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27-08-2021
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ ने की भर्ती के भ्रामक विज्ञापनों से बचने की अपील

रायपुर। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों में प्रसारित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले की प्रत्येक ग्राम सभा में 6575 पदों की भर्ती संबंधी विज्ञापन का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ ने खंडन किया है। मिशन के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भर्ती के लिए इस तरह का कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। यह विज्ञापन पूर्णत: निराधार है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ ने लोगों से इस तरह के किसी विज्ञापन के बहकावें में नहीं आने की अपील की है। मिशन स्पष्ट रूप से इस भर्ती विज्ञापन का खंडन करता है। भारत सरकार की ओर से 1 मई 2013 के बाद से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का नाम परिवर्तित कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर दिया गया है। वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का कोई अस्तित्व नहीं हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ लोगों से अपील करता है कि वे इस तरह के आधारहीन व भ्रामक विज्ञापनों से बचें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ की ओर से  पदों की भर्ती के लिए जो भी विज्ञापन जारी किया जाता है, उसे विभागीय वेबसाइट www.cghealth.nic.in पर ही अपलोड किया जाता है।

14-04-2021
कोरोना से जंग में नर्सिंग के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका, 500 से अधिक छात्रों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर। कोरोना मरीजों की इलाज में नर्सिंग के छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इलाज में इन छात्रों की सेवाएं ली जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से मंगलवार को नर्सिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को कोरोना के मरीजों के इलाज, कोविड-19 प्रोटोकॉल, कोविड अनुकूल व्यवहार, कोविड-19 केयर और  प्रबंधन के गुर सिखाए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित प्रशिक्षण में दुर्ग और भिलाई के 500 से अधिक नर्सिंग के विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के एनेस्थेटिस्ट डॉ. रूपक शर्मा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. प्रनीत पटाले और हेल्थ सिस्टम ऑफिसर उर्या नाग ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में एमएससी नर्सिंग के प्रथम और द्वितीय वर्ष, बीएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष और जीएनएम अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को कोविड केयर और मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य शासन ने नर्सिंग के विद्यार्थियों की भी सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है। कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में नर्सिंग के छात्र-छात्राओं की सेवा लेने के पूर्व विभिन्न आयामों में उनके ओरिएंटेशन के लिए छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया।

09-04-2021
स्वास्थ्य विभाग में संविदा भर्ती, नियुक्ति आदेश जारी

धमतरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रिक्त विभिन्न पदों के विरूद्ध संविदा नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डीके तुरे ने बताया कि प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चयनित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद नियुक्ति आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि नियुक्त अभ्यर्थियों की सूची कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है तथा जिले की वेबसाइट www.dhamtari.gov.in पर अवलोकनार्थ अपलोड कर दी गई है।

06-12-2020
ड्राइवरों का हुआ नेत्र परीक्षण, छह टोल प्लाजा पर हुई शुरुआत, सात दिनों तक चलेगा अभियान

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग और परिवहन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में भारी वाहन जैसे बस, ट्रक और डंपर चलाने वाले 45 साल से अधिक उम्र के ड्राइवरों की आंखों की जांच के लिए सात दिवसीय नेत्र परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के छह टोल प्लाजा से की गई, जहां पहले दिन 473 ड्राइवरों का नेत्र परीक्षण किया गया। इस नेत्र परीक्षण अभियान का उद्देश्य ड्राइवरों की आंखों की जांचकर उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ साथ उचित मार्गदर्शन भी देना है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की मिशन संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन में आज इन नेत्र परीक्षण शिविरों का आयोजन टोल प्लाज़ा आरंग, सिमगा, झलप, राजनंदगांव, बालौद एवं बिलासपुर में किया गया।

राज्य अंधत्व निवारण नियंत्रण समिति एवं राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ.सुभाष मिश्रा ने बताया, परिवार के भरण-पोषण की खातिर वाहन चालक दिन और रात में लंबी दूरी तक वाहन चलाने के लिए मजबूर हैं। विभाग में वाहन चालकों के लिए आंखों की जांच से लेकर किसी भी बीमारी का इलाज कराने की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद अधिकांश वाहन चालक इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए इन लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूकता लाने के लिए भी यह शिविर लगाए जा रहे हैं। इस दौरान वाहन चालकों के हेल्थ चैकअप में मुख्य तौर पर आंखों की जांच गई।

उन्होनें कहा भारी वाहन चालकों की आंखों की हर माह जांच होनी चाहिए। साथ ही वाहन मालिक की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने वाहन चालकों की नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं। ताकि रात और सुबह होने वाले सड़क हादसों को कम किया जा सके। डॉ. मिश्रा ने कहा नेत्र विशेषज्ञों के द्वारा चालकों को आवश्यक परामर्श भी दिया गया है। चालकों को सलाह दी गई कि वह नेत्र समस्या को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। यदि कहीं कोई समस्या हो तो तत्काल चिकित्सकों से संपर्क करें। बिना किसी नेत्र विशेषज्ञ की सलाह के आंखों में दवाओं का प्रयोग न करें।

क्यों जरूरी है नेत्र जांच : उम्र बढ़ने के साथ साथ हमारी दृष्टि भी कमज़ोर होती जाती है। 40 वर्ष की आयु पार करने के बाद, करीब की वस्तुओं पर फोकस करना कठिन हो जाता है। इसलिए समय समय पर नेत्र चिकित्सक से जांच कराना आवश्यक होता है। नेत्र परिक्षण के दौरान नेत्र चिकित्सक से अपनी आंखों और दृष्टि के बारे में सभी परेशानियों पर चर्चा करें। उन्हें अपने परिवार में आंखों की समस्याओं के किसी भी इतिहास के बारे में भी जरूर बताएं। इन सब समस्याओं का समय पर पता चलने से दृष्टि में आने वाली परेशानी को कम या खत्म किया जा सकता है।

10-11-2020
प्रदेश के इतिहास में पहली बार मितानिनों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान माह की 10 तारीख के पूर्व हुआ

रायपुर। एनएचएम छत्तीसगढ़ के नवाचार Mitanin Incentive Online Payment System से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को दूरस्थ क्षेत्रों में भी घर-घर तक पहुँचाने में मितानिनों की अहम भूमिका रही है । देश भर में मितानिन कार्यक्रम सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में शुरू किया गया था और इस समय देश में सर्वाधिक मितानिन (आशा) छत्तीसगढ़ में ही है । विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत मितानिनो को प्रोत्साहन राशि दी जाती है परन्तु रिपोर्टिंग सत्यापन इत्यादि की प्रक्रिया अत्यंत जटिल होने के कारण इसमें बहुत समय लगता था जिससे प्रोत्साहन राशि के भुगतान में विलंब होता था।स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव एवं स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी.पिल्लै के मार्गदर्शन में इस समस्या को हल करने के लिए एनआईसी के सहयोग से राज्य स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा एक विशेष सॉफ्टवेयर Mitanin Incentive Online Payment System तैयार किया गया है। सर्वप्रथम इस सॉफ्टवेयर का पायलट रायपुर के अभनपुर विकासखंड में प्रारंभ किया गया,जहाँ पूर्ण सफलता मिलने के उपरांत इस सॉफ्टवेयर का विस्तारीकरण शेष ज़िलों में किया गया ।प्रदेश की 68940 मितानिनो को सॉफ्टवेयर में पंजीकृत कर उनका समस्त विवरण इन्द्राज किया गया जो इसके उपरांत सभी ज़िलों द्वारा सत्यापित भी किया गया ।

यह समस्त प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत अक्टूबर माह में सितम्बर माह की मितानिन प्रोत्साहन राशि का ज़िलेवार भुगतान इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी मितनिनों के खाते में हस्तांतरित किया गया।इस माह अक्टूबर माह के भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कर सभी मितानिनो की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में 9 नवंबर को ही हस्तांतरित कर दी गई है। ऐसा छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ है । इसी प्रकार इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से भविष्य में भी मितानिनों से संबंधित सभी भुगतान समय पर किये जायेंगे ।मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा मितानिनों की समस्या को समझते हुए यह नवाचार किया गया है । अगले माह से इस भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से सभी मितानिनों को प्रदाय दिए जाने की भी योजना है ।राज्य में मितानिन कार्यक्रम के संचालनकर्ता राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के कार्यकारी संचालक समीर गर्ग के अनुसार मितानिन कार्यक्रम के इतिहास में यह एक अभूतपूर्व सफलता है । समय पर भुगतान मिलने से प्रदेश की मितानिनों का उत्साह बढ़ा है । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ का यह प्रयास मितानिन कार्यक्रम को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा ।

 

07-11-2020
बलरामपुर के प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों के विकास के लिए 1 करोड़ 54 लाख मंज़ूर

रायपुर/बलरामपुर। प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केन्द्रों में विभिन्न कार्य के लिए 1 करोड़ 54 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रायपुर के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व उप स्वास्थ्य केन्द्र को हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर के रूप में संचालित किया जाएगा। कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों के जीर्णोधार, पेंटिग व ब्राडींग कार्य करने 1करोड़ 54 लाख 77 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इससे दुर्गम व दूरदराज क्षेत्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। कलेक्टर से जारी आदेशानुसार विकासखण्ड बलरामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पस्ता में जीर्णोंधार, पेंटिग एंव ब्राडींग कार्य के लिए 4 लाख रुपए, उप स्वास्थ्य केन्द्र अमडण्डा, चंदौरा, जाबर, कृष्णनगर, सारंगपुर के लिए क्रमशः 3 लाख 50 हजार, उप स्वास्थ्य केन्द्र बड़कीमहरी के लिए 3 लाख 8 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार विकासखण्ड राजपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरियों के लिए 4 लाख 13 हजार, गोपालपुर के लिए 3 लाख 53 हजार, रेवतपुर के लिए 3 लाख 68 हजार रुपए, आरा के लिए 4 लाख 28 हजार रुपए, उप स्वास्थ्य केन्द्र अलखडीहा, बदौली, भिलाईखुर्द, चैरा, जिगड़ी, ककना, नरसिंहपुर, सिधमा के लिए क्रमशः 3 लाख 50 हजार रुपए, उप स्वास्थ्य केन्द्र करजी के लिए 3 लाख 8 हजार, कोदौरा के लिए 3 लाख 19 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। विकासखण्ड कुसमी के उप स्वास्थ्य केन्द्र धनेशपुर, डुमरखोली, घुटरीडीह, कमलापुर, शाहपुर के लिए क्रमशः 3 लाख 50 हजार, विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जामवंतपुर के लिए 4 लाख रुपए, उप स्वास्थ्य केन्द्र देवीगंज, मरमा, भाला, पुरानडीह के लिए क्रमशः 3 लाख 50 हजार रुपए, विकासखण्ड वाड्रफनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरतीकला एवं चलगली के लिए क्रमशः 3 लाख 85 हजार रुपए, पण्डरी के लिए 3 लाख 91 हजार, सुलसुली के लिए 4 लाख उप स्वास्थ्य केन्द्र कारीमाटी के लिए 3 लाख 45 हजार, महुली के लिए 3 लाख 22 हजार, रजखेता के लिए 3 लाख 40 हजार एवं पशुपतिपुर के लिए 1 लाख 93 हजार रुपए तथा विकासखण्ड शंकरगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भरतपुर के लिए 3 लाख 99 हजार, घुघरीकला के लिए 2 लाख 45 हजार रुपए, गिरजापुर के लिए 2 लाख 46 हजार रुपए, जोकापाट के लिए 2 लाख 33 हजार रुपए, रेहड़ा के लिए 3 लाख 45 हजार रुपए एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र उमको के लिए 2 लाख 51 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बलरामपुर को उक्त निर्माण कार्यों के लिए निर्माण एजेन्सी नियुक्त किया है।

04-11-2020
छत्तीसगढ़ में भी कोविड-19 टीकाकरण की प्रारंभिक तैयारियां शुरू, राज्य टास्क फोर्स समिति गठित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का डॉटा-बेस तैयार किया जा रहा है। यह डॉटा-बेस टीकाकरण के लिए प्राथमिकता तय करने में सहायक होगा। डॉटा-बेस में नाम शामिल होने का तात्पर्य यह नहीं है कि उनका अनिवार्यतः टीकाकरण किया जाएगा। इस संबंध में निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि टीकों के भंडारण एवं संधारण के लिए राज्य के पास पर्याप्त व्यवस्था है। इनके सुरक्षित संधारण के लिए अभी 530 कोल्ड-चेन (शीत श्रृंखला) प्वाइंट क्रियाशील हैं। साथ ही 80 नए कोल्ड-चेन प्वाइंट भी शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में टीकों की कुल संधारण क्षमता एक लाख पांच हजार लीटर है जो कि आवश्यकता से 60 हजार लीटर अधिक है। इस क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नया वॉक-इन-कूलर उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी और सुचारू संचालन के लिए बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति का भी गठन किया जा रहा है। सभी जिलों में भी जिला टास्क फोर्स समिति के गठन के आदेश दिए गए हैं। कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक राज्य नोडल अधिकारी होंगी तथा राज्य टीकाकरण अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। जिलों के लिए नोडल अधिकारी संबंधित कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। भारत सरकार द्वारा इस संबंध में प्राप्त निर्देशों के मुताबिक आगे की कार्यवाही की जाएगी।

28-10-2020
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बेमेतरा में संविदा भर्ती 24 और 25 को

रायपुर/बेमेतरा। जिला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती प्रक्रिया अब 24 व 25 नवम्बर को होगा। मिशन अंतर्गत MO- Ayush(RBSK), Nursing Officer और Physiotherapist के संविदा पदों पर भर्ती का आयोजन 3 नवम्बर से 4 नवम्बर तक किया जाना था। इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित करते हुए अब आगामी 24 व 25 नवम्बर को संविदा भर्ती प्रक्रिया किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बेमेतरा से मिली जानकारी के अनुसार नियुक्ति के लिए नियम व शर्ते, आवेदन का प्रारूप एवं संविदा भर्ती की तिथि की विस्तृत जानकारी कार्यालय के सूचना पटल पर व जिले के वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटबेमेतराडॉटजीओव्हीडॉटईन (www.bemetara.gov.in) में देखी जा सकती है। इन पदों पर 24 नवम्बर सुबह 11 बजे से 12 बजे तक आवेदनों का पंजीयन किया जाएगा और 12 बजे से 2 बजे तक दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा व 25 नवम्बर को 12 बजे से 2 बजे तक पात्र अपात्र सूची, दावाआपत्ति व निराकरण किया जाएगा व 2 बजे से कौशल परीक्षण किया जाएगा।

30-09-2020
सेवा से बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों को पुन: बहाल करने विधायक ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लिखा पत्र 

कोरिया। विधायक गुलाब कमरो ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक को अनुशंसा सहित प्रस्ताव पत्र लिखा है। प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल में रहने के कारण की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई को शून्य घोषित कर कर्मचारियों को पुन: स्वास्थ्य सेवा में बहाल किए जाने की मांग की है। विधायक कमरो ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर 19 सितम्बर से कोरिया जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा था। हड़ताल अवधि के दौरान संघ के आह्वान पर जिले के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से 22 सितम्बर को अपना सामूहिक त्याग-पत्र दिया गया।

इसमें कई संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का त्याग पत्र स्वीकार कर 23 सितम्बर को कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन उपरांत 26 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश एनआरएचएम कर्मचारी संघ कि ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा कर आश्वासन उपरांत 28 सितम्बर को हड़ताल समाप्त कर अपनी सेवाएं देने के लिए उपस्थिति दी। विधायक कमरो ने कहा कि 23 सितम्बर को जारी पत्र में उल्लेखित किया है कि विभिन्न जिलों में कर्मचारी सभी कर्मचारियों के नाम से सामूहिक इस्तीफा संबंधी सूचना पत्र जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर रहे हैं जिसे नियमानुसार स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह सर्वथाअनुचित है तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के मानव संसाधन नीति 2018 की कंडिका 34 के विरूद्ध है। इसके कारण उन 26 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई को शून्य घोषित करते हुए पुन: उनकी सेवा बहाल की जानी चाहिए। विधायक नेपत्र की प्रतिलिपि आयुक्त सरगुजा संभाग, कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीको भी प्रेषित की है।

20-09-2020
एनएचएम संविदाकर्मियों को अल्टीमेटम,24 घंटे के भीतर कर्तव्य में वापस उपस्थित हों,अन्यथा होंगे बर्खास्त

राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने हड़ताल में गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य में वापस उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। निर्देश का पालन नहीं करने पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। 19 सितम्बर को नोटिस जारी होने के बाद 21 सितम्बर को 10.30 बजे तक कार्य पर नहीं पहुँचने पर एनएचएम के स्वास्थ्यकर्मियों के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने कहा है कि वर्तमान में कोविड-19 का संक्रमण पूरे प्रदेश में चरम पर है। इसी अनुक्रम में राजनांदगांव जिले में भी प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बहुतायत में सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा समन्वित प्रयास कर इस महामारी पर नियंत्रण पाने पूरी दृढ़ता के साथ प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एकजुट एवं परस्पर समन्वय स्थापित कर इस महामारी की रोकथाम के लिए पूरी दृढ़ता के साथ आगे भी कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है। इस सारी परिस्थितयों से अवगत होते हुए ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के हड़ताल में चले जाने से कोविड-19 का संक्रमण की रोकथाम में बाधा उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा राज्य में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 लागू है। अधिनियम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने से इन्कार किए जाने को  पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है एवं एस्मा अधिनियम की कंडिका 5 का उल्लंघन किए जाने की  स्थिति में कंडिका 7 (1) के तहत तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 के तहत बाधा उत्पन्न करने के लिए सजा एवं धारा 56 के तहत ड्यूटी में अधिकारी की विफलता के संबंध में तथा छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीस कोविड-19 रेगुलेशन्स 2020 की कंडिका-14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

20-09-2020
सीएमएचओं ने हड़ताली संविदाकर्मियों को 21 सितंबर को काम पर उपस्थित होने का किया नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बंजारे ने जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत हड़ताली संविदा कर्मचारियों को 21 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-,19 के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए राज्य और जिला स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जा रही है। ऐसे समय में आपका 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना सर्वथा अनुचित है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि21 सितंबर को ड्यूटी में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा 56, छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (क्रमांक-10 1979) एस्मा की कंडिका 7 (1) एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिजिस  कोविड- 19 रेगुलेशन 2020 की कंडिका -14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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