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20-05-2020
रेरा ने प्रोजेक्टस की पंजीयन अवधि को बढ़ाया 6 माह

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रदेश के वे समस्त रियल एस्टेट प्रोजेक्टस जिनकी पूर्णता 25 मार्च 2020 या उसके बाद है, इनकी पंजीयन अवधि में 6 माह का विस्तार किया है। रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड के निर्देशानुसार प्राधिकरण की ओर से ऐसे सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्टस के लिए पृथक से नवीन पंजीयन जारी किए जाएंगे। इसी तरह प्राधिकरण की ओर से जनवरी से मार्च 2020 तक की त्रैमासिक अद्यतन की अवधि को पहले एक माह बढ़ाकर 31 मई नियत की गई थी। अब त्रैमासिक अवधि में भी छह माह की वृद्धि करते हुए जनवरी से मार्च और अप्रैल से जून त्रैमासिक अद्यतन की तिथि को आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर नियत की गई है। प्राधिकरण की रजिस्टार डॉ. अनुप्रिया मिश्रा ने बताया कि सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्टस की पंजीयनों कीे अवधि में विस्तार का निर्णय छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण की ओर से भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 37 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है।

11-05-2020
रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शुरु की प्रकरणों की सुनवाई, दिशा निर्देश जारी

रायपुर। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई शुरु कर दी है। सोमवार से भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 31 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई शुरु की गई है। रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड और सदस्य आरके टम्टा ने आज सुनवाई की। बताया गया कि आज आवेदक हरिद्वार से और अनावेदक प्रमोटर और अधिवक्ता रायपुर में अपने निवास से सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार पक्षकार और अधिवक्तागण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रकरणों की सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अध्यक्ष विवेक ढांड ने बताया कि रेरा की ओर से 11 मई से सुनवाई के लिए नियत प्रकरणों की केस लिस्ट प्राधिकरण के वेब पोर्टल https ://rera.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है। वर्तमान परिदृश्य में प्राधिकरण के समक्ष पक्षकारों की उपस्थिति के स्थान पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। केस लिस्ट में उल्लेखित निर्धारित तिथि पर सुनवाई के लिए नियत  प्रकरणों से संबंधित पक्षकारों और अधिवक्तागणों को सुनवाई के एक दिन पूर्व और सुनवाई के एक घंटे पूर्व पुन: उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर सूचित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए सभी पक्षकारों को अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी रेरा की शासकीय मेलडी office.rera.cg@gov.in पर एक सप्ताह के भीतर निर्धारित प्रारूप में भेजने को कहा गया है। इसमें प्रकरण क्रमांक, पक्षकार तथा अधिवक्ता (यदि कोई हो) का नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा हो। प्राधिकरण की ओर से तीन कार्य दिवसों में ई-मेल प्राप्त होने की पुष्टि की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर पक्षकार या अधिवक्ता प्रकरण की पेशी तिथि के तीन कार्य दिवस पूर्व तक नवीन मेल से सुधरी हुई जानकारी भेज कर प्राधिकरण के टेलीफोन नंबर 0771-4918927 पर सूचित कर सकेंगे।

12-01-2020
रेरा की वेबसाइट पर अब बिल्डरों के प्रोजेक्ट और नक्शे, चार्टर्ड अकाउंटेंट को कराना होगा पंजीयन

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा के वेब पोर्टल में संशोधन किया गया है। वेब पोर्टल में अब प्रमोटर्स द्वारा अद्यतन की जानकारी को कोई भी व्यक्ति देख सकता है। कोई भी व्यक्ति प्रोजेक्ट में विक्रय, बंधक, विक्रय के लिए शेष इकाइयों की जानकारी वेब पोर्टल के जरिए प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के निवेश की जानकारी भी नक्शे के माध्यम से प्राधिकरण की वेब पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है। रजिस्ट्रार भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार व्यवसाय करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट को प्राधिकरण के वेब पोर्टल में पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के बाद उस चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल में लॉगिन आईडी व पासवर्ड मिलेगा। प्रमोटर अपने लॉगइन आईडी पासवर्ड के जरिए अपने चार्टर्ड अकाउंट को नियुक्त कर सकता है। प्राधिकरण के वेब पोर्टल में पंजीकृत परियोजना के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट उस परियोजना के लिए अपने लॉग इन आईडी पासवर्ड के जरिए उस परियोजना की वार्षिक प्रतिवेदन और अद्यतन रिपोर्ट पेश कर सकता है। किसी भी परियोजना का त्रैमासिक अद्यतन जानकारी उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट या स्वयं के द्वारा किया जा सकता है। अद्यतन के दौरान दिए जाने वाले प्रमाण पत्र प्रारूप प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर उपलब्ध है।

 

26-11-2019
बिल्डर्स ने समय पर नहीं सौंपे मकान, रेरा ने दिए 9.58 लाख ब्याज भुगतान के आदेश

रायपुर। बिल्डर्स द्वारा समय पर मकान नहीं सौंपने और ब्रोशर में दी गई सुविधाएं नहीं देने पर हितग्राही को 9 लाख 58 हजार रूपए ब्याज भुगतान करने का आदेश छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा (रेरा) ने बिल्डर्स को दिए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राधिकरण के समक्ष आवेदिका ईला तिवारी एवं योगीराज पाण्डेय निवासी-ई-2, जल संसाधन, सिविल लाईन, रींवा (मध्यप्रदेश) के द्वारा मेसर्स पार्थिवी कन्स्ट्रक्शन प्रायवेट लिमिटेड रायपुर के डायरेक्टर शैलेश वर्मा, संयज बघेल, सुशील सचदेव, महेन्द्र सचदेव एवं कंचन सचदेव के विरूद्ध परिवाद प्रस्तुत किया गया। परिवाद मेसर्स पार्थिवी कन्स्ट्रक्शन प्रायवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट-'पार्थिवी प्रोविन्र्स' सरोना रायपुर से आवेदक द्वारा क्रय किए मकान का इकरारनामा के अनुसार 18 मई 2015 से 24 माह के भीतर अर्थात् दिनांक 18 मई 2017 तक पूर्ण कर आधिपत्य सौंपना था जो कि अतिरिक्त समय 2 वर्ष 6 माह व्यतीत होने के बावजूद भी मकान का आधिपत्य नहीं सौंपा जा सका तथा ब्रोशर के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के कारण विलंबित अवधि का ब्याज राशि दिलाये जाने व क्षतिपूर्ति दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रकरण में आवेदक द्वारा उल्लेखित तथ्य सही पाये जाने पर आवेदन को स्वीकार करते हुए प्रार्थिवी प्रोविन्स कन्स्ट्रक्शन प्रायवेट लिमिटेड को आदेशित किया गया है कि आवेदिका को ब्याज राशि 9 लाख 58 हजार 679 रूपए का भुगतान दो माह के भीतर करें एवं प्रकरण में क्षतिपूर्ति निर्धारण हेतु प्रकरण न्याय निर्णायक अधिकारी को अग्रेषित किया गया है। 
 

12-09-2019
रेरा के पंजीकृत प्रोजेक्टों को ही मिलेगा बैंक ऋण : ढांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष  विवेक ढांड ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध बैंकिंग और अन्य वित्तीय संस्थाओं के पदाधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर रेरा के सदस्य आरके टमटा, संचालक संस्थागत वित्त प्रभात मलिक तथा रजिस्ट्रार रेरा अनुप्रिया मिश्रा उपस्थित थीं। रेरा के अध्यक्ष ढांड ने बैठक में रेरा खाते खोलने के संबंध में निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रोजेक्ट के दो एकाउण्ट रेरा विनिर्दिष्ट खाता और रेरा नियमित खाता होने चाहिए। आबंटितियों से प्राप्त 70 प्रतिशत राशि रेरा विनिर्दिष्ट खाते में तथा शेष 30 प्रतिशत राशि रेरा नियमित खाते में जमा होना चाहिए। यदि प्रोजेक्ट की लागत समस्त प्लाट, भवन तथा फ्लैट के आबंटितियों से प्राप्त होने वाली कुल राशि से अधिक है, तो आबंटितियों से प्राप्त 100  प्रतिशत रेरा विनिर्दिष्ट खाते में होने चाहिए। प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए एक ही रेरा विनिर्दिष्ट खाता होना चाहिए। ढांड ने रेरा विनिर्दिष्ट खाता के संचालन के संबंध में बताया कि प्रत्येक प्रोजेक्ट के रेरा विनिर्दिष्ट खाता का यूनिक खाता नम्बर होना चाहिए। रेरा विनिर्दिष्ट खाते में प्राप्तियों के विरुद्ध कोई  लोन स्वीकृत नहीं होना चाहिए।

यदि रेरा अधिनियम, नियम व विनियम का प्रमोटर द्वारा पालन नहीं किया जाता है, तो प्रोजेक्ट के खातों से आहरण पर रोक लगाई जा सकती है। रेरा विनिर्दिष्ट खाते से आहरण के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड अथवा चेक बुक आदि जारी नहीं की जा सकती। आबंटितियों को प्रदाय ऋण की 70 प्रतिशत राशि रेरा विनिर्दिष्ट खाते में तथा शेष 30 प्रतिशत राशि रेरा नियमित  खाते में जमा होनी चाहिए। रेरा विनिर्दिष्ट खाते से आहरण तीन प्रोफेशनल सर्टिफिकेट्स के आधार पर होगा। प्राधिकरण के अनुमति के बगैर किसी प्रोजेक्ट का रेरा विनिर्दिष्ट खाता स्थानांतरित अथवा बंद नहीं होना चाहिए। बैंक को केवल रेरा नियमित खाते को एस्क्रो (निलंबलेख) खाते में नियंत्रण करना है। ढांड ने यह भी बताया कि केवल रेरा पंजीकृत प्रोजेक्ट को ऋण प्रदान करना चाहिए। अपंजीकृत प्रोजेक्ट के आबंटितियों को ऋण स्वीकृत नहीं करना चाहिए। रेरा विनिर्दिष्ट खाते से कोई ऋण वसूली नहीं की जाएगी। रेरा के अध्यक्ष  ढांड ने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि बैंक, प्रमोटर्स को केवल ऐसे प्रोजेक्ट के लिए लोन स्वीकृत करेंगे, जो रेरा अंतर्गत पंजीकृत हो। जिन प्रोजेक्ट में बैंक द्वारा प्रमोटर्स को पहले ही लोन स्वीकृत किया जा चुका है, ऐसे सभी प्रकरणों में प्रमोटर्स से एक माह के अंदर अनिवार्य रूप से रेरा रजिस्ट्रेशन नम्बर जमा करने के लिए संबंधित बैंकों द्वारा निर्देश जारी किया जाए। 

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