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21-05-2020
अमर पारवानी ने भूपेश बघेल को लिखा पत्र, पूरे सप्ताह बाजार खुलवाने किया आग्रह

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पत्राचार कर बाजारों में भीड़ कम करने और व्यापार में तेजी लाने के लिए इसे पूरे सप्ताह खुलवाने का आग्रह किया। पारवानी ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों की वजह से आज छत्तीसगढ़ बाकी राज्यों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। विभागीय सामंजस्य और राज्य के मुखिया के नेतृत्व क्षमता की वजह से योजनाओं का क्रियान्वयन भी बेहतर तरीके से हो रहा है। प्रदेश के सभी व्यापारियों को एक बड़ी राहत देते हुए व्यापार के अनेक वर्गों को सप्ताह में दो दिन व्यापार करने की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए यह राहत अपर्याप्त है। 22 मार्च से 17 मई तक व्यवसाय पूरी तरह बंद था, मात्र 2 दिन के व्यवसाय के बाद महीने भर के बैंकों का ब्याज, कर्मचारियों की तनख्वाह, दुकान का किराया और टैक्स चुका पाने में बहुत तकलीफ हो रही है। उन्होंने मांग की है कि व्यापार को पूरे सप्ताह खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे जहां बाजारों में भीड़ भी कम होगी,वहीं व्यापारी भी स्वस्फूर्त व्यापार कर पाएंगे। ग्राहकों को भी अलग-अलग सामानों के लिए बार-बार घर से निकलना नहीं पड़ेगा। वर्तमान स्थिति यह है कि व्यापारियों और ग्राहकों को जरूरी सामानों के लिए बार-बार घरों से निकलना पड़ रहा है। इसकी वजह से भीड़ बढ़ रही है।

 

 

 

15-05-2020
सरकार ने नहीं संभाला तो पूरे देश में 20 प्रतिशत छोटे व्यवसाय की होगी प्राकृतिक मौत : कैट 

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी सहित पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि केन्द्र सरकार के आर्थिक पैकेज का देश भर के व्यापारियों को बेसब्री से इंतजार है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने गुरुवार को एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की। अब देश के खुदरा व्यापारियों को कोविड से प्रभावित संभावित वित्तीय संकट से निपटने अपने लिए भी इसी तरह के पैकेज की उम्मीद हैं। यदि सरकार ने व्यापारिक समुदाय को नहीं संभाला, तो पूरे देश में लगभग 20 प्रतिशत छोटे व्यवसाय को एक प्राकृतिक मौत के लिए मजबूर होना पड़ेगा। विभिन्न राज्यों के व्यापारी नेताओं ने व्यापारियों के लिए आर्थिक पैकेज में देरी पर चिंता व्यक्त की है। कैट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल के लिए वोकल के स्पष्ट आह्वान को व्यापारियों के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। अपनी  नियमित दैनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं से परामर्श करने के बाद कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने पहले ही वित्त मंत्री को उन चिंताओं और मुद्दों से अवगत कराया है, जिनके लिए व्यापारियों को राहत पैकेज का इंतजार है।

अमर पारवानी ने कहा कि राहत पैकेज से संबंधित व्यापारियों की इच्छा सूची में उनके कर्मचारियों को वेतन के भुगतान के लिए वित्तीय सहायता, नकद सहित बैंकों से व्यापारियों की ओर से लिए गए ऋण पर लॉक डाउन की अवधि के लिए ब्याज की अदायगी को माफ करना , मुद्रा ऋण में अधिकतम ऋण सीमा को 10 लाख से 25 लाख रुपए तक का विस्तार, ईएसआई और भविष्य निधि में नियोक्ता के योगदान की छूट शामिल हैं। कैट ने सरकार को ईएसआई फंड (लगभग 91000  करोड़ रुपए का फंड है) और श्रम कल्याण निधि में लेबर वेलफेयर फंड में से सरकार व्यापारियों के अंश का भुगतान लॉक डाउन की अवधि से लेकर छह महीने तक के लिए दे। पारवानी ने मांग की है कि सरकार बैंकों को निर्देश दें कि व्यापारियों को एक विशेष कोरोना ऋण दें। 3 प्रतिशत ब्याज दर हो और वो 60 समान किश्तों में भुगतान हो। पहली किश्त जनवरी 2021 से शुरू हो। इस ऋण को किसी भी ऋण के खिलाफ समायोजित नहीं किया जाना चाहिए। व्यापारियों को कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान किया जाना चाहिए। आरबीआई की व्यापार प्राप्य योजना के तहत, एक वर्ष के लिए खरीदारों के टर्नओवर की सीमा को 300 करोड़ रुपए से घटाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया जाए,जिससे व्यापारियों को उनकी स्कीम के तहत मिलने वाली बिलों में छूट मिल सके। पारवानी ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल भुगतान लेनदेन पर लगाए गए बैंक शुल्क को व्यापारियों और उपभोक्ताओं से माफ कर दिया जाना चाहिए और सरकार को उक्त राशि को सीधे बैंकों को सब्सिडी देनी चाहिए। भारत के खुदरा व्यापार में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं,जो लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं और लगभग 50 लाख करोड़ रुपए का वार्षिक कारोबार करते हैं।

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