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05-09-2019
सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती को दी मां महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत

नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है। इल्तिजा जिन्‍हें घर में सना के नाम से बुलाया जाता है, उन्‍होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्‍होंने अथॉरिटीज से अपील की थी कि उन्‍हें उनकी मां से मिलने की इजाजत दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिज़ा को चेन्नई से श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाज़त दे दी है। कोर्ट ने साफ किया कि इसके अलावा श्रीनगर में उन्हें कहीं आने-जाने के लिए प्रशासन की इजाज़त लेनी होगी। 

बता दें कि पांच अगस्‍त को घाटी से आर्टिकल 370 को हटाया गया था और उसके एक दिन पहले यानी चार अगस्‍त को घाटी के कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया था। इनमें महबूबा के अलावा दो और पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला और उनके पिता फारूक अब्‍दुल्‍ला भी शामिल हैं। इल्तिजा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी मां की तबियत ठीक नहीं है और पिछले एक माह से उनकी मुलाकात अपनी मां से नहीं हो पाई है। उन्‍हें अपने मां के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता है, जो ठीक नहीं हैं। इल्तिजा के वकील आकाश कामरा ने कहा है कि याचिका बिल्‍कुल उसी तरह की है जो सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से दायर की गई थी। 28 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी की याचिका पर फैसला दिया था और सरकार से कहा था कि उन्‍हें कश्‍मीर जाने दिया जाए। येचुरी ने अपनी पार्टी के नेता मोहम्‍मद युसूफ तारीगामी से मिलने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी को इस शर्त पर कश्‍मीर जाने की इजाजत दी थी कि वह सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी चिंताओं पर ही तारीगामी से बातचीत करेंगे।

05-09-2019
महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी के खिलाफ बेटी की याचिका पर सुनवाई आज 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। इस याचिका में इल्तिजा ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई है कि उसे अपनी मां से मिलने की इजाजत देने के लिए जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को निर्देश दिया जाए। पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने के साथ ही महबूबा मुफ्ती को सुरक्षा के नाम पर हिरासत में ले लिया गया था। इस याचिका को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

अपने वकील आकर्ष कामरा के जरिये शीर्ष अदालत में लगाई याचिका में इल्तिजा ने अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि वह पिछले एक महीने से उनसे नहीं मिल सकी है। इल्तिजा ने याचिका में अपने लिए ठीक वैसी ही राहत की मांग की है, जैसी कि शीर्ष अदालत ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी की याचिका पर उन्हें दी थी। येचुरी ने अपनी पार्टी के सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तरीगामी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 28 अगस्त को शीर्ष अदालत से उनसे मिलने की इजाजत देने की गुहार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने 29 अगस्त को उन्हें तरीगामी से मिलने की इजाजत दे दी थी। माना जा रहा है कि गुरुवार को शीर्ष अदालत इल्तिजा से भी वैसे ही शपथपत्र की मांग कर सकती है, जैसा येचुरी ने दिया था। शीर्ष अदालत ने येचुरी को तरीगामी से मिलकर सिर्फ उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछने की इजाजत दी थी। साथ ही इस दौरे में किसी भी राजनीतिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित किया था।

05-08-2019
देर रात फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती को सरकार ने किया नजरबंद, इंटरनेट, मोबाइल सेवा ठप

कश्मीर। जम्मू-कश्मीर पर हर किसी की नजर बनी हुई है। अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ-साथ राजनीतिक हलचल भी बढ़ रही है। ऐसे में सरकार कश्मीर पर क्या बड़ा फैसला ले सकती है। इसपर भी हर किसी की नजर है। कश्मीर में लगातार बदलते हालात के बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अबदुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है। नजरबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया कि हिंसा से केवल उन लोगों के हाथों में खेलेंगे जो राज्य की भलाई नहीं चाहते। शांति के साथ रहें और ईश्वर आप सभी के साथ रहें।

वहीं नजरबंद होने से पहले भी दोनों नेताओं ने कई ट्वीट किए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि जल्द ही इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया जाएगा। कर्फ्यू पास भी जारी किए जा रहे हैं। अल्लाह जाने क्या होगा। यह एक लंबी रात होने जा रही है। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट में लिखा कि ऐसे कठिन समय में, मैं अपने लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहती हूं कि जो हो सकता है, हम इसमें एक साथ हों और इसका मुकाबला करेंगे। जो कुछ भी हमारा अधिकार है उसके प्रयास करने के लिए हमारे संकल्प को तोड़ा नहीं जा सकता। महबूबा मुफ्ती के इस ट्वीट को उमर अब्दुल्ला ने भी रिट्वीट किया है।

फारूक अब्दुल्ला के घर पर हुई बैठक
श्रीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला घर पर सर्वदलीय बैठक हुई, जिसके बाद उन्होंने प्रेस को संबोधित किया। अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम से कश्मीर के लोग खौफ में हैं। अब से पहले कभी भी अमरनाथ यात्रा को रद्द नहीं किया गया। यह कश्मीर के लिए सबसे बुरा वक्त है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान से अपील करते हुए कहा कि दोनों देश कोई ऐसा कदम न उठाएं, जिससे तनाव बढ़े।

27-07-2019
कश्मीर एक राजनीतिक समस्या, सैन्य विकल्प से समाधान संभव नहीं : महबूबा

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में केन्द्रीय पुलिस बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने संबंधी केंद्र सरकार के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की समस्या एक राजनीतिक समस्या है जिसका समाधान सैन्य तरीकों के जरिये नहीं निकाला जा सकता। सुश्री मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि राज्य में 10 हजार अतिरिक्त केन्द्रीय पुलिस बलों की तैनाती के निर्णय से राज्य के लोग काफी डरे हुए हैं और तनाव की स्थिति है। केंद्र सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार कर इसमें सुधार करना चाहिए।

सुश्री मुफ्ती ने ट्वीट किया, घाटी में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात करने के केन्द्र के फैसले से लोग डरे हुए हैं। कश्मीर में सुरक्षाबलों की कोई जरुरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसका समाधान सैन्य तरीकों से नहीं निकाला जा सकता। भारत सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार कर इसमें सुधार करना चाहिए। गृह मंत्रालय के केन्द्रीय पुलिस बलों को जारी आदेश में राज्य में अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां तैनात करने को कहा गया है। इनमें से 50 कंपनी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल , 30 सशस्त्र सीमा बल और दस-दस सीमा सुरक्षा बल तथा भारत तिब्बत सीमा पुलिस की होंगी। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि राज्य में ह्यआतंकवाद रोधी ग्रिडह्ण को मजबूत बनाने और कानून व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है।

01-07-2019
भारत की हार पर पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती का विवादित बयान, ये बताया हार का कारण... 

नई दिल्ली। विश्व कप टूर्नामेंट में भारत की पहली बार हार के बाद सियासत शुरू हो गई है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हार के लिए टीम इंडिया की जर्सी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मुझे अंधविश्वासी कहें लेकिन मैं कहना चाहूंगी कि विश्व कप 2019 में टीम की जर्सी ने भारत के जीत के सिलसिले को रोक दिया।' इससे पहले किए गए एक ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसक भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मैच जीतने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चलो कम से कम क्रिकेट के बहाने ही सही, दोनों देश एक साथ तो हैं। दोनों मुल्कों के लोगों की एक ही ख्वाहिश है कि भारत इस मैच में जीत हासिल करे।

 

20-05-2019
महबूबा ने ‘एक्जिट पोल’ को लेकर न्यूज चैनलों के एंकरों पर कसा तंज

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लोकसभा चुनावों को लेकर विभिन्न समाचार चैनलों के ‘एक्जिट पोल’ को लेकर न्यूज एंकरों पर तंज कसा है। सुश्री महबूबा ने न्यूज चैनलों के एक्जिट पोल पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि अधिकांश चैनल के एंकर ‘एक्जिट पोल’ को लेकर ऐसे उछल रहे थे, जैसे किसी बच्चे को टॉफी की दुकान से टॉफियां हाथ लग गयी हों। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, अधिकांश न्यूज एंकर ‘एक्जिट पोल’ को लेकर ऐसे उछल रहे हैं, जैसे किसी बच्चे को टॉफी की दुकान से टॉफियां हाथ लग गयी हों। तेरे आने से यूं खुश है दिल जैसे की बुलबुल बहार की खातिर।

उल्लेखनीय है कि विभिन्न समाचार चैनलों ने रविवार को अपने ‘एक्जिट पोल’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय गठबंधन सरकार (राजग) को लोकसभा की 542 सीटों में से तीन सौ सीटें मिलने की अनुमान जताया था। इस बीच, अधिकांश एग्जिट पोल ने दशार्या गया कि जम्मू में भाजपा दो सीटें जीतेगी, कांग्रेस लद्दाख में एक सीट पाएगी, जबकि नेशनल कांफ्रेंस कश्मीर घाटी की सभी तीन सीटों पर कब्जा कर लेगी। एग्जिट पोल के मुताबिक महबूबा के नेतृत्व वाली पीडीपी को कश्मीर की तीनों सीटों से हार का मुंह देखना पड़ सकता है।

11-05-2019
सैम पित्रोदा की टिप्पणी कांग्रेस के लिए ‘सेल्फ गोल’ जैसी : महबूबा

श्रीनगर। वर्ष 1984 के सिख दंगों को लेकर कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की ‘हुआ तो हुआ’ टिप्पणी को आम चुनाव के माहौल में पार्टी के लिए ‘सेल्फ गोल’ करने जैसा निरुपित करते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि एक बुद्धिमान दुश्मन किसी मूर्ख मित्र से बेहतर होता है। पित्रोदा को बयान को अस्वीकार्य करार देते हुए सुश्री मुफ्ती ने ट्विटर पर कहा, ‘ऐसे समय में जब लोग सोच रहे हैं कि इन चुनावों में कांग्रेस ने शिष्टाचार बनाए रखा है, ये ‘हुआ तो हुआ’ हो गया। सैम पित्रोदा के योगदान के लिए भले ही उनकी सराहना की जाए, लेकिन 1984 के भीषण दंगों को लेकर उनका यह बयान अस्वीकार्य है। एक बुद्धिमान शत्रु मूर्ख मित्र से बेहतर है।

30-03-2019
धारा 370 खत्म तो जम्मू-कश्मीर-भारत रिश्ता भी खत्म : महबूबा मुफ्ती 

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को  विवादित बयान देते हुए कहा है कि  अगर केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करती है तो जम्मू-कश्मीर और भारत के बीच का रिश्ता भी खत्म हो जाएगा।  श्रीनगर के एक कार्यक्रम में शनिवार को लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 एक पुल की तरह है और अगर आप उसी पुल को तोड़ेंगे तो फिर जो महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान के संविधान की कसम खाती हैं और आवाज उठाती है तो फिर वह आवाज कैसे उठाएगी? फिर तो आपको दोबारा जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान का रिश्ता बनाना होगा और इसकी नई शर्त होगी। क्या आप इसके लिए तैयार हैं, क्या आप एक मुस्लिम बहुसंख्यक प्रदेश के साथ फिर से मिलना चाहेंगे? महबूबा ने अपने भाषण में कहा कि हम आपके साथ जिन शर्तों पर आए थे अगर वे शर्तें खत्म होंगी तो हमें दोबारा सोचना होगा कि हम क्या आपके साथ बिना शर्तों के रहना चाहेंगे। उन्होंने अरुण जेटली  को केंद्र में रखकर कहा कि उन्हें यह सोचना चाहिए, क्योंकि अगर 370 को खत्म करेंगे तो जम्मू-कश्मीर के साथ आपका रिश्ता खत्म हो जाएगा।

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