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30-09-2020
सेवा से बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों को पुन: बहाल करने विधायक ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लिखा पत्र 

कोरिया। विधायक गुलाब कमरो ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक को अनुशंसा सहित प्रस्ताव पत्र लिखा है। प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल में रहने के कारण की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई को शून्य घोषित कर कर्मचारियों को पुन: स्वास्थ्य सेवा में बहाल किए जाने की मांग की है। विधायक कमरो ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर 19 सितम्बर से कोरिया जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा था। हड़ताल अवधि के दौरान संघ के आह्वान पर जिले के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से 22 सितम्बर को अपना सामूहिक त्याग-पत्र दिया गया।

इसमें कई संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का त्याग पत्र स्वीकार कर 23 सितम्बर को कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन उपरांत 26 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ कि ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा कर आश्वासन उपरांत 28 सितम्बर को हड़ताल समाप्त कर अपनी सेवाएं देने के लिए उपस्थिति दी। विधायक कमरो ने कहा कि 23 सितम्बर को जारी पत्र में उल्लेखित किया है कि विभिन्न जिलों में कर्मचारी सभी कर्मचारियों के नाम से सामूहिक इस्तीफा संबंधी सूचना पत्र जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर रहे हैं जिसे नियमानुसार स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह सर्वथाअनुचित है तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के मानव संसाधन नीति 2018 की कंडिका 34 के विरूद्ध है। इसके कारण उन 26 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई को शून्य घोषित करते हुए पुन: उनकी सेवा बहाल की जानी चाहिए। विधायक नेपत्र की प्रतिलिपि आयुक्त सरगुजा संभाग, कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीको भी प्रेषित की है।

20-09-2020
एनएचएम संविदाकर्मियों को अल्टीमेटम,24 घंटे के भीतर कर्तव्य में वापस उपस्थित हों,अन्यथा होंगे बर्खास्त

राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने हड़ताल में गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य में वापस उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। निर्देश का पालन नहीं करने पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। 19 सितम्बर को नोटिस जारी होने के बाद 21 सितम्बर को 10.30 बजे तक कार्य पर नहीं पहुँचने पर एनएचएम के स्वास्थ्यकर्मियों के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने कहा है कि वर्तमान में कोविड-19 का संक्रमण पूरे प्रदेश में चरम पर है। इसी अनुक्रम में राजनांदगांव जिले में भी प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बहुतायत में सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा समन्वित प्रयास कर इस महामारी पर नियंत्रण पाने पूरी दृढ़ता के साथ प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एकजुट एवं परस्पर समन्वय स्थापित कर इस महामारी की रोकथाम के लिए पूरी दृढ़ता के साथ आगे भी कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है। इस सारी परिस्थितयों से अवगत होते हुए ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के हड़ताल में चले जाने से कोविड-19 का संक्रमण की रोकथाम में बाधा उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा राज्य में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 लागू है। अधिनियम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने से इन्कार किए जाने को  पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है एवं एस्मा अधिनियम की कंडिका 5 का उल्लंघन किए जाने की  स्थिति में कंडिका 7 (1) के तहत तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 के तहत बाधा उत्पन्न करने के लिए सजा एवं धारा 56 के तहत ड्यूटी में अधिकारी की विफलता के संबंध में तथा छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीस कोविड-19 रेगुलेशन्स 2020 की कंडिका-14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

20-09-2020
सीएमएचओं ने हड़ताली संविदाकर्मियों को 21 सितंबर को काम पर उपस्थित होने का किया नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बंजारे ने जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत हड़ताली संविदा कर्मचारियों को 21 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-,19 के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए राज्य और जिला स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जा रही है। ऐसे समय में आपका 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना सर्वथा अनुचित है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि21 सितंबर को ड्यूटी में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा 56, छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (क्रमांक-10 1979) एस्मा की कंडिका 7 (1) एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिजिस  कोविड- 19 रेगुलेशन 2020 की कंडिका -14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

19-09-2020
Video: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए एनएचएम के 350 संविदाकर्मी, स्वास्थ्य व्यवस्था हुई प्रभावित

जांजगीर-चाम्पा। जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत जिले के साढ़े तीन सौ संविदा कर्मियों द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर शनिवार से आंदोलन प्रारंभ कर दिया गया है। एनएचएम के संविदाकर्मियों के आंदोलन से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं कोविड अस्पतालों में भी व्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विगत 15 वर्षों से स्वास्थ्यकर्मी पूरी निष्ठा व इमानदारी से जुटे हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा अपनी चुनावी घोषणापत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितकरण की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक उनके द्वारा किसी भी प्रकार का सकारात्मक रूख नहीं दिखाया गया है। सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी रूख अनपाए जाने के कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों द्वारा नियमितिकरण की एक सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन प्रारंभ किया गया है। जिले मे धारा 144 लागू होने की वजह से प्रदर्शन और नारेबाजी का कार्यक्रम स्थगित रहा मगर आंदोलन का असर व्यवस्था पर नजर आ रहा है।

 

16-09-2020
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में सविंदा भर्ती के लिए साक्षात्कार 22 सितंबर से

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त पदों पर सविंदा भर्ती के लिए साक्षात्कार के लिए तिथि निर्धारित कर दी गई है। सीएमएचओ कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार साक्षात्कार निर्धारित तिथियों मे पूर्वान्हं 11 बजे से जिला पंचायत कार्यालय परिसर जांजगीर के संसाधन केन्द्र (डीपीआरसी भवन) में आयोजित की जाएगी।आयुष एमओ महिला अनारक्षित वर्ग का साक्षात्कार 22 सितंबर को होगा। इसी प्रकार आयुष एमओ महिला अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 24 सितंबर को आयुष एमओ पुरूष अनारक्षित और अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थियों के लिए 26 सितंबर को, आडियोलाजिस्ट, टेक्नीकल असिंस्टेंट आडियोमेट्रिक एनपीपीसीडी के लिए साक्षात्कार की तिथि 29 सितंबर को और काॅउंसलर, डेन्टल असिस्टेट, एसटीएसआरएनटीपीसी के लिए साक्षात्कार 30 सितंबर को होगा। अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के दौरान कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाइट  https://janjgir-champa.gov.in/ पर अपलोड की गई है।

06-08-2020
स्वास्थ्य विभाग में इन 14 पदों पर भर्ती के लिए कौशल परीक्षा की समय-सारिणी जारी

रायपुर/सूरजपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सूरजपुर की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कुल 14 पदों के लिए कौशल परीक्षा एवं लिखित परीक्षा होगी। विभिन्न पदों के लिए परीक्षा तिथि, समय, स्थान तय किया गया है। इसमें 24 अगस्त 2020 को आइडियोलॉजिस्ट सुबह 11 से 11.30 बजे तक, टेक्नीकल असिस्टेन्ट आइडियोमेट्रिक 12 से 12.30 बजे तक, नर्सिंग आफिसर 1 से 1.30 बजे तक, 25 अगस्त को एएनएम 11 से 11.30 बजे तक, प्रोग्राम एससोसिएट पीएचएन 12 से 12.30 बजे तक, सोशल वर्कर 1 से 1.30 बजे तक, 26 अगस्त को ओटी टेक्नीशियन 11 से 11.30 बजे तक, टेक असिस्टेन्ट हेयरिंग इम्पेरड चिल्ड्रन 12 से 12.30 बजे तक, सीनियर नर्सिंग आफिसर 1 से 1.30 बजे तक, 27 अगस्त को ब्लॉक मैनेजर अकाउंटेन्ट सुबह 11 बजे से 12 बजे तक, ब्लॉक मैनेजर डाटा दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर डाटा (आईडीएसपी) 3 बजे से 4 बजे तक, 28 अगस्त को सेक्रेटिएल असिस्टेन्ट 11 बजे से 12 बजे तक, जूनियर सेक्रेटियल असिस्टेन्ट 1 बजे से 2 बजे तक होगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरएस सिंह ने बताया कि समस्त प्रतिभागी अपने साथ एक पहचान पत्र मूल प्रति, वर्तमान के दो रंगीन पासपोर्ट फोटो साथ में लावें और समस्त प्रतिभागी निर्धारित समय तिथि समयसारिणी के दो घण्टे पूर्व कौशल परीक्षा स्थल पर उपस्थित होवें,जिससे अभ्यर्थी की कोरोना जांच की जा सके। उन्होंनें बताया है कि अभ्यर्थियों को कोरोना जांच के उपरांत ही सम्मिलित किया जावेगा। सभी परीक्षाएं कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला सूरजपुर में निर्धारित समय पर होगी।

 

01-08-2020
प्रदेश के 9 जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी की सुविधा, दीर्घायु वार्ड में कैंसर पीड़ितों का निःशुल्क इलाज

रायपुर। प्रदेश के कैंसर पीड़ितों को अब कीमोथेरेपी के लिए बड़े शहरों में जाकर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश के नौ जिलों में दीर्घायु वार्ड के माध्यम से डे-केयर कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विभिन्न जिलों के 80 से ज्यादा मरीज़ों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत इस साल मार्च से दीर्घायु वार्ड के माध्यम से विभिन्न जिला अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी सुविधा शुरू की गई है। पिछले पांच माह में अलग-अलग जिला अस्पतालों में कुल 80 मरीजों की कीमोथेरेपी की गई है। जशपुर में 26, जगदलपुर में 23, रायपुर में 11, सूरजपुर में नौ, नारायणपुर में तीन तथा दुर्ग, कांकेर, कोंडागांव और कोरिया में दो-दो कैंसर पीड़ितों को इस सुविधा का लाभ मिला है। मिशन द्वारा प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। रेडियोथैरेपी और सर्जरी के साथ ही शरीर में मौजूद सूक्ष्म कैंसर सेल को मारने के लिए कीमोथेरेपी दी जाती है। निजी कैंसर अस्पतालों में एक कीमोथेरेपी कराने में 30 हजार से 40 हजार तक खर्च आता है। कीमोथेरेपी में लगने वाली दवा की कीमत भी 21 हज़ार के करीब होती है।

साथ ही डॉक्टर की फीस,बेड चार्ज एवं रक्त जांच सहित अन्य खर्चों को मिलाकर इसमें बड़ी रकम खर्च हो जाती है। प्रदेश के दीर्घायु वार्ड वाले जिला अस्पतालों में यह सुविधा निःशुल्क है। कैंसर पीड़ित मरीज को स्मार्ट कार्ड या राशन कार्ड के साथ सिर्फ पूर्व में चल रहे उपचार के कागजात अपने साथ लाना पड़ता है।ऐसे कैंसर पीड़ित जो बाहर जाकर अपना इलाज करा पाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अब अपने ज़िले या पड़ोस के ज़िले के ज़िला अस्पताल में यह सुविधा मिल रही है। इन अस्पतालों में मुँह के कैंसर, ब्लड कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व अन्य तरह के कैंसर से पीड़ित मरीज़ों को कीमोथेरेपी दी जा रही है। जशपुर जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. लक्ष्मीकांत बापट ने बताया कि वे दिल्ली और उज्जैन के डॉक्टरों से परामर्श कर कीमोथेरेपी दे रहे हैं। कीमोथेरेपी का पर्याप्त डोज़ जिला अस्पताल में मौजूद है। कीमीथेरेपी के पहले की जाने वाली सभी जांच की सुविधाएं भी जिला अस्पताल में ही मौजूद हैं।

31-07-2020
कोंडागांव में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के रिक्त पदों के लिए होने वाला वाक इन इंटरव्यू स्थगित

रायपुर/कोण्डागांव। कार्यालय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के रिक्त पदों के लिए कार्यालय से वाक इन इंटरव्यू पूर्व में 8, 9 और 15 अप्रैल 2020 को होना था। लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए उक्त तिथियों में वाॅक इन इंटरव्यू को स्थगित कर दिया गया था। इन पदों पर एनएचएम के आरओपी 2019-20 के अनुसार संविदा पदों पर भर्ती पुनः की जानी है, जिसके लिये वाॅक इन इंटरव्यू आयुष चिकित्सा अधिकारी (महिला) दन्त चिकित्सक अथवा सर्जन के लिए 13 अगस्त सुबह 10.30 बजे व वीबीडी टेक्नीकल सुपरवाईजर, लैब टेक्नीशियन (एनवीबीडीसीपी), एफपी काॅउन्सलर, ओटी टेक्नीशियन के लिए 14 अगस्त सुबह 10.30 बजे रखा गया है।

यह इंटरव्यू  कार्यालय मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी, कोण्डगांव में आयोजित किया जायेगा। इसके लिये अर्हता रखने वाले इच्छुक आवेदकों की ओर से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिन अभ्यर्थियों से उपरोक्त पदों के लिए डाक के माध्यम से आवेदन किया गया था। उन्हें पुनः वाॅक इन इंटरव्यू के दिन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है किन्तु उपरोक्त अभ्यर्थी वाॅक इन इंटरव्यू के दिन अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से देना सुनिश्चित करें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये इच्छुक अभ्यर्थी जिले की वेबसाईट www.kondagaon.gov.in एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कोण्डागांव की सूचना पटल से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

28-07-2020
जब पानी सिर से ऊपर गुजरने लगा तब प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य विभाग में भर्ती करने होश आया : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य सेवाओं के रिक्त पदों पर संविदा और सीधी भर्ती की दी गई अनुमति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब पानी सिर से ऊपर गुजरने लगा तब जाकर प्रदेश सरकार को होश आना इस बात का प्रमाण है कि वह प्रदेश के हितों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार यह काम छह माह पहले भी कर लेती तो प्रदेश में कोरोना संकट इतना भयावह नहीं होता। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार अब भी मार्च 2021 तक और आगामी 3 माह तक के लिए इन रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति देकर अपनी बदनीयती का ही इजहार कर रही है। इन रिक्त पदों पर नियमित भर्ती न की जाकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मजाक किया जा रहा है।

आज कोरोना संक्रमण के विस्पोटक स्तर पर पहुँचने के लिए जवाबदेह प्रदेश सरकार अब इन पदों पर भर्ती की अनुमति देकर अपनी नाकामियों को ढँकने की असफल कोशिशों में जुटी है जबकि प्रदेश साक्षी है कि कोरोना की जाँच और उपचार के मोर्चे पर प्रदेश सरकार एकदम नाकारा साबित हुई है और अब भी वह इस महामारी की रोकथाम को लेकर संजीदा नहीं दिख रही है। अभी भी प्रदेश सरकार ने रिक्त पदों पर भर्ती की सिर्फ अनुमति दी है। अभी इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने, विज्ञापन निकालने, दीगर प्रक्रिया पूरी करने में न जाने यह प्रदेश सरकार कितना वक्त लगाएगी? भर्ती के लिए दी गई अनुमति के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के रिक्त 3449 पदों पर मार्च 2021 तक संविदा भर्ती एवं कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल के 379 पदों पर तीन माह के लिए संविदा भर्ती की जा सकेगी। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्ट, बहुउद्देश्यीय स्वा. कार्यकर्ता (महिला व पुरुष) के रिक्त 21 सौ पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनस्वास्थ्य के साथ क्रूर खिलवाड़ करने पर आमादा रही और नतीजतन प्रदेश कोरोना के शिकंजे में बुरी तरह फँस चुका है। प्रदेश सरकार तो क्वारेंटाइन सेंटर्स तक की व्यवस्था बनाने में भी नाकारा साबित हुई।

 

02-07-2020
कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की ली जानकारी

कोरिया। कलेक्टर सत्यनारायण राठौर की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गठित एवं संचालित जिला स्वास्थ्य एवं कार्यकारिणी समिति, जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति एवं अन्य जिला स्तरीय समितियों की बैठक हुई। जहां उन्होंने कहा कि जिला से राज्य और राज्य से देश की प्रगति होगी,जब हर व्यक्ति स्वस्थ और तंदरूस्त होगा। कोरिया जिले में बेहतर चिकित्सा एवं समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।  बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं हर व्यक्ति के लिए आवश्यक हैं। इसमें किसी तरह की कमी ना रखें। कलेक्टर ने बैठक में मुख्य स्वास्थ्य सूचकांक में जिले की स्थिति एवं वर्ष 2019-20 की योजना एवं जिले की उपलब्धियों पर चर्चा की। संस्थागत में प्रसव प्रगति लाने निर्देश दिए एवं पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने उपस्थित चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जिले में स्थित चिकित्सीय सुविधा संबंधी स्वास्थ्य संस्थानों, निर्माणाधीन भवनों एवं मरम्मत पर विशेष चर्चा करते हुए जर्जर भवनों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी स्वास्थ्य संबंधित भवनों का यदि कार्य पूरा हो गया हो तो, शीघ्र हैंड ओवर करें। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 से बचाव एवं उपचार तथा कोविड हॉस्पिटल की जानकारी के साथ क्वारेंटाइन सेंटरों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की जानकारी प्राप्त की तथा स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग को आपस मे समन्वय कर उनकी जानकारी संधारित रखने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए एवं जिले में उपलब्ध विभिन्न एम्बुलेंस वाहनों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना एवं मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी एवं जिले में स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों की जानकारी लेकर शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए। बैठक में सीएमएचओ, सभी बीएमओ एवं जिला स्तरीय समितियों के नोडल अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

14-06-2020
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ.प्रियंका शुक्ला ने विश्व रक्तदाता दिवस पर किया रक्तदान

रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस पर डीकेएस सुपरस्पेशियालिटी अस्पताल के ब्लड-बैंक में रक्तदान किया। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं से रक्तदान में भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने सभी लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रक्तदान में महिलाओं की भागीदारी 30 फीसदी और पुरूषों की 70 फीसदी होना चाहिए।  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि रक्तदाताओं के रक्त को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में 31 सरकारी और 60 निजी ब्लड-बैंक संचालित हैं। उन्होंंने कहा कि महिलाओं, युवाओं, छात्रों और सामाजिक संस्थाओं को समय-समय पर रक्तदान कर मानव समाज की सेवा करना चाहिए। दुर्घटना में घायलों और हाई-रिस्क डिलीवरी के दौरान गर्भवती महिलाओं को रक्त की जरुरत पड़ती है। डॉ.शुक्ला ने कोविड-19 के खतरे को देखते हुए रक्तदान के समय सभी जरूरी सावधानियां बरतने कहा। शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर हाथों की स्वच्छता के लिए साबुन और सैनिटाइजर का उपयोग करें। मास्क या साफ कपड़े से मुंह ढंकें। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 14 जून को पूरी दुनिया में विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। सुरक्षित रक्त व रक्त उत्पादों की आवश्यकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने वर्ष 2004 से इसे हर वर्ष मनाया जाता है। विश्व रक्तदाता दिवस इस साल ‘सुरक्षित रक्त जीवन बचाता है’ की थीम पर मनाया जा रहा है।  
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक रक्त की अनुमानित आवश्यकता किसी भी राज्य की कुल जनसंख्या का एक प्रतिशत यूनिट की उपलब्धता होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019-20 में रक्तदान शिविरों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रमों से शासकीय ब्लड-बैंकों में एक लाख पांच हजार यूनिट और निजी ब्लैड-बैंकों के माध्यम से एक लाख 25 हजार लाख यूनिट यानि कुल दो लाख 30 हजार यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ है। प्रदेश की आबादी के हिसाब से दो लाख 55 हजार यूनिट रक्त संग्रहण के लक्ष्य का यह 90 प्रतिशत है।

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