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13-09-2020
3 वर्षों बाद भी टेकारी के सिंचाई समस्या का ‌‌‌स्थायी हल नहीं, हेडअप के भरोसे मिलता है पानी

रायपुर। वितरक शाखा के रिमाडलिग के पूर्व जिस शुरुआती ग्राम को आसानी से सिंचाई पानी मिलता था आज वही ग्राम सिंचाई पानी पाने हर खरीफ सत्र में जद्दोजहद करता रहता है। बीते तीन वर्षों से मिल रहे लगातार आश्वासन के बावजूद भी विभाग इस समस्या का स्थायी हल निकालने के बदले वितरक शाखा में अस्थायी हेडअप बना फौरी सिंचाई की व्यवस्था करता है। इस संबंध में बीते वर्ष जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे का भी ध्यानाकर्षण कराने ज्ञापन सौंपा गया था पर विभागीय रवैया के चलते स्थिति जस का तस है।

यह मामला महानदी मुख्य नहर से निकले वितरक शाखा क्रमांक 24 के कमांड क्षेत्र में आने वाले शुरुआती ग्राम टेकारी का है । इस वितरक शाखा से 6 ग्राम टेकारी , कुंडा , कठिया , अमेरी ,  संकरी व सोनभट्ठा के तकरीबन 3000 एकड़ खेतों को सिंचाई पानी मिलता है, जिसमें से 1300 एकड़ ग्राम टेकारी का है। सिंचाई पंचायत टेकारी के अधीन यह वितरक शाखा आता है। टेकारी से इस सिंचाई पंचायत के सदस्य रहे व ग्रामीण समा अध्यक्ष रामानंद वर्मा सहित पूर्व ग्रामीण समा अध्यक्ष हुलास राम वर्मा , पूर्व सरपंच गणेशराम लहरें सहित वर्तमान सरपंच नंदकुमार यादव ने बताया हैं कि इस वितरक शाखा के पुनरोद्धार व लाइनिंग के पहले इस ग्राम के खेतों को आसानी से पानी मिल जाया करता था। इनके अनुसार शाखा के रिमाडलिग कार्य के दौरान ही ग्रामीणों सहित सिंचाई पंचायत अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने इस शाखा से टेकारी जाने वाले माइनर की ऊंचाई अधिक होने से सिंचाई पानी मिलने में संभावित दिक्कत  की ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था पर अधिकारियों ने पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी सिंचाई अमला की होने की बात कह निर्माण कार्य संपादित करवा‌ दिया था ।

सन् 2017 में पुनरोद्धार हुये इस शाखा से पहले खरीफ सिंचाई में ही ग्रामीणों की आशंका सही निकलने व तब से लगातार शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर‌ आकर्षित कराने के बाद भी मात्र आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलने व हर‌ सिंचाई के मौसम में वितरक शाखा में अस्थायी हेडअप खड़ा करवा सिंचाई कराने व इसमें भी ग्रामीणों को सक्रियता दिखलाने की बात‌ कहते हुये इनके द्वारा जानकारी दी गयी कि पूर्व में इस बंगोली सिंचाई उपसंभाग में पदस्थ रहे अनुविभागीय अधिकारी आशुतोष सारस्वत ने ग्रामीणों की शिकायत पर पूरे खरीफ सिंचाई के दौरान लगातार स्थल पर पहुंच किसानों की शिकायत को सही ठहराया था व‌ निर्माण में आवश्यक‌‌ सुधार का आश्वासन दिया था पर अचानक ही उनका स्थानांतरण हो जाने से सुधार कार्य संभव नहीं हो पाया। इस साल भी किसान हेडअप बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सिंचाई पानी ले जा रहे हैं। इधर सिंचाई पंचायत अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा के अनुसार सिंचाई नालियों के पुनरोद्धार व लाइनिंग के प्राक्कलन तैयार करते समय विभागीय अमला द्वारा व्यवहारिक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर किताबी ज्ञान के आधार पर प्राक्कलन तैयार कर निर्माण कार्य कराने व अनुभवी ग्रामीणों के सलाह को भी नजरंदाज किये जाने के चलते यह समस्या हर रिमाडलिग हो‌ चुके नहर नालियों में देखने में आ रहा है। इसमें से टेकारी भी एक है। इस संबंध में सन् 2017 से ही शासन-प्रशासन का ध्यान लगातार आकर्षित कराये जाने की जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि बीते साल की 5 सितंबर को भी जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे को ज्ञापन सौंप टेकारी के इस सिंचाई समस्या की ओर ध्यानाकर्षित कराया गया था पर अभी तक विभागीय सुगबुगाहट भी नजर नहीं आया है। पुनः इस संबंध में ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री चौबे से मुलाकात करने की तैयारी की जानकारी उन्होंने दी है।

03-09-2020
मदर टेरेसा जोन क्षेत्र में नहीं होगी पानी की किल्लत, बढ़ेगा नलों में पानी का प्रेशर

भिलाई। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव तथा आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने जल प्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इसी निर्देश के तहत जोन-3 मदर टेरेसा क्षेत्र के वार्डों में पानी सप्लाई की समस्या बहुत जल्द दूर होगी। नगर पालिक निगम के अधिकारियों ने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। सोमवार को अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने जोन-3 चंद्रा मौर्या मदर टेरेसा नगर स्थित पानी टंकी की डिस्टीब्यूशन और सर्विस पाइप लाइन का निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को मदर टेरेसा पानी टंकी से हाउसिंग बोर्ड स्थित टंकियों की सप्लाई लाइन को बंद कर जोन-3 के वार्डों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रेशर बढ़ाने के निर्देश दिए! अमृत मिशन योजना के अंतर्गत बिछाई गई पाइप लाइन को पुरानी पाइप लाइन से आपस में इंटरकनेक्शन करने कहा, वाॅल्व को बंद करके प्रेशर चेक करने का कार्य किया जा रहा है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में इंटरकनेक्शन कार्य पूर्ण हो गया है! केम्प क्षेत्र में पानी सप्लाई को लेकर महापौर परिषद के सदस्य डाॅ.दिवाकर भारती, पार्षद रिंकु राजेश प्रसाद से चर्चा किया।

अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि पहले हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की टंकियों को भरने के लिए मदर टेरेसा जोन कार्यालय स्थित टंकी के वाॅल्व से पानी को डायवर्ट करना पड़ता था। अब अमृत मिशन योजना के अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड में निर्मित नई टंकी को नेहरू नगर स्थित 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट से पाइप लाइन के जरिए पानी सप्लाई कर भरा जा रहा है। इस नई व्यवस्था से हाउसिंग बोर्ड की टंकी को भरने के लिए अब मदर टेरेसा जोन कार्यालय स्थित टंकी के वाल्व को बंद या चालू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मदर टेरसा नगर की टंकी का पूरा पानी अब जोन-3 के अंतर्गत आने वाले केम्प क्षेत्र के वार्डों में सप्लाई किया जाएगा। इससे पाइप लाइन में पानी का प्रेशर बढ़ेगा। जहां तक पाइप लाइन बिछाई गई है। वहां तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पाइप लाइन के निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा, कार्यपालन अभियंता डीके वर्मा, उप अभियंता श्वेता वर्मा, प्रभारी उप अभियंता बसंत साहू मौजूद थे। राइजिंग पाइप लाइन लीकेज में किया गया सुधार जोन क्रमांक 1 अंतर्गत गुरुद्वारा के समीप राइजिंग पाइप लाइन में लीकेज हो गया था,जिसे जल विभाग के अधिकारियों ने शीघ्र कार्य प्रारंभ करते हुए लिकेज सुधार लिया है! लीकेज में सुधार कार्य होने के कारण खुर्सीपार फरीद नगर एवं चंद्रा मौर्या की पानी टंकी से आज दिन बुधवार को शाम के समय जल प्रदाय प्रभावित रहेगा।

 

01-09-2020
विधायक की नाराजगी के बाद एक माह में पीएम आवासों में मुहैया हो गई पानी, बिजली की सुविधाएं

दुर्ग। एक माह पहले पीएम आवास योजना के अधूरे कार्यों को लेकर दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा की नाराजगी के बाद निगम प्रशासन ने यहां पानी बिजली की सुविधा मुहैया करा दी है। गौरतलब है कि एक साल पहले यहां हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई थी, लेकिन सुविधाएं न होने के कारण हितग्राही यहां रहने के लिए तैयार नहीं हुए। इस मामले में अरुण वोरा ने एक माह पहले नाराजगी जताई थी। वोरा की नाराजगी के बाद निगम प्रशासन ने यहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी है। विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल और निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने आज बोरसी स्थित ग्लैक्सी हाईट के पास बने 252 यूनिट प्रधानमंत्री आवासों का निरीक्षण किया। वोरा ने मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सड़क, नाली, पानी और बिजली की व्यवस्था देखने के बाद संतोष व्यक्त किया। इस दौरान सहायक अभियंता जितेन्द्र समैया, पूर्व पार्षद राजेश शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना के आर्किटेक्ट, इंजीनियर भी मौजूद थे। इन आवासों में ठगड़ा बांध वार्ड 46 में बसे परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा।

16 सितंबर से ठगड़ा बांध के किनारे रहने वाले लोगों को पीएम आवास में शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू होगी। निगम कमिश्नर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास में बोर पम्प लगाकर पानी की व्यवस्था की गई है। दो नग ट्रांसफार्मर लगाकर प्रकाश की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ब्लाक तक आने-जाने के लिए सड़क और पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई है। शिफ्टिंग के बाद ठगड़ा बांध के सौदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। ठगड़ा बांध क्षेत्र वाटर बाडी क्षेत्र है। यहां बसे किसी भी व्यक्ति को पट्टा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइड लाइन है कि वाटर बाडी जैसे तालाब, ग्रीन बेल्ट आदि में किसी को भी निवास करने पट्टा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने ठगड़ा बांध के निवासियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द बोरसी के प्रधानमंत्री आवास में शिफ्ट हो जाएं। 16 सितंबर से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के संयुक्त टीम के साथ नगर निगम प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू करेगा।

 

29-08-2020
लौंग का पानी घटाता है मोटापा, ऐसे तैयार करे पानी

रायपुर। लौंग शरीर के मेटाबॉलिज्म को उत्तेजित करता है जिससे वजन कम करने में काफी मदद मिलती है। इसके मसाले में एंटीकोलेस्टेरिक और एंटी-लिपिड गुण होते हैं। अगर आप इसे दालचीनी,जीरा औऱ काली मिर्च के साथ मिलाकर लेते हैं तो ये आपका मोटाबॉलिक रेट अच्छा करता है। लौंग ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखती है। 50 ग्राम लौंग, 50 ग्राम दालचीनी, 50 ग्राम जीरा। 
ऐसे तैयार करें ये पानी: एक पैम में लौंग,दालचीनी और जीरे को तब तक भूनें जब तक कि आपको इसकी सुगंध न मिल जाए। अब इसे महीन पाउडर में पीसकर एक एयरटाइट जार में स्टोर कर लें। इस मिश्रण का एक चम्मच एक गिलास पानी में उबालें और इसे ठंडा होने दें। इसमें एक चम्मट शहद मिलाएं औऱ रोज खाली पेट इसका सेवन करें। इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट को भी फॉलो करना पड़ेगा।

25-08-2020
प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवारों को 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

रायपुर। प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि मिलेगी। चार मृतकों के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम हरदीभाठा निवासी बुधलाल मरकाम की पानी में डूबने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी जयंती मरकाम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम कोंगेरा (बिरगुड़ी) निवासी बंदनसिंग नेताम की पानी में डूबने से मृत्यु पर उनकी पत्नी गीता बाई नेताम को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई। ग्राम गोविन्दपुर के रामनाथ नेताम और मंगली बाई नेताम की आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से मृत्यु होने से उनके पुत्र, पुत्री क्रमश: राधेलाल नेताम, श्यामलाल, रजनीबाई को, प्रत्येक मृतक 4-4 लाख रुपए के हिसाब से कुल 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

 

23-08-2020
Video: डायरिया की चपेट में माँगाटोला के ग्रामीण, दूषित पानी पीने के चलते फैला संक्रमण

राजनंदगांव। ग्राम माँगाटोला में लगभग एक सप्ताह से ग्रामीण डायरिया की चपेट में है। यहां पर आए दिन डायरिया से पीड़ित मरीज अम्बागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए पहुंच रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में सामूहिक वाटर फिल्टर प्लांट बना हुआ है, जिससे विकास खण्ड के लगभग 23 गाँवो में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इन्ही गाँवो में से एक गांव माँगाटोला भी है,जहां पर पेयजल की सप्लाई हुआ करती है लेकिन पानी सप्लाई के लिए आई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। इस संबंध में पीएचई विभाग के कर्मचारियों को जानकरी भी दी गई थी लेकिन समय रहते समस्या को नहीं सुधरा गया। इसके चलते दूषित पानी की सप्लाई हुई,जिसके बाद गांव के लोग डायरिया का शिकार होते चले गए। इनको इलाज के लिए रोजाना अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। अभी तक कुल 25 लोग डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मिथलेश चौधरी का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। गांव में बढ़ते हुए डायरिया के प्रकोप को देखते हुए अभी तक स्वास्थ्य विभाग अम्बागढ़ चौकी के  द्वारा किसी भी प्रकार के शिविर की व्यवस्था नहीं की गई है,जिसके चलते मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ते क्रम है। इससे पूरे गाव में डायरिया का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

18-08-2020
बांगो बांध 92 प्रतिशत से अधिक भरा, बढ़ाई गई गेटों की ओपनिंग,छोड़ा गया 32 हजार 146 क्यूसेक पानी

कोरबा। माचाडोली के मिनीमाता बांगो बांध में पानी की आवक कम नहीं हो रही है। हसदेव की सहायक नदियों और परियोजना के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बांध का जलस्तर 358.42 मीटर तक पहुंच गया है। पांच गेटों को खोलकर नदी में पानी छोड़ने के बाद भी आज शाम तक बांध का जलभराव लेबल अपनी अधिकतम सीमा से केवल सवा मीटर ही बचा है। बांध अपनी अधिकतम क्षमता का 92 प्रतिशत से भी अधिक भर गया है। पांच गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ने पर भी बांध के जलस्तर में अपेक्षित कमी नहीं हो पा रही है। बांध में पानी का जलभराव की बढ़ती स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। कलेक्टर किरण कौशल समय-समय पर बांध में पानी भराव और छोड़े गए पानी की जानकारी अधिकारियों से लगातार ले रहीं हैं। बांध में जलभराव को देखते हुए गेटों को खोलकर क्रमबद्ध तरीके से पानी हसदेव नदी में छोड़ जा रहा है। मंगलवार शाम बांध के पहले से खुले पांच गेटों की ओपनिंग बढ़ा दी गई है। अब पांच गेटों से नदी में 32 हजार 146 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

माचाडोली मिनीमाता परियोजना के कार्यपालन अभियंता केशव कुमार ने बताया कि बांध का अधिकतम जलभराव स्तर 359.66 मीटर निर्धारित है। पहले से ही बांध के पांच गेट खोलकर नदी में 25 हजार 836 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। मंगलवार शाम बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए पहले से खुले गेट नंबर पांच को बंद कर गेट नंबर तीन को आधा मीटर खोला गया है। वहीं अन्य चार पहले खुले गेटों की ओपनिंग बढ़ा दी गई है। बांध के गेट नंबर 4 और 8 को एक-एक मीटर तक, गेट नंबर 7 को आधा मीटर तथा गेट नंबर 6 को ढाई मीटर तक खोल दिया गया है। अब इन खुले गेटों से 32 हजार 146 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध से लगे पनबिजली संयंत्र के लिए 9 हजार क्यूसेक पानी भी छोड़ा जा रहा है, जिसे मिलाकर हसदेव नदी में पानी का कुल डिस्चार्ज 41 हजार 146 क्यूसेक हो गया है।  कुमार ने बताया कि मिनीमाता बांगो बांध से पानी छोड़ने के मात्रा बढ़ाने से पहले से ही बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में अलर्ट जारी कर आबादी को सुरक्षित जगह पर जाने की सूचना जारी कर दी गई है। गांव-गांव में मुनादी करा कर भी चल-अचल सम्पत्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जानेे की सूचना दी गई है। इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित हीराकुंड परियोजना के संबलपुर उड़ीसा के अधिकारियों को भी पानी छोड़ने के संबंध मे सूचना भेज दी गई है।

हसदेव बराॅज के भी तीन गेट खुले, 29 हजार क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज

हसदेव बराॅज परियोजना दर्री के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बांगो बांध से पानी छोड़ने पर हसदेव बराॅज का भी जलस्तर बढ़ता है और बराॅज के जलस्तर को बनाए रखने के लिए गेट खोलकर पानी नदी में तथा दायीं-बायीं केनालो में डिस्चार्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि बांध से पानी छोड़ने के साथ ही पहले से लबालब दर्री बराॅज के अभी भी तीन गेट ही खोले गए हैं। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि दर्री बराॅज से मंगलवार सुबह से लगभग 29 हजार 692 क्यूसेक पानी नदी और दोनो नहरों में डिस्चार्ज किया गया है। 

 

18-08-2020
शहर से लेकर वनांचल तक बारिश ने मचाई तबाही, जमकर बरसे बदरा, शहर के कालोनियों में भरा पानी

कवर्धा। सोमवार-मंगलवार की रात को हुई जमकर बारिश से शहर से लेकर वनांचल तक पानी पानी हो गया। कवर्धा शहर के रायपुर रोड, घोटिया रोड जेवड़न मार्ग वार्ड नंबर 8 में सड़कों पर ही पानी भर गया। रात भर हुई बारिश से शहर के कई सड़के जलमग्न हो गई। इससे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है। वार्ड नंबर 8 के तीन से चार मोहल्लों में अधिक पानी भर गया। वहीं दूसरी ओर घोटिया रोड नहर भी उफान पर आने से पानी सड़कों पर बहने लगा। रायपुर रोड का भी यही नजारा रहा। दिन भर पानी ने लोगो को परेशान कर दिया वही रात को हुई बारिश से पूरे शहर को तरबतर कर दिया है। इसी प्रकार वनांचल में भी अधिक पानी गिरने से नदी नाले उफान पर है।

यहां तक कि निचली बस्ती व नदी किनारे के घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले की सबसे बड़ी नदी सकरी नदी भी पूरे अपने रूप में है। नदी में बाढ़ आ गई है। बिलासपुर रोड सकरी नदी पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। इस साल में यह पहली बार है जब सकरी नही का जल स्तर इतना बढ़ा है। नदी उफान में होने से बिलासपुर नेशनल हाइवे रोड कुछ देर के लिए प्रभावित भी हुआ है।

16-08-2020
बांगो डेम से छोड़ा गया 25 हजार 8 सौ 36 क्यूसेक पानी, पांच गेटों को खोला गया

कोरबा। बांगो डेम के 5 गेट खोले गए हैं। इसमें से 25 हजार 8 सौ 36 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इधर जल विद्युत संयंत्र से भी 9 हजार पानी क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। कुल 34 हजार 836 क्यूसेक पानी बांगो डेम से छोड़ा जा रहा। मिली जानकारी के अनुसार हसदेव नदी में बांगो बांध का जलस्तर 358.36 मीटर पहुंच गया है। बांध का अधिकतम जलभराव स्तर 359.66 मीटर निर्धारित है।

 

10-08-2020
बांगो बांध के दो और गेट खुले, अब पांच गेटों से 20 हजार 743 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज

कोरबा। बांगो बांध में पानी का जलभराव जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे ही बांध के गेट क्रमबद्ध तरीके से खोले जा रहे हैं। बीती रात से कोरिया जिले और परियोजना के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश से बांध का जलस्तर 358.40 मीटर तक पहुंच गया है। बांध का अधिकतम जलभराव स्तर 359.66 मीटर निर्धारित है। पहले से ही बांध के तीन गेट खोलकर नदी में लगभग साढ़े 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। आज बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए दो और गेट शाम को खोल दिए गए। अब कुल मिलाकर पांच खुले गेटों से हसदेव नदी में 20 हजार 743 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से लगे पनबिजली संयंत्र के लिए 9 हजार क्यूसेक पानी भी छोड़ा जा रहा है,जिसे मिलाकर हसदेव नदी में पानी का कुल डिस्चार्ज 29 हजार 743 क्यूसेक हो गया है। माचाडोली मिनीमाता परियोजना के कार्यपालन अभियंता केशव कुमार ने बताया कि कोरबा जिले में भी पिछले दिनों में रूक-रूक कर हो रही बारिश से हसदेव की सहायक नदियों चोरनई आदि और बांध के जलग्रहण क्षेत्र के पानी से माचाडोली का मिनीमाता बांगो बांध लबालब हो गया है। बांध अपनी क्षमता का 90 प्रतिशत से अधिक भर चुका है। बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में रूक-रूक हो रही बारिश से जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। केशव कुमार ने बताया कि बांध में जल भराव की स्थिति को देखते हुए पहले बांध के तीन गेट खोले गए थे। और लगभग साढ़े 14 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा था।

अब लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तरी के बाद बांध के दो गेट और खोल दिए गए हैं। कुमार ने बताया कि गेट नंबर 5 और 7 को पहले आधा-आधा मीटर खोला गया था, पर अब गेट नंबर 4 और 8 को भी आधा-आधा मीटर खोल दिया गया है। इसके साथ ही पहले से 70 सेंटीमीटर खुले गेट नंबर 6 की ओपनिंग डेढ़ मीटर तक बढ़ा दी गई है। अब पांच गेटों से 20 हजार 743 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में जा रहा है। मिनीमाता बांगो बांध से पानी छोड़ने के मात्रा बढ़ाने से पहले से ही बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में अलर्ट जारी कर आबादी को सुरक्षित जगह पर जाने की सूचना जारी कर दी गई है। गांव-गांव में मुनादी करा कर भी चल-अचल सम्पत्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जानेे की सूचना दी गई है। इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित हीराकुंड परियोजना के संबलपुर उड़ीसा के अधिकारियों को भी पानी छोड़ने के संबंध मे सूचना भेज दी गई है। हसदेव बराॅज परियोजना दर्री के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बांगो बांध से पानी छोड़ने पर हसदेव बराॅज का भी जलस्तर बढ़ता है और बराॅज के जलस्तर को बनाए रखने के लिए गेट खोलकर पानी नदी में तथा दायीं-बायीं केनालो में डिस्चार्ज किया जाता है। उन्होने बताया कि बांध से पानी छोड़ने के साथ ही पहले से लबालब दर्री बराॅज के अभी तीन गेट खोले गए हैं। बराॅज के गेट नंबर 7 को आठ फीट और गेट नंबर 11 को पांच  फीट खोला गया है। दोनो गेटों से 17 हजार 325 क्यूसेेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी तरह दायीं तट नहर से 2 हजार 739 क्यूसेक और बायीं तट नहर से 3 हजार 631 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि इस तरह दर्री बराॅज से आज सुबह से लगभग 23 हजार 695 क्यूसेक पानी नदी और दोनो नहरों में डिस्चार्ज किया गया है।

 

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