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12-06-2019
शासकीय भूमि पर कब्जे का शिवसेना ने किया विरोध

जांजगीर चांपा। जिले के मालखरौदा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत नरियरा में शासकीय जमीन पर कतिपय लोगों की ओर से कब्जा किए जाने का शिव सेना ने विरोध किया है। पार्टी ने इस संदर्भ में तहसीलदार को सूचित कर शासकीय भूमि से कब्जा मुक्त कराने और उक्त लोगों पर कार्यवाही मांग की है। शिवसैनिकों का कहना है कि नरियरा में आए दिन लोगों द्वारा शासकीय जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इससे भविष्य में शासकीय योजनाओं के लिए जमीन मिलना लगभग असंभव हो जाएगा एवं गांव का विकास कार्य रुक जाएगा। इस विषय में जल्द कार्यवाही नहीं किए जाने पर शिवसैनिकों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
 

20-05-2019
वन अधिकार पट्टा दिलाने में पटवारी नहीं ले रहे रुचि

 

कोपरा। एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयत्नशील है। जिले के कलेक्टर और उच्च स्तर के अधिकारी बार-बार मीटिंग लेकर ग्राम पंचायत पटवारी एवं वन समिति वन विभाग में सामंजस्य स्थापित कर हितग्राहियों को पट्टा दिलाने में सहयोग प्रदान करने की बात बार-बार कह रहे हैं लेकिन उनकी इस पहल को धुरसा ग्राम पंचायत के पटवारी पलीता लगा रहे हैं। विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम धुरसा के 25 से 30 हितग्राही विगत 3 माह से वन अधिकार अधिनियम के तहत सालों  से वन  काबिज भूमि में खेती करते आ रहे हैं जिसका पट्टा बनाने भूमि का स्थल सत्यापन करवाने पटवारी का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन  पटवारी हल्का नंबर 16  कोमल वर्मा जमीन का मुआयना करने मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। फरवरी  में ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व हितग्राहियों ने भूमि   सत्यापन के लिए 1/03/19 तहसीलदार को आवेदन किया था। तहसील ने पटवारी को भूमि का निरीक्षण करने हितग्राहियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत लाभ दिलाने का आदेश दिया था लेकिन पटवारी भूमि सत्यापन करने नहीं पहुंच रहे हैं। इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने पटवारी से सम्पर्क किया तो उसका फोन बंद मिला और संपर्क नहीं हो पाया।

16-05-2019
थोवारी माला भूमि संघर्ष के गिरफ्तार साथियों की नि:शर्त रिहाई की मांग

राजिम। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव कॉमरेड तेजराम विद्रोही ने कहा है कि केरल के वायनाड जिले में थोवारी माला की जमीन पर भूमि संघर्ष समिति ने दखल कर उस पर आदिवासियों और भूमिहीनों का अधिकार स्थापित किया है। भूमिहीन किसानों ने  21 अप्रैल 2019 को आवास और कृषि भूमि के लिए आंदोलन खड़ा किया है। एक हजार से ज्यादा भूमिहीन किसान परिवारों ने थोवारी माला में अपनी झोपड़ी खड़ा कर भूमि संघर्ष का बिगुल फूंका है और 250 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा किए हैं। तेजराम विद्रोही ने कहा कि केरल में अच्युत मेनन की सरकार ने 1970 में थोवारी माला की इस जमीन का बहुराष्ट्रीय कंपनी हैरिसन मलयालम प्लांटेशन से अधिग्रहण किया था, परंतु अब तक किसी भी सरकार ने इसका भूमिहीन परिवारों के बीच बंटवारा नहीं किया। तेजराम विद्रोही ने आरोप लगाया कि केरल में पिनरायी विजयन की सरकार हैरिसन प्रबंधन के साथ सांठगांठ कर इस जमीन को फिर हैरिसन कंपनी को देने का प्रयास कर रही है जिसे पिछले पचास वर्षों से अतिरिक्त भूमि घोषित किया गया है। सरकार द्वारा नियुक्त कई आयोगों ने कहा है कि हैरिसन ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर केरल के सात जिलों में एक लाख एकड़ से अधिक जमीन पर गैरकानूनी कब्जा कर रखा है। छह कंपनियों का करीब सवा पांच लाख एकड़ जमीन पर कब्जा है। वायनाड में आदिवासी आबादी 17 प्रतिशत है जो भूमिहीन और बेहद गरीब है। लेकिन राज्य की अब तक की किसी भी सरकार ने इसका वितरण नहीं किया है जबकि इस पर आदिवासियों को वैध अधिकार है। इस दौरान भूमि संघर्ष का अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के संयुक्त सचिव और केरल राज्य इकाई के सचिव कॉमरेड एम पी कूंहिकनारान, राजेश अप्पाट और मनोहरन को गिरफ्तार कर कन्नूर सेंट्रल जेल में डाल दिया गया है। 6 मई से  जेल में ही कॉमरेड एम पी कूंहिकनारान ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से आंदोलन जारी रखा है।  केरल सरकार की इस दमनात्मक कदम का अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा ने निंदा की  है और गिरफ्तार साथियों को नि:शर्त रिहा करने तथा थोवारी माला की जमीन को गरीब, भूमिहीन, आदिवासी किसान परिवारों को वितरित करने की मांग की है। 

12-02-2019
ग्रामीणों ने कलेक्टर से की अवैध कब्जे की शिकायत 

बालोद। जिले की ग्राम पंचायत मनौद में कुछ लोगों ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमा रखा है। इसी की शिकायत करने 2 सौ से ज्यादा ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे।  उन्होंने कलेक्टर रानू साहू से इसकी शिकायत की। तुकाराम आत्माराम, चेतन ठाकुर, लिखन साहू, बिसेसर ठाकुर, कौशल साहू, बिहारी साहू, हिंमाचल ठाकुर, लेखन विश्वकर्मा, सहित ग्रामवासियों ने कहा कि ग्राम के कुछ लोगों ने शासन की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है।  ऐसे में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

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