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02-06-2020
देश का नाम 'इंडिया' की जगह 'भारत' करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई स्थगित

नई दिल्ली। देश के नाम को 'इंडिया' के बजाए 'भारत' से संबोधित किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। कोर्ट ने इसकी सुनवाई के लिए अगली तारीख भी नहीं दी है। इस याचिका पर प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी। लेकिन सीजेआई बोबडे के मंगलवार को अवकाश पर होने की वजह से इसे टाल दिया गया। देश की शीर्ष अदालत में दायर इस याचिका में कहा गया है कि संविधान के पहले अनुच्छेद में लिखा है कि इंडिया यानी भारत। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि जब देश एक है तो उसके दो नाम क्यों है? एक ही नाम का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है? याचिकाकर्ता का कहना है कि इंडिया शब्द से गुलामी झलकती है और यह भारत की गुलामी का निशान है। इसलिए इस…

08-04-2020
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तब्लीगी जमात का मामला, सीबीआई जांच की मांग

नई दिल्ली। तब्लीगी जमात का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अजय गौतम ने देश के प्रधान न्यायाधीश को एक पत्र लिखकर तब्लीगी जमात पर बैन लगाने व उसकी तमाम गतिविधियों पर रोक लगाने की गुहार की है। अजय गौतम ने गुहार लगाई है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय को तब्लीगी जमात की सभी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश पारित किया जाना चाहिए। साथ ही इस पत्र में यह भी कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत तब्लीगी जमात की निजामुद्दीन स्थित बिल्डिंग को गिराया जाए। इसके अलावा तब्लीगी जमात पर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलाने के कथित आरोप की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। उन्होंने पिटीशन दाखिल करके मांग की है कि इसे जनहित याचिका के तौर पर देखा जाए और सुनवाई की जाए।

18-11-2019
राष्ट्रपति ने जस्टिस बोबड़े को दिलाई शपथ, बने प्रधान न्यायाधीश

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े ने सोमवार सुबह देश के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। उन्होंने जस्टिस रंजन गोगोई का स्थान लिया। जस्टिस गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो गए हैं। जस्टिस बोबड़े को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। शपथ लेने के बाद जस्टिस बोबड़े ने अपनी मां का आशीर्वाद लिया।

 

15-11-2019
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट का झटका, नहीं लड़ सकेंगे विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। कोड़ा ने 2017 में खुद को अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत देने से मना कर दिया है। इससे पहले 13 नवंबर को उच्चतम न्यायालय मधु कोड़ा की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया था जिसमें उन्होंने चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने की वजह से 2017 में निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी है।
भारत के प्रधान न्यायाधीश का पदभार संभालने जा रहे न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस दलील पर विचार किया कि इस तथ्य के मद्देनजर कोड़ा की याचिका पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 18 नवंबर को खत्म हो रही है। न्यायमूर्ति बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि याचिका को शुक्रवार को उचित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें। बता दें कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव लड़ने में कोड़ा द्वारा खर्च की गई राशि का ब्यौरा जमा न कराने की वजह से 2017 में उन्हें अयोग्य करार दे दिया था। निर्दलीय विधायक कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं।

 

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