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16-09-2020
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर एमसीआई ने मेडिकल स्टूडेंट्स को दी राहत,दिसंबर तक विलंब शुल्क नहीं लेने का निर्णय

रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद (MCI-Chhattisgarh Medical Council)  में पंजीयन के लिए मार्च-2020 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेडिकल छात्र-छात्राओं से इस साल दिसम्बर तक विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए एमसीआई को इस वर्ष छात्रों से विलंब शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए थे। एमसीआई ने इस संबंध में सूचना बुधवार को सूचना जारी कर दी है। एमसीआई की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि ,वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण प्रदेश में 22 मार्च से 31 मई तक लॉक-डाउन लागू किया गया था। इसकी वजह से इस साल मार्च में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले डॉक्टरों को पंजीयन में देर हुई। पंजीयन के लिए विलंब शुल्क से राहत देते हुए उन्हें दो महीने का अतिरिक्त समय दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद अब एमसीआई ने विलंब शुल्क नहीं लेने का फैसला दिसम्बर-2020 तक बढ़ा दिया है।

15-09-2020
कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश एडीएम को दिए। डीपीओ को कोविड-19 की रोकथाम के प्रयासों के लिये सौंपे गये दायित्वों के निर्वहन मे लापरवाही बरतने के कारण यह कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक मे कोरोना काल में सभी अधिकारी-कर्मचारी को संक्रमण की रोकथाम के लिये स्वयं के स्तर पर भी सभी संभव प्रयास करने को कहा। कर्मचारियों को गंभीर और सर्तक होकर जिले में कोरोना की चैन तोड़कर संक्रमण को फैलने से बचाने में विशेष पहल करने के निर्देश दिये गये हैं। कोरोना कोर समिति की बैठक में किरण कौशल ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को जिले के सभी ब्लाको में एक-एक कोविड केयर सेंटर तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को कोविड केयर सेंटर के लिये अपने-अपने ब्लाकों में भवन चिन्हित करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने हर ब्लाक में 100-100 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर बनाने के लिये सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों के साथ जनपद पंचायत के सीईओ को जिम्मेदारियां सौंपी। नये बनने वाले सभी कोविड केयर सेंटर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बिजली, पानी, सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। ब्लाॅक स्तरीय कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त संख्या में मेडिकल टीम, पैरामेडिकल टीम, स्वास्थ्य उपकरण तथा दवाईयों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने कहा कि डाॅक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिये रहने की व्यवस्था भी कोविड केयर सेंटर में सुनिश्चित होना चाहिये। कोरोना मरीजों को इलाज की पूर्ण सुविधा मिल सके यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

 

14-09-2020
कलेक्टर ने जोनवार कार्यों की समीक्षा कर दिए निर्देश,कहा-कोविड केयर सेंटर में विशेष ध्यान दें प्रभारी अधिकारी

रायपुर। कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए शहर में किए जा रहे जोनवार कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, जोन में परीक्षण संख्या में वृद्धि करें। जोनवार सैंपलिंग के लिए लक्ष्य बनाकर कार्य करें। घर में बुजुर्ग,गर्भवती महिला और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के संदर्भ में संपूर्ण जानकारी रखी जाए। जिले में संचालित कोविड केयर सेंटर में नियुक्त प्रभारी अधिकारी यह ध्यान रखें कि, मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो। प्रभारी यह भी ध्यान रखें कि, इन केंद्रों में मरीजों को आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराने चिकित्सक नियमित रूप से परीक्षण करें। साफ-सफाई और पानी की उपलब्धता में कोई कमी न रहे। डॉ. भारतीदासन ने सभी जोन आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि, घर-घर जाकर परीक्षण करने वाली सर्विलांस दल की ओर से एकत्र जानकारी का सावधानी पूर्वक अवलोकन करने के बाद ही एंट्री कराएं। सर्विलांस दल व्यक्तियों के  ऑक्सीजन लेवल और पल्स रेट का परीक्षण में लापरवाही न करें। मरीजों के परिवहन के लिए तत्काल वाहन उपलब्ध कराएं। सक्रिय मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक समस्त व्यवस्था रखें।

 

 

10-09-2020
मो.अकबर ने कहा- सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने उठाएं प्रभावी कदम,सुझावों पर अमल करने के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की वर्चुअल बैठक गुरुवार को परिवहन मंत्री मो. अकबर की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में हुई। मंत्री मो.अकबर ने परिषद की ओर से परिवहन, स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पुलिस, नगरीय प्रशासन, पर्यटन विभाग सहित अन्य निर्धारित एजेण्डों की समीक्षा की। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात जागरुकता को बढ़ावा देने के साथ परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक अरुण बोरा,कुलदीप जुनेजा शिशुपाल सिंह सोरी सहित परिषद के प्रतिनिधि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान गृहमंत्री साहू सहित विधायकों और सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को मंत्री मो. अकबर ने दिए।

सड़क बनाते समय अनावश्यक मोड़ न बनाएं

सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में गृहमंत्री साहू के सुझाव पर मो.अकबर ने सड़क निर्माण के दौरान सड़कों में अनावश्यक मोड़ नहीं रखने, सड़क सीधी बनाते हुए प्रभावितों को मुआवजा देने के निर्देश दिए। ताकि मोड़ की वजह से सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। उन्होंने नगरीय निकाय, नगर पंचायत अंतर्गत सड़कों में बंद स्ट्रीट लाइटों की निरन्तर जांच कर बंद लाइटों को चालू कर पर्याप्त रोशनी रखने, वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने स्पीड गवर्नर लगाने की दिशा में कार्यवाही करने, नशापान और सड़क पर स्टंट करके वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करने, चौक के पूर्व चारों ओर की सड़कों में नियमानुसार ब्रेकर बनाने और मुख्य मार्ग से आकर जुड़ने वाली ग्रामीण या अन्य उपनगरीय सड़कों को जंक्शन वाले स्थान पर दुर्घटनाओं को रोकने  और व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।

कण्डम वाहनों के परिचालन पर लगे रोक और हो आवश्यक कार्यवाही

गृहमंत्री के सुझाव पर परिवहन मंत्री ने कण्डम वाहनों के परिचालन पर रोक और आवश्यक कार्यवाही की बात कहीं। उन्होंने सड़क किनारे वाहनों के पार्किंग, गैरेज में सुधार के लिए आने वाले वाहनों की बेतरतीब पार्किंग, यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाए जाने पर कड़ी कार्यवाही के सुझाव पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। गृह मंत्री साहू ने इस दौरान कहा कि सड़क पर यातायात का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पूर्व में डीएसपी व टीआई रैंक के अधिकारियों को अधिकृत किया गया था, जिसे अब संशोधित कर एएसआई, एसआई स्तर के अधिकारियों को भी कार्यवाही करने के अधिकार दिया गया है।

विधायकों के सुझावों पर उचित कार्यवाही के निर्देश

मंत्री मो.अकबर ने यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ई-चालान की कार्यवाही को सही बताते हुए विधायक वोरा के उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी लगाने, मुख्य मार्गों पर होर्डिंग हटाने और विधायक सोरी के सुझाव सड़क पर पशुओं से दुर्घटना, दुकानों के सामने नो पार्किंग में वाहन पार्किंग से होने वाली समस्या, विधायक जुनेजा के सुझाव पर भी उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। जिला स्तरीय बैठक अनिवार्य रूप से कराए परिवहन मंत्री मो.अकबर ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक अनिवार्य रूप से समय पर कराने के निर्देश दिए।

परिवहन आयुक्त ने मंत्री को दी विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी

बैठक में परिवहन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह ने मंत्री को विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। अध्यक्ष, अतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा और संयुक्त परिवहन आयुक्त संजय शर्मा ने परिषद की बैठक में विभागवार एजेण्डा की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन होने के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण विभागीय पहल भी की गई है। दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। ब्लैक स्पॉट की पहचान व सुधार, ओवर लोडिंग वाहनों पर कार्यवाही, स्कूल बसों की जांच और कार्यवाही, नाबालिग विद्यार्थियों को वाहन चलाने से रोकने के प्रयास, पाठय पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात के प्रति जागरुकता उत्पन्न करने के अलावा अन्य जरूरी कदम उठाए गए हैं। इससे वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में जनवरी से अगस्त तक सड़क दुर्घटनाओं में 24.85 प्रतिशत तथा मृत्यु में 20.77 प्रतिशत की कमी आई है।

चेक पोस्ट से जुड़ी समस्याओं का किया जाएगा निराकरण

परिवहन मंत्री मो. अकबर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला परिवहन अधिकारियों, चेक पोस्ट प्रभारियों और परिवहन उडनदस्ता प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान प्रभारियों से शासकीय वाहन, वाहन चालक, भवन, बिजली, कर्मचारी आदि से वन टू वन चर्चा और उनकी समस्याएं जानने के बाद परिवहन मंत्री ने यथासंभव निराकरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चेकपोस्ट पर निरंतर कार्यवाही करें, आने वाले दिनों में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

चेकपोस्ट पर डयूटी करने वाले पहनेंगे निर्धारित ड्रेस

परिवहन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह ने कहा कि चेकपोस्ट पर जिनकी डयूटी लगी है वे निर्धारित ड्रेस में ही रहेंगे। अंबिकापुर, कोरबा, दुर्ग और बिलासपुर जिला प्रभारियों को कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश देते हुए कार्यवाही से प्राप्त राशि को शासन के खाते में 24 घण्टे के भीतर चालान के माध्यम से अनिवार्य रूप से जमा करने के निर्देश दिए। परिवहन आयुक्त ने ओवर लोडिंग की कार्यवाही में प्रगति लाने, सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से यातायात का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित करने के अनुरोध पर समय रहते कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।

 

10-09-2020
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विकास ने दिए निर्देश, कलेक्टर से कहा- कड़ाई करने जारी करें फरमान

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने निजी स्कूल संचालकों की ओर से, पालकों के नो स्कूल नो पेमेंट को लेकर लगातार विरोध के बावजूद मेरी मुर्गी एक टांग का रवैया अपनाए जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कलेक्टर को इस बाबत कड़ाई से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। विकास ने कहा है कि, जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों का निरीक्षण कर इस बात की जानकारी लें कि, शासन के मापदंडों के अनुरूप संचालित हैं कि नहीं। साथ ही इस बात की भी पड़ताल करें कि, सम्पूर्ण लॉक डाउन के बीच इन स्कूलों की विद्यार्थियों के प्रति क्या जवाबदेही रही है। उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट शासन के सम्मुख प्रस्तुत करने कहा है। तब तक निजी स्कूल किसी विद्यार्थी को ऑनलाइन क्लास से वंचित करता है तो उसकी मान्यता तत्काल निरस्त करने कहा है।   

उन्होंने कहा है कि, जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों को लेकर सख्ती दिखाएं, अन्यथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी। विकास उपाध्याय ने कहा बड़े-बड़े निजी स्कूलों के प्रबंधक दिखावे के लिए बड़ी बड़ी बिल्डिंग बना कर पालकों को आकर्षित तो कर लेते हैं, पर आंतरिक मापदण्ड के नाम पर कुछ नहीं रहता। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक ही निर्धारित अर्हता नहीं रखते और जो रखते हैं उन्हें आवश्यक वेतन नहीं दिया जाता। इन स्कूलों में बच्चों को शुध्द पेय जल की व्यवस्था तक नहीं रहता और जब इसको लेकर आवाज उठाई जाती है तो बच्चों को ही प्रताड़ित किया जाता है।

विकास उपाध्याय ने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि, वे सबसे पहले निजी स्कूलों का आंतरिक मूल्यांकन करने उच्चस्तरीय टीम गठित करें और इस टीम में एक जनप्रतिनिधि को भी सम्मिलित करें, जो इस बात का पता लगाएगी की इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है, एक क्लास में कितने सेक्शन बनाए गए हैं और एक सेक्शन में कितने बच्चे पढ़ते हैं, सेक्शन के अनुरूप कितने शिक्षक हैं, शिक्षक हैं तो वो नियमित हैं कि नहीं, उनके शैक्षणिक योग्यता क्या है। इन शिक्षकों को मासिक वेतन क्या दिया जाता है। मार्च माह से लेकर जून तक प्रत्येक शिक्षकों की विषयवार शैक्षणिक गतिविधियों में क्या भूमिका थी। इसके अलावे अन्य आवश्यक मापदंड की यथा स्थिति क्या है। स्कूल के प्राचार्य या प्रधानपाठक की क्या योग्यता है, इनका वेतनमान से लेकर विद्यार्थियों के प्रति इनके व्यवहार को लेकर गोपनीय चरित्रावली को लेकर भी रिपोर्ट तैयार की जाए। विकास उपाध्याय ने कहा है कि, शासन स्तर पर जब तक जिला शिक्षा अधिकारी से प्रत्येक निजी स्कूलों को पृथक-पृथक से इन तमाम जांच बिंदुओं पर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता उनको किसी तरह की फीस लेने से रोक लगाने नोटिस भेजा जाए।

05-09-2020
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए निर्देश, अब बिना डॉक्टर की पर्ची के करा सकेंगे कोरोना टेस्ट

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना वायरस कोविड-19 की जांच के लिए शनिवार को अद्यतन परामर्श जारी किया है, जिसके अनुसार अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के लैब में जाकर अपना कोरोना टेस्ट करा सकता है। कोविड-19 के लिए गठित नेशनल टास्क फाेर्स की सिफारिशों को लागू करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अब कोई भी व्यक्ति अगर चाहे तो अपना कोरोना टेस्ट खुद ही करा सकता है और इसके लिए उसे डॉक्टर की पर्ची दिखाने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने साथ ही कहा है कि राज्य सरकार इसे लेकर अपने अनुसार निर्णय ले सकते हैं। इससे एक राज्य से दूसरे राज्य तथा विदेश का सफर करने वाले व्यक्तियों को आसानी होगी और उन लोगों को भी सुविधा होगी जो अपना कोरोना टेस्ट कराना चाहते हैं। मंत्रालय ने साथ ही कहा है कि कोई भी अस्पताल अब कोरोना टेस्ट की सुविधा न होने के बहाने गर्भवती महिला को किसी दूसरी जगह रिफर नहीं करेंगे। अस्पतालों को गर्भवती महिला का कोरोना टेस्ट कराने के लिए नमूने को जमा करके उसे कोरोना टेस्ट लैब में पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी।

दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्जिकल या गैर-सर्जिकल प्रक्रियाओं के तहत आने वाले सभी रोगियों का परीक्षण किया जा सकता है, लेकिन सप्ताह में एक बार से अधिक नहीं। स्ट्रोक, एन्सेफलाइटिस, हेमोप्टाइसिस जैसे रोगियों का डॉक्टर की सलाह के अनुसार ज़रूरी लगने पर टेस्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही गाइडलाइन्स में ये भी कहा गया है कि कंटेन्टमेंट ज़ोन के एंट्री प्वॉइन्टस (प्रवेश बिन्दु) पर लगातार नज़र बनाई जाए साथ ही इन जगहों पर लगातार स्क्रीनिंग होनी चाहिए। यहां एंटीजन टेस्ट को किया जाना चाहिए। आरटी-पीसीआर टेस्ट उस वक्त ही किया जाए जब व्यक्ति एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाए जाने के बाद भी सांस लेने में तक़लीफ या फिर कोई अन्य लक्षण दिखाए। इन दिशा-निर्देशों में इस बात पर जो़र दिया गया है कि कंटेन्टमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों के लिए 100 फीसदी परीक्षण किया जाना चाहिए। आईसीएमआर ने ये भी कहा है कि इस एडवाइजरी में राज्य के स्वास्थ्य के अधिकारियों के विवेक के आधार पर संशोधन किया जा सकता है। 

 

02-09-2020
कलेक्टरों से कमिश्नर ने कहा- आप जानते तो होंगे सीएस के निर्देश, फिर लापरवाही क्यों,प्राथमिकता से निपटाएं काम

रायपुर। संभाग आयुक्त जीआर चुरेन्द्र ने मंगलवार को रायपुर संभाग के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर गिरदावरी के कार्य को गंभीरता से कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि, वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्य सचिव आरपी मंडल ने कड़े निर्देश दिए हैं, जिससे आप भी वाकिफ हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्य सचिव की मंशा भी यही है कि, गिरदावरी कार्य शतप्रतिशत हो। सारी प्रविष्टियां मौंके के अनुरूप हो। संभाग आयुक्त ने कहा है कि, उन्होंने तहसील अभनपुर व रायपुर के गिरदावरी कार्य के निरीक्षण के दौरान पाया है कि, कृषि भूमिधारक कुछ किसान कृषि भूमि का दूसरे कार्यों में उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में विशेष ध्यान देकर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। संभाग आयुक्त ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदूओं में तथ्य देते हुए पूरी गंभीरता के साथ गिरदावरी का ध्यान समय सीमा में कराने के निर्देश दिए हैं।

21-08-2020
आईसोलेशन सेंटर का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने जशपुर कलेक्टर ने दिए निर्देश

रायपुर/जशपुरनगर। कलेक्टर महादेव कांवरे ने विगत दिवस अपने कार्यालय कक्ष में कोरोना महामारी का जिले में बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर सुरक्षा और नियंत्रण के संबंध में बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के.एस.मण्डावी , जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पी. सुथार, डीपीएम गणपत कुमार नायक सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमितों के उपचार के लिए निर्मित किये जा रहे आईसोलेशन सेंटरों का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराते हुए सेंटरों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने एवं अन्य आवश्यक चीजों की पर्याप्त उपलब्धता करने के निर्देश दिये। उन्होनें संक्रमितों के प्राथमिक संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी लेकर उनका जांच करने एवं संक्रमित मिले व्यक्ति के घर के आजू-बाजू 50-50 घरो के लोगों का एक्टिव सर्विलेंस करने की हिदायत दी।

कावरे ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोरोना जांच के लिए में सैम्पल कलेक्षन का कार्य प्रारंभ करने की बात कही। इसके लिए पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उनके बचाव के लिए पीपीई किट सहित अन्य सभी आवश्यक चीजों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होने जिले में कोरोना जांच के लिए जा रहे सैम्पल कलेक्शन का लक्ष्य बढ़ाने के सुझाव देते हुए प्रतिदिन 250 आरटीपीसीआर और 500 रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए सैंपल लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर कावरे ने बाहर से आने वाले व्यक्तियों का अनिवार्यत: कोरोना जांच कराने एवं होम क्वारेंटाईन के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

19-08-2020
कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर तल्ख हुईं कलेक्टर, नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

कोरबा। कोरोना संक्रमण की आड़ में शासकीय कामकाज के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति कलेक्टर किरण कौशल ने तल्ख रूख अपना लिया है। वीवेक्स मीटिंग टूल के माध्यम से बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिला पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई और कोरोना संक्रमित होने की संभावना या संदेह को लेकर शासकीय काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस बैठक में एडीएम संजय अग्रवाल की मौजूदगी में गौठान निर्माण, चारागाह निर्माण, गोधन न्याय योजना, वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ-साथ जिला पंचायत की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बार-बार हाथों को सेनेटाईज करते हुए शासकीय कामकाज का नियमित निष्पादन करें। उन्होने किसी भी परिस्थिति में कोरोना संक्रमण की शंका या संक्रमित होने की संभावना का बहाना लेकर शासकीय कामकाज प्रभावित नहीं होने की हिदायत भी दी।  

 कलेक्टर ने बैठक में जिला पंचायत की मनरेगा शाखा, आजीविका मिशन शाखा, एनजीजीबी सेल, पंचायत शाखा आदि में कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। किरण कौशल ने निर्देशित किया कि जिन कर्मचारी और अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की शंका हो वे तत्काल अपनी जांच करायें। ऐसे सभी कर्मचारी-अधिकारी अवकाश लेकर आइसोलेशन में रहें। उन्होंने जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी बीपी भारद्वाज को निर्देशित किया कि अवकाश लेने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का शासकीय दायित्व अन्य योग्य अधिकारी-कर्मचारियों को सौंपें ताकि शासकीय कार्य निरंतर चलता रहे और विकास कार्यों की रफ्तार धीमी न पड़े। बैठक में कलेक्टर ने नए गौठान बनाने के लिए अगले 15 दिनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने चारागाहों में लगी चारे की फसलों की स्थिति की जानकारी भी मौजूद अधिकारियों से ली और गौठानों का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। किरण कौशल ने गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गये गोबर को सुरक्षित रखने के लिए गौठानों में किये गये इंतजामों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी गौठानों में गोबर को सुरक्षित ढंग से रखने के लिए पक्के शेड बनाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने गोबर खरीदी के दूसरे भुगतान के लिए की गई तैयारियों के बारे में भी अधिकारियों से पूछा।

 

13-08-2020
मुख्य सचिव ने त्रुटिरहित गिरदावरी का काम एक माह में पूरा कराने के दिए निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने राज्य के जिलों के प्रभारी सचिवों को एक माह के भीतर त्रुटिरहित गिरदावरी का काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी प्रभारी सचिवों को भेजे गए अपने अर्द्धशासकीय पत्र में कहा है कि इस अभियान में राज्य स्तर से जिले के प्रभारी सचिव द्वारा प्रभारी मॉनीटरिंग और मैदानी स्तर पर निरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले के प्रभारी सचिवों को आगामी एक माह के भीतर अपने प्रभार के जिले का दौरा कर इसकी समीक्षा करने और निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है।मुख्य सचिव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान और मक्का खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत रकबे के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाता है। इसके लिए वास्तविक कृषक, उनके सही रकबे और उसमें लगाई गई फसल का सत्यापन होना अत्यंत आवश्यक है।

राज्य के विभिन्न जिलों में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां धान के अतिरिक्त अन्य फसलों का वृहद् क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है। अत: अभियान के रूप में त्रुटिरहित गिरदावरी किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्य सचिव ने पत्र में कहा कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान और मक्का खरीदी के लिए तैयारियां प्रारंभ हो चुकी है और इसके लिए 17 अगस्त 2020 से किसान पंजीयन का कार्य प्रारंभ होगा। प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ मौसम के लिए धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुलथी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया गया है। इन योजनाओं के प्रभारी क्रियान्वयन के लिए त्रुटिरहित गिरदावरी का कार्य अत्यंत आवश्यक है।

 

11-08-2020
महापौर और आयुक्त ने जोनवार की समीक्षा,प्रतिदिन 100 घरों का सर्वे करने दिए निर्देश 

रायपुर। महापौर एजाज ढेबर और आयुक्त सौरभ कुमार ने कोरोना के जोनवार सर्वे की बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने जोन कमिश्नर, जोनवार नियुक्त इंसीडेंट कमांडर, जोन पर्यवेक्षक, सहायक पर्यवेक्षक को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त ने कहा कि नगर निगम में बनाए गए 870 ग्रिड में, प्रत्येक ग्रिड में आने वाले 500 से 600 मकानों में प्रत्येक मकान का सर्वे दूसरे चरण के सर्वे में तत्काल प्रारंभ किया जाए।  प्रत्येक टीम प्रतिदिन 100 मकानों का सर्वे करें। 5 दिनों में राउंड पूरा कर फिर से उस घर पर सर्वे करें,जहां से सर्वे टीम ने प्रारंभ किया हो। इससे उक्त घर में आने वाला बदलाव जानकारी में सर्वे टीम के सामने आ सकेगा। यह समय पर सही और त्वरित उपचार की दृष्टि से सहायक रहेगा। 870 ग्रिड में दूसरे राउंड के कोरोना सर्वे में 1800 आंगनबाड़ी कार्यकत्ताओं,शिक्षकों को लगाया गया है। आयुक्त ने विशेष तौर पर बुजुर्गों,गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधित रोगों से पीड़ित लोगों की दूसरे चरण के सर्वे में पहचान प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा है कि,कोई मकान छूटने ना पाएं, यह सर्वे टीम तय कर ले। महापौर ने बैठक में कहा कि, सभी को कोरोना के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाए। सभी नागरिक निगम की सर्वे टीम को सही जानकारी दें ताकि कोरोना से रायपुर में शीघ्र निजात मिल सके। जिस घर में कोरोना पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं, उनको सहयोग दें ना कि उनका सामाजिक बहिष्कार करें। कारण कि बचाव अधिक आवश्यक है ना कि सामाजिक बहिष्कार।

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