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25-05-2020
घर लौट रहे दो मजदूरों की तबीयत बिगड़ने से हुई मौत, सैंपल जांच के बाद ही हो सकेगा खुलासा

महासमुन्द। बाहरी राज्यों से बस और रेलमार्ग से अपने घर लौट रहे दो व्यक्तियों की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोनों व्यक्तियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि कल मुंबई महाराष्ट्र और गुजरात से बस और ट्रेन से अपने घर वापस लौट रहे 2 मजदूरों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। जानकारी अनुसार हकीम मलिक ने बस के जरिए परिवहन कर रहा था। पिथौरा पहुंचते ही उसकी तबियत बिगड़ गई। कल शाम सवा सात बजे उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक प्राथमिक जांच में बुखा व सांस लेने जैसी तकलीफें देखीं गईं।

वहीं, दूसरे प्रकरण में भी कुछ इसी तरह के लक्षण दिखाई दिए, जिसमें प्रफुल स्वान रेल मार्ग से गुजरात से ओडिशा राज्य की यात्रा पर था। महासमुंद रेल्वे स्टेशन पहुुंचते-पहुंचते तबियत बिगड़ी और साढ़े आठ बजे के बीच उसने दम तोड़ दिया। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके परदल से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों ही प्रकरणों में बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने से स्थिति संदेहास्पद है। ऐसे में उनके स्वाब के नमूने एकत्र कर कोविड-19 की जांच के लिए राजधानी एम्स भेजा गया है। साथ ही उनसे संबंधित व संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया जा चुका है। ऐसे में विभाग को अब राजधानी रायपुर से उनकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की जानकारी हो सकेगी।

24-05-2020
कोरोना से संक्रमित पाए गए अभिनेता किरण कुमार, लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखा, घर में ही क्वारंटाइन

मुंबइ। बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता किरण कुमार कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक कई कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि 14 मई को किरण कुमार कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्होंने खुद को घर में ही क्वारंटाइन कर लिया। उन्होंने अपने परिवार वालों से भी दूरी बना ली और एक फ्लोर पर ही खुद को सीमित कर लिया, वो 10 दिनों से क्वारंटाइन में हैं और उनका अगला कोविड-19 टेस्ट एक-दो दिन में होगा। बताया जा रहा है कि किरण कुमार मेंं कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, फिर भी उनके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उनके परिवार वाले भी दंग रह गए। गौरतलब है कि किरण कुमार के पूर्व और भी बॉलीवुड सेलेटिब्रीटीज इससे प्रभावित हो चुके हैं और इस जंग में जीत भी चुके हैं।

21-05-2020
नाई समाज ने घर-घर जाकर तथा धार्मिक आयोजनों में काम नहीं करने का लिया निर्णय

कोरबा। लॉक डाउन ने सैलून व्यवसायियों की कमरतोड़ कर रख दी है। लॉक डाउन 4 में दुकान खोलने की अनुमति जरूर मिली मगर पुनः दुकान बंदी के आदेश ने सैलून व्यवसायियों को एक बड़ा झटका दिया है।छुरी के सैलून व्यवसायियों ने आज एकत्रित होकर घर घर जाकर काम करने पर पाबंदी लगा दी है। सैलून व्यवसायियों के इस निर्णय से विभिन्न सामाजिक रीति रिवाजों के संपादन पर ग्रहण लग गया है।हिन्दू समाज में बिना नाई के कई धार्मिक आयोजन पूर्ण नहीं होते। छठी, दशगात्र, शादी विवाह जैसे कई अन्य कार्यक्रम नाई द्वारा निर्वहन किया जाता है।सैलून व्यवसायियों ने बैठक आयोजित कर घर घर जाकर काम नहीं करने का निर्णय लिया है तथा प्रशासन से गुहार लगाई है कि हम सैलून व्यवसायियों के विषय पर विचार करें। उन्होंने कहा कि हमारे व्यवसाय के बन्द होने से परिवार में भूखों मरने की नौबत आ गई है। हम सैलून व्यवसायी कोरोना वायरस के चलते लगे लॉक डाउन का पूरा पालन करने के लिए कटिबद्ध है तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्णय लिया है।

17-05-2020
Video: घर में लगी आग, चपेट में आई महिला,तोड़ा दम

रायगढ़। शहर के चांदनी चौक के तुर्कापारा में बीती रात एक मकान में भीषण आग लग गई। आग ने घर में सो रही महिला को अपनी चपेट में ले लिया,जिससे उसकी मौत हो गई। आग से घर सारा सामान जल कर राख हो गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। महिला के शव को मकान से रेस्क्यू करके निकाला गया। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।

 

 

16-05-2020
मनरेगा कार्य में सुबह 5 बजे लग जाते हैं श्रमिक, धूप तेज होने से पहले पहुंच जाते हैं घर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए मनरेगा कार्यों से ग्रामीण श्रमिक राहत में हैं। लॉक डाउन के मौजूदा दौर में इसने न केवल उनकी रोजगार की चिंता दूर की है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक संबल भी प्रदान किया है। सामुदायिक और व्यक्तिमूलक आजीवन संवर्धन के कार्यों के तहत जल संरक्षण, कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन को मजबूत करने विविध परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों में अभी सीधे रोजगार के साथ ही मनरेगा के तहत निर्मित हो रही परिसंपत्तियों से भविष्य में जीविकोपार्जन के बेहतर संसाधन मिलेंगे। बस्तर जिले में भी मनरेगा कार्य जोरों पर है। वहां संचालित विभिन्न कार्यों में अभी 31 हजार 397 श्रमिक काम कर रहे हैं। कार्यस्थलों पर सवेरे पांच बजे से ही श्रमिकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। सुबह पांच से आठ बजे के बीच ये अपने-अपने हिस्से का काम खत्म कर धूप तेज होने के पहले ही घर लौट आते हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए मजदूर मुंह ढंकने के लिए मास्क या गमछा का इस्तेमाल कर रहे हैं। परस्पर शारीरिक दूरी बनाए रखने के दिशा-निर्देशों के पालन के साथ ही सभी कार्यस्थलों पर साबुन से हाथ धुलाई की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में करीब छह हजार प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की संभावना है। इनकी क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद काम की मांग करने वालों को भी तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिनके पास मनरेगा जॉब-कॉर्ड नहीं हैं, उनके नए जॉब-कॉर्ड बनाए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में बस्तर जिले में मनरेगा के लिए 94 करोड़ रूपए का लेबर बजट प्रावधानित है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में वहां मनरेगा कार्यों में 61 करोड़ रूपए से अधिक की राशि खर्च की गई है।मनरेगा के तहत गांवों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किए जा रहे हैं। सभी विकासखण्डों में निजी डबरी, कुआं, भूमि सुधार, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पशु शेड निर्माण, गौठान निर्माण, चारागाह निर्माण, शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण, व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, हितग्राहियों के लिए बकरी शेड, मुर्गी शेड, महिला समूह के माध्यम से नर्सरी में पौध निर्माण, सिंचाई के लिए नाली निर्माण, गांव से जल निकास के लिए नाली निर्माण, बोल्डर डेम, चेक डेम, गेबियन निर्माण तथा महिला समूह के लिए वर्क-शेड निर्माण जैसे काम कराए जा रहे हैं।

 

 

15-05-2020
39 करोड़ ग्राहकों के लिए जियो ने लॉन्च किया नया इंटरनेट प्लान, अब प्रतिदिन मिलेगा 3 जीबी डाटा वो भी इतने रुपए में...

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन के इस दौर में घर से काम पर अधिक जोर दिया जा रहा है और इसके लिए निर्बाध चलने वाला इंटरनेट जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए केवल 999 के रिचार्ज पर 84 दिन तक हर रोज तीन जीबी हाईस्पीड डाटा के बाद 64 केबीपीएस असीमित डाटा का लाभ का नया प्लान लाई है। मोबाइल सेवा को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सेवाएं देने में हमेशा तत्पर जियो ने इस प्लान में कई अन्य सुविधाएं जिनमें वॉइस कॉल की सुविधा, जियो से जियो और लैंडलाइन पर मुफ्त और असीमित कॉल भी शामिल है।

प्लान में जियो से दूसरे नेटवर्क पर 3000 मिनट की कॉलिंग मुफ्त दी गई है। इसके अलावा 84 दिन तक 100 एसएमएस प्रति दिन की सुविधाएं दी गई है। ग्राहकों सबसे अधिक इंटरनेट डाटा देने के मामले में रिलायंस जियो क्षेत्र की अन्य कंपनियों से हमेशा आगे रहती है और अपने प्रीपेड और ब्रॉडबैंड प्लान्स में हमेशा बदलाव करती रहती है। प्लान में ग्राहकों को जियो एप्स का सबस्क्रिप्शन पूरक मिलेगा। रिलायंस जियो की आक्रामक नीति और ग्राहकों के लिए वाजिब दरों पर नये-नये प्लान का परिणाम है कि कंपनी ने चार वर्ष के भीतर ही अन्य कंपनियों का वर्चस्व तोड़कर करीब 39 करोड़ ग्राहक का नेटवर्क बना लिया और मोबाइल सेवा की अगुआ बन गई।

13-05-2020
भूखे चल रहे थे 21 मजदूर, कांग्रेस नेता सलीम रोकड़िया ने ली सुध

धमतरी। आंध्रप्रदेश के एसकोटा से 21 मजदूरों का दल अपने घर झारखंड के चितरा जिला जाने के लिए पैदल निकला है। ये मजदूर एक सप्ताह तक पैदल चलकर व वाहनों से लिफ्ट लेते हुए धमतरी पहुंचे। नेशनल हाईवे में तपती दोपहरी के समय पैदल चल रहे थे, जो भूख से बेहाल थे। इन मजदूरों पर जब कांग्रेस नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष सलीम रोकड़िया की नजर पड़ी तो उन्होंने तुरंत अपने पास बुलाकर हालचाल पूछा। सबसे पहले मजदूरों के लिए कोल्ड स्टोरेज में नहाने की व्यवस्था की ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिले। साथ ही सभी मजदूरों के भोजन बनवाकर खिलाया, रास्ते के लिए भी उन्हें भोजन देकर विदा किये, सभी मजदूर सलीम रोकड़िया को दुआ देते हुए अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ गए।

12-05-2020
पहली श्रमिक एक्सप्रेस पहुंची दुर्ग, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद श्रमिकों को भेजा गया घर

दुर्ग। पहली श्रमिक एक्सप्रेस हैदराबाद के लिंगमपल्ली से निकलकर सुबह दस बजे दुर्ग स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन से तेलंगाना में निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की घर वापसी हो सकी। स्टेशन पर पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का और सैनिटाइजेशन का ध्यान रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें स्टेशन में लगाई गई थीं। सभी यात्री एसिम्पमैटिक पाए गए। स्टेशन में सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए रेलवे पुलिस के साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लोग थे। इस मौके पर कलेक्टर अंकित आनंद ने स्वयं मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। ट्रेन से बेमेतरा से 75, बालोद से 34 और दुर्ग से 14 ग्रामीण पहुंचे। इन सभी को बस में गृह ग्राम भेज दिया गया। पूरी प्रक्रिया में एसओपी (स्टैंडर्ड आपरेटिव प्रोसिजर) का पालन किया गया। श्रमिकों को नाश्ते कराकर गंतव्य स्थल के लिए रवाना किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक श्रमायुक्त रमेश प्रधान ने बताया कि हैदराबाद में रह रहे इन श्रमिकों से जिला प्रशासन सतत संपर्क में था। यह सभी निर्माण कार्य में लगे हुए थे। दुर्ग जिले में पहुंचने वाले सभी श्रमिक भिलाई 3 और पाटन ब्लाक के हैं। श्रमिकों ने बताया कि घर पहुंचकर बहुत अच्छा लग रहा है। लाकडाउन में फंस जाने के बाद यहां आने को लेकर चिंता थी। जिला प्रशासन के अधिकारी हमसे निरंतर संपर्क में थे और हमें भरोसा देते रहे थे कि जब भी ट्रेन आरंभ होगी, वे हमें यहां से निकालकर सुरक्षित अपने गांव तक पहुंचा देंगे। हमें यहां भोजन भी उपलब्ध करा दिया गया है और बसें भी हमारी खड़ी हैं। अब हम 14 दिन अपने गांव के क्वारंटीन सेंटर में रहेंगे। 

12-05-2020
राहुल गांधी अपना वादा निभाएं : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ अपने-अपने घरों के बाहर शराब बंदी की मांग को लेकर 3 बजे से धरने पर बैठे है। यह धरना 5 बजे तक चलेगा। बता दें कि प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ता और नेता अपने-अपने घरों के बाहर धरने पर बैठे है। डॉ.रमन सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने कहा था कि घोषणा पत्र के मुद्दों पर अमल नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री बदल दूंगा लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अपने घोषणा पत्र पर अमल नहीं किया है। शराबबंदी गंभीर मुद्दा है सरकार को तत्काल प्रभाव से जनता से किए गए वादों को पूरा करे। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

12-05-2020
Video: जम्मू में फंसे प्रदेश के मजदूरों ने वीडियो बनाकर लगाई मदद की गुहार

रायगढ़। देशव्यापी लॉक डाउन के कारण अपना घर छोड़कर दूसरे राज्य में कमाने खाने गए लाखों मजदूर अन्य किसी राज्य में फंसे हुए हैं। कोरोना त्रासदी के कारण हर दुख दर्द और तकलीफ को झेलते हुए तड़प रहा है। टकटकी लगाए निगाहों से किसी मददगार के आने की उम्मीद कर रहा है। लॉक डाउन की भयानकता से आज मजदूर वर्ग सबसे अधिक पीड़ा से पीड़ित है और अपने जीवन के लिए भूख प्यास और आवास से जूझता हुआ कोरोना से कम जिंदगी जीने के लिए जंग लड़ रहा है। जम्मू में फंसे मजदूरों ने वीडियो के माध्यम से जानकारी शेयर की है। इसमें छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सारंगढ़, जांजगीर चाम्पा, बिर्रा, जैजेपुर सहित दर्जनों गांवों के लगभग 40 से अधिक मजदूर जम्मू के नरवाल ईलाके में फंसे हुए हैं और उनके पास किसी प्रकार से सरकार द्वारा कोई मदद नहीं पहुंच पा रही है। भूखमर्री व तकलीफ को झेलते सभी मजदूर अपने परिवार सहित हाई रिस्क पर जीवन जी रहे हैं। कुछ की तो उम्मीदें टूट चुकी हैं और कुछ हिम्मत रखते हुए उम्मीद के साथ अपनी बातों से सरकार पर गुस्सा निकालते हुई मदद की अपील कर रहे हैं कि हमारी मदद करें नहीं तो हम तो ऐसे ही किसी सड़क पर मर जाएंगे। जम्मू से भेजे गए वीडियो में रविन्द्र कुमार नामक व्यक्ति गांव कोतमरा, थाना सारंगढ़ जिला रायगढ़ का खुद को बता रहा है।

11-05-2020
बालिका के साथ दुष्कर्म, आरोपी को पुलिस ने घर पर दबोचा

बलरामपुर। जिले के बलरामपुर थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय युवक ने अपने गांव की ही नाबालिग के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। विदित हो की गांव के युवक ने नाबालिग को भला फुसला कर दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी नाबालिग ने अपने माता पिता को दी,जिसके बाद पिता के द्वारा मामले की जानकारी पुलिस थाना बलरामपुर को दी गई। जानकारी मिलते थाना प्रभारी अनिमा प्रभा मिंज के द्वारा आरोपी को घर से पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 376 ख(02) 506 भा द ब एवं पास्को एक्ट के धारा 4,6 पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। पीड़िता को जिला अस्पताल बलरामपुर में एडमिट कराया गया है। 

 

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