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25-02-2020
दुष्कर्म के आरोपी उन्नाव के विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त

लखनऊ। उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी की गई अधिसूचना में सेंगर की सदस्यता उस दिन से ही समाप्त की गई थी, जिस दिन उसे सजा सुनाई गई थी। अधिसूचना के मुताबिक 20 दिसंबर 2019 से उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट को रिक्त घोषित किया गया है।
सेंगर उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन करावास की सजा भुगत रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दुष्कर्म का आरोप लगने पर सेंगर को पार्टी से बाहर कर दिया था।

इससे बांगरमऊ विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इस सीट पर उपचुनाव होगा। लेकिन, इसकी तिथि का ऐलान अभी होना बाकी है। कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता 20 दिसंबर 2019 से ही खत्म मानी जाएगी। इसी दिन सेंगर को सजा सुनाई गई थी। गौरतलब हो कि कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि 2017 में उसने एक नाबालिग युवती को अगवा कर दुष्कर्म किया। सेंगर पर आरोप लगाने वाली महिला की कार को जुलाई में एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। दुर्घटना में महिला की दो रिश्तेदार मारी गईं और उसके परिवार ने इसमें षड्यंत्र होने के आरोप लगाए थे। सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है। सामूहिक दुष्कर्म के दो साल पुराने मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (53) को दिल्ली की एक कोर्ट ने 20 दिसंबर को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि उसे मृत्यु तक जेल में रखा जाए। सेंगर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

 

20-12-2019
उन्नाव बलात्कार मामला: कोर्ट ने सुनाई कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली। दिल्ली की अदालत ने उन्नाव बलात्कार मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में महिला से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाते हुए शुक्रवार को कहा कि दोषी विधायक को बाकी बची उम्र जेल में काटनी होगी। जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने मामले में सेंगर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया,जो उसे एक महीने के अंदर जमा करना होगा। उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के बाद सेंगर तीस हजारी जिला अदालत परिसर के अदालत कक्ष में रो पड़ा। उसकी बहन और बेटी भी साथ में रोते हुए दिखाई दिए। न्यायाधीश ने सेंगर को सजा सुनाने में नरम रवैया अख्तियार करने की अर्जी को खारिज करते हुए कहा,‘इस अदालत को ऐसी कोई परिस्थिति नजर नहीं आती जो गंभीरता कम करती हो। सेंगर जनसेवक था और उसने जनता से विश्वासघात किया।’ अदालत ने यह भी कहा कि 53 वर्षीय सेंगर का आचरण बलात्कार पीड़िता को धमकाने का था। साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि बलात्कार पीड़िता को उनकी मां के लिए 10 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। अदालत ने सीबीआई को पीड़िता और उसके परिजनों की जान तथा सुरक्षा पर खतरे का आकलन हर तीन महीने में करने का निर्देश दिया।

 

15-12-2019
उन्नाव दुष्कर्म केस : 16 दिसंबर को कोर्ट सुनाएगा विधायक सेंगर मामले पर फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट उन्नाव दुष्कर्म केस में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़े मामलों में सोमवार 16 दिसम्बर को फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने 10 दिसम्बर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट इस मामले पर पिछले दो दिसम्बर से सभी पक्षों की दलीलें सुन रहा था। कोर्ट ने बचाव पक्ष के नौ और अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों के बयान दर्ज किए थे। पिछले 24 अक्टूबर को कोर्ट ने पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों को दिल्ली में रहने की व्यवस्था करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग को इसका प्रबंध करने का निर्देश दिया था। पिछले एक अक्टूबर को कोर्ट ने उन्नाव के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का बयान दर्ज किया था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने दुष्कर्म पीड़ित की चाची का बयान दर्ज किया था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने पीड़ित की मां का भी बयान दर्ज किया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ित को पिछले 28 जुलाई को लखनऊ से दिल्ली एम्स में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया था। पिछले 11 और 12 सितम्बर को जज धर्मेश शर्मा ने एम्स के ट्रॉमा सेंटर जाकर बने अस्थायी अदालत में पीड़ित का बयान दर्ज किया था।

05-12-2019
फिर सामने आई दरिंदो की हैवानियत, दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने का किया प्रयास

नई दिल्ली। उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के गौरा मोड़ के पास गुरुवार की भोर में गैंगरेप पीड़िता को आरोपितों ने पांच लोगों संग मिलकर जिंदा जलाने का प्रयास किया। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब पीड़िता मुकदमे की तारीख पर रायबरेली के लिए ट्रेन पकड़ने जा रही थी। रेप पीड़िता की हालत गंभीर होने पर पीड़िता को लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपियों की तलाश में टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। जो दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं वे जमानत पर छूटे थे। यह मामला बीजेपी के बर्खास्त विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़ा हुआ नहीं है। बिहार क्षेत्र के हिंदूनगर भाटनखेडा गांव के रहने वाले शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी ने 12 दिसंबर 2018 को इलाके की एक युवती को अगवा करके रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में गैंगरेप किया था। इसका मुकदमा रायबरेली जिले के थाना लालगंज में पंजीकृत है और रायबरेली कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। गुरुवार की भोर में करीब 4 बजे पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकडने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली थी।

सुमेरपुर अस्पताल में एसडीएम दयाशंकर पाठक को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि वह गाैरा माेड के पास पहुंची तो पहले से माैजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी व रेप के आराेपित शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने लाठी, डंडे, चाकू से वार कर दिया । उसके बाद  बदन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। चीखने चिल्लाने पर वहां पहुंचे आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो आरोपित भाग गए।  पुलिस ने पीड़िता को सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया जहां पर हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उसने मुकदमा वापस नहीं लिया तो हमलावरों ने जान से मारने की कोशिश की। एसपी विनोद पांडे का कहना है कि रायबरेली जिले में रेप का मामला हुआ था। पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया गया है आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

11-09-2019
उन्नाव गैंगरेप केस : बयान दर्ज करने के लिए एम्स में लगी अदालत

नई दिल्ली। उन्नाव बलात्कार मामले में एम्स में बुधवार को अस्थायी अदालत लगाई गई। बलात्कार पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा एम्स पहुंच गए हैं। मामले के एक प्रमुख आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को इसके लिए एम्स लाया गया। उसके साथ सह-आरोपी शशि सिंह को भी लाया गया है। भाजपा सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर चुकी है। न्यायाधीश ने एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में एक अस्थायी अदालत स्थापित करने के निर्देश दिए थे, जहां महिला को 28 जुलाई को एक दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था। उच्च न्यायालय ने इस मामले में शुक्रवार को अनुमति दी थी। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रशासनिक पक्ष से इस आशय की एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश शर्मा पीड़िता के बयान दर्ज करेंगे। महिला ने 2017 में सेंगर पर उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था। घटना के वक्त वह नाबालिग थी। 28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई पीड़िता फिलहाल जीवन के लिए जूझ रही है। उस दुर्घटना में उसकी मौसी और चाची दोनों की मौत हो गई थी। हादसे में उनका वकील भी घायल हो गया था।

02-09-2019
उन्नाव गैंगरेप पीडि़ता का सीबीआई अधिकारियों ने लिया बयान 

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव गैंगरेप के मामले में सीबीआई ने दुष्कर्म पीडि़ता का सड़क दुर्घटना मामले में बयान दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई उन्नाव बलात्कार पीडि़ता को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से विमान के जरिये इलाज के लिए दिल्ली लाकर एम्स में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसकी हालत में सुधार है और उसे वार्ड में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि हालत में सुधार के बाद सीबीआई ने पीडि़ता का बयान दर्ज किया। यह बयान सड़क दुर्घटना मामले में दर्ज किया गया जिसमें उसकी दो रिश्तेदार की मौत हो गई और वह तथा उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

उन्नाव की रहने वाली पीडि़ता का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने 2017 में उसके साथ बलात्कार किया था। तब वह अवयस्क थी। सेंगर भाजपा से पिछले माह निष्कासित किए जा चुके हैं। पीडि़ता के चाचा ने सड़क दुर्घटना में सेंगर के करीबियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि पीडि़ता के वकील की हालत अभी भी गंभीर है और वह आईसीयू में हैं जिसकी वजह से उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका है। गौरतलब है कि 28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक ट्रक ने पीडि़ता की कार को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसमें उसके दो संबंधियों की मौत हो गई थी और उसका वकील घायल हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई को ट्रायल रिपोर्ट देने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी।

29-08-2019
उन्नाव में एक और गैंगरेप, पीडि़ता ने डीएम ऑफिस के सामने की खुदकुशी की कोशिश 

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव  में एक बार फिर गैंगरेप  की घटना सामने आने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार को उन्नाव में डीएम ऑफिस के सामने गैंगरेप पीडि़ता और उसकी मां ने आत्मदाह का प्रयास किया। दरअसल गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीडि़ता का परिवार परेशान है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप है कि माखी थाना क्षेत्र में एक जुलाई को पीडि़ता को तीन लोगों ने घर से अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। पीडि़ता का आरोप है कि एक महीने से आरोपी खुलेआम घूमकर धमकी दे रहे हैं। पीडि़ता की मां ने बताया कि पुलिस रोज उन्हें कार्रवाई के नाम पर सिर्फ  भरोसा दिला रही है, कुछ  कर नहीं रही है।

मामले में एक आरोपी को पकड़ा है, बाकी दो लोग खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोई सुन नहीं रहा है, इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्मदाह करने का कदम उठाया। मामले में सीओ, शशिपुर गौरव त्रिपाठी ने बताया कि वादी की तहरीर के आधार पर माखी थाना में धारा 376 के अंतर्गत मुकदमा लिखा गया था। इसमें तीन अभियुक्त थे। एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वहीं बाकी दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दें इससे पहले एक अन्य गैंगरेप के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित कई लोग जेल में बंद हैं। उस मामले में भी माखी पुलिस सवालों से घिरी थी। 

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