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21-10-2019
सुपेबेड़ा की समस्या के निराकरण के लिए सरकार गंभीर, बीमारी के चार कारण : टीएस सिंहदेव

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को एक निजी होटल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सुपेबेड़ा में फैली बीमारी के कारण बताए, इनमें जल की स्थिति ठीक नहीं होना, मधुमेह से किडनी पर असर पडऩा, रीनल किडनी के डिस्फनक्शनल की वजह से मौतें हो रही हंै। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सुपेबेड़ा का समस्या को लेकर सरकार गंभीर है, वहां के लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है और इसके निराकरण के लिए सरकार ने कार्य की शुरुआत कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि सुपेबेड़ा के पानी में फ्लोराइड और दूसरे तत्वों की वजह से बीमारी हो रही है। पानी के अतिरिक्त जेनरिक फेक्टर भी वजह है। पानी, मलेरिया और डायबिटिज की वजह से भी बीमारी हो रही है। सरकार इसे गंभीरता से लेकर सुपेबेड़ा और आसपास के गांवों में बेहतरी के लिए प्रयास कर रही है। डायलिसिस के पहले दवाओं से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। जो लोग किडनी की बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  200 से 250 लोग पीडि़त हैं, हम वहां के प्रत्येक ग्रामीण के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं। दो मोबाइल यूनिट भेजे गए हैं। मेडिकल कैम्प लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञ हैं और डीकेएस से डायलिसिस की सुविधा वहां रखी गई है। इसके अलावा मरीजों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाएगा। तेल नदी पर ब्रिज की स्वीकृति मिल गई है, फिल्टर प्लांट लगाकर शुद्ध पेयजल की वहां सप्लाई की जाएगी। दवाइयों के इंफेक्शन, ओडि़शा से आ रही यूरिया वाली शराब और खानपान को लेकर भी शिकायतें मिली हंै, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।  उन्होंने कहा कि जो लोग उपचार के लिए रायपुर या दूसरे स्थानों पर जा रहे हैं, उनका भी बेहतर उपचार हो रहा है।

17-10-2019
उत्तराखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आज तक नहीं पटाया है पानी और बिजली का बिल

देहरादून। उत्तराखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य संपत्ति विभाग ने वसूली का नोटिस भेजा है। विभाग ने भगत सिंह कोश्यारी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (हाल में एचआरडी मिनिस्टर) और विजय बहुगुणा को पानी और बिजली का बकाया चुकाने के लिए नोटिस भेजा है। कोश्यारी पर करीब 11 लाख, बहुगुणा पर 3.5 लाख, डॉ. निशंक पर चार लाख रुपये के करीब बिजली और पानी का बकाया है। बता दें कि हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके आवास का किराया बाजार की दर से वसूलने का आदेश दिया था। इस पर उत्तराखंड सरकार 31 मार्च 2019 तक इन सुविधाओं को नि:शुल्क करने का अध्यादेश लेकर आई। इस अध्यादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।  इस अध्यादेश में पानी-बिजली के बकाए पर कुछ नहीं कहा गया है। इसलिए संपत्ति विभाग ने तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को ये नोटिस भेजे हैं। पूर्व मुख्यमंत्रियों में से मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी ने ही पानी और बिजली का बकाया बिल चुकाया है।
 

 

21-08-2019
पाक पर और नकेल, सिंधु नदी से जाने वाले पानी में की जाएगी कटौती 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट और हरकतों को देखने के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। भारत ने सिंधु नदी से पाकिस्तान जाने वाले पानी में कटौती के संकेत दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने आज इसका साफ  इशारा भी कर दिया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सिंधु जल संधि के इतर भारत के हिस्से के पानी का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को जाता है। हम इस प्राथमिकता पर काम कर रहे हैं कि पाकिस्तान जाने वाले हमारे हिस्से के पानी को किस तरह से हमारे किसानों, उद्योगों और लोगों के उपयोग के लिए मोड़ा जाए। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हम हाइड्रोलॉजिकल और टेक्नो फिजिबिलिटी स्टडीज पर काम कर रहे हैं। मैंने निर्देश दिया है कि इसे शीघ्र किया जाना चाहिए, ताकि हम अपनी योजनाओं को क्रियान्वित कर सकें।   बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बेचैन है। पाकिस्तान ने इस मामले को यूएनएससी में भी उठाया था जहां उसे निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद पाक ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाने का फैसला किया है, लेकिन भारत ने साफ  कर दिया है कि अनुच्छेद 370 उसका आंतरिक मामला है और किसी देश को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। 

 

 

19-08-2019
अंबाला कैंट का रेलवे ट्रैक पानी में डूबा, कई ट्रेनें रद्द 

अंबाला कैंट। भारी बारिश के चलते नदियों के उफान पर आ जाने से ऐतिहातन उत्तर रेलवे को अंबाला-सहारनपुर और अंबाला-नग्गल डैम रूट पर कई रेलगाडिय़ों को रद्द करना पड़ा और लम्बी दूरी की गाडिय़ों के रूट को डाइवर्ट करना पड़ा। अचानक ट्रेन रद्द किये जाने से पंजाब, जम्मू और सहारनपुर, बिहार पर जाने वाले यात्रियों को भारी कठिनाई हुई। इन यात्रियों को भारी बारिश में अंबाला रेलवे स्टेशन पर ही मुश्किल में रात बितानी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि वे अब भी अपने घर जाने के लिए ट्रेन का इन्तजार कर रहे हैं और अभी भी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि रेलवे वाले रेलगाडिय़ों के आवागमन के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता रहे हैं। अंबाला कैंट का रेलवे स्टेशन उत्तर भारत का सबसे पुराना और महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से रोजाना अढ़ाई सौ के करीब मेल, एक्सप्रेस और मालगाडिय़ों का आवागमन होता है। यहां से पंजाब, राज्यस्थान, जम्मू, कटड़ा सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य जगह लाखों यात्री सफर करते हैं। दो दिनों से हुई बारिश के कारण अंबाला-सहारनपुर रेल मार्ग पर नदियों में उफान के कारण ज्यादातर रेलगाडिय़ों को रद्द करना पड़ा और यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ के रूट में परिवर्तन करना पड़ा। स्टेशन निदेशक का कहना है जिस कारण पंजाब सेक्शन में बारिश के कारण 16 ट्रेन की गई रद्द और 18 रेलगाडिय़ां आंशिक रूप से रद्द की गई थी। सहारनपुर-अंबाला  अप लाइन की 19 रेलगाडिय़ां और डाउन की 12 को रद्द किया गया था। लम्बी दूरी की कुछ गाडिय़ों को डाइवर्ट करके चलाया गया था। 

31-07-2019
इस जगह का पानी तभी पीना जब आपको प्रेग्नेंट होना हो!

न्यूयार्क। अमेरिका के चिल्ड्रन मर्सी कैनसेस सिटी (अस्पताल) की 36 नर्सेस एक ही साल में प्रेग्नेंट हुईं। खबर के मुताबिक ये अमेरिका (मिसूरी) का बेस्ट चिल्ड्रन हॉस्पिटल है। यहां इंटेसिव केयर यूनिट की 36 नर्सें एक ही साल में प्रेग्नेंट हुईं। किसी का पहला बेबी है तो किसी नर्स का ये दूसरा बेबी है। इस हॉस्पिटल ने ये तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए लिखा है कि हमारे इंटेसिव केयर नर्सरी की नर्स ने यहां आने वाले बच्चों के लिए दिन-रात बिताए। वो भी उस समय जब वे खुद प्रेग्नेंट थीं। ये तस्वीर जून महीने में ली गई थी, ये सभी इन नर्सों के साल 2019 में पैदा हुए बच्चों और कुछ पैदा होने वाले बच्चों (बेबी बम्प) की है। अभी तक 20 बच्चों का जन्म हो चुका है, जिनमें से सिर्फ 2 लड़कियां हैं। बाकी 16 बच्चों का जन्म भी आने वाले कुछ महीनों में हो जाएगा। इन नर्सों की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इस अस्पताल की एक नर्स एलिसन रोन्को ने मजाक करते हुए कहा कि यहां के पेशेंट हंसी उड़ाते हैं कि इस जगह का पानी तभी पीना जब आपको प्रेग्नेंट होना हो। रोन्को ने 7 जनवरी 2019 को बच्चे को जन्म दिया। इनके बेटे का नाम हेनरी है। इन नर्सों को कहना है कि हम सभी एक-दूसरे की देखभाल करते हैं और एक-दूसरे के बच्चों की देखरेख भी करते हैं।


 

 

15-06-2019
कहीं आप पानी के साथ प्लास्टिक तो नहीं पी रहे हैं!  

 

नई दिल्ली। पानी के बिना इंसान के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी के जरिए आपके शरीर में हर हफ्ते एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक दाखिल हो रहा है। एक रिपोर्ट के दावों की मानें तो 7 दिन के भीतर आपके शरीर में करीब 5 ग्राम प्लास्टिक जाता है। इसका सबसे बड़ा स्रोत बोतलबंद और नल से आने वाला वो पानी भी है जिसमें प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण पाए जाते हैं। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में पानी में प्लास्टिक होने का दावा किया गया है। यह रिपोर्ट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकैसल और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में हुए 52 शोधों पर आधारित है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की इंटरनेशनल डायरेक्टर जनरल मार्को लैंबरटिनी ने बताया कि प्लास्टिक से न सिर्फ महासागर बल्कि हम इंसान भी दूषित हो रहे हैं।

हर साल 250 ग्राम से ज्यादा प्लास्टिक

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमारे शरीर में हर सप्ताह प्लास्टिक के करीब 2000 छोटे कण प्रवेश करते हैं। हर महीने हम करीब 21 ग्राम प्लास्टिक निगल जाते है। जबकि एक साल में करीब 250 ग्राम से ज्यादा प्लास्टिक हमारे शरीर में दाखिल हो रही है। बता दें कि पहली बार किसी रिपोर्ट में पानी में प्लास्टिक होने की बात सामने आई है।

इन वजहों से भी निगल रहे प्लास्टिक

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकैसल और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ता शरीर में प्लास्टिक जाने के पीछे कई और चीजों को भी जिम्मेदार मानते हैं। इनमें से एक वजह समुद्र में रहने वाली शैलफिश भी है, जिसे खाने की वजह से शरीर में प्लास्टिक जा रहा है। इसके अलावा बीयर और नमक में भी प्लास्टिक होने का दावा किया गया है।

अमेरिका में इतना प्लास्टिक खा रहे लोग

शोध में बताया गया है कि अमेरिका में 130 माइक्रोंस से भी छोटे करीब 45000 पार्टिकल्स हर साल इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं। यहां नल के पानी में बहुत ज्यादा प्लास्टिक फाइबर होता है। हालांकि यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट अंगालिया के प्रोफेसर ऐलेस्टर ग्रांट ने एजेंसी फ्रांस प्रेस से कहा, ष्पानी में प्लास्टिक होने की बात साबित हो चुकी है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे इंसानों के स्वास्थ पर बहुत ज्यादा फर्क पड़ेगा।  

14-06-2019
पानी और प्रॉपर्टी टैक्स की मांग को लेकर भाजपा ने किया निगम का घेराव

 

रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा शहर में पानी सप्लाई नहीं किए जाने पर आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं समेत पदाधिकारियों ने रायपुर नगर निगम का घेराव किया और महापौर के खिलाफ  नारेबाजी करते हुए निगम कार्यालय के सामने मटके फोड़े। भारतीय जनता पार्टी की यह भी मांग है कि संपत्ति कर आधा किया जाए। कार्यकर्ता और पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी कार्यालय एकात्म परिसर से पैदल मार्च करते हुए रायपुर नगर निगम पहुंचे। भाजपा में आक्रोश है कि निगम राजधानी रायपुर की जनता को पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बता दें कि रायपुर नगर निगम का घेराव करने  सैकड़ों महिलाएं भी पहुंची थीं।   

24-05-2019
ऐसी पहल करें कि नदी-नालों में रहे सालभर पानी: संभागायुक्त चुरेन्द्र 

रायपुर। रायपुर संभाग के संभागायुक्त जीआर चुरेन्द्र ने सालभर नदी-नालों से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके इसके लिए संभाग के सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जल संसाधन विभाग के संभागीय व जिला अधिकारियों को आवश्यक पहल कर कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। संभागायुक्त ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशानुरूप नरवा प्रोजेक्ट के तहत धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध एवं बालोद जिले के तांदुल, गोंदली और खरखरा जलाशयों का जल लिफ्ट कर जिले के नदी व नालों के प्रवाह को सालभर बनाया जा सकता है।     संभागायुक्त चुरेन्द्र ने बताया कि अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  जीआर राना ने अपने पुराने अनुभव के आधार पर एक परिकल्पना प्रस्तुत की है जिस पर आवश्यक पहल कर इस दिशा में कारगर कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि रविशंकर गंगरेल बांध के पानी को राजाराव पठार के आसपास(ओनाकोना ग्राम) से लिफ्ट कर पाइप लाइन के माध्यम से कंकालीन (बड़भूम गांव) जो खारून नदी का उद्गम स्थल है वहां तक लाकर खारून नदी को एक नया जीवन दिया जा सकता है। खारून नदी में लगभग 12 स्थानों पर स्टापडैम बनाकर खारून नदी में नरवा प्रोजेक्ट को सफल करने के साथ उस क्षेत्र के गांवों को समृद्ध बनाया जा सकता है। इसी तरह तादुंला जलाशय के जल का उपयोग बालोद जिले के बड़भूम, सियादेही के क्षेत्र के गांव गुरूर ब्लाक के अरकार गांव तक जल का उपयोग किया जा सकता है। इससे महानदी, गंगरेल और खारून व तादुंला को आपस में जोड़ा जा सकता है। 

24-05-2019
बेलर में की गई पानी टंकी की सफाई

कोपरा। समीपस्थ ग्राम बेलर में पानी टंकी का सफाई की गई। ग्राम पंचायत बेलर की सरपंच अनीता साहू ने बताया कि पंचायत की ओर से यह सफाई कराई गई। यह सफाई ज्ञानी राम साहू, लक्ष्मण साहू, दुष्यंत साहू और उनके साथी ने मिलकर की है। सरपंच ने बताया कि नियम अनुसार टंकी की सफाई 1 से 2 माह में एक बार जरूर करते हैं। इस तरह शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को मिलता है और पानी में कोई गंदगी नहीं होती है। डेंगू-मलेरिया फैलने का भी कोई खतरा नहीं होता है।

20-05-2019
धान काट रहे हार्वेस्टर में अचानक लगी आग, ड्राइवर की जान बची 

नवापारा राजिम। ग्राम खुडिय़ाडीह और बिजली के बीच खार के खेतों में  धान की कटाई कर रहे हार्वेस्टर में तेज गर्मी के कारण अचानक आग लग गई। आग लगते ही हार्वेस्टर चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। आग लगने के बाद तत्काल टैंकर से पानी लाकर बुझाया गया। इसके चलते आग फैलने के पहले उस पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास में और लगी फसल को बचा लिया गया। हार्वेस्टर ग्राम सिरीर्खुर्द के खोमन साहू का बताया जा रहा हैं। 

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