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17-09-2020
अनानास खाने के है अनेक फायदे..

रायपुर। पाइनएप्पल यानि की अनानास में भरपूर मात्रा में फाइबर्स होता है। स्वाद में खट्टा और मीठा दोनों होने के कारण यह बहुत ही मजेदार होता है। लेकिन इसे खाकर आप अपने शरीर की कई सारी परेशानियों को कम कर सकते हैं या फिर दूर भगा सकते हैं। दरअसल पाइनएप्पल में कई सारे ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। पाइनएप्पल खाने से आपको सेहत से जुड़ी कई सारी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। पाइनएप्पल में विटामिन और एंटीऑसीडेंट के गुण पाए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं अगर आप इशका सेवन करते हैं तो आपको इसके कितने सारे फायदे मिलेंगे।

हड्डियों के लिए फायदेमंद : पाइनएप्पल खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर आप पाइनएप्पल खाते हैं तो इससे आपकी हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसलिए आप पाइनएप्पल का जूस जरुर पीए। इसमें कई सारे मिनरल्स और विटामिन होते हैं जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। खसाकर महिलाओं और बच्चों का इसका सेवन जरूर कराएं, ये उनके लिए कापी असरदार साबित होता है।

आंखों के लिए फायदेमंद : पाइनएप्पल अगर आप खाते हैं बतौर जूस या फिर फ्रूट के तौर पर तो इससे आपकी आंखों को भी कई सारे फायदे होते हैं। आजकल लोग अपना ज्यादातर समय अपना कंप्यूटर पर बिताते हैं। ऐसे में आपको अपनी आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि उनमें किसी प्रकार की परेशानी ना हो। 

स्टोन के लिए : अगर आप पथरी या फिर स्टोन से परेशान हैं तो ऐसे में आप पाइनएप्पल को अपने खाने में जरूर शामिल करें। आप चाहें तो इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं। पाइनएप्पल एक प्राकृतिक औषधि के रूप मे उपयोग की जाती है। यह पथरी या किडनी स्टोन के लिये बहुत फायदेमंद होता है।

इम्युनिटी के लिए करागर : इम्युनिटी आजकल हर किसी के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में आपको अपने शरीर का खास ध्यान देना होगा तभी आपकी इम्युनिटी अच्छी रहेगी। क्योंकि अगर ये गिरती है तो ऐसे में आपका स्वास्थ भी नीचे आ जाता है और शरीर कमजोर और थका हुआ हो जाता है। ऐसे में आप पाइनएप्पल से अपनी इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं। आप इसे फल या फिर जूस के तौर पर ले सकते हैं।

वजन कम करने में मददगार : अगर आप डायट पर हैं तो ऐसे में पाइनएप्पल का सेवन जरूर करें। इसका इस्तेमाल आप जूस के रूप में भी कर सकते हैं। इसके सेवन से शरीर में कमजोरी महसूस नहीं होती है। वजन को कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है।

21-07-2020
हेल्थ स्पेशल : खाली पेट चाय पीना पड़ सकता है महंगा...

रायपुर। खाली पेट सुबह चाय पीने से बचना चाहिए। चाय में कई तरह के ऐसिड होते हैं। खाली पेट चाय पी कर आप अपने पेट को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं। इससे अल्‍सर या गैस जैसी परेशानियां बढ़ने की संभावना रहती है। लोगों का मानना है कि सुबह के समय चाय पीने से शरीर में चुस्ती आ जाती है लेकिन यह बात गलत है। खाली पेट चाय का सेवन करने से सारा दिन थकान और स्वभाव में चिड़चिड़ापन बना रहता है। इसलिए खाली पेट चाय पीने का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दे।

16-07-2020
मौसमी फल और सब्जियों के सेवन से बढ़ेगी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के साथ ही अब बारिश में डेंगू, टाइफाइड, मौसमी बुखार, मलेरिया और सर्दी-जुकाम के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बच्चे और बड़ों के साथ ही बुजुर्गों की मुशिकलें बढ़ गई हैं। ऐसे में अगर इन मौसमी बीमारियों के गिरफ्त में आ गए तो कोरोना से खतरा और भी बढ़ जाएगा। कोरोना वायरस व मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए बारिश के मौसम में आने वाले फलों व सब्जियों का सेवन सेहत के लिए बेहद जरुरी है।
आयुर्वेदिक अस्पताल के पंचकर्म विभाग के एचओडी डॉ. रनजीप कुमार दास ने बताया इन बीमारियों से लड़ने में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाने में मदद करेगी। ऐसे में जरूरी है कि हर उम्र के लोग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर खासा ध्यान दें। खानपान और अच्छी दिनचर्या से ही हम अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं।

डॉ. दास का कहना है कि मौसमी फल, सब्जी, नींबू के अलावा रसोई में बहुत सी चीजें उपलब्ध हैं जिनकी मदद से हर कोई शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकता है। आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर में कोरोना वायरस से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष विभाग की ओर से काढा का वितरण किया जा रहा है। इसका लाभ प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीज व अन्य लोग सहित लगभग 300 लोग काढा का सेवन कर रहे हैं। सीएमएचओ रायपुर डॉ.मीरा बघेल ने बताया कि जिले के अस्पतालों में कोविड से पहले इस वर्ष जनवरी, फरवरी व मार्च में कुल ओपीडी 4.22 लाख दर्ज किया गया था जो औसत प्रति माह 1.40 लाख मरीजें थी। साल के पहले तिमाही रिपोर्ट के अनुसार हर दिन औसत 5,550 मरीज ओपीडी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। आयुष अस्पतालों में तीन महीने का ओपीडी 8,400 रहा, हर महीने 2800 मरीज पहुंच रहे थे जो कि प्रतिदिन औसत 107 मरीजों का रहा है। लॉक डाउन के दौरान ओपीडी में गिरावट के साथ के साथ अप्रैल, मई व जून में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का कुल ओपीडी 3.14 लाख है।

वहीं प्रतिमाह औसत 1.04 लाख मरीजों को ओपीडी में मरीज पहुंच रहे हैं। यानी प्रति दिन अस्पतालों में 4,000 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि आयुष के अस्पतलों का ओपीडी बीते तीन महीने में कोरोना की वजह से 4800 है। महीनेभर में 1600 मरीज और प्रतिदिन का औसत 61 मरीज आयुर्वेदिक अस्पतालों में चिकित्सा सेवा का लाभ ले रहे हैं। कोविड-19 की वजह से अस्पताल में नॉन-कोविड के मरीजों की संख्या में कमी आई थी जो अब अस्पतालों में मरीजों की तादात धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। डॉ. बघेल ने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण के बारे में जानकारी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। वायरस के लक्षण जैसे –बुखार आना, सिरदर्द, नाक बहना, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश और सीने में जकड़न होता है। कोरोना से बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचना, कई बार हाथों की साबुन से धुलाई, नाक-आंख-कान व मुंह न छूना ज़रूरी है। संक्रमित सामग्रियों को छूने से बचना।
अधिक जानकारी के लिए शासकीय जिला अस्पताल से अथवा राज्य सर्वेलेंस इकाई के नंबर- 0771-2235091, 9713373165 या फिर टोल फ्री नंबर -104 से संपर्क कर सकते हैं।

सावधानी के लिए जरुरी उपाय :
- बाहर की खानपान की चीजों से बचें, यदि विषम परिस्थितियों में खाना पड़े तो ठंडी चीजों से परहेज करें।
- पैक्ड और बाहर फलों का जूस पीने के बजाय घर पर निकाल कर पीये। बेहतर होगा मौसमी फल खाए।
- घर या बाहर चाय और काफी का सेवन करें।
- गरम दूध में हल्दी डालकर पीएं, यदि अंडा खाते हैं तो इसे ले।
- अदरक, काली मिर्च, लोंग, दालचीनी, मुलेठी, तुलसी का काढ़ा दिन में दो बार पीएं।
- संतुलित भोजन ले जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक हो, एक ग्राम प्रति किग्रा शरीर के वजन के अनुसार प्रोटीन लेनी चाहिए।
- विटामिन और मिनरल के लिए मौसमी फल और सब्जियां और ड्राईफ्रूट का सेवन करें।
- चना, मूंग, अरहर समेत सभी दाल खायें।
- अंकुरित चना, मूंग, सोयाबीन और मोठ ले सकते हैं।

21-06-2020
योग से मन को शांति और शरीर को नई उर्जा मिलती है : सरोज पांडेय

रायपुर। छठवें अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने जलपरिसर दुर्ग में ​महिलाओं के साथ योग किया। उन्होंने कहा कि योग सभी के जीवन में आवश्यक है, योग करने से मन को शांति और शरीर को नयी ऊर्जा प्राप्त होती है। आप सभी योग अपनाएं, अपने जीवन को स्वस्थ बनाएं।

23-05-2020
शरीर जरा भी गर्म रहा तो नहीं कर पाएंगे हवाई सफर

नई दिल्ली। मानव शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट माना जाता है और 98.7 डिग्री फॉरेनहाइट होने पर शायद ही दुनिया का कोई डॉक्टर कहेगा कि आपको बुखार है। इसके बावजूद दिल्ली हवाई अड्डे पर प्रवेश से पहले यदि शरीर का तापमान 98.7 डिग्री पाया गया तो यात्री को टर्मिनल के अंदर नहीं जाने दिया जायेगा। दो महीने के अंतराल के बाद सोमवार से शुरू हो रही घरेलू उड़ानों की तैयारियों के बारे में दिल्ली हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने आज मीडिया को बताया कि शरीर के तापमान की जाँच, हाथों और जूतों के तलवों के सेनिटाइजेशन, सामान के विसंक्रमण, आरोग्य सेतु ऐप में हरा सिग्नल और बोर्डिंग पास का प्रिंट आउट लेने के बाद ही यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में प्रवेश दिया जायेगा। प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनर से ललाट के तापमान की जाँच कर रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने मीडिया के कुछ लोगों को 99 डिग्री फॉरेनहाइट तापमान होने के कारण प्रवेश से रोक दिया।

पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि 94.6 डिग्री से 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट के बीच तापमान होने पर ही किसी व्यक्ति को टर्मिनल भवन में जाने देने का निर्देश है। डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि घरेलू उड़ानों पर प्रतिबंध समाप्त होने के बाद 25 मई से पहली उड़ान सुबह 4.30 बजे रवाना होगी। सरकार ने एक-तिहाई उड़ानों के परिचालन की ही अनुमति दी है इसलिए अभी दिल्ली हवाई अड्डे से रोजाना 190 उड़ानें रवाना होंगी और इतनी ही यहाँ उतरेंगी। प्रतिदिन तकरीबन 20-20 हजार यात्रियों के आने-जाने की उम्मीद है। सभी उड़ानों का परिचालन अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल टी-3 से ही होगा। इतने यात्रियों के लिए इस टर्मिनल पर पर्याप्त सुविधा मौजूद है और सामाजिक दूरी का अच्छी तरह पालन किया जा सकेगा। कोरोना वायरस कोविड-19 के मद्देनजर देश में नियमित यात्री उड़ानों का परिचालन 25 मार्च से पूरी तरह बंद है। दो महीने बाद 25 मई से कई प्रकार एहतियाती शर्तों के साथ एक-तिहाई उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी गई है।

 

14-05-2020
मोहन नगर पुलिस कस्टडी में युवक ने किया खुदखुशी का प्रयास

दुर्ग। मोहन नगर पुलिस थाना कस्टडी में एक युवक ने अपने शरीर पर धारदार वस्तु से वार कर खुदकुशी करने का प्रयास किया। उसे गले व दोनों हाथों की कलाई में चोंटे आई है, जिसे जिला अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जहां उसकी हालत अब खतरे में बाहर बताई गई है। उक्त युवक लक्ष्मीकांत ठाकुर 35 वर्ष बोरसी निवासी को पुलिस ने धारा 386 कर्जा एक्ट के एक पुराने मामले में बुधवार की शाम हिरासत में लेकर मोहन नगर पुलिस थाना के कस्टडी में रखा गया था। गुरुवार को पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश करने की तैयारी थी। इसके पहले वह सुबह बाथरुम जाने के बहाने निकला और मोहन नगर पुलिस थाना के भीतर अपने शरीर पर धारदार वस्तु से वार कर खुद को जख्मी कर लिया। पुलिस कस्टडी में सामने आए इस घटना से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। घटना की खबर पर दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला, अजीत यादव, मोहन नगर थाना प्रभारी नरेश पटेल, कोतवाली थाना प्रभारी सुरेश बागड़े एवं अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होकर अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस घटना ने जहां पुलिस महकमें में हड़कंप मचा दिया है वहीं घायल युवक के परिजनों के आरोपों ने पुलिस के कार्यशैली पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया ह
घायल युवक लक्ष्मीकांत ठाकुर के बड़े भाई संतोष सिंह ठाकुर ने इस घटना के लिए मोहन नगर पुलिस थाना के एक अधिकारी को जिम्मेदार बताया है। संतोष ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को शिकायत करते बताया कि मेरे छोटे भाई लक्ष्मीकांत ठाकुर ने सन् 2018 में स्मृतिनगर निवासी राहुल जावडे को 10 लाख की राशि उधार दी थी, लेकिन राहुल राशि वापस लौटाने में आनाकानी कर रहा था, तब लक्ष्मीकांत ने रकम वापसी के लिए दबाव बनाया तो राहुल ने मोहन नगर पुलिस थाना में अपराध दर्ज करवा दिया था। संतोष सिंह ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को रफा-दफा करने मोहन नगर पुलिस थाना में पदस्थ अधिकारी द्वारा लक्ष्मीकांत ठाकुर से 5 लाख की राशि की मांग की गई थी। राशि नहीं दिए जाने पर जानबूझकर केस को पेडिंग रखा गया था। इससे लक्ष्मीकांत ठाकुर मानसिक रुप से प्रताडि़त हो रहा था। बुधवार की शाम लक्ष्मीकांत ठाकुर को पुलिस ने हिरासत में लेकर मोहन नगर पुलिस थाना के कस्टडी में रखा गया था। जहां मानसिक रूप से परेशान चल रहे लक्ष्मीकांत ठाकुर आत्मघाती कदम उठाने विवश हुआ। बड़े भाई संतोष सिंह ठाकुर ने उच्च अधिकारियों से घटना की जांच कर दोषी पर कार्यवाही करने की मांग की है। 

 

11-05-2020
अजीत जोगी की हालत चिंताजनक, मेडिकल बुलेटिन जारी

रायपुर। अजीत जोगी (74) की स्थिति 10 मई को जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन अनुसार ही अभी भी बनी हुई है। उनका हृदय, ब्लड प्रेशर और यूरिन आउटपुट नियंत्रित है। सोमवार दोपहर में अजीत जोगी के उपचार के 48 घंटे पूरे होने के बाद, उन्हें दी जा रही बेहोशी की दवाइयां कम की जाएगी। उनके शरीर के तापमान को धीरे-धीरे बढ़ाकर सामान्य की तरफ लाया जाएगा। इसके बाद उनके मस्तिष्क का रिस्पॉन्स देखा जाएगा। जोगी की न्यूरोलॉजिकल (मष्तिष्क) की गतिविधियां लगभग नहीं के बराबर है।

उन्हें वेंटीलेटर के माध्यम से सांस दी जा रही है।हाइपोक्सिया होने की वजह से अभी तक उन्हें हाइपोथर्मिया (शरीर के तापमान को कम करके) और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की मांग कम करने के लिए उन्हें सीडेशन (बेहोशी) की दवा दी जा रही थी। अगले 24–48 घंटों बाद इस बाद का असेसमेंट किया जा पायेगा कि उनके मष्तिष्क में कितनी गतिविधियां हैं। अजीत जोगी की स्थिति अभी काफी चिंताजनक है।

04-02-2020
प्रेमी और प्रेमिका पर चाकू से वार, दोनों की हालत गंभीर, इलाज जारी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी-प्रेमिका का चाकू से गला रेत दिया और दोनों के शरीर के अन्य अंगों पर भी चाकू से वार किए। प्रेमिका अपने घर के कमरे में और प्रेमी अपनी प्रेमिका के घर से आधा किलोमीटर दूर खेत में मंगलवार सुबह लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवती को इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल व प्रेमी को सीएचसी अचलगंज से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। एसपी ने डॉग स्क्वायड टीम के साथ जांच की। जांच के दैरान जिस जगह प्रेमी युवक खून से लथपथ हालत में मिला उससे कुछ दूरी पर उसकी बाइक, खून से सना कंबल व चाकू पुलिस ने बरामद किया है।पुलिस के अनुसार तीन माह पूर्व घायल युवक ने युवती के घर आकर फांसी लगाने का प्रयास किया था। जिस पर घरवालों ने उसे बचा लिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

 

22-09-2019
फाइबरयुक्त भोजन का उपयोग शरीर के लिए लाभकारी : मुकेश ऋषि

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी रायपुर में आज बॉलीवुड एवं साऊथ की फिल्मों में विलेन का किरदार निभाने वाले अभिनेता मुकेश ऋषि प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे शुरूआत से खेल के प्रति जागरूक है। स्पोर्टस के लिए युवाओं को न ही कभी मैदान देखना चाहिए और न ही खेत जहां वे स्पोर्टस खेलना चाहे वहां उन्हें प्रयास करना चाहिए। मुकेश ने कहा कि आज लोगों में बॉडी के प्रोटीन पाऊडर लिए जा रहे है जो कि मानव शरीर के लिए बेहद ही घातक है। उन्होंने कहा कि उनकी जीवन में स्पोर्ट्स का महत्व बहुत ज्यादा है। स्पोर्ट्स उनके फाईट सीन में बहुत काम आई। उनकी साऊथ की नई फिल्म आने वाली है, जिसमें चिरंजीवी हीरों का किरदार निभा रहे है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक औषधियों का सेवन जीवन में हमेशा करना चाहिए।

21-08-2019
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दी दलील, सुनंदा पुष्कर के शरीर पर थे चोटों के 15 निशान,

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में आरोप तय करने के लिए बहस हुई, इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अपने पति शशि थरूर के साथ तनावपूर्ण संबंधों के कारण सुनंदा पुष्कर मानसिक पीड़ा से गुजर रही थीं। पुलिस ने शशि थरूर पर सुनंदा पुष्कर को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, जिसने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया। दिल्ली पुलिस विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि दोनों के बीच झगड़े के कारण सुनंदा परेशान थीं और मानसिक पीड़ा से गुजर रही थीं। उन्होंने पुष्कर की मौत से संबंधित मामले में शशि थरूर के खिलाफ आरोप तय किए जाने के दौरान ये बातें कहीं। दिल्ली पुलिस की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सुनंदा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शरीर पर छोटे-बड़े चोटों के 15 निशान थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि सुनंदा को ये चोट हाथापाई की वजह से लगी थी। बता दें कि सुनंदा पुष्कर को 17 जनवरी, 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक होटल के कमरे में मृत पाया गया था। पुलिस ने इस मामले में शशि थरूर के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-ए और धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है, कांग्रेस सांसद फिलहाल जमानत पर हैं। कांग्रेस सांसद अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

 

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