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07-07-2020
जाति मामले में जिला छानबीन समिति ने अमित जोगी को किया तलब

रायपुर। अमित जोगी की जाति को लेकर की गई दो शिकायतों पर जांच शुरू हो गई है। अमित को अपना पक्ष रखने के लिए 10 जुलाई को बुलाया गया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही में जिला स्तरीय छानबीन समिति ने जांच प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए अमित जोगी को तलब किया है। गौरतलब है कि अमित जोगी को साल 2013 में जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र को लेकर समीरा पैकरा और संत कुमार नेताम ने आवेदन देकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अमित जोगी से उनका पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

29-06-2020
भूपेश सरकार ने किया लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 में संशोधन, अधिसूचना जारी

रायपुर। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 में संशोधन किया है। इसके तहत प्रत्येक विभागों में गठित की जाने वाली पदोन्नति एवं छानबीन समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक प्रवर्ग से पृथक-पृथक एक-एक सदस्य को रखा जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 के नियम 11 में संशोधन कर संशोधित अधिसूचना का प्रकाशन 18 जून को छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया गया है। अधिसूचना जारी होने की तिथि से यह नियम प्रभावशील हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से सभी विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

 

02-09-2019
छानबीन समिति का फैसला आने पर कांग्रेस ने फूंका अजीत जोगी का पुतला

कांकेर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) सुप्रीमो अजीत प्रमोद कुमार जोगी की जाति को छानबीन समिति द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग से न होने बताने पर तथा उनके द्वारा वर्षों से अपनी जाति को छुपाकर प्रदेश की जनता से छल-कपट तथा फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर राजनैतिक व शासकीय सेवा तथा सामाजिक क्षेत्र में लाभ उठाए जाने के विरोध में कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पुराने बस स्टैण्ड में अजीत जोगी का पुतला फूंका। इस दौरान विधायक शिशुपाल शोरी ने कहा कि  पूर्ववर्ती सरकार द्वारा जोगी को फर्जी जाति का संरक्षण प्रदान किया गया था जिसके चलते लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन सीमा अवधि में प्रकरण का जान-बूझकर निराकरण नहीं किया गया था जबकि सुपी्रम कोर्ट में अजीत जोगी के जाति मामले में 13 अक्टूबर वर्ष 2011 को ही हाई पावर कमेटी गठित कर प्रकरण का निराकरण 03 माह के भीतर करने का निर्देश दिया गया था। विधायक शोरी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने जान-बूझकर प्रक्रियागत त्रुटियां कर अजीत जोगी के फर्जी जाति प्रकरण को लंबे समय से लंबित रख कर फैसले को टालने का प्रयास किया जिसका फायदा प्रत्यक्ष रूप से जोगी को मिलता रहा लेकिन इस बार कांग्रेस सरकार ने प्रकरण का सूक्ष्म अध्ययन कर समस्त प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जोगी के जाति के मामले में छानबीन समिति के माध्यम से जाति का सत्यापन कराया जिसमें जोगी की जाति अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल नहीं होना पाया गया। इस अवसर पर   जितेन्द्र सिंह ठाकुर, दिलीप खटवानी, हरनेक सिंह औजला, तरेन्द्र भण्डारी, मनोज जैन, सुनील गोस्वामी, यासिन कराणी, पुरुषोत्तम पाटिल, आशीष दत्ता राय, नरोत्तम पडौती, नवाज अली, रोमनाथ जैन, यासमिन, रोशन आरा, नरोत्तम पटेल, राजेश ठाकुर, मिलाप मण्डावी, आरती यादव, आकाश राव, राजेश भास्कर, विनोद शोरी, सूर्या नेताम, बंशी मरकाम, तरुण राय, मुनीर अहमद, लक्ष्मण पुरी, उदय शर्मा, मतीन खान, ईशहाद अहमद, अजय रेनु, मलखान सिंह, संग्राम नेताम, पप्पू चौरसिया, गोमती सलाम, विजेन्द्र तिवारी, सुनीता धरत, सेत कुमार जैन, गुलाब खान, सदाब खान, टिकेश्वर साहू, संजय पाण्डेय, चन्द्रलोक ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।

 

नरेश भीमगज की रिपोर्ट 

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