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18-09-2020
लाॅक डाउन तक सब्जी बाजार रहेंगे बंद,पूर्व की भांति गंजमण्डी और नवीन स्कूल मैदान में लगा सकेगें सब्जी बाजार  

दुर्ग। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने 20 से 30 सितंबर तक पूरे जिले को लाॅक डाउन किया है। इस दौरान नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र के इंदिरा मार्केट, हटरीबाजार और शनिचरी बाजार में सब्जी दुकानें संचालित नहीं होगी। इस संबंध में निगम आयुक्त ने बताया कि लाॅक डाउन के समय शहर में सब्जी बाजार प्रातः 5 बजे से सुबह 10 बजे तक लगाया जाना प्रस्तावित हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार इंदिरा मार्केट, हटरी बाजार, और शनिचरी बाजार में सब्जी दुकान लगाने वाले व्यवसायियों को पूर्व की भांति गंजपारा पुरानी गंजमण्डी और नवीन स्कूल मैदान में शिफ्ट किया गया है। सब्जी दुकानदार वहाॅ अपने दुकानें निर्धारित समय तक लगा सकेगें। निर्धारित समय के बाद बाजार चालू रखने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अतः समस्त सब्जी दुकानदारों से अनुरोध है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन का सहयोग करें, तथा लाॅकडाउन के नियमों का पालन कर शहर को संक्रमण से बचायें।

 

17-09-2020
मामूली बात पर सब्जी वाले से मारपीट

रायपुर/भिलाई। टंकी मरौदा क्षेत्र में सब्जी ठेला लगाने वाले युवक से मामूली कहा सुनी पर घर में घुस कर मारपीट करने वाले  10 से 12 युवकों के खिलाफ नेवई थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टंकी मरौदा निवासी अनिल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि पीड़ित बुधवार को सब्जी ठेला लेकर घूमकर सब्जी बेच रहा था। तभी इसाई मोहल्ला निवासी संतोष साहू ने सब्जी ठेला हटाने की बात कहकर गाली-गलौच की। गाली-गलौच करने से मना करने पर संतोष साहू ने पीड़ि़त के घर में दर्जनभर युवकों के साथ घुसकर पीड़ि़त और उसके परिवार के साथ मारपीट की। पीड़ि़त ने नेवई थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज न करके सिर्फ लिखित शिकायत दर्ज की। घटना के कई घंटों के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मोहल्लेवालों में भी मामले को लेकर रोष व्याप्त है। फिलहाल घटना की जांच के लिए थाना प्रभारी ने जांच प्रभारी नियुक्त कर दिया है। 

 

07-09-2020
सब्जियों के दाम आसमान छूते, हरी सब्जियों की जगह लोग नॉनवेज खाना ज्यादा पसंद कर रहे...

रायपुर। मौसम में बदलाव के कारण लोकल सब्जी बाड़ियों से इन दिनों बाजार में सब्जियों की आवक कम हो रही है। इस वजह से सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ज्ञातव्य हो कि करीब 15 दिनों पहले तक बाजार में हरी सब्जियों के दाम 30 से 40 रुपये के भाव में मिल रहे थे वही सब्जी कुछ ही दिनों में दो-गुनी दामों में बाजार में बिक रहा है। वर्तमान में हरी सब्जियों के भाव आलू 40 रुपये एवं प्याज 25 रुपये, फूल गोभी 80 रुपये, भिंडी 60, बरबट्टी 60 रुपये, बैंगन 60 रुपये, करेला 80 रुपये, पत्ता गोभी 60 से 70 रुपये, टमाटर 40 से 50 रुपये, धनिया पत्ती 100 रुपये किलों, मिर्ची 10 रुपये का 100 ग्राम, अदरख 160 से 2 सौ रुपये किलों के भाव बिक रहा है। सब्जी बिक्रेताओं का कहना है कि लोकल सब्जी बाड़ियों से आवक कम होने के चलते थोक मंडी सुपेला एवं दुर्ग में सब्जियों के दाम बढ़े हुए है।

इस संबंध में थोक सब्जी मंडी सुपेला में सब्जी के थोक बिक्रेताओं से बात करने पर आरएनएस को बताया कि सब्जियों की आवक कम होने के चलते इन दिनों आलू एवं प्याज की डिमांड बाजार में ज्यादा होने से मंडियों में आलू-प्याज अधिक दामों पर पहुंच रहा है। इस वजह से आलू-प्याज के दाम बढ़ गया है व डीजल के दामों में लगातार वृद्धि होने से वाहनों में लगने वाला भाड़ा बढ़ जाने से बाजार में हरी सब्जियों के दाम बढ़ा हुआ है। नॉनवेज खाने वाले लोगों का कहना है कि वे हरी सब्जियों की जगह में नॉनवेज व अंडा की सब्जी बनाकर खाना शुरू कर दिये है क्योंकि ये सब्जी उनकी बजट के अनुसार है। नॉनवेज खाने से दाल व सब्जी रोजाना खरीदना नहीं पड़ रहा है। इसमें जितना खर्च वर्तमान में आ रहा है। इससे कम पैसे में नॉनवेज व अंडा की सब्जी खाने से उनका गुजारा हो जा रहा है।

31-08-2020
 बाइक सवार दो आरक्षक हुए सड़क दुर्घटना का शिकार

कांकेर। कोरर थानांतर्गत ग्राम रानवाही के पास सब्जी खरीदने हाटकर्रा बाजार जा रहे बाइक सवार दो आरक्षक दुर्घटना का शिकार हो गये। इसमें दोनों को चोटें आई हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी अरविंद कोड़ोपी 36 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने साथी आरक्षक योगेश कुमार जैन के साथ कोरर से हाटकर्रा बाजार सब्जी खरीदने जा रहा था। बाइक चालक तेज गति से चला रहा था, जिसे पीछे बैठा सवार बाइक तेज चलाने के लिए मना कर रहा था। इस दौरान बाइक  नवाही के पास बने पुलिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें दोनों को चोट आई। पुलिस ने आरोपी चालक योगेश जैन के खिलाफ भादवि की धारा 279, 337 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।

 

24-08-2020
मेथी के नियमित उपयोग से इन ​बीमारियों से मिलता है छुटकारा, पढ़े पूरी खबर...

रायपुर। स्वास्थ्य के लिए मेथी काफी फायदेमंद होती है। ये कई तरह से लोगों में लड़ने में मदद करती है, मेथी में कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी के दाने सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। अधिकांश लोग मेथी का सेवन सिर्फ सब्जी में छौंक लगाने के लिए करते हैं, जबकि मेथी आपको कई तरह से मदद करती है। इसके अलावा कई बीमारियों में भी मेथी का पानी पीने की सलाह दी जाती है। सर्दी खांसी, पेट दर्द, जोड़ों में दर्द आदि से गुजर रहे हैं तो मेथी के बीज आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

मेथी का पानी पीने के फायदे : दिन में यदि आप खाली पेट मेथी का पानी पीते हैं तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। मेथी में मौजूद गेलेक्टोमैनन नाम का फाइबर, खून में शुगर के अवशोषण को कम करता है। इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रहता है और डायबिटीज से बचाव होता है। 

किडनी और पथरी में आराम: मेथी के पानी का सबसे अच्छा फायदा यह है कि इसके नियमित सेवन किडनी की पथरी से आराम मिलता है। मेथी में मौजूद तत्व पथरी को गलाने में मदद करता है और इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

सर्दी जुकाम से आराम : मेथी में एंटी बैक्टीरियल होते हैं, इसकी वजह से मेथी का पानी सर्दी जुकाम या वायरल से बचाने में बहुत सहायक होता है। मेथी का पानी शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता हैं और संक्रामक रोगों से आपको बचाता है।

मोटापा दूर करने में मददगार : मेथी का पानी वजन कम करने में भी बहुत मददगार होता है, दरससल फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जिस वजह से इसका पानी के बाद देर तक भूख नहीं लगती है और आप बेवजह बार-बार खाने से आप बच जाते हैं। मेथी का पानी पीने के लिए आप एक चम्मच मेथी रात में भिगोकर कर रखें और सुबह उसका पानी पी लें ये आपके स्वास्थ के लिए अच्छा है।

20-08-2020
सब्जी की खेती और वर्मी खाद ने बढ़ाई कमाई, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत मनरेगा और उद्यानिकी विभाग का अभिसरण

रायपुर। मनरेगा और नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के अभिसरण से किसानों की आमदनी बढ़ रही है। कबीरधाम जिले के सिंगारपुर के चेतन वर्मा मनरेगा के अंतर्गत बाड़ी विकास योजना से अपनी बाड़ी विकसित कर सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। जैविक खाद का उपयोग कर वे अपनी बाड़ी में भिन्डी, मिर्ची, लौकी, बैगन, धनिया, टमाटर, कुंदरू, लाल भाजी, गिल्की, बरबट्टी और पालक भाजी की पैदावार ले रहे हैं। वे पास के ही बिरोड़ा बाजार में इन सब्जियों को थोक में बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है। सहसपुर लोहारा विकासखंड के सिंगारपुर के किसान चेतन वर्मा वर्मी खाद भी बनाते हैं। इसे स्वयं वे अपनी बाड़ी में उपयोग करने के साथ ही इसका विक्रय भी करते हैं। इससे भी उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है। उद्यानिकी विभाग ने पिछले साल उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जोड़ते हुए वर्मी बेड प्रदान किया था। वे अब तक सात क्विंटल वर्मी खाद बनाकर बेच चुके हैं और यह सिलसिला अभी भी जारी है। जैविक विधि से सब्जी उगाने के कारण बाजार में उनकी सब्जी की अच्छी मांग रहती है। नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के तहत मनरेगा से स्वीकृत 16 हजार 200 रूपए से चेतन वर्मा ने सब्जी की खेती शुरू की है। मनरेगा से बाड़ी के समतलीकरण के बाद उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्हें सब्जियों के बीज दिये गये।

लगभग 13 हजार 200 रूपए भूमि समतलीकरण में खर्च होने के बाद शेष राशि से उन्हें बीज के साथ जैविक कीटनाशक मिला। भूमि विकास करने से मिट्टी उपजाऊ हो गई है, जिसके कारण सब्जियों की अच्छी पैदावार हो रही है। वर्मा सब्जी की खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि इससे वे हर महीने करीब 5-6 हजार रूपए की कमाई कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग से मिले वर्मी बेड से वे वर्मी खाद भी तैयार कर रहें है। वर्मा बताते हैं कि वर्मी खाद तैयार करते समय पता चला कि वर्मी बेड को छाया (Shed) की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने लकड़ी का ढांचा तैयार किया और उसे ढंकने के लिए देशी कुन्दरू के पौधों को चारों ओर लगा दिया। पौधे नार के रूप में लकड़ी के ढांचे पर चारों ओर फैल गए और वर्मी बेड को प्राकृतिक छाया देने लगे। इस तरह वर्मी खाद के साथ कुन्दरू की फसल भी तैयार होने लगी। राज्य शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीणों की आजीविका मजबूत की जा रही है। जैविक खाद के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा देते हुए उन्हें जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

 

14-08-2020
सब्जी उगाकर सुरेश को मिली बेरोजगारी से आजादी, अब दे रहा 10-15 लोगों को खुद रोजगार

कोरबा। बेरोजगारी से संघर्ष कर आजादी पाने वाले सुरेश कुमार निर्मलकर जिले और प्रदेश के युवाओं के बीच सामाजिक, आर्थिक स्वतंत्रता के लिए आइकाॅन बन गए हैं। आज सुरेश ने सब्जी उत्पादन कर जिले के सब्जी व्यापारियों के बीच विशेष पहचान बना ली है। साल में लगभग 15-16 लाख रूपए का टर्न ओवर रखकर सब्जी उत्पादन करने वाले सुरेश कुमार के पतरापाली के 10 एकड़ खेत में 10 से 15 लोग लगातार काम कर रहे हैं। सुरेश ने कोरबा के डिग्री काॅलेज से आर्ट्स संकाय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। खुद सुरेश बताते हैं कि डिग्री लेने के बाद रोजगार के लिए तीन साल आफिस चक्कर लगाए। व्यवसाय के लिए लोन प्राप्त करने बैंको में गए, परंतु सब जगह सक्षमता और अनुभवहीनता के कारण बात नहीं बनी।
सुरेश कुमार छत्तीसगढ़ सरकार के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सम्पर्क में आए और उनकी बेरोजगारी की रात रोजगार के लम्बे दिनों में तब्दील हो गई। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने सुरेश कुमार निर्मलकर को सब्जियों की खेती करने की सलाह दी और जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। विभाग के अधिकारियों ने इसके साथ ही उन्हें बीज-खाद, दवाई और अन्य जरूरी सामानों के रूप में भी सब्जी की खेती के लिए मदद की। शुरूआत में सुरेश कुमार निर्मलकर ने कोरबा विकासखण्ड के पतरापाली में लीज़ पर जमीन लेकर लगभग तीन एकड़ रकबे में खीरा, करेला और बरबट्टी की फसल लगाई थी। सब्जियों को कोरबा, कटघोरा, पाली सहित उपनगरीय क्षेत्र दीपका में भी बेचकर सुरेश को पूरे सीजन में इन तीनों फसलों से लगभग आठ लाख रूपए मिले थे। सुरेश स्वयं बताते हैं कि पहली बार मेहनत का फल चखा, मन खुश हो गया। खीरा लगभग एक लाख 82 हजार रूपए का, करेला लगभग तीन लाख रूपए का और बरबट्टी लगभग तीन लाख रूपए की बेची थी।
सब्जी उगाने से फायदे को देखते हुए सुरेश निर्मलकर ने इस काम को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का फैसला किया और बेंदरकोना गांव में दस एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर सब्जियों का व्यवसायिक उत्पादन शुरू किया। बीज-खाद, दवाई के साथ-साथ जमीन पर ट्यूबवेल खुदवाकर ड्रिप सिस्टम भी उद्यानिकी विभाग से सब्सिडी पर लेकर सुरेश ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती शुरू कर दी। इस काम में हाथ बंटाने के लिए सुरेश ने 10-15 स्थानीय लोगो को भी काम पर रख लिया। करेला, बरबट्टी, डोंड़का, लौकी जैसी बेलदार सब्जियों के लिए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में नई-नई तकनीकों का प्रयोग भी सुरेश कुमार अपने खेत में कर रहे हैं। उन्होने अधिक फसल उत्पादन, सिंचाई की समन्वित तकनीक और खरपतवारों से फसल को बचाने के लिए मल्चिंग पद्धति भी सब्जी उत्पादन के लिए अपना ली है। आज सुरेश कुमार के खेत में लगभग 10 एकड़ रकबे में सब्जियां लगी है। समय-समय पर सब्जियों की तौड़ाई कर उन्हें कोरबा सहित कटघोरा और दीपका की मंडियों में बेचकर सुरेश कुमार हर साल 10 से 15 लाख रूपए का टर्न-ओवर रख कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ सुरेश कुमार पूरे जिले में सब्जी उत्पादन के लिए दूसरे लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। सुरेश कुमार अपने इस व्यवसाय को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रयास में लगे रहते हैं। वे अब कोरबा विकासखण्ड के ही गौड़ी गांव में ही तीन एकड़ जमीन और बुंदेली गांव में पांच एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर बड़े पैमाने पर अलग-अलग सीजन में अलग-अलग सब्जियां उगाने की तैयारी कर रहे हैं। सुरेश कुमार के सब्जी उत्पादन के बारे में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी दिनकर ने बताया कि सुरेश कुमार ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में कोरबा जिले में बड़े इन्टरप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बना ली है। सब्जियां उगाने के साथ-साथ उसकी मार्केटिंग और भण्डारण आदि के बारे में भी उनकी जानकारी अच्छी है। लोगो को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय लोगो को रोजगार से जोड़ने की सुरेश की यह पहल निश्चित ही दूसरे लोगो के लिए प्रेरणादायी है।

 

11-08-2020
प्रतिरोधक क्षमता पोषण बढ़ाने में मुनगा का विशेष महत्व, सेहत के लिए खूब खाइए 

रायपुर। स्थानीय बोली में मुनगा को सहजना, सुजना, सैजन या सहजन के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। मुनगा जड़ से लेकर फूल पत्तियों और फलियों का आयुर्वेद में विस्तार से औषधीय और उपयोगी गुण बताएं है। फूल और फली दोनों का सब्जी में प्रयोग किया जाता है। मुनगा न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पौष्टिकता से भरपूर भी है। मुनगा में आयरन, विटामिन-सी, विटामिन-ए के साथ-साथ पोषक खनिज तत्व भी पाये जाते हैं। जो शरीर को पर्याप्त उर्जा देते हैं। पत्तियों में प्रोटीन और विटामिन-बी 6, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई होता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम और जिंक जैसे मिनरल भी होते हैं। एनीमिया को ठीक करने में भी मुनगा कारगर माना गया है। शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रायपुर के पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीप दास ने बताया आयुर्वेद में मुनगा की छाल, पत्ती, फूल, जड़, फल का रस और पाउडर बना कर उपयोग किया जाता है। मुनगा के विभिन्न अंगों के रस को मधुमेंह, वातघ्न, रुचिकारक, वेदनाशक, पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है। मुनगा में दूध की तुलना में चार गुना कैल्शियम और दोगुना प्रोटीन है।

मुनगा का रस सुबह-शाम पीने से उच्च रक्त चाप में लाभ मिलता है। पत्तियों के रस का सेवन करने से मोटापा भी कम होने लगता है। छाल से बने काढ़ा से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़े से राहत और दर्द में आराम होता है। कोमल पत्तों का उपयोग साग बनाकर खाने से कब्ज की समस्या में लाभ होता है। सेंधा नमक और हींग के साथ जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है। पत्तियां पीसकर लगाने से घाव और सूजन ठीक होती है। कैंसर और शरीर में बनी गांठ, फोड़े में मुनगा की जड़ को अजवाइन, हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलता होता है। डॉ.दास ने कहा मुनगा साइटिका, पैरों में दर्द, जोड़ों में दर्द, लकवा, दमा, सूजन, पथरी में काढ़ा लाभकारी है। गोंद को जोड़ों के दर्द, दमा के रोगों में लाभदायक माना जाता है। पत्तियां भी दाल और सब्जी में डाल सकते हैं। सूखी पत्तियों का चूर्ण भी नियमित रूप से सेवन करना स्वास्थ्यवर्धक होता है। मुनगा की फली को सब्जी और दाल में डालकर बना सकते हैं। इसमें पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। रोग प्रतिरोधक बढ़ाने के लिए सबसे सस्ता उपाय है। ज्यादा उम्र के लोगों को मुनगा अवश्य ही खाना चाहिए।

मुनगा में एंटी-बैक्टीरियल गुण है एवं यह कई तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखने में मददगार भी है। सर्दी-खांसी और बलगम से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद औषधि के रूप में होता है। इसमें मौजूद विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है। सूप खून की सफाई करने में भी मदद करता है खून साफ होने से चेहरे में भी निखार आता है। सूप पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। मौजूद फाइबर्स कब्ज की समस्या दूर करता हैं। दमा की शिकायत होने पर भी मुनगा का सूप फायदेमंद माना गया है। डॉ.दास ने बताया पंचकर्म चिकित्सा में निर्गुंडी पत्र, मुनगा पत्र, अरंड पत्र, धतूरा और अर्क पत्र से पत्र पिण्ड स्वदन बनाकर (पोटली बनाकर) घुटने के दर्द, जोड़ों के दर्द, गठिया बाय इत्यादि के रोगों में सिकाई लाभकारी होती है। डॉ. दास ने बताया वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में स्वास्थ्य सर्वे के दौरान एनीमिया पीड़ित बच्चों की पहचान होने के बाद सरकार ने कुपोषण दूर करने की पहल की है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, व आयरन जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए  इसका सेवन बच्चों को कराया जाना चाहिए ।

इसी कडी में मुनगा महाभियान शासकीय स्कूलों, छात्रावासों आंगनबाड़ी व आश्रमों के परिसर में मुनगा के दस-दस पौधे रोपे जाएंगे। बच्चों के मध्याह्न भोजन में इसकी सब्ज़ी नियमित रूप से  बनेगी ताकि बच्चों को पर्याप्त पोषण मिल सके। खासकर स्कूली बच्चों की सेहत के लिए गुणकारी व फायदेमंद सब्जी की उपलब्धता आसानी से उपलब्ध हो सके। मुनगा के फूल को पेट, कफ के रोगों में गुणकारी माना गया है। फली को वात और उदरशूल में पत्ती को नेत्ररोग, मोच, सायाटिका, गठिया में काफी गुणकारी कहा गया है। मधुमेह नियंत्रण करने में भी मुनगा खाने की सलाह डॉक्टर द्वारा जाती है।

सूप के फायदे व बनाने का तरीका :
मुनगा को छोटे टुकड़ों में काटकर, बर्तन में दो कप पानी में कम आंच पर उबलने को रखना है। चाहें तो इसमें मुनगा की पत्तियां को मिला सकते हैं। पानी जब आधा रह जाये तब फलियों को छान लें एवं बीच का गूदा निकाल लें। गूदा को उबले हुए पानी में मिलाकर थोड़ा-सा नमक और काली मिर्च भी मिलाकर सूप को सुबह-शाम पीने से अत्याधिअक लाभ होता है और शारीरिक कमजोरी भी दूर हो सकती है। सूप का नियमित रूप से सेवन करने से सेक्सुअल हेल्थ बेहतर होती है। यह महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है।

23-07-2020
कृषकों को दिए फल पौधे और सब्जी के बीज उद्यानिकी विभाग ने

रायपुर/कवर्धा। उद्यानिकी विभाग कबीरधाम की ओर से पोषण बाड़ी विकास योजना के अंतर्गत 21 और 22 जुलाई को गौठान ग्राम बदराडीह में 76 कृषक, ग्राम छॉटा-झॉ में 69 कृषक, ग्राम बम्हनी में 29 कृषक और बिरकोना के 106 कृषकों को बाड़ी में सब्जी थरहा, फल पौध और सब्जी बीज लगाने के लिए वितरण किया गया। इसके तहत टमाटर 8 हजार 400 नग, मिर्च 8 हजार 400 नग,बैंगन 7 हजार नग थरहा, पपीता 840 नग, अमरूद 280 नग, कटहल 280 नग, नींबू 560 नग, मुनगा 560 नग, शकरकंद कटिंग 14 हजार, कुदंरू कटिंग 1 हजार 400, परवल कटिंग 280 और 14 किग्रा बरबट्टी बीज वितरण कर किसान परिवारों को पोषण बाड़ी विकास योजना से लाभान्वित किया गया है। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान संबंधित ग्राम के सरपंच, पंच और विभागीय अमला ओमप्रकाश चन्द्रवंशी, जितेन्द्र चन्द्रवंशी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। बाड़ी से कृषकों को पोषक आहार के लिए जरूरी फल, सब्जी मिल पाएगा, जिससे बाजार पर निर्भर न रह कर घर में ही पूर्ति कर कृषक आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

 

15-07-2020
Video: सब्जी की आड़ में गांजा की खेती, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। सब्जी की आड़ में गांजे के पौधों की खेती करने वाला का सरिया पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सब्जी की खेती के साथ गांजे की यह कारोबार करने वाले एक व्यक्ति को सरिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने खेत से गांजे के पौधा भी जब्त किया है,जिसकी कीमत 60 हजार रूपए बताई जा रही है। इस संबंध में सरिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली की ग्राम सुरसी में गरीब विश्वाल द्वारा अपने खेत में मिर्ची और भिंडी के खेती के बीच अवैध रूप से मादक पदार्थ गांजा पौधा लगाया है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मिर्ची और भिंडी के खेती के बीच से 17 नग हरी पत्तीदार टहनी युक्त मादक पदार्थ गांजा का पौधा जब्त किया गया। सरिया थाना प्रभारी ने बताया कि टहनीयुक्त गांजे के पौधा का वजन 15 किलो ग्राम है,जिसकी कीमती करीबन 60 हजार रूपये है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

12-07-2020
कलेक्टर ने फलदार पौधे सहित सब्जी बीज और सीडबॉल का किया वितरण

बीजापुर। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल और डीएफओ अशोक पटेल ने रविवार को चिन्ना कोड़ेपाल में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा-गरवा, घुरवा एवं बारी के तहत नरवा विकास कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आवर्ती चराई के कार्य को भी देखा और इसे बेहतर तरीके से बनाने कहा। इस मौके पर सभी लोगों ने सीड बॉल के जरिये किये जा रहे पौधरोपण का अवलोकन करने सहित पंचायत पदाधिकारियों तथा ग्रामीणों को अधिकाधिक पौधरोपण कर देखरेख करने के लिए अभिप्रेरित किया। वहीं इन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं बच्चों से रूबरू भेंट किया तथा बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से लाभान्वित किये जाने की समझाइश दी। वहीं मलेरिया से बचाव के लिये मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करने, घर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने, घर के समीप गन्दे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने सहित शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने इत्यादि की समझाइश देते हुए कहा कि इन सभी सतर्कता के माध्यम से मलेरिया ही नहीं बल्कि अन्य मौसमी बीमारियों से भी बचाव किया जा सकता है।

इसलिए स्वयं सजगता बरतने के साथ ही घर-परिवार के लोगों को सावधानी बरतने के लिए सलाह देकर उन्हें सजग रखें। जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम,जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम और कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने गांव के लोगों की मांग पर नवीन तालाब निर्माण की स्वीकृति देते हुए इसे बारिश के पश्चात शुरू करने आश्वस्त किया। कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने अपने प्रवास के दौरान चिन्नाकोड़ेपाल,तुनकीगुट्टा नरवा विकास कार्य का अवलोकन किया  भी देखा और बेहतर तरीक़े से बनाने को कहा। पेगड़ापल्ली में ग्रामीणों को फलदार पौधे सहित सब्जियों का सीडबॉल का निःशुल्क वितरण किया। ज्ञातव्य है कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष वृहद वनीकरण के साथ ही ग्रामीण इलाकों में साग-सब्जियों के जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फलदार प्रजाति के पौधों तथा स्थानीय साग-सब्जियों के बीज का सीडबॉल तैयार कर छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही इस बारे में ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें उक्त सीडबॉल का वितरण किया जा रहा है।

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