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17-09-2020
कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले लोकसभा में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने बिल के विरोध में चेतावनी देते हुए ऐलान किया था कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में सरकार से इस्तीफा देंगी। बता दें कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि थीं। हरसिमरत कौर ने इस्तीफे की जानकारी ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व।
लोकसभा में बोलते हुए आज सुखबीर सिंह बादल ने साफ कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस बिल का सख्त विरोध करता है। हर बिल, जो देश के लिए हैं, देश के कुछ हिस्से उसे पसंद करते हैं, कुछ हिस्सों में उसका स्वागत नहीं होता है, किसानों को लेकर आए इन तीन बिलों से पंजाब के 20 लाख हमारे किसान प्रभावित होने जा रहे हैं। 30 हजार आढ़तिए, 3 लाख मंडी मजदूर, 20 लाख खेत मजदूर इससे प्रभावित होने जा रहे हैं। सुखबीर बादल ने कहा, 'शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है।’ निचले सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘ शिरोमणि अकाली दल ने कभी भी यू-टर्न नहीं लिया। बादल ने कहा, 'हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथी हैं। हमने सरकार को किसानों की भावना बताई, हमने इस विषय को हर मंच पर उठाया। हमने प्रयास किया कि किसानों की आशंकाएं दूर हों लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।'
लोकसभा में कांग्रेस के अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया है। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान विरोधी’ करार देते हुए गुरुवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि इन विधेयकों से जमाखोरी, कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा तथा उद्योगपतियों एवं बिचौलियों को फायदा होगा जबकि किसान बर्बाद हो जाएंगे। वहीं, भाजपा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत बनाने के लिए यह कानून बन रहा है जो ऐतिहासिक साबित होगा। ये विधेयक कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये महत्वपूर्ण कदम हैं जो किसानों को मजबूत और समृद्ध बनाएंगे।

17-09-2020
देश में एक दिन में कोरोना के 97894 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, 82 हजार से अधिक स्वस्थ

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 97,894 नए मामले सामने आए और 1,132 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 97,894 नए मामलों के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 51,18,254 हो गया। इस अवधि में 1,132 संक्रमितों की मौत होने से मृतकों की संख्या 83,198 हाे गई तथा 82,719 मरीज स्वस्थ हुए हैं, जिससे कोरोना से मुक्ति पाने वालों की संख्या 40,25,080 हो गई है। स्वस्थ होने वालों की तुलना में संक्रमण के नए मामले अधिक होने से सक्रिय मामले 14,043 बढ़कर 10,09,976 हो गए हैं। देश में सक्रिय मामले 19.73 प्रतिशत और रोगमुक्त होने वालों की दर 78.64 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.63 फीसदी है।

15-09-2020
एक साल तक सांसदों के वेतन में 30 प्रतिशत की होगी कटौती,विधयेक लोकसभा में हुआ पास

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2020 पास हो गया। इस विधेयक के तहत एक साल तक सांसदों को सैलरी 30 फीसदी कटकर मिलेगी। लोकसभा में ज्यादातर सांसदों ने इस बिल का समर्थन किया, लेकिन उनकी यह मांग थी कि सरकार सांसद निधि में कटौती ना करे। निचले सदन में संक्षिप्त चर्चा के बाद संसद सदस्य वेतन, भत्ता एवं पेशन संशोधन विधेयक 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। यह विधेयक इससे संबंधित संसद सदस्य वेतन, भत्ता एवं पेशन अध्यादेश 2020 के स्थान पर लाया गया है। इसके माध्यम से संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन अधिनियम 1954 में संशोधन किया गया है। कोरोना वायरस महामारी के बीच इस अध्यादेश को 6 अप्रैल को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी और यह 7 अप्रैल को लागू हुआ था। चर्चा में भाग लेते हुए अधिकतर विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सांसदों के वेतन में कटौती से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सरकार को सांसद निधि के निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए।
लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान अमरावती सांसद समेत कई संसद सदस्यों ने कहा कि केन्द्र सरकार चाहे तो हमारी पूरी सैलरी ले ले, लेकिन एमपी लैड्स फंड पूरा मिलना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार हमारा पूरा वेतन ले ले, कोई भी सांसद इसका विरोध नहीं करेगा। लेकिन एमपी लैड्स फंड पूरा मिलना चाहिए। जिससे कि हम लोगों के फायदे के लिए काम कर सकें।उधर, टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि जितना पैसा हो आप सांसदों से ले सकते हैं। आप हमारा पूरा वेतन ले सकते हैं लेकिन एमपी लैड्स फंड दे देजिए। हम इसी के सहारे अपने क्षेत्रों में काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के पास 303 सांसद हैं तो इसका मतलब ये है क्या कि बाकी सांसदों का कोई महत्व नहीं है।
संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निचले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। यह कदम उनमें से एक है। उन्होंने कहा कि परोपकार की शुरूआत घर से होती है, ऐसे में संसद के सदस्य यह योगदान दे रहे हैं और यह छोटी या बड़ी राशि का सवाल नहीं है बल्कि भावना का है। जोशी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा आती है तब एक विशिष्ट क्षेत्र को प्रभावित करती है, युद्ध दो देशों की सीमाओं को प्रभावित करता है। लेकिन कोविड-19 ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है, दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 20 लाख करोड़ रूपये के पैकेज के साथ ही 1.76 लाख करोड़ रूपये की गरीब कल्याण योजना की शुरूआत की। सरकार ने मनरेगा का आवंटन बढ़ाया और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के लिये काम किया ।
सांसद क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड) के बारे में सदस्यों के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सांसद निधि को अस्थायी रूप से दो वर्षो के लिये निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद के लिये कुछ कड़े फैसले लेने की जरूरत थी। चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वह एक पिछड़े हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऐसे में सांसद निधि नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सांसद निधि का अधिकतर पैसा गांवों, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए खर्च होता है और ऐसे में यह निधि निलंबित करके सरकार इनके खिलाफ काम कर रही है। कांग्रेस के ही डीन कुरियाकोस ने कहा कि सरकार को सांसद निधि निलंबित करने के बजाय धन जुटाने के लिए दूसरे साधनों पर विचार करना चाहिए था।
भाजपा के विजय बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के समय सभी सांसदों ने अपने क्षेत्रों के लिए काम किया और अब उन्हें इस विधेयक का समर्थन करके भी अपना योगदान देना चाहिए। द्रमुक के कलानिधि वीरस्वामी, वाईएसआर कांग्रेस के एम भारत और कुछ अन्य सदस्यों ने भी सांसद निधि के निलंबन का विरोध किया। 

15-09-2020
देश में कोरोना के 83 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए, 1054 की मौत

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 83,809 नए मामले सामने आए और 1,054 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान 83,809 नए मामले सामने आने से संक्रमितों का आंकड़ा 49,30,237 पर पहुंच गया। जबकि इससे पहले नौ सितंबर से 13 सितंबर तक कोरोना संक्रमितों की दैनिक वृद्धि 90 हजार से अधिक रही। 9 सितंबर को 95735, 10 को 96551, 11 को 97570, 12 को 94372 और 13 सितंबर को 92071 मामले सामने आये।

कोरोना संक्रमण से निजात पाने वालों की संख्या 79,292 बढ़कर 38,59,400 हो गई। स्वस्थ होने वालों की तुलना में संक्रमण के नए मामले अधिक होने से सक्रिय मामले 3,463 बढ़कर 9,90,061 हो गए हैं। इसी अवधि में 1,054 मरीजों की मौत हो गई। देश में अब तक 80,776 कोरोना संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं। देश में सक्रिय मामले 20.08 प्रतिशत और रोगमुक्त होने वालों की दर 78.28 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.64 फीसदी है।

14-09-2020
चीन की नापाक हरकत, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित बड़ी हस्तियों की कर रहा जासूसी

नई दिल्ली। चीन की नापाक हरकत को लेकर एक और खुलासा हुआ है। बताया गया है कि चीन की कुछ कंपनियों द्वारा भारत में जासूसी की जा रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री तक, मुख्यमंत्री से लेकर सेना के वरिष्ठ अफसरों तक की जासूसी की जा रही है। इसके अलावा, देश के प्रमुख उद्योगपतियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारी भी चीन के निशाने पर हैं।  एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि शेनजेन बेस्ड चीनी कंपनी 'झेनझुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड' भारत में करीब दस हजार लोगों की निगरानी कर रही है। इस कंपनी का चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से सीधा संबंध है। इस चीनी कंपनी की करीब दस हजार भारतीयों पर नजर है, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर एक मेयर तक शामिल है। 

इन लोगों की हो रही जासूसी

रिपोर्ट में बताया गया है 'झेनझुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड' की ओर से जिन भारतीयों पर नजर रखी जा रही है। उनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक और शिवराज सिंह शामिल हैं।  इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी और पीयूष गोयल सहित अन्य लोग शामिल हैं। वहीं, सीडीएस बिपिन रावत और सेना, नौसेना और वायुसेना के 15 पूर्व प्रमुख समेत आला अधिकारी भी चीन की निगरानी में हैं।  बीजिंग की तरफ से कंपनी के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे, जज एएम खानविल्कर, लोकपाल जस्टिस पीसी घोष और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक जीसी मुर्मू तक की जासूसी करवाई जा रही है। वहीं, भारत पे के संस्थापक निपुण मेहरा, रतन टाटा और गौतम अडानी सरीखे लोग भी चीन की नापाक निगरानी पर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के निशाने पर नेताओं के अलावा सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी, फिल्म डायरेक्टर श्याम बेनेगल, सोनल मानसिंह जैसे लोग भी हैं। इस सूची में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका भारत में क्राइम का रिकॉर्ड है। ये सूची और भी बड़ी है, जिसमें 10 हजार के करीब प्रमुख लोग शामिल हैं। 

चीन के साथ मिलकर हो रहा नापाक काम

अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी कंपनियों द्वारा सभी प्रमुख लोगों की निजी जिंदगी को उनके सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म द्वारा फॉलो किया जा रहा है। इनकी नजर में परिजन से लेकर समर्थक तक हैं। चीनी कंपनियों द्वारा इन लोगों का रियल टाइम डाटा इकट्ठा किया जा रहा है, जिसे चीनी सरकार के साथ साझा किया जा रहा है। बताया गया है कि इस पूरी जासूसी के लिए 'झेनझुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड' ने चीनी सरकार और कम्युनिष्ट पार्टी के साथ मिलकर विदेशों से सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए एक डाटा बेस तैयार किया है, जिसके तहत इस नापाक मंसूबे को अंजाम दिया जा रहा है। कंपनी की तरफ से इकट्ठा किए जा रहे डाटा को 'हाइब्रेड वॉर' की संज्ञा दी गई है, जिसमें किसी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उसकी निजी जिंदगी की जानकारी को खंगाला जाता है। एक तरफ जहां चीन के साथ सीमा पर तनाव है और चीनी सेना घुसपैठ की कोशिश कर रही है, दूसरी तरफ चीन भारत के प्रमुख लोगों पर आंखें गड़ाए हुए है। 

13-09-2020
इस प्रदेश में होगी बिना वारंट के गिरफ़्तारी और तलाशी, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इस कड़ी में अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए एक नए सुरक्षा बल का गठन कर दिया है। इस सुरक्षा बल को नाम यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स रखा गया है। सरकार की तरफ से नया अधिनियम बना कर इस सुरक्षाबल को कुछ विशेष शक्तियां दी गई हैं,जो यूपी पुलिस के पास नहीं है। एडीजी स्तर का अधिकारी यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का मुखिया होगा, जबकि इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा। बता दें सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 जून को उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के गठन को मंजूरी दे दी थी।यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के गठन की अधिसूचना शासन की ओर से जारी कर दी गई है। यूपी एसएसएफ को ढेर सारी शक्ति दी गई है। बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी की पॉवर एसएसएफ को मिली है। बिना सरकार की इजाज़त के एसएसएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट भी संज्ञान नहीं लेगी।बता दें इस सुरक्षाबल को प्रदेश में सरकारी इमारतों,दफ्तरों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा इस सुरक्षा बल की सेवा कोई प्राईवेट कंपनी भी ले सकती है मगर उसे इसके लिए भुगतान करना होगा।

13-09-2020
देश में कोरोना के 94372 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमितों का आंकड़ा 47 लाख के पार

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 94,372 नए मामले सामने आए और 1,114 लोगों की मौत हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 94,372 नए मामले सामने आए हैं और 1,114 मरीजों की मौत हुई है। अब तक 47,54,357 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 9,73,175 सक्रिय मामले हैं और 37,02,596 लाख ठीक हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, 78,586 मरीजों की मौत हो चुकी है।

11-09-2020
कांग्रेस संगठन में फेरबदल,मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी,गुलाम नबी आजाद को महासचिव पद से हटाया

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने अखिल भारतीय स्तर पर फेरबदल किया है। इसके साथ ही कई राज्यों में प्रभारी भी बदले गए हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को महासचिव पद से हटाया गया है। आजाद को सीडब्ल्यूसी में स्थान दिया गया है। पार्टी ने छह सदस्यीय एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करेगी। इस विशेष समिति में एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं। रणदीपसिंह सुरजेवाला को कांग्रेस का महासचिव बनाया गया है। उन्हें कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस महासचिवों में मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश की, हरीश रावत को पंजाब की, ओमान चांडी को आंध्रप्रदेश की, तारीक अनवर को केरल और लक्षद्वीप की, जितेंद्र सिंह को असम की, अजय माकन को राजस्थान की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का प्रभारी बनाया है। मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

 

11-09-2020
सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन, लीवर सिरोसिस से थे पीड़ित

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में शुक्रवार शाम को अंतिम सांस ली। स्वामी अग्निवेश को सोमवार को नई दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज में भर्ती कराया गया था। आईएलबीएस ने स्वामी अग्निवेश के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, 'स्वामी अग्निवेश को शुक्रवार शाम 6 बजे कार्डियक अरेस्ट हुआ। उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने शाम 6.30 बजे अंतिम सांस ली।' लीवर सिरोसिस से पीड़ित अग्निवेश को कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया तो मंगलवार से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत पर पैनी नजर रख रही थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनार्थ 7 जंतर-मंतर रोड, नई दिल्ली के कार्यालय पर शनिवार सुबह 11 से 2 बजे तक रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार वैदिक रीति से अग्निलोक आश्रम, बहलपा जिला गुरुग्राम में 4 बजे किया जाएगा। 21 सितंबर, 1939 को जन्मे स्वामी अग्निवेश सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। 1977 में वह हरियाणा विधानसभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना की। स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, बाद में मतभेदों के चलते वह इस आंदोलन से दूर हो गए थे। 

 

11-09-2020
देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 45 लाख के पार, पिछले 24 घंटों में 96551 नए मामले सामने आए

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 96,551 नए मामले सामने आए और 1,209 लोगों की मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 96,551 नए मामलों के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 45,62,415 हो गया। इस अवधि में 1,209 संक्रमितों की मौत होने से मृतकों की संख्या 76,271 हाे गई। इस दौरान 70,880 मरीज स्वस्थ हुए हैं, जिससे कोरोना से मुक्ति पाने वालों की संख्या 35,42,664 हो गई है। स्वस्थ होने वालों की तुलना में संक्रमण के नए मामले अधिक होने से सक्रिय मामले 24,462 बढ़कर 9,43,480 हो गए हैं। देश में सक्रिय मामले 20.68 प्रतिशत और रोगमुक्त होने वालों की दर 77.65 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 1.67 प्रतिशत है।

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