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18-09-2020
कलेक्टर ने कहा, होम आइसोलेशन की अनुमति आसानी से मिले,शिकायत की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने शुक्रवार को जिला कार्यालय में कोविड -19 की रोकथाम एवं प्रबंधन से संबंधित जिला स्तरीय आधिकारियों की बैठक मे कहा कि लक्षणरहित कोरोना संक्रमित मरीजों को मेडिसिनकिट के साथ ही होम आइसोलेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। होम आसोलेशन की अनुमति सरलता से और आसानी से मिलनी चाहिए। किसी भी मरीज को अनुमति के लिए दिक्कत ना हो इसका ध्यान रखें। कलेक्टर ने होम आइसोलेशन के लिए पैसे मांगने की एक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसी शिकायत की कड़ाई से जांच होगी। सही पाये जाने पर जिम्मेदार के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही थाने में एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।  शिकायत की जांच के लिए टीम गठित कर मरीजो से टेलीफोन से जानकारी लेने के लिए  जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल को निर्देशित किया। साथ ही काॅल रिकार्ड सुलभ सदर्भ के लिए रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सीएमएचओ से कहा कि सभी आवश्यक दवाईयों का स्टाक पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहे,यह सुनिश्चित करें। किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र में दवाईयों की कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता अनुसार लोकल खरीदी की अनुमति दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीजों के परामर्श के लिए  मनोचिकित्सक की  ड्यूटी लगाने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। ताकि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज को वीडियो काॅल या वाईस काॅल के माध्यम से तनाव मुक्त करने के लिए परामर्श किया जा सके।  परामर्श का रिकार्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक मे अपर कलेक्टर लीना कोसम, जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल, सीएमएचओ डाॅ. एसआर बंजारे, डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया सहित अधिकारी मौजूद थे। 

 

18-09-2020
सभी कारखानों में कहा, महिला व पुरुष कर्मचारी काम करते हो शौचालय की व्यवस्था करना होगा प्रबंधन को

रायपुर। अब सभी कारखानों में जहां महिला व पुरूष कर्मकार नियोजित हो वहां शौचालय की व्यवस्था होगी। राज्य शासन की ओर से छत्तीसगढ़ कारखाना नियम 1962 के नियम 46 में संशोधन किया गया है। संशोधन की अधिसूचना श्रम विभाग से मंत्रालय, महानदी भवन से जारी किया गया है। इसके अनुसार जिन कारखानों में महिला कर्मकार नियोजित हों वहां प्रत्येक 25 पच्चीस स्त्रियों के लिए कम से कम एक शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करना होगा। इसी प्रकार प्रत्येक 25 पुरूषों के लिए एक शौचालय की व्यवस्था करना जरूरी है । जहां पर पुरूषों की संख्या 100 से ज्यादा हो तो वहां प्रथम 100 तक प्रति 25 पुरूषों के लिए एक शौचालय और पश्चात प्रति 50 पुरूषों के लिए एक शौचालय की व्यवस्था करना होगा। महिला शौचालयों में भारतीय मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में सैनेटरी नैपकिन उपल्ब्ध कराना होगा और दैनिक आधार पर फिर से उसकी आपूर्ति करना होगा। उपयोग किए गए नेपकिन का निपटारा निरिक्षक से अनुमोदित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। शौचालय में डिस्पोजेबल डिब्बे ढक्कन के साथ रखना होगा।

 

08-09-2020
होम आईसोलेटेड मरीजों की निगरानी और प्रबंधन के लिए काॅल सेंटर-सह-कंट्रोल रूम स्थापित

कोरबा। लक्षण रहित तथा कम लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आईसोलेशन में रखकर अब घर पर ही इलाज किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा होम आइसोलेशन मे रहने वाले मरीजों की निगरानी एवं समन्वय और प्रबंधन के लिए चौबीस घंटे चलने वाले काॅल सेंटर-सह-कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। जिला पंचायत कार्यालय मे स्थापित जिला स्तरीय इस कंट्रोल रूम का फोन नंबर 07759-222720 है। कंट्रोल रूम मे चिकित्सा अधिकारी के साथ नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भी ड्यूटी रहेगी। होम आइसोलेशन की अनुमति देने के पूर्व मरीज के होम आइसोलेशन के पात्रता के संबंध मे जिला कंट्रोल रूम की टीम द्वारा आंकलन किया जाएगा।

होम आइसोलेशन की सम्पूर्ण अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन होम आइसोलेटेड मरीज के अटेंडेंट से फोन के माध्यम से सम्पर्क में रहेंगे। होम आईसोलेटेड मरीज मे सांस लेने मे कठिनाई, सीने मे दर्द, होठ या चेहरे का नीला पड़ना, आल्टर्ड सेंसोरियम जैसे गंभीर लक्षण विकसित होने पर मरीज के अटेंडेंट या परिजन कंट्रोल रूम मे दूरभाष के माध्यम से सूचना दे सकेंगे। ऐसे सभी गंभीर मरीजो के प्रबंधन एवं समन्वय के लिए रैपिड एक्शन टीम भी गठित किया गया है। गंभीर मरीज की सूचना कंट्रोल रूम मे प्राप्त होने पर रैपिड एक्शन टीम मरीज को कोविड केयर सेंटर या डेडिकेटेड कोविड अस्पताल आवंटित करेंगे जहां मरीज अपने अटेंडेंट के साथ स्वयं के वाहन से जा सकेंगे

सभी नागरिक आरोग्य सेतु एप्प को अपने मोबाइल में करें इंस्टाॅल

कलेक्टर किरण कौशल ने जिले के सभी नागरिको से अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप्प को इंस्टाॅल करने की अपील की है। आरोग्य सेतु एप्प को मोबाइल में इंस्टाॅल करने से कोविड-19 से संबंधित कोई भी जानकारी तथा कोरोना संक्रमित मरीजो की जानकारी के साथ-साथ संक्रमित मरीजो की काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग में भी सहायता मिल सकेगी। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीज को अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप्प को डाउनलोड करना जरूरी होगा और 24 घंटे एप्प पर नोटिफिकेशन और लोकेशन ट्रेसिंग को भी आन रखना होगा।

05-09-2020
कोविड संदिग्ध मरीज की मौत होने पर सैंपल लेकर ही पॉजिटिव केस की तरह होगा प्रबंधन और अंतिम संस्कार

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के संभावित मरीज की मौत होने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने जांच के लिए सैंपल लेकर ही शव के कोविड पार्थिव मरीज की ही तरह प्रबंधन और अंतिम संस्कार के निर्देश दिए हैं। विभागीय अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले ने सभी कलेक्टरों और जिला दंडाधिकारियों को परिपत्र जारी कर इसका कड़ाई से पालन करने कहा है।अपर मुख्य सचिव ने परिपत्र में रायपुर या अन्य जिलों में स्थित क्षेत्रीय विशेषीकृत कोविड अस्पतालों में रिफर किए गए कोरोना संक्रमण की संभावना वाले मरीज की मृत्यु हो जाने पर कोविड अस्पताल वाले जिले के नोडल अधिकारी को मृत मरीज के जिले के नोडल अधिकारी को सूचित करने कहा है।

उन्होंने मरीज के जिले से संबंधित नोडल अधिकारी को पार्थिव शरीर का परिवहन और प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को कोरोना संक्रमित पार्थिव शरीर के प्रबंधन और अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल एवं दिशा-निदेर्शों का पालन करते हुए सावधानीपूर्वक पार्थिव शरीर की पैकिंग, सुरक्षित परिवहन, माचुर्री और पोस्टमार्टम कक्ष (शव परीक्षण की स्थिति में) के विसंक्रमण व श्मशान घाट, क्रबिस्तान या शवदाह गृह में सभी जरूरी सावधानियां बरतने कहा है।

 

05-09-2020
भारतीय सैनिक हमेशा से सीमा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षामंत्री वेई फेंगही ने शुक्रवार को अहम बैठक की। पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा पर हुए तनाव के बाद से दोनों ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी। मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के इतर हुई इस मीटिंग में दोनों देशों के मंत्रियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ आपसी संबंधों के विकास के बारे में स्पष्ट और गहन चर्चा की। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले कुछ महीनों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और गलवान घाटी में हुए घटनाक्रम पर भारत की स्थिति को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। सिंह ने जोर देकर कहा कि बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों को एकत्र करना जैसी कार्रवाई उनके आक्रामक व्यवहार और यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने के प्रयास को दिखाती है। यह दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन था।

रक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय सैनिक हमेशा सीमा प्रबंधन के प्रति बहुत ही जिम्मेदार है। लेकिन साथ ही भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के संकल्प के बारे में भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए। सिंह ने साथ ही कहा कि दोनों पक्षों के नेताओं की आम सहमति से मार्गदर्शन लेकर भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति बहाली जरुरी है,जिससे द्विपक्षीय संबंधों का विकास किया जा सके और दोनों पक्षों के मतभेद विवाद नहीं बने। दो घंटे से अधिक समय तक हुई बैठक में उन्होंने चीनी समकक्ष को सलाह दी कि द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकॉल के अनुसार पैंगोंग झील सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव के क्षेत्रों से जल्द से जल्द पूर्ण विघटन के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करे। सिंह ने आगे कहा कि वर्तमान स्थिति को जिम्मेदारी से संभाला जाना चाहिए। किसी भी पक्ष को आगे की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, जिससे स्थिति और जटिल हो जाए। रक्षामंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को अपनी चर्चा जारी रखनी चाहिए, जिसमें कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों के जरिए जल्द से जल्द एलएलसी पर पूर्ण शांति बहाली सुनिश्चित की जा सके। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा भी थे।

 

 

27-08-2020
भूविस्थापित कर्मियों की बहाली में हो रही देरी,पॉवर प्लांट के गेट पर अड़े कर्मी

जांजगीर चाम्पा। बर्खास्त भूविस्थापित कर्मियों की बहाली में हो रहे विलंब के कारण केएसके महानदी पॉवर प्लांट के गेट पर कर्मी अड़े गए हैं। बता दें कि 16 अगस्त को श्रम कार्यालय में आयोजित बैठक बेनतीजा रहने पर एक भूविस्थापित मजदूर ने जहर पी लिया था। 17 अगस्त को प्लांट के गेट पर शुरू हुए आंदोलन को खत्म कर अंतिम निर्णय लेने प्रबंधन ने 2 दिन का वक़्त मांगा था। आज 11 दिन भी प्रबंधन निर्णय नहीं ले सका है। इससे मजदूरों में असंतोष है। भूविस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले 20 मजदूर पिछले 10 महीने से बर्खास्त है। अब तक दर्जनभर वार्ता की जा चुकी है पर कोई नतीजा नहीं निकला है।

17-08-2020
सुरक्षाबलों को समर्पित गीत ‘मिट्टी मेरी मिट्टी’ का विमोचन किया बालको के सीईओ ने

कोरबा। एल्युमिनियम उत्पादन और प्रबंधन की बात हो या फिर कला, संगीत एवं साहित्य को प्रोत्साहित करने की बात, बालको परिवार के सदस्यों ने सभी क्षेत्रों में अपनी रचनात्मकता से विशिष्ट पहचान बनाई है। गीत-संगीत के जरिए नागरिकों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने की कड़ी में बालको ने एक और उत्कृष्ट गीत की रचना की है,जिसे अनेक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब सराहा जा रहा है। ‘मिट्टी मेरी मिट्टी’ गीत को बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सुरक्षा बलों और समस्त नागरिकों को समर्पित किया। बालको के सीएसओसी कक्ष में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से गीत का विमोचन कर सीईओ ने कहा कि यह गीत बालको परिवार की रचनात्मक ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश को बुलंदियों पर ले जाना हम सभी का परम कर्तव्य है। ‘मिट्टी मेरी मिट्टी’ के माध्यम से बालको की गीत-संगीत टीम ने देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया है।
‘मिट्टी मेरी मिट्टी’ गीत और इसका बेहतरीन संगीत उसी टीम ने तैयार किया है,जिसने पिछले दिनों कोरोना वारियर्स के प्रोत्साहान के लिए ‘फिकर न कर’ गीत तैयार किया था। बालको के मुख्य प्रचालन अधिकारी (धातु) दीपक प्रसाद ने गीत और इसकी प्रस्तुति का खाका तैयार किया। प्रसाद के नेतृत्व में बालको के निकेत सोनी, प्रियंका तिवारी, तोनिश वर्मा, यमन वैद के अलावा प्रतिष्ठित संगीतज्ञ पंकज सोनी ने अपनी आवाज दी। गीत के बोल और संगीत दीपक प्रसाद, पंकज सोनी और निकेत सोनी ने दिए। संगीत संयोजन व संपादन तथा वीडियो संपादन में  पंकज सोनी एवं सेवेन राग प्रोडक्शन ने योगदान दिया। रिकॉर्डिंग बालको के एक्सपर्ट क्लब में विकसित म्यूजिक एकेडमी ‘बीट्स एंड टोन्स’ में की गई।

 

08-08-2020
Video: नवजात की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

अंबिकापुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नवजात शिशु की बेहतर उपचार के आभाव में मृत्यु का मामला सामने आया है। बच्चे को नाजुक हालत में सूरजपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था। वहीं बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बताया गया कि मामला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड का है। सूरजपुर निवासी राजेंद्र प्रताप साहू की पत्नी ने सूरजपुर जिला अस्पताल में मंगलवार को एक साथ दो बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के बाद एक बच्चे की हालत अच्छी थी लेकिन दुसरे बच्चे की हालत काफी गंभीर थी। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चे को अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसके बाद बच्चे के पिता ने 108 पर फोन कर एम्बुलेंस मंगाया। लेकिन एम्बुलेंस भी काफी लेट पहुंची। एम्बुलेंस में आॅक्सीजन की भी व्यवस्था नहीं थी। बावजूद इसके किसी तरह बच्चे को अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा। लेकिन फिर भी हालत में सुधार नहीं आया। 

बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने माता पिता को सही इलाज के लिए रायपुर ले जाने की सलाह भी दी। लेकिन परिजन अपने बच्चे को बिलासपुर ले जाना चाहते थे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के पास नवजात बच्चों के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण पिता ने बिलासपुर से एक एम्बुलेंस भी मंगाई। लेकिन एम्बुलेंस अंबिकापुर पहुंचती इससे पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड में गुरूवार की दोपहर 12 बजे बच्चे की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। फिलहाल बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चिकित्सकों के द्वारा बच्चे के इलाज में लापरवाही बरती गई है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना हैं कि बच्चे को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे के नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चे को वेंटिलेटर में शिफ्ट कर दिया था। साथ ही परिजनों को भी बच्चे की बिगड़ती हुई हालत की जानकारी दी गई थी। वहीं चिकित्सकों का यह भी कहना है कि नवजात बच्चे की नाजुक हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध नही हैं यदि समय रहते बच्चे को इलाज के लिए रायपुर ले जाया जाता तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

31-07-2020
Breaking : प्रोटीनयुक्त पेटभर खाना व नास्ता की मांग को लेकर इस अस्पताल में सफाईकर्मी हड़ताल पर

रायपुर। मेकाहारा के कोविड वार्ड के सफाईकर्मी हड़ताल पर है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें प्रोटीनयुक्त भोजन नहीं दिया जा रहा है। शाम चार बजे थोड़ा सा नास्ता पोहा या भजिया दिया जाता है, जिसके कारण वे परेशान है। उनका कहना है कि जब तक पेटभर खाना ही नहीं मिलेगा तो वे ड्यूटी कैसे करेंगे। मामले में हमने प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाई।

27-07-2020
Video: सिंघाली भूमिगत खदान का एक हिस्सा धंसा, कोई हताहत नहीं, इलाके में दशहत

कोरबा। एसईसीएल की ढेलवाडीह सिंघाली परियोजना की भूमिगत खदान का ऊपरी हिस्सा आज एकाएक धंस गया। जिस वक्त यह घटना हुई संयोग से वहां कोई नहीं था। लेकिन इस घटना की खबर के बाद लोग देखने पहुंचने लगे। घटना से आस पास के लोगों में दहशत का माहौल है। बताया गया कि कुछ वर्ष पूर्व ग्राम सुराकछार में भी इसी तरह जमीन धसने की घटना हुई थी जिसकी वजह भूमिगत खदान में कोयला खोदने के बाद रिक्त स्थान पर डीपिलरिंग में लापरवाही की बातें सामने आई थी। यह मुद्दा आज भी यथावत है। फिलहाल ढेलवाडीह सिंघाली मैदान में भू धंसान की खबर पर एसईसीएल सिंघाली के प्रबंधन को अवगत कराया गया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच रहे हैं। बारिश के दिनों में अक्सर इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। क्षेत्र के लोगों मे दहशत का माहौल है।

11-07-2020
हॉस्पिटल ने कचरे के साथ मिलाकर दिया मेडिकल वेस्ट, निगम ने वसूला 25 हजार रुपए जुर्माना

रायपुर। नगर निगम जोन-8 स्वास्थ्य विभाग ने सरोना के संकल्प हॉस्पिटल प्रबंधन पर डोर टू डोर कचरा के साथ मेडिकल वेस्ट मिलाकर देने पर 25000 रुपए का जुमार्ना वसूला है। जोन-8 के स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल प्रबंधन को पूर्व में ही हॉस्पिटल के डोर टू डोर कचरा संग्रहण के दौरान, उसमें मेडिकल वेस्ट को मिलाकर नियम विपरीत तरीके से देने के कारण नोटिस जारी कर 25000 रुपए जुर्माना अदा करने के निर्देश दिया था। इसके बावजूद हॉस्पिटल प्रबंधन ने जुर्माना अदा नहीं किया।  इस पर जोन-8 के स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल से डोर टू डोर कचरा संग्रह करने का कार्य जुमार्ना नहीं देने पर रोक दिया है। इसके तत्काल बाद हॉस्पिटल ने 25000 रुपए का जुर्माना तत्काल निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग को शनिवार को अदा किया। इसके बाद जोन कमिश्नर ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानन्द साहू को संकल्प हॉस्पिटल से तत्काल पूर्व की भांति डोर टू डोर कचरा संग्रह शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

27-06-2020
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की अंतरविभागीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हुई चर्चा

रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अंतरविभागीय समिति की बैठक हुई। बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (भारत सरकार का उपक्रम) को शासकीय भूमि के व्यवस्थापन और भूमि अधिकार में परिवर्तन के प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्ताव पारित किए गए। राजस्व विभाग की अंतर विभागीय समिति बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन रायपुर को निर्धारित प्रक्रिया और नियमानुसार प्राब्याजि एवं भू-भाटक के भुगतान करने के बाद शासकीय भूमि के व्यवस्थापन और भूमि अधिकार परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में अन्य विभागीय प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन और भू-स्वामी अधिकार तथा स्थायी पट्टों का भू-स्वामी अधिकार प्रदान करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य, वाणिज्यक कर (पंजीयन) विभाग की सचिव पी संगीता सहित अपर सचिव वित्त विभाग संतोष पाण्डेय और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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