक्रवार से हमारे हाथ में होगा। इससे पहले बुधवार को सरकार ने 200 रुपये का नोट जारी करने की खबरों की पहली बार पुष्टि कर दी थी। हालांकि, माना यह जा रहा था कि नया नोट सितंबर के पहले सप्ताह तक जारी होगा। लेकिन, शुक्रवार को पहली बार देश में 100 और 500 रुपये के बीच का कोई नोट जारी होने जा रहा है।

 

200 के नोट की खासियत

1. गौर से देखने पर एक इमेज नजर आएगी जिसमें 200 लिखा होगा।

3. देवनागरी में 200 अंकित होगा

4. बीच में महात्मा गांधी का फोटो

5. 'RBI', 'भारत', 'India' and '200' छोटे अक्षरों में अंकित।

6. सिक्यॉरिटी थ्रेड में 'भारत' and RBI लिखा हुआ है। नोट को हिलाने पर इसका रंग हरा से नीला नजर आएगा।

7. महात्मा गांधी के फोटो का दाएं किनारे में गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज के साथ गवर्नर का हस्ताक्षर और आरबीआई का प्रतीक चिह्न होगा

8. नोट के निचले हिस्से में दांई ओर रुपए के प्रतीक के साथ 200 कलर बदलने वाले इंक में लिखा होगा जिसका कलर बदलकर हरा से नीला हो जाएगा।

9. बाईं ओर ऊपरी हिस्से में और दायीं ओर के निचले हिस्से में आकार में छोटे से बड़ा होता नंबर पैनल।

10. दायीं ओर निचले हिस्से में 200 लिखा हुआ है जिसका रंग नोट को हिलाने-डुलाने पर हरे से ब्लू और ब्लू से हरा हो जाता है।

11. दायीं ओर अशोक स्तंभ का प्रतीक चिह्न है।

12. नोट के दायीं तरफ अशोक स्तंभ का प्रतीक बना हुआ ।

13. इसमें महात्मा गांधी का चित्र भी है।

14. साथ ही इसमें इलेक्ट्रोटाइप वॉटरमार्क भी दिया गया है।

 

दृष्टिहीनों के लिए...

नोट में अशोक स्तंभ, महात्मा गांधी और H का निशान बाहर की तरफ उभरा हुआ है जिससे कि दृष्टिहीन लोगों को नोट की पहचान करने में आसानी हो सके। नोट के अगले हिस्से में दोनों किनारों पर विशिष्ट निशान भी हैं।

पीछे का रंग-रूप

1.नोट की बाईं ओर छपाई का वर्ष

2. स्वच्छ भारत अभियान का लोगो

2. विभिन्न भाषाओं वाला पैनल

3. सांची स्तूप की आकृति

4. देवनागिरी लिपि दो सौ रुपये (२००) की लिखावट

आकार

200 रुपये के नए नोट 66 mm चौड़े और 146 mm लंबे हैं।

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