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देश में फिर नोटबंदी जैसे हालात, 100 रुपए  के नोट गायब  

नई दिल्ली। देश में नोटबंदी के बाद से कैश की किल्लत आम बात हो गई है। पिछले एक महीने से कई राज्यों में कैश की किल्लत के बीच अब 100 रुपए के पुराने नोटों की वजह से संकट है।  आरबीआई के मुताबिक सिस्टम में पर्याप्त मात्रा में नोट हैं और नोटों की छपाई भी बढ़ाई गई। हालांकि 200 और 2000 रुपए के नोट को लेकर कहा गया कि इनकी छपाई फिलहाल रोक दी गई है। तरह 100 रुपए मूल्य के नोटों, खासकर जो एटीएम कैसेट में फिट हो सके ऐसे नोटो की सप्लाई भी कम है। जिसे अब एक नई समस्या आम जनता के सामने आने वाली है

आरबीआई ने लगाई बैंकों से गुहार

आरबीआई ने कहा कि 2015-16 में मांग के मुकाबले 44 करोड़ पीस कम सप्लाई की गई थी। 2017-18 के लिए डेटा अगस्त में उपलब्ध होगा। बैंकर्स ने अपनी इस समस्य को रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के सामने रखा है और उन्होंने कहा है कि आरबीआई को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और एक्शन लेना चाहिए।

बैंक मैनेजर्स कहते हैं  इसकी  वजह से उनके बांचों में भी कम मूल्य के नोटों की भरमार है। आरबीआई डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में 50 रुपये से कम के 489.8 करोड़ नोटों को डिस्पोज किया गया बैंकर्स के मुताबिक नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत को दूर करने के लिए 100 रुपए के मटमैले नोट का इस्तेमाल ज्यादा हुआ। उसके बाद से सिस्टम में यह नोट उपलब्ध हैं। अब बैंकों के लिए इन नोटों को संभालना भारी हो रहा हैं।

ATM से नहीं निकल रहा कैश, छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने बैंक MD को सौंपा ज्ञापन 

रायपुर। राजधानी के साथ ही छत्तीसगढ़ में कैश की किल्लत हो गई है। ATM से पैसे नहीं निकल रहे हैं।इसकी वजह से ग्राहक परेशान है। वहीं इधर-उधर भटकने को मजबूर है। लोगों के साथ ही व्यापारी भी ATM में कैश नहीं मिलने से परेशान है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ चैंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा, कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने मंगलवार को स्टेट बैंक के महाप्रबंधक ब्रहम सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कैश की हो रही समस्या से अवगत कराते हुए कैश की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि एटीएम में नगद राशि नहीं है तो बैंक द्वारा उपभोक्ताओं से किस बात का एटीएम चार्ज वसूल किया जा रहा है। इससे व्यापारियों में भारी अाक्रोश है। उन्होंने एटीएम में पर्याप्त मात्रा में राशि उपलब्ध कराने की मांग की है जिससे व्यपार प्रभावित ना हो। इस मामले में स्टेट बैंक के महाप्रबंधक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त मात्रा में कैश है और पूरा प्रयास करेंगे किसी को तकलीफ न हो ।


 

लौट आए नोटबंदी वाले दिन, धमतरी में भी ज्यादातर ATM  खाली

धमतरी। देश के अलग-अलग राज्यों और छत्तीसगढ़ में कैश की किल्लत का असर धमतरी में भी देखने को मिला है। मंगलवार को ज्यादातर ATM खाली नजर आए। लोग अपनी खरीदारी के लिए ATM के चक्कर काटते हुए भी दिखाई दिए। मंगलवार को खबर मिली कि छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में अचानक कैश की डिमांड बढ़ गई है और एटीएम खाली नजर आ रहे हैं। जब धमतरी शहर के एटीएम की पड़ताल की गई तो यहां भी नजारा वहीं देखने को मिला। अलग-अलग बैंकों के एटीएम लगाए गए हैं जिसमें ज्यादातर खाली पाए गए। कुछ ATM में ही कैश है जिसकी वजह से ग्राहकों की भीड़ नजर आई।

ग्राम खरतुली से पहुंचे भुवन साहू ने बताया कि के 3 के बाद चौथे ATM में जब पहुंचे तो वहां भी निराशा हाथ लगी घर में शादी होने की वजह से खरीददारी करने आए थे। इसी तरह प्रकाश साहू साहू बड़ा निवासी ने बताया कि वे 3 ATM जा चुके हैं और अभी पैसे की सख्त जरूरत है बैंक जा नहीं सकते थोड़ी सी खरीदारी के लिए वह कैश निकालने आए थे। लेकिन निराशा हाथ लगी है।  इस संबंध में जब लीड बैंक मैनेजर अमित रंजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इस वक्त वर्कशॉप में कोलकाता पहुंचे हैं उन्हें भी कमी की शिकायत मिल रही है। स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक ने फोन उठाना वाजिब नहीं समझा।

आख़िर में जब कलेक्टर डॉ सी आर प्रसन्ना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यदि एटीएम में कैश की डिमांड बढ़ गई है खाली है तो तत्काल नोडल अधिकारी को बोलकर सभी एटीएम में कैश भरा जाएगा और जरुरत पड़ी तो नागपुर से कैश मंगाई जाएगी।

ATM खाली होने पर सरकार हरकत में , जेटली बोले- कुछ इलाकों में अचानक मांग बढ़ने से बढ़ी संकट

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कुछ इलाकों में नोटों की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि सरकार ने देश में करंसी के हालात की समीक्षा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में जरूरत से ज्यादा नोट सर्कुलेशन में हैं और बैंकों में भी पर्याप्त नोट उपलब्ध हैं।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रसाद शुक्ल ने कहा है कि कुछ राज्यों में नोटों की पैदा हुई किल्लत तीन दिनों में खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कैस की किल्लत है, वहां दूसरे राज्यों के मुकाबले कम नोट पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत के मुताबिक राज्यों के बीच नोटों का उचित वितरण करने की दिशा में कदम उठा रही है। शुक्ल ने कहा कि 'अभी हमारे पास 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये की कैश करंसी है। एक समस्या है कि कुछ राज्यों के पास कम करंसी है जबकि अन्य राज्यों के पास ज्यादा। सरकार ने राज्य स्तर पर समिति गठित की है। वहीं, आरबीआई ने भी नोटों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए कमिटी गठित की है।' वित्त राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जिन राज्यों में नोटों को कमी पड़ रही है, वहां तीन दिनों में नोटों की नई खेप पहुंचा दी जाएगी।

दूर करेंगे कैश की किल्लत- डॉ. रमन

रायपुर। मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने कहा कि कैश की किल्लत की जानकारी आई है। अन्य राज्यों के साथ साथ छ्त्तीसगढ़ में भी इफेक्ट पड़ा है समय रहते इसको सुधार लिया जाएगा। डा. सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव का समय है सब आएंगे और आना चाहिए। आपको बता दें कि 24 अप्रैल को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। वे सीतापुर के रायपुर में पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन में शामिल होंगे। राहुल के दौरे पर बोले आना चहिये चुनाव का समय है सब आएंगे।

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