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16-05-2020
आज आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त होगा ऐलान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम 4 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी शनिवार को चौथी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आर्थिक पैकेज के बारे में विवरण देंगी। बता दें कि शाम चार बजे आर्थिक पैकेज से जुड़ी डिटेल को लेकर वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। यह लगातार चौथा दिन है जब निर्मला सीतारमण मीडिया से मुखातिब होंगी। वित्त मंत्री पहले ही 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की तीन किस्तों का ऐलान कर चुकी हैं। आज इसी क्रम में चौथी किस्त का ऐलान होगा। हर दिन किसी न किसी सेक्‍टर के लिए कुछ खास ऐलान किए जा रहे हैं।

जानें तीसरी किस्त में वित्त मंत्री ने क्या ऐलान किया था :

1. लॉक डाउन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद के लिए 74,300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पीएम किसान फंड के तरह 18,700 करोड़ रुपए पिछले दो महीने में किसानों के खाते में डाले गए हैं। 

2. लॉक डाउन के दौरान दूध की मांग में 20-25 फीसदी की कमी आई। प्रतिदिन खपत 360 लाख लीटर की जगह हमने 560 लाख लीटर दूध खरीदा। इस योजना से किसानों को लाभ मिला। उन्हें दो फीसदी अनुदान दिया गया। दो करोड़ किसानों को ब्याज सब्सिडी के तहत 5 हजार करोड़ रुपए का लाभ मिला है।

3. मत्स्य पालन के क्षेत्र में कोविड-19 की सभी चार घोषणाओं को लागू किया गया। दो महीने मे 242 नई श्रिंप हैचरी (मछली के अंडों की उत्पत्तिशाला) को अनुमति दी गई।

4. कृषि आधारभूत ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना लाई जा रही है। इसके तहत कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे जिससे भंडारण क्षमता बढ़ेगी। किसानों की भी आमदनी बढ़ेगी। इसका लाभ किसान संघों, उद्यमियों और स्टार्ट अप को मिलेगा। 

5. दो लाख सूक्ष्म इकाइयों को मदद पहुंचाने की योजना। तकनीक में सुधार और मार्केटिंग से लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए की योजना लाई जा रही है। इससे रोजगार और आय के साधन बढ़ेंगे। क्लस्टर के माध्यम से तकनीक व ब्रांडिंग बढ़ाने की योजना है। जिस तरह से बिहार में मखाना है, यूपी में आम है, कर्नाटक में रागी है, तेलंगाना में हल्दी है, कश्मीर में केसर है, नॉर्थ ईस्ट में बांस व हर्बल प्रोडक्ट है, लोकल से ग्लोबल नीति के तहत इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा।

6.प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ की योजना लाई जा रही है। 11 हजार करोड़ रुपए समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर के लिए दिया जाएगा। 9 हजार इसके आधारभूत ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा। योजना से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

7.53 करोड़ मवेशियों के टीकाकरण की योजना। मवेशियों में मुंह पका खुर पका बीमारी (फुट एंड माउथ) से निपटने के लिए 13,343 करोड़ रुपए की योजना लाई गई है। इसके तहत 53 करोड़ गायों, भैंसों, सूअर, बकरी, भेड़ का 100 फीसदी टीकाकरण किया जाएगा। अभी तक 1.5 करोड़ गाय व भैंसों का टीकाकरण हुआ है। 

बता दें कि केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से किए गए लॉक डाउन से जूझती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है। आर्थिक पैकेज की पहली किस्त का ऐलान बुधवार को हुआ था। निर्मला सीतारमण ने कहा था कि वो कुछ दिनों यानी रोज मीडिया के सामने आएंगी और विस्तार से आर्थिक पैकेज की जानकारी देंगी। कल (शुक्रवार) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीसरी किस्त का ऐलान किया था। इसमें उन्होंने किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में विस्तार से बताया। सरकार ने कृषि के आधारभूत ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है।

01-05-2020
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर, गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर के दामों में आई कमी

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण देशभर में जारी पूर्णबंदी के बीच खाना पकाने की गैस (एलपीजी) का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है और शुक्रवार से गैर सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर 162 रुपये की बड़ी कमी की गई है। देश की अग्रणी तेल विपणन कंपनी के अनुसार नई दरें आज से प्रभावी हो गए हैं। दिल्ली में गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर 162.50 रुपये कम होकर पहले के 744 रुपये से मई माह के लिए 581.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर मिलेगा। सरकार रसोई गैस उपभोक्ता को एक वित्त वर्ष में 12 सिलेंडर सब्सिडी दर पर देती है और इससे अधिक की मांग पर बाजार कीमत देनी पडती है। मुंबई में नई दर 579 रुपये प्रति सिलेंडर होगी। कोलकाता में यह 584.50 रुपये और चेन्नई में 569.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर मिलेगा।

02-04-2020
प्रदेश में 66 रुपए सस्ती हुई रसोई गैस

रायपुर। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत दी है। बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर 'घरेलू गैस सिलेंडर' की कीमतों में 66 रुपए कम कर दिया है। राजधानी रायपुर में 14.2 किलो ग्राम वाले बिना सब्सिडी वाले एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 881 रुपये से घटाकर 815 रुपए हो गई है। इसी प्रकार व्यावसायिक गैस सिलेंडर 1426 रुपये में मिलेगा। वैसे भारत के चारों महानगरों की तुलना में रायपुर में गैस सिलेंडर महंगा  है। बता दें कि दिल्ली में 14.2 किलो ग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत घटकर 744 रुपए, कोलकाता में 744.50 रुपए, मुंबई में 714.50 रुपए और चेन्नई में 761.50 रुपए है।

01-04-2020
लगातार दूसरे महीने सस्ती हुई रसोई गैस

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में जारी गिरावट के बीच देश में रसोई गैस लगातार दूसरे महीने सस्ती हुई है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत एक अप्रैल से 61.50 रुपये घटाकर 744 रुपए कर दी गई है। मार्च में इसकी कीमत 805.50 रुपए थी। सब्सिडी वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम में इसके अनुरूप कर का हिस्सा कम हो जाएगा। कोलकाता में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 65 रुपये घटकर 744.50 रुपए, मुंबई में 62 रुपए घटकर 714.50 रुपए और चेन्नई में 64.50 रुपए घटकर 761.50 रुपए रह गई है।

25-03-2020
कोरोना संकट: अमरजीत भगत ने रामविलास पासवान से खाद्यान वितरण के लिए 2200 करोड़ रुपये की सब्सिडी मांगी

रायपुर। देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बेहतर संचालन के लिए और सब्सिडी देने की मांग की है। बता दें कि मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र प्रेषित कर कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के खाद्य एवं पोषण सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत सभी राशन कार्डधारियों को अग्रिम तीन माह का चावल निशुल्क वितरण किए जाने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने 10 रूपए किलो प्रति व्यक्ति चावल के हिसाब से राज्य सरकार को 2121 करोड रुपए की सब्सिडी देने की मांग की है। मंत्री भगत ने पत्र में लिखा है कि समस्त राशन कार्ड धारियों को मुफ्त में दो किलो नमक तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को 22.36 करोड़ तथा सभी राशन कार्ड धारियों को नि:शुल्क एक किलो शक्कर तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के लिए 63 करोड़ सब्सिडी की आवश्यकता महसूस कर राहत दिए जाने की मांग की है। लॉकडाउन का सीधा असर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवार प्रभावित होते हैं। सरकार की इच्छा है कि इस संकट के दौर में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे खाद्य सामग्री की कमी का डर लोगों के मन से दूर हो सके। आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण ना केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले परिवारों को बल्कि सामान्य जनता को भी दिया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के नकारात्मक प्रभाव में सुधार के लिए राज्य सरकार को आवश्यक सहायता की जरूरत है। विशेषकर चावल,दाल,शक्कर,नमक के लिए जनता को पीडीएस के माध्यम से सहायता दी जानी चाहिए। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के तहत राहत देने के लिए अंत्योदय, प्राथमिकता, निशक्तजन, एकल, निराश्रित एवं अेपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल तथा मई 2020 का चावल एक मुश्त वितरण करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय के तहत चावल निशुल्क वितरण किया जाएगा।

16-03-2020
उत्थान अनुदान दिव्यांगजन के हौसले, ईमानदारी और मेहनत का प्रतीक : अनिला भेंड़िया

रायपुर। समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने सोमवार को राजधानी के फाॅरेस्ट काॅलोनी स्थित अपने निवास में दिव्यांग हितग्राहियों को उत्थान अनुदान (सब्सिडी) का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया। इसमें रायपुर जिले के 4, कबीरधाम जिले के 6 और मुंगेली जिले के 3 दिव्यांग शामिल हुए। राज्य में पहली बार सरकार की ओर से नियमित ऋण पटाने वाले 81 हितग्राहियों को ऋण की पूर्ण अदायगी पर 6 लाख 46 हजार रूपये की छूट स्वीकृत की है। दिव्यांग हितग्राहियों की ओर से लोन की पूरा अदायगी पर उन्हें ब्याज राशि का 25 प्रतिशत उत्थान सब्सिडी के रूप में प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की ओर से दिव्यांगजन को स्वरोजगार के लिए ऋण प्रदान किया गया था। सब्सिडी का चेक पाकर दिव्यांगजन के चेहरे खिल उठे। मंत्री भेंड़िया ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांग हितग्राहियों की ओर से स्वरोजगार के लिए गए ऋण का पूरा भुगतान उनकी इमानदारी और आगे बढ़ने के जज्बे को दर्शाता है। प्रदान की गई सब्सिडी दिव्यांगजन के हौसले और मेहनत का प्रतीक है। अनिला भेंड़िया ने दिव्यांगजन से कहा कि मेहनत कर आगे बढ़ें, सरकार उनकी हर संभव मदद के लिए तैयार है।

अनिला भेंड़िया ने जिला अधिकारियों को सभी पात्र दिव्यांग हितग्राहियों के लिए सब्सिडी का चेक प्रदान करते हुए उनके खातों में राशि शीघ्र अंतरित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय हैं कि छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम ने अब तक 2 हजार 787 दिव्यांग हितग्राहियों को 73 करोड़ 98 लाख रूपये की ऋण राशि का वितरण कर स्वालंबन की मुख्य धारा से जोड़ा है। राज्य सरकार ने छह जिलों के 81 दिव्यांगजनों द्वारा ऋण का पूरा भुगतान करने पर 6 लाख 46 हजार रूपए की छूट स्वीकृत की है। इनमें जशपुर जिले के 51, कबीरधाम जिले के 19, मुंगेली जिले के 4, रायपुर जिले के 4, सुकमा जिले के 2 और गरियाबंद जिले के एक दिव्यांग शामिल है। इनमें से मुंगेली जिले की सहोदरा बाई ने किराना दुकान, कुमारी लच्छो बी खान ने बकरी पालन, रायपुर के महावीर यादव ने कपड़ा दुकान और कबीरधाम के सुरेश कुमार साहू ने ट्रेक्टर के लिए लोन लिया था, जिसकी पूरी अदायगी पर उन्हें छूट की राशि मिली। इसी तरह अन्य दिव्यांग हितग्राहियों ने निगम से लोन लेकर किराना दुकान, बकरी पालन, कपड़ा दुकान जैसे स्वरोजगार की राह अपनाई और सफल रहे।

02-03-2020
घरेलू गैस सिलिंडर के दाम हुए कम, उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली। घरेलू गैस सिलिंडर के दाम से हर कोई परेशान थे। लेकिन अब उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। आठ महीने में पहली बार सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर पर दाम गिरे हैं। अब सिलिंडर 816.50 रुपये का मिलेगा, खाते में सब्सिडी अलग पहुंचेगी। इससे पहले पिछले साल अगस्त में कीमत कम हुई थी। पिछले साल जुलाई में 649 रुपये घरेलू सिलिंडर की कीमत थी। इसमें 157.41 रुपये बतौर सब्सिडी ग्राहक के खाते में पहुंचते थे। अगस्त में 62.50 रुपये कम करते हुए सिलिंडर के दाम 586.50 रुपये कर दिए। इसके बाद हर महीने सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए।  

 

01-03-2020
होली से पहले आम जनता को मिला तोहफा, सस्ता हुआ घरेलू उपयोगी सिलेंडर

नई दिल्ली। होली से पहले रसोई गैस उपभोक्ताओं को तोहफा देते हुए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कमी की है। आज यानी एक मार्च से गैर सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) 52.50 रुपए सस्ता हो गया है। अभी तक 893.50 रुपए में मिलने वाला घरेलू सिलेंडर मार्च माह में 841 रुपए की मिलेगा। बता दें कि हर माह की पहली तारीख को देश में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बदलाव होता है। हालांकि फरवरी माह में 12 तारीख को इसमें बदवाल किया गया था। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, फरवरी में दिल्ली में 14.2 किलो वाला सिलिंडर 144.50 रुपये महंगा हुआ था। इसका दाम 858.50 रुपये है। वहीं कोलकाता में यह 149 रुपये महंगा हुआ था। वहां गैस सिलेंडर 896.00 रुपये का है। मुंबई में इसका दाम 829.50 रुपये है और वहीं चेन्नई में यह 881 रुपये का है।

सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी

मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

13-02-2020
गैस सिलेंडर के बढ़े दाम के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन आज

रायपुर। रसोई गैस के बढ़े दाम के विरोध में महिला कांग्रेस गुरुवार को सुबह 12 बजे पुराना कांग्रेस भवन गांधी मैदान में प्रदर्शन करेगी। आशा चौहान, अध्यक्ष शहर जिला महिला कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के निर्देशानुसार शहर जिला महिला कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। इस दौरान महिला कांग्रेस रायपुर के प्रदेश पदाधिकारी, शहर ब्लाक व वार्ड के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने एक और कहर महिलाओं पर ढाया है। रसोई गैस हर गृहिणी के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन दर प्रतिवर्ष बढ़ा दी जाती है। इस वर्ष भी बिना सब्सिडी वाले गैस के दाम प्रति सिलेंडर पर 150 रुपए की वृद्धि की गई है। आम जनता के बजट पर यह हमला गृहस्थी की नींव पर तकलीफों का प्रहार है। यदि सही समय पर विरोध ना किया गया तो यह महंगाई हर परिवार पर बहुत भारी पड़ेगी।

12-02-2020
दिल्ली चुनाव के बाद जनता को बड़ा झटका, गैस सिलेंडर हुआ महंगा

नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव के बाद बुधवार को जनता को बड़ा झटका लगा है। गैर सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम में वृद्धि हुई है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलो वाला सिलेंडर 144.50 रुपए महंगा हो गया है। इसका दाम अब बढ़कर 858.50 रुपए हो गया। वहीं कोलकाता में यह 149 रुपए बढ़कर 896.00 रुपए हो गया। मुंबई में इसका दाम 145 रुपए बढ़कर 829.50 रुपए हो गया। वहीं चेन्नई में यह 147 रुपए बढ़कर 881 रुपए का हो गया है। 

बता दें कि इस साल एक जनवरी के बाद गैस सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े थे। नए साल में एक जनवरी 2020 को लगातार चौथे महीने रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई थी। तब देश के प्रमुख महानगरों में बिना-सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर करीब 19.00 रुपए महंगा हुआ था। इससे पहले ग्राहक दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए 714.00 रुपए चुका रहे थे। कोलकाता में इसका दाम 747 रुपए था। वहीं मुंबई और चेन्नई में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर का दाम क्रमश: 684.50 और 734.00 रुपए था। गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

01-02-2020
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 11 बजे पेश करेंगी आम बजट

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को 11 बजे संसद में देश का दूसरा आम बजट पेश करेंगी। संसद में पेश इस सर्वे में सरकार ने पांच साल में चार करोड़ नौकरियां देने का चीन का फॉर्मूला सुझाया है। इसके अलावा सर्वे में सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में 6-6.5 फीसदी विकास दर रहने का अनुमान है, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में यह पांच फीसदी ही रहेगा। यह 11 साल की सबसे कम विकास दर होगी। हालांकि, सरकार ने विकास दर में गिरावट का दौर खत्म होने की उम्मीद जताई है। सर्वे में 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के चलते आई आर्थिक गिरावट को थामने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है।

सर्वे में मौजूदा समय में सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों में ढील देने की वकालत की है। सरकार ने साल 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे को 3.3 फीसदी को स्तर पर रखने का लक्ष्य रखा था, लेकिन घटती कमाई की वजह से यह 3.8 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया है। सर्वे में फूड सब्सिडी बिल में भी कटौती की बात कही गई है। अभी 1.84 लाख करोड़ रुपये फूड सब्सिडी बिल है। सर्वे में 1991 के बाद बाजार के अदृश्य हाथों को मजबूत कर यानी आर्थिक खुलेपन की नीतियों को अपनाने से संपत्ति का तेजी से सृजन हुआ। जिन क्षेत्रों में उदारीकरण की नीति अपनाई गई, उनमें उन क्षेत्रों के मुकाबले काफी तेजी से विकास हुआ, जिन्हें उदार नहीं बनाया गया। यह भी कहा गया है कि सरकार को अपने मजबूत जनादेश का इस्तेमाल आर्थिक सुधारों के लिए करना चाहिए।

21-01-2020
पराली जलाने वाले 167 किसान गिरफ़्तार, 100 से ज्यादा अधिकारी निलंबित

नई दिल्ली। दिल्ली के वायु प्रदूषण में अपनी भागीदारी न्यूनतम बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 36 फीसदी की कमी आई है। राज्य सरकार ने बताया है कि पराली जलाने की घटनाओं को लेकर 104 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर यूपी सरकार से कहा है कि वह प्रदूषण को लेकर गंभीर है और इसके लिए उसकी ओर से अथक प्रयास जारी है। सरकार ने कहा कि वर्ष 2019 में राज्य में पराली जलाने की कुल 4230 घटनाएं हुई। जबकि पिछले वर्ष इसकी संख्या 6623 थी। सरकार ने कहा कि राज्य में पराली जलाने की घटनाएं में साल-दर-साल कमी आ रही है। सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि पराली जलाने की घटनाओं को लेकर 104 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। 330 कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। 11 के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। 49 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जबकि 83 से सफाई मांगी गई है। पांच कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाई गई है।

साथ ही सरकार ने कहा कि पराली जलाने को लेकर 2525 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 167 किसानों को गिरफ्तार भी किया गया है। किसानों पर 270.56 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से अब तक 97.78 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन 39 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है जिनके गांवों में पराली जलाने की घटनाएं अधिक हुई थी और वहां बार-बार ये घटनाएं हो रही थी। हलफनामे में सरकार ने कहा कि वह हर हफ्ते 75 जिलाधिकारियों के साथ घटनाओ को लेकर समीक्षा कर रही है। अगले सीजन में पराली जलाने को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षकों को चौकन्ना रहने के लिए कहा गया है। आगमी वर्ष के मद्देनजर भारत सरकार के कृषि सचिव के साथ गत 31 दिसंबर को इस संबंध में बैठक भी हुई है। पराली जलाने से रोकने के लिए 80 फीसदी सब्सिडी के साथ मशीन व उपकरण भी देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार ने बताया कि ठोक कचरा प्रबंधन को लेकर भी सरकार कदम उठा रही है। सरकार ने बताया कि राज्य के 652 शहरी नगर निकायों से 17377 टीपीडी ठोस कचरा होता है। कुल 12007 वार्डों में से 11675 वार्डों में घर-घर जाकर कचरा उठाया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार ने बताया है कि अल्पकालीन योजना के तहत निर्माण कार्य से होने वाले धूल-कण पर नियंत्रण, कचरा पर जलाने पर रोक और अवैध इकाइयों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं दीर्घकालीन योजना के तहत स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने बताया कि पौधारोपण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों केखिलाफ कार्रवाई की गई है। वर्ष 2019 में 495 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जबकि 1290 इकाइयों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार ने अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत दिया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के अलावा प्रदूषण पर लगाम लगाने को लेकर उठाए गए कदम और भविष्य की कार्ययोजना केबारे में बताने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते इस हलफनामे पर गौर करेगी।

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